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Monday, August 3, 2026

August 03, 2026

अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल की माताजी का निधन, सैकड़ों लोगों ने दी अंतिम विदाई

अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल की माताजी का निधन, सैकड़ों लोगों ने दी अंतिम विदाई
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल की पूजनीय माताजी श्रीमती मूर्ति देवी का निधन हो गया है। वे करीबन 71 वर्ष थी। उनके निधन से परिवार, समाज और शुभ चिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।
सोमवार सुबह हांसी रोड स्थित वनखंड महादेव मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा के प्रतिनिधि रुद्राक्ष मिड्डा, राजन चिलाना, जींद से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी महाबीर गुप्ता, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के प्रतिनिधि वजीर गांगोली, नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी के प्रतिनिधि डॉ. राज सैनी, कंडेला खाप के वरिष्ठ उपप्रधान रघुवीर भारद्वाज, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष राजू लखीना, पवन गर्ग, मार्किट कमेटी के चेयरमैन बबलू गोयल, डॉ राजेश भोला, व्यापार मंडल और ट्रेड यूनियनों के प्रधानों सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, अनेक पार्षद और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती मूर्ति देवी का जीवन अत्यंत सादगीपूर्ण, धार्मिक एवं संस्कारों से परिपूर्ण था। उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ समाज में भी मानवीय मूल्यों और सेवा की प्रेरणा दी। उपस्थित सभी लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

August 03, 2026

विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों के उच्चारण वैदिक परंपरा के अनुरूप घी एवं हवन सामग्री की आहुतियां अर्पित कर किया गया अंतिम संस्कार

विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों के उच्चारण वैदिक परंपरा के अनुरूप घी एवं हवन सामग्री की आहुतियां अर्पित कर किया गया अंतिम संस्कार
जींद : अंतिम संस्कार वैदिक रीति-रिवाज एवं आर्य समाज पद्धति के अनुसार अत्यंत श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया तथा परिवारजनों और उपस्थित श्रद्धालुओं ने वैदिक परंपरा के अनुरूप घी एवं हवन सामग्री की आहुतियां अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना की।
अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने वैदिक संस्कृति के महत्व को आत्मसात करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। आर्य समाज पद्धति से संपन्न इस संस्कार में अनावश्यक आडंबरों से दूर रहकर सादगी, वैज्ञानिक सोच और वैदिक परंपराओं का पालन किया गया। इस विधि में हवन के माध्यम से वातावरण की शुद्धता और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश भी दिया गया।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती मूर्ति देवी का संपूर्ण जीवन सादगी, संस्कार, सेवा और धार्मिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके व्यक्तित्व से परिवार ही नहीं, बल्कि समाज के अनेक लोगों को भी प्रेरणा मिली। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
August 03, 2026

महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन में भव्य प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का हुआ आयोजन

महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन में भव्य प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का हुआ आयोजन

पूर्व महानिदेशक, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय भारत सरकार डॉ. राज सिंह रहे मुख्य अतिथि, डॉ. राजन चिल्लाना रहे विशिष्ट अतिथि

डिजिटल स्किल्स, एआई और साइबर सिक्योरिटी ही आत्मनिर्भर भारत के सशक्त युवा तैयार करेंगी — डॉ. राज सिंह
जींद : महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद द्वारा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोग से अर्बन एस्टेट, जींद स्थित परिसर में प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। समारोह में कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी तथा विभिन्न जॉब-ओरिएंटेड प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के पूर्व महानिदेशक डॉ. राज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि हरियाणा विधानसभा के माननीय डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के प्रतिनिधि डॉ. राजन चिल्लाना विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजकुमार भोला ने की। इस अवसर पर डॉ. सुमिता आशरी (राजकीय महिला कॉलेज), मनदीप गुप्ता निदेशक ट्रिपल डैश इन्फोटेक, अमित गर्ग फ़ाउंडर शैरिटियर ए आई एवं ब्लॉक चैन सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, सार्थक, अंकिता खटकड़, किरण सिंधु, सुभाष दुग्गल सहित अनेक शिक्षाविद, गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि डॉ. राज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युग ज्ञान, नवाचार और डिजिटल तकनीक का है। उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक शिक्षा अब पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और उभरती तकनीकों में दक्ष बनना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कौशल युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और वैश्विक अवसरों से जोड़ते हैं तथा विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन और एचकेसीएल  द्वारा युवाओं को तकनीकी शिक्षा एवं रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. राजन चिल्लाना ने कहा कि वर्तमान समय में स्किल डेवलपमेंट ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद भी निरंतर सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखें और नई तकनीकों को अपनाकर स्वयं को समय के अनुरूप विकसित करें। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण देकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।
संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने बताया कि संगठन का उद्देश्य शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ना तथा युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि संस्था, एचकेसीएल के सहयोग से समय-समय पर कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल लिटरेसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग, इंटर्नशिप एवं अन्य रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है, जिनसे हजारों युवाओं को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रमाण-पत्र वितरण समारोह केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान नहीं, बल्कि उन्हें निरंतर सीखने, नवाचार अपनाने और आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
समारोह के अंत में सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपने कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की प्रगति में करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन सम्मान समारोह एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

