February 05, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल वार्डरो के लिए खोला घोषणाओं का पिटारा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल वार्डरो के लिए खोला घोषणाओं का पिटारा
मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं : अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि में हेड वार्डर के पद पर मिलेगी पदोन्नति,
सुधारात्मक सेवा पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को एक वर्ष के सेवा-विस्तार का मिलेगा लाभ,
जेल वार्डर व हेड वार्डर को भी पुलिस कांस्टेबल के समान मिलेगा भत्ता,
राशन भत्ते को आगामी वित्त वर्ष से अढ़ाई गुणा बढ़ाकर 1500 रुपये किया,
कन्वेयन्स भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये किया,
वर्दी भत्ते को बढ़ाकर 7500 रुपये किया
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल वार्डरो के लिए खुले दिल से घोषणाओं का पिटारा खोला और जेल वार्डर की पदोन्नति, सेवा विस्तार और भत्तों में विसंगतियों को दूर किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि में हेड वार्डर के पद पर पदोन्नति मिलेगी, सुधारात्मक सेवा पदक विजेता वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को एक वर्ष के सेवा-विस्तार का लाभ मिलेगा, जेल वार्डर व हेड वार्डर को भी पुलिस कांस्टेबल के समान भत्ता मिलेगा, राशन भत्ते में भी आगामी वित्त वर्ष से अढ़ाई गुणा की बढ़ोतरी करते हुए 1500 रुपये किया गया, कन्वेयन्स भत्ता को 50 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये किया गया तथा वर्दी भत्ते को बढ़ाकर 7500 रुपये किया। इन घोषणाओं से जेल विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल में दीक्षांत परेड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज करनाल की यह पावन धरती देशसेवा, कर्तव्य निष्ठा और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत दृश्य की साक्षी बन रही है। यह क्षण उन माता-पिताओं के लिए भी गर्व का है, जिनकी आंखों में आज अपने बच्चों को वर्दी में देखकर संतोष और आत्मविश्वास झलक रहा है। उन्होंने कहा कि इस नव-निर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षुओं की पहली दीक्षांत परेड का हिस्सा बनकर मुझे खुशी का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवसर अनुशासन, सेवा, समर्पण और कर्तव्य बोध की आपकी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसे आप सभी नव-प्रशिक्षित कर्मियों ने कठोर परिश्रम, संयम और आत्मनिष्ठा के साथ पूर्ण किया है। यह दिन आपके जीवन का स्मरणीय अध्याय है, जो आपको व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ समाज और राज्य के प्रति एक महान दायित्व से भी जोड़ता है। इस बैच के सभी 116 सहायक अधीक्षक व वार्डरों को हार्दिक बधाई देता हूं। गर्व की बात है कि इस बैच में एक महिला सहायक अधीक्षक व 8 महिला वार्डर भी शामिल हैं। यह महिलाओं की सहभागिता एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि दीक्षांत परेड किसी भी वर्दीधारी सेवा में केवल प्रशिक्षण की समाप्ति का प्रतीक नहीं होती, बल्कि यह उस मानसिक, शारीरिक और नैतिक रूपांतरण की घोषणा होती है, जिसके बाद एक प्रशिक्षु पूर्ण रूप से जिम्मेदार अधिकारी के रूप में समाज की सेवा हेतु तैयार होता है। उन्होंने कहा कि कारागार व्यवस्था किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्तंभ होती है। जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और मानवीय परिवर्तन की प्रयोगशाला होती है। हरियाणा सरकार इस विचारधारा में पूर्ण विश्वास रखती है कि अपराधी को दंड के साथ-साथ सुधार का अवसर देना समाज के दीर्घकालिक हित में है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार जेल सुधारों, बंदी कल्याण और आधुनिक कारागार प्रबंधन को निरंतर सशक्त बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि जेल वार्डर को जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल द्वारा आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, मानवाधिकारों, मनोवैज्ञानिक समझ, कानून की बारीकियों, शारीरिक दक्षता और नैतिक मूल्यों से सुसज्जित किया गया है। यह प्रशिक्षण आपको केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, विवेकशील और उत्तरदायी अधिकारी बनने की दिशा में अग्रसर करता है। वर्दी आपके अधिकार का नहीं, बल्कि आपकी जिम्मेदारी का प्रतीक है। आज के समय में कारागार कर्मियों की भूमिका पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। बदलते सामाजिक परिवेश, तकनीकी विकास और अपराध के नए स्वरूपों के बीच आपको न केवल सजग रहना है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को भी बनाए रखना है। जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखते हुए बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार, उनके पुनर्वास और समाज में पुन: सम्मानजनक जीवन की दिशा में मार्गदर्शन देना आपका प्रमुख दायित्व है।