Saturday, August 1, 2026

August 01, 2026

*वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने खेलों में रचा गौरवशाली इतिहास*

🏆*वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने खेलों में रचा गौरवशाली इतिहास*
जींद: वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। विद्यार्थियों ने अलग-अलग खेलों में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने के साथ-साथ राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित होकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

🏅 *विद्यार्थियों की शानदार उपलब्धियाँ*

🏸 *बैडमिंटन (U-19)*: खुशी और दिया ने जोन स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। खुशी एवं दिया का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ।

🏃 *400 मीटर दौड़*: प्रियांशु ने जोन स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया।

🏊 *स्विमिंग*: देवांश ने 400/50/100 मीटर स्विमिंग में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।

🥋 *कराटे*: हार्दिक ने अंडर-19 कराटे प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त किया तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए।

🥊 *बॉक्सिंग (U-17)*: शोमेश ने जिला स्तर पर द्वितीय स्थान हासिल किया।

🏅 *U-14 वर्ग*: वीर एवं युवराज ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित होने का गौरव प्राप्त किया।

🎾 *लॉन टेनिस*: भविक ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित होने का गौरव हासिल किया।

🏹 *आर्चरी*: राधिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित होकर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
इन सभी विद्यार्थियों की शानदार उपलब्धियों पर विद्यालय परिवार ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। विद्यार्थियों की इस सफलता और शानदार उपलब्धियों में उनके निरंतर अभ्यास एवं मेहनत के साथ खेल प्रभारी *श्री संदीप सिंह* के कुशल मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए निरंतर प्रोत्साहित एवं मार्गदर्शित किया।स्कूल निदेशक *डॉ. नरेंद्र नाथ शर्मा* जी ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों की यह शानदार उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। इन विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से यह सफलता हासिल की है। खेल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व और टीम भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सभी विजेता एवं चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्कूल उपनिदेशक *श्री आशुतोष शर्मा* जी ने कहा कि वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह सफलता निरंतर अभ्यास और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों एवं प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई देते हुए राज्य स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं।
स्कूल प्रधानाचार्या *सुश्री सुकृति गौतम* जी ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों की सफलता उनके कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास का परिणाम है। विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी विशेष महत्व दिया जाता है। विद्यार्थियों ने अपनी उपलब्धियों से विद्यालय का नाम रोशन किया है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय परिवार ने सभी विजेता एवं चयनित विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और प्रशिक्षकों को इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। 
August 01, 2026

*गुरु-परम्परा, प्रेमचंद की जनचेतना और ऊधम सिंह के राष्ट्रबोध का संगम बनी साहित्य परिषद की गोष्ठी*

*गुरु-परम्परा, प्रेमचंद की जनचेतना और ऊधम सिंह के राष्ट्रबोध का संगम बनी साहित्य परिषद की गोष्ठी*

*प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से जुड़े साहित्यकारों ने भारतीय ज्ञान-परम्परा, प्रेमचंद के साहित्य और शहीद ऊधम सिंह के राष्ट्रसमर्पण पर किया सार्थक विमर्श*
*जींद। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, जींद इकाई द्वारा आयोजित वैचारिक गोष्ठी साहित्य, संस्कार और राष्ट्रचेतना के त्रिवेणी-संगम के रूप में सम्पन्न हुई। गुरु-परम्परा की ज्ञानधारा, कथा-सम्राट प्रेमचंद की लोक-संवेदना तथा अमर शहीद ऊधम सिंह के अदम्य राष्ट्रबोध को केंद्र में रखकर साहित्यकारों ने इनके सांस्कृतिक, सामाजिक और समकालीन महत्त्व पर विचार व्यक्त किए। प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन,दोनों माध्यमों से हुई सहभागिता ने गोष्ठी को व्यापक और आत्मीय स्वरूप प्रदान किया।
गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षक शशि शर्मा जी ने की। उन्होंने भारतीय गुरु-परम्परा को ज्ञान के साथ संस्कार, विवेक और जीवन-दृष्टि के हस्तांतरण की अनूठी परम्परा बताया।प्रेमचंद ने मनुष्य और समाज की पीड़ा, संघर्ष तथा स्वाभिमान को साहित्य में स्वर दिया, जबकि ऊधम सिंह ने राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए अपने प्राण अर्पित कर देशभक्ति की अमिट गाथा लिखी।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर मंजुलता ने अपने विशेष संबोधन में कहा कि *गुरु भारतीय ज्ञान-परम्परा का वह प्रकाश है जो शिष्य के भीतर विवेक जगाकर उसे स्वयं प्रकाश बाँटने योग्य बनाता है। गुरु वह चेतना है जो प्रश्नों को दृष्टि देती है, ज्ञान को आचरण से जोड़ती है और मनुष्य के भीतर छिपे श्रेष्ठ को जागृत करती है। साहित्य भी इसी गुरु-परंपरा का संवाहक है; वह शब्द को संस्कार, विचार को विवेक और अनुभूति को लोकमंगल की दिशा देता है।प्रेमचंद  को उन्होंने मानव जीवन की अंतरात्मा का कथाकार बताते हुए कहा कि  प्रेमचंद ने साहित्य को राजमहलों से निकालकर खेत की मेड़, किसान की झोपड़ी, स्त्री की पीड़ा, मज़दूर के श्रम और अभाव से जूझते सामान्य मनुष्य के जीवन तक पहुँचाया।महान उपन्यास कार प्रेमचंद आज भी हर उस प्रश्न में जीवित हैं जहाँ मनुष्य की गरिमा, न्याय और संवेदना की बात उठती है। अमर शहीद ऊधम सिंह को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तित्व अपना जीवन जीकर विदा नहीं होते, बल्कि अपने संकल्प और बलिदान से पीढ़ियों के स्वाभिमान में जीवित रहते हैं।*
*जिस दिन गुरु की सीख ने, छू लिया व्यवहार।*
*उस दिन समझो ज्ञान ने, पाया सही आकार॥*

मंदिर-मंदिर खोजते, थक जाए संसार।
गुरु भीतर संकेत दे—यहीं प्रभु का द्वार॥*
जींद इकाई की अध्यक्ष मंजु मानव ने सभी साहित्यकारों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि साहित्य परिषद का दायित्व केवल साहित्य-सृजन तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-परम्परा, संस्कार, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को नई पीढ़ी तक पहुँचाना भी है। उन्होंने गाया..
*कायरता को त्याग स्वयं को एक नया विश्वास दिया है।*
*जग को परखना छोड़ स्वयं को जीने का एक साज़ दिया है*
गोष्ठी का मधुर एवं सुव्यवस्थित संचालन इकाई महामंत्री डॉ. क्यूटी ने किया। विभिन्न प्रसंगों को सुंदर सूत्र में पिरोते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य अपनी परम्परा से शक्ति ग्रहण करते हुए वर्तमान से संवाद करे और भावी पीढ़ी के भीतर मानवीय तथा राष्ट्रीय मूल्यों का संस्कार जगाए,तभी उसकी सामाजिक भूमिका पूर्ण होती है।मधुरता का प्रसार करते हुए सुरीले कंठ से गुरू के चरणों में भाव प्रस्तुति दी।
क्यूटी 
मन के वचन गुरु दे जीवन संवार लइए
तक्किए न दुजयाँ नू
खुद नू सुधार लइए ।

प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित दीपिका ने गुरु को जीवन की दिशा और आत्मविश्वास का आधार बताया। आरोही ने गुरु-भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर किया और डॉ. मनीषा ने प्रेमचंद की समकालीनता पर विचार रखते हुए कहा कि उनके पात्र आज भी समाज की विषमताओं, संघर्षों और मनुष्य की जिजीविषा के बीच हमारे आसपास जीवित दिखाई देते हैं।शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली अनीता सांगवान और आदरणीया सोना चहल जी ने गुरू की महिमा का गुणगान किया।