उन्होंने कहा कि आपकी इसी भूमिका को देखते हुए सरकार ने इस जेल में ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना की है। मुझे 21 मई, 2025 का वह दिन याद आ रहा है, जब इस अकादमी का उद्घाटन मेरे द्वारा किया गया था। इसमें जेल के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। सरकार ने जेल विभाग में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, डिजिटलाइजेशन, ई-जेल प्रणाली, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमारा उद्देश्य है कि कारागार व्यवस्था केवल सुरक्षित ही नहीं, बल्कि सुधारोन्मुख, पारदर्शी और मानवीय बने। इस लक्ष्य की प्राप्ति में आप सभी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश की जेलों में बंदियों के प्रवेश से लेकर रिहाई तक तथा उनके रहन-सहन, खान पान, उनकी मुलाकातें. चिकित्सा सुविधाएं, कोर्ट-पेशी व केंटीन व्यवस्था पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत हैं। बंदियों को शिक्षा प्रदान करने हेतु जेलों में स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज चलाये जा रहे हैं। यही नहीं, हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि कैदी जेल से बाहर आने पर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सके और समाज की मुख्यधारा में जुड़ सके। इसी दिशा में, पांच जेलों में आई.टी.आई. के डिप्लोमा कोर्स व पॉलिटेक्निक कोर्सों की शुरुआत की गई है। ये कौशल प्राप्त करने वाले कैदियों को सजा की अवधि समाप्त होने पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से रोजगार देने के लिए निगम से एम.ओ.यू. भी किया गया है। कैदियों के रोजगार के लिए सरकार ने प्रदेश की 8 जेलों में पेट्रोल पंप खोले हैं। इसके अलावा अगले महीने तक चार और जेलों में पेट्रोल पंप खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय जेल अंबाला, केंद्रीय जेल 1 हिसार तथा जिला जेल, फरीदाबाद, पानीपत, गुरुग्राम, करनाल, झज्जर, रोहतक, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में जेल रेडियो स्टेशन चलाए जा रहे हैं। राज्य की जेलों में 335 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इनके द्वारा बंदियों की विभिन्न माननीय न्यायालयों में ऑनलाइन पेशी करवाई जाती है। सभी जेलों में लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं, जहां पर अच्छी एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध हैं। कठोर एवं गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों के लिए रोहतक में एक अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था एवं तकनीकों से युक्त उच्च सुरक्षा जेल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री ने अपील की कि आप अपने कार्यकाल में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और कर्तव्य को सर्वोपरि रखें। किसी भी परिस्थिति में प्रलोभन, दबाव या भय के आगे न झुकें। कानून का पालन करते हुए संवेदनशीलता और करुणा को अपने व्यवहार का आधार बनाएं। आपकी एक सकारात्मक पहल किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है। यह भी आवश्यक है कि आप निरंतर सीखते रहें। प्रशिक्षण कभी समाप्त नहीं होता। अनुभव, अध्ययन और आत्ममंथन से आप स्वयं को और अधिक सक्षम बना सकते हैं। तकनीक का उपयोग, नियमों की जानकारी और मानवीय मूल्यों की समझ आपको एक उत्कृष्ट कारागार अधिकारी बनाएगी। सरकार आपकी क्षमता संवर्धन के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर जेल प्रशिक्षण अकादमी के प्रधानाचार्य, प्रशिक्षकों और समस्त स्टाफ को बधाई दी। जिन्होंने सीमित समय में आपको उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्रदान