ऑनलाइन माध्यम से जुड़े साहित्यकारों ने भी गोष्ठी को विविध वैचारिक आयाम प्रदान किए। 
राष्ट्रीयता को जीवन में प्रथम रखने वाली साहित्यकार कविता शर्मा जी ने गुरु-परम्परा और भारतीय संस्कृति के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए गुरु को जीवन-पथ का प्रकाश-स्तंभ बताया।पूर्व प्राचार्य डॉ. अनीता शर्मा ने गुरु-परम्परा को भारतीय संस्कृति की अविच्छिन्न ज्ञान-श्रृंखला बताते हुए उसके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया। विदुषी एवं प्रेरणा स्त्रोत डॉ प्रेमलता जी ने गुरु के प्रति श्रद्धा को विनय, संस्कार और जीवन-मूल्यों से बखूबी जोड़ा। प्रो० अंजलि गुप्ता ने माता-पिता को जीवन के प्रथम गुरु बताते हुए कहा कि मनुष्य की पहली पाठशाला परिवार और प्रथम शिक्षा संस्कारों की होती है।
समाज सेवी मनीषा मलिक ने जीवन में गुरू के स्थान और महिमा का गुणगान किया तथा प्रेमचंद के साहित्य में निहित सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदना पर विचार व्यक्त किए। डॉ. शिवनीत सिंह ने साहित्य की राष्ट्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि साहित्यकार अपने समय का केवल दर्शक नहीं, समाज की चेतना का सजग संवाहक भी है। डॉ. ब्रजपाल ने गुरु-परम्परा को ज्ञान के साथ चरित्र-निर्माण की भारतीय पद्धति बताया। प्रियंका ने नई पीढ़ी में गुरु के प्रति श्रद्धा और साहित्य-संस्कृति के प्रति अनुराग को संस्कारित समाज की आवश्यकता बताया।प्रखर मेधावी बाल हृदयांश की सहभागिता ने इस विश्वास को और दृढ़ किया कि परम्पराएँ तभी जीवंत रहती हैं जब नई पीढ़ी उन्हें केवल विरासत के रूप में ग्रहण न करे, बल्कि अपने जीवन से आगे बढ़ाए।तिंरंगा धारी जी  ने साहित्य को समय और समाज की संवेदना का दर्पण बताते हुए साहित्यकार के सामाजिक दायित्व को रेखांकित किया। हितेश हिंदुस्तानी जी ने साहित्य में राष्ट्रभाव की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा साहित्य समाज को उसकी जड़ों और दायित्वों दोनों का बोध कराता है।

*अमर शहीद ऊधम सिंह की पुण्यतिथि के संदर्भ में उनके अदम्य साहस और राष्ट्रनिष्ठा का स्मरण करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके बलिदान को भारतीय स्वाभिमान का ऐसा अध्याय बताया, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य, साहस और समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।*

*गोष्ठी में यह भाव प्रमुखता से उभरा कि गुरु-परम्परा मनुष्य को ज्ञान और संस्कार देती है, प्रेमचंद का साहित्य उसे समाज की पीड़ा देखने की संवेदना देता है और ऊधम सिंह का बलिदान राष्ट्र के लिए जीने और आवश्यकता पड़ने पर सर्वस्व अर्पित करने का साहस देता है। ज्ञान, संवेदना और राष्ट्रचेतना की यही त्रयी भारतीय जीवन-दृष्टि को पूर्णता प्रदान करती है।*

प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन जुड़े सभी साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों की सक्रिय सहभागिता ने गोष्ठी को विचार, संवेदना, संस्कार और राष्ट्रभाव से सम्पन्न एक स्मरणीय साहित्यिक आयोजन बना दिया।

Friday, July 31, 2026

July 31, 2026

जींद साइबर पुलिस की बड़ी सफलता: शादी का झांसा देकर ठगी करने वाली महिला आरोपी गिरफ्तार, ₹50,000 बरामद

जींद साइबर पुलिस की बड़ी सफलता: शादी का झांसा देकर ठगी करने वाली महिला आरोपी गिरफ्तार, ₹50,000 बरामद*
जींद : पुलिस अधीक्षक जींद के कुशल दिशा-निर्देशन में साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम, जींद पुलिस ने शादी का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाली महिला आरोपी को के मामले में एक महिला आरोपी को ₹50,000 सहित गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

थाना साइबर क्राइम जींद के प्रभारी उप निरीक्षक जगदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना साइबर क्राइम, जींद में शिकायतकर्ता नितिन वासी रेलवे रोड, जींद ने अपनी शिकायत में बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवती से संपर्क हुआ। जिसने अपना नाम शिल्पी उर्फ अंजली बताया। बातचीत बढ़ने के बाद उस महिला ने बीमारी एवं शादी का झांसा देकर अलग-अलग तिथियों में कुल ₹1,88,780 कि राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली । पैसे वापिस मांगने पर ओर पेसो की मांग करने लगी। जिसे उसे साइबर ठगी का अहसास हुआ। जिसकी शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम, जींद में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज तुरंत 1 लाख 24 हज़ार रुपए होल्ड करवाकर तुरंत जांच शुरू की गई ।

तकनीकी जांच व साक्ष के आधार पर थाना साइबर क्राइम जिन पुलिस ने महिला आरोपी शिल्पी वासी हसनपुर, (मथुरा, उत्तर प्रदेश) को नियमानुसार गिरफ्तार करके आरोपी महिला की निशानदेही पर ₹50,000 कि राशि बरामद की गई ।
 महिला आरोपी के खिलाफ़ आगामी कार्यवाही नियमानुसार अमल में लाई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक जींद ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया, मैट्रिमोनियल अथवा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी भी अपरिचित व्यक्ति के झांसे में आकर धनराशि ट्रांसफर न करें। यदि कोई व्यक्ति प्रेम, शादी, नौकरी या अन्य किसी बहाने से पैसे की मांग करता है तो पहले उसकी पूरी तरह पुष्टि करें। साइबर धोखाधड़ी होने की स्थिति में बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और निकटतम साइबर पुलिस थाना से संपर्क करें।
July 31, 2026

इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी ने सुसाइड कियाः रोहतक में फांसी लगाई

इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी ने सुसाइड कियाः रोहतक में फांसी लगाई; एक दिन पहले दिलजीत दोसांझ के गाने पर रील बनाई।
रोहतक : रोहतक के रहने वाले इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा (23) ने शुक्रवार दोपहर को सुसाइड कर लिया। बताया गया है कि उन्होंने अपने घर में फंदा लगाकर जान दी। सूचना मिलने पर बहु अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया।
सुसाइड के कारणों को लेकर फिलहाल पता नहीं चल पाया है। मुस्कान महम के फरमाना गांव की रहने वाली थीं। उनकी दिसंबर 2023 में शीलू के साथ शादी हुई थी। पिछले साल नवंबर में उनके बेटे हार्दिक का जन्म हुआ।

मुस्कान ने सुसाइड से एक दिन पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सिंगर दिलजीत दोसांझ के गाने 'ओ घुमेया तू कर नी पटोला बनके, रेहा कर बिल्लो थोड़ा बन-ठन के' पर एक रील अपलोड की थी।
शीलू ने कहा था- परिवारवालों ने कराई शादी

एक पॉडकास्ट में शादी को लेकर पूछे गए सवाल पर शीलू बल्हारा ने बताया था कि उनका जन्म 2003 में हुआ था। उनकी मां लंबे समय से बीमार रहती हैं और उनके पैरों व कमर में तकलीफ है। इसी वजह से परिवार ने उनकी कम उम्र में ही शादी कराने का फैसला लिया था, लेकिन मैं बेहद खुश हूं।
3 पॉइंट में जानिए कौन हैं शीलू बल्हारा

बहु अकबरपुर गांव के रहने वाले

शीलू बल्हारा रोहतक में बहु अकबरपुर गांव के रहने वाले हैं। घर में पिता सुरेंद्र, मां निशा देवी, दादी, एक बहन और भाई मनीष हैं। पिता सुरेंद्र बल्हारा साधारण किसान हैं। मनीष भी कबड्डी खेलते हैं। शीलू जूडो खेलते थे। फिर पहलवानी करने लगे। छह साल की उम्र में कबड्डी खेलना शुरू कर दिया। जब जवानी में कदम रखा तो उनका नाम पंजाब तक पहुंचा। पंजाब की अलग-अलग टीमों में शीलू खेलने के लिए जाते रहते है।