किया। उनकी मेहनत आज आपकी परेड, अनुशासन और आत्मविश्वास में स्पष्ट दिखाई देती है। यह अकादमी हरियाणा की कारागार व्यवस्था की रीढ़ है और इसके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आप जहां भी तैनात हों, अपने कार्य से विभाग, राज्य और राष्ट्र का नाम रोशन करें। अपने परिवारजनों के विश्वास पर खरे उतरे और समाज में न्याय, सुरक्षा और मानवता की स्थापना में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह आपके जीवन की नई शुरुआत है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, साहस और संवेदनशीलता के साथ करेंगे तथा हरियाणा को एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और मानवीय राज्य बनाने में अपना अमूल्य योगदान देंगे।
इस अवसर पर हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविन्द कुमार शर्मा ने दीक्षांत परेड समारोह में बोलते हुए प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दी और मुख्यमंत्री का स्वागत एवं आभार जताया। उन्होंने कहा कि कारागार विभाग के पास मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आशीर्वाद से धन की कोई कमी नही है। जेलों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। जेल केवल दंड देने का स्थान नही बल्कि वे सुधार, पुनर्वास और पुन निर्माण का अहम केंद्र है। एक जेल अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका केवल प्रहरी की नहीं, बल्कि मार्गदर्शन, अनुशासक और कभी-कभी एक शिक्षक की भी होती है। हम एक ऐसे युग में कार्य कर रहे हैं जहां अपराध के स्वरूप बदल रहे हैं, सामाजिक चुनौतियां जटिल होती जा रही हैं और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।ऐसे में जेल प्रशासन की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। हमें सख्ती और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। कानून का पालन करते हुए भी मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना ही एक उत्कृष्ट जेल अधिकारी की पहचान है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि जब कोई बंदी जेल से बाहर निकले, तो वह एक बेहतर नागरिक बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़े।
विभाग के महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि आज का यह ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर हरियाणा कारागार विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दानवीर कर्ण की भूमि करनाल में नव-निर्मित जेल अकादमी से प्रशिक्षुओं की पहली दीक्षांत परेड न केवल एक प्रशिक्षण सत्र की पूर्णता है बल्कि यह विभाग के आधुनिकीकरण एवं व्यावसायिक दक्षता की दिशा में एक अहम कदम हैं। हरियाणा सरकार द्वारा कारागार प्रणाली को आधुनिक व सुधारात्मक बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हरियाणा की जेल सुधार की दृष्टि से देश में बेस्ट रहेगी। उन्होंने कहा कि जेलों से किसी अपराधिक गतिविधियों का संचालन न हो, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मोबाईल फोन के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 6 जेलों में 10 वी-कवच सिस्टम स्थापित किए जा रहे है तथा सेंट्रल जेल अंबाला में टी-एचसीबीएस सिस्टम कार्यशील है। जेलों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु एनएयजेडी, डीएसएमडी, एचएचएमडी, डीएमएमडी, बैगेज स्कैनर जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। सभी जेलों में लगभग 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। जिनके माध्यम से जेलों की 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। विभाग में नवीन न्यायिक संहिता के कारागार संबंधी प्रावधानों को पूर्णत: लागू किया जा रहा है। जेलों में 453 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम कार्यशील है। वर्तमान में 82 प्रतिशत बंदियों की पेशी वीसी के माध्यम से करवाई जा रही है। जिसे अगले दो माह में 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। जेलों में मेडिकल जांच की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
इस अवसर पर जेल प्रशिक्षण अकादमी के प्रधानाचार्य नरेश गोयल ने दीक्षांत परेड समारोह में प्रशिक्षुओं को शपथ दिलाई।
इस अवसर पर विधायक जगमोहन आनंद, मेयर रेनू बाला गुप्ता सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।