चीते के नाम से फेमस हैं शीलू

12वीं तक पढ़े शीलू पंजाब में 'हरियाणा आला चीता' के नाम से फेमस हैं। विदेशों में शीलू कबड्डी खेलने जाते हैं। वे कैचर हैं। पिछले साल अमेरिका में हुए कबड्डी टूर्नामेंट में भी वे बेस्ट कैचर चुने गए थे। यहां शीलू ने उत्कृष्ट पकड़ क्षमता और फुर्ती से सबका दिल जीत लिया था।

ट्रैक्टर, कंबाइन और बुलेट जीत चुके

शीलू कबड्डी मुकाबलों में पंजाब से अब तक 24 ट्रैक्टर, 50 से ज्यादा बुलेट और एक कंबाइन जीतकर घर ला चुके है। उन्होंने मुकाबलों में जीतकर लाई बुलेट को कभी बेचा नहीं है, वे इन्हें अपने दोस्तों या फिर खुद के यूज के लिए ही रखते हैं। ट्रैक्टर और दूसरे उपकरण वे बेच देते हैं। बड़ी संख्या में किसानी से जुड़े उपकरण पंजाब से जीतकर ला चुके हैं।
July 31, 2026

जीन्द पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए 07 पुलिस कर्मचारी

जीन्द पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए 07 पुलिस कर्मचारी ।
 
पुलिस अधीक्षक  जींद श्री कुलदीप सिंह आईपीएस ने दी सम्मान के साथ विदाई।
 जींद : 31 जुलाई 2026 को पुलिस विभाग जीन्द से 07  पुलिस कर्मचारी सेवानिवृत हुए है जिनको पुलिस अधीक्षक  जींद श्री कुलदीप सिंह आईपीएस ने विदाई समारोह के दौरान फुलमाला, पगडी, स्मृति चिह्न, सूटकेश व डीनर सेट व अन्य उपहार देकर  सम्मान के साथ अपने आगामी जीवन के बारे में शुभकामनाएं दी। इस मौके पर उप पुलिस अधीक्षक जींद मुख्यालय श्री संदीप कुमार, उप पुलिस अधीक्षक उचाना श्री संजय कुमार,वैलफेयर उप नि. धर्मपाल, पुलिस प्रवक्ता राजेश कुमार , सेवानिवृत पुलिस कर्मचारी प्रेम सिंह बांगड के अलावा पुलिस विभाग जीन्द के अन्य कर्मचारी, सेवानिवृत जाने वाले कर्मचारी व उनके परिवार के सदस्य मौजूद रहे ।
 
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक  जींद श्री कुलदीप सिंह आईपीएस ने सेवानिवृत्त जाने वाले पुलिस कर्मचारियों को पगड़ी पहनाकर स्मृति चिन्ह के साथ सूटकेश व अन्य उपहार भेंट करते हुए कहां कि अपने जीवन का अमूल्य समय पुलिस विभाग तथा जनता की सेवा में लगाने पर सकुशल सेवानिवृत होने वाले कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। उन्होने कहा कि सेवानिवृत होने वाले कर्मचारी खुद को हर जिम्मेदारी से रिटायर न समझ कर समाज सेवा के कार्यों में लिप्त रखें। अपने परिवार को ज्यादा से ज्यादा समय दें। वे अपने आने वाले जीवन में अपने परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत करने का प्रयास करें। समाज में रहकर पुलिस के प्रति लोगों की सोच को बदलने की कोशिश करें। स्वच्छ समाज का हिस्सा बने, रिटायरमेंट के बाद आपको एक नया जीवन जीने को मिलेगा अपने इस जीवन में अपने अनुभव और खुशियां बांटे और अपने आस-पास खुशियों का माहौल बना कर रखें। रिटायरमेंट के बाद भी पुलिस विभाग उनके प्रत्येक सुख-दुख का भागीदार बना रहेगा। जो भी कर्मचारी सेवा से निवृत होने के बाद भी खेल व योग में अपना समय देना चाहता है व आने वाली पीढ़ी को किसी खेल विशेष में तैयार कर सकता है तो पुलिस विभाग की तरफ से वे हर संभव मदद को तैयार हैं।
 
पुलिस प्रवक्ता  ने  सेवानिवृत्त होने वाले पुलिस कर्मचारियों के सेवा अवधी के दौरान प्राप्त किये गए प्रंसशा पत्र व सेवा काल रिकार्ड  बारे में बताया । सेवानिवृत होने वाले  पुलिस कर्मचारी  निरीक्षक रविन्द्र कुमार,  निरीक्षक बलजीत सिंह , ऑनरेरी  निरीक्षक ईश्वर सिंह, ऑनरेरी  निरीक्षक बलवंत  सिंह, ऑररेरी निरीक्षक दिलबाग सिहं , ईएसआई रामसिहं, व ईएसआई सुखजीत सिंह हैं।

Thursday, July 30, 2026

July 30, 2026

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीबीपुर में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीबीपुर में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
बीबीपुर : केंद्रीय आर्य युवक परिषद, जींद के तत्वावधान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बीबीपुर में मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के मेरिट प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सुखबीर जागलान, सरपंच ग्राम पंचायत बीबीपुर ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। मेहनत, अनुशासन और लगन से विद्यार्थी अपने लक्ष्य प्राप्त कर समाज व राष्ट्र का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित रवि दत्त शास्त्री ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है और ऐसे आयोजन शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनित कौर ने मेरिट प्राप्त विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर अध्ययन, अनुशासन और संस्कारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने केंद्रीय आर्य युवक परिषद, जींद का विद्यालय में इस प्रकार का प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के आयोजक एवं केंद्रीय आर्य युवक परिषद, जींद के जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण दहिया ने बताया कि परिषद का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विभिन्न विद्यालयों में ऐसे सम्मान समारोह आयोजित किए जाते रहेंगे।

समारोह में सम्मानित विद्यार्थियों के अभिभावक, विद्यालय स्टाफ तथा ग्राम के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। सभी ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Tuesday, July 28, 2026

July 28, 2026

युवा शक्ति ही बदलेगी समाज की तस्वीर : एसपी जींद कुलदीप सिंह

युवा शक्ति ही बदलेगी समाज की तस्वीर : एसपी जींद कुलदीप सिंह
जींद : पुलिस अधीक्षक जींद कुलदीप सिंह आईपीएस के नेतृत्व में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बुआना (जींद) में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप सिंह आईपीएस एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद-ए-आजम भगत सिंह तथा महाराजा सूरजमल की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ किया गया। इसके उपरांत सभी अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह आईपीएस ने संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो समाज भी मजबूत और सुरक्षित बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य प्रभावित करता है, इसलिए इसके विरुद्ध सभी को मिलकर जनजागरण अभियान चलाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने पुलिस अधीक्षक जींद से नशा मुक्ति, कानून, सामाजिक जिम्मेदारी तथा जीवन मूल्यों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। जिनका उन्होंने धैर्य पूर्वक उत्तर देकर उन्हें निरंतर शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम में उपस्थित लोकगायकों ने भी अपने गीतों के माध्यम से नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश देकर उपस्थित लोगों को प्रेरित किया।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त श्री प्रदीप कौशिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) श्री संदीप भारद्वाज, जुलाना के बीओ श्री वीर बागड़, विद्यालय के प्राचार्य श्री सुरेश कुमार, सरपंच श्रीमती मूर्ति देवी, सरपंच प्रतिनिधि श्री सुधीर कुमार, लोकगायक श्री संदीप साहिल शर्मा, मास्टर रोहताश 'हताश' लाठर, प्रबंधक अधिकारी जुलाना श्री कमल सिंह, नशा मुक्त गांव रामकली के सरपंच श्री रामतीर्थ, बराड़खेड़ा के सरपंच श्री अनिल, खेमाखेड़ी के सरपंच श्री गोविंद, शामलो कला के सरपंच श्री वीरेंद्र तथा ग्राम सचिव जुलाना श्री संजीव शर्मा सहित विद्यालय स्टाफ, पंचायत प्रतिनिधि, छात्राएँ एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

Monday, July 27, 2026

July 27, 2026

*वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में पौधारोपण अभियान, विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*

*वुडस्टॉक पब्लिक स्कूल में पौधारोपण अभियान, विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*
जींद : पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से वुड स्टॉक पब्लिक स्कूल, जींद में *वरिष्ठ नागरिक फोरम* (रजि.), जींद के सहयोग से पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण प्रकृति संरक्षण के संदेश से सराबोर रहा।
कार्यक्रम के अवसर पर *वरिष्ठ नागरिक फोरम के अध्यक्ष ए. के. चावला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। पौधा लगाना केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, स्वस्थ वातावरण और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है। पौधा लगाने के साथ-साथ उसकी देखभाल और संरक्षण करना भी हमारी जिम्मेदारी है।” उनके साथ श्री दलीप गर्ग — सचिव, श्री एस. मंढार — कैशियर तथा श्री जी. पालवा — संयुक्त सचिव सहित वरिष्ठ नागरिक फोरम के अन्य सदस्य श्री के. के. मित्तल, श्री हरी जैन, श्री सुरेंद्र लाल, श्री अशोक डिडवानिया, श्री परमजीत सेठी तथा श्री इन्द्र सिंह मरदाना भी उपस्थित रहे।
🌱 *विद्यार्थियों ने किया पौधारोपण*

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 7वीं एवं 8वीं के विद्यार्थियों ने वरिष्ठ नागरिक फोरम के सदस्यों के साथ मिलकर विद्यालय परिसर में पौधे लगाए। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ पौधारोपण करते हुए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया। वरिष्ठ नागरिकों ने विद्यार्थियों को पौधों के महत्व और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया।
वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। ख्याति, अरमान सिंह, खुशी, दिया, पल्लवी, शिनू और सानवी ने अपने विचारों के माध्यम से पेड़-पौधों के महत्व, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा हरित भविष्य की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों ने कहा कि पौधारोपण केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी रक्षा और देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने पानी की बर्बादी रोकने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, आसपास स्वच्छता बनाए रखने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।
🌍 विद्यालय प्रबंधन ने भी बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यक्रम में विद्यालय निदेशक डॉ. नरेंद्र शर्मा, उपनिदेशक श्री आशुतोष शर्मा तथा प्रधानाचार्या श्रीमती सुकृति गौतम की सक्रिय सहभागिता रही। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पौधारोपण अभियान को प्रोत्साहित किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। स्कूल निदेशक*डॉ. नरेंद्र नाथ शर्मा* जी ने कहा कि “पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए। हमें अपने दैनिक जीवन में प्रकृति के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाना होगा। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा देना समाज के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।”उपनिदेशक *श्री आशुतोष शर्मा* जी ने कहा कि “प्रत्येक पौधा भविष्य की एक उम्मीद है। यदि हम आज पौधे लगाकर उनकी देखभाल करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर वातावरण दे सकेंगे।”प्रधानाचार्या *श्रीमती सुकृति गौतम* जी ने कहा कि “विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को प्रकृति के करीब लाते हैं और उनमें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।”
🌿 *वरिष्ठ नागरिक फॉर्म परिवार की रही सक्रिय सहभागिता*

वरिष्ठ नागरिक फॉर्मकी ओर से मैडम उषा चावला जी, श्री सुभाष डिगाना जी,श्री बीएस पवार, एस सी पाहवा, करनल डी के भारद्वाज, पीसी जैन, वीरेंद्र राठौर जी, अशोक गिरधर जी, परमजीत सेठी जी इंदर सिंह भारद्वाज जी चमन लाल ग्रोवर जी देशराज सेठिया जी ईश्वर दत्त कौशिक जी जोगिंदर सिंह जी ने भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से सहभागिता की और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।विद्यालय परिवार ने वरिष्ठ नागरिक फोरम के सदस्यों का इस सार्थक पहल के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का साथ मिलकर पौधारोपण करना अनुभव और नई पीढ़ी के उत्साह का सुंदर संगम है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करते हैं।
🌳 *विद्यार्थियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प*

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन एवं वरिष्ठ नागरिक फोरम के सदस्यों ने पर्यावरण को स्वच्छ, सुरक्षित और हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाए और उसकी जिम्मेदारी से देखभाल करे, तो सामूहिक प्रयास से पर्यावरण में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम का प्रेरणादायक संदेश रहा—
*“एक पौधा आज, हरित भविष्य कल*
July 27, 2026

मनीष गर्ग एक बार फिर बने करियाना एसोसिएशन जींद के प्रधान

मनीष गर्ग एक बार फिर बने करियाना एसोसिएशन जींद के प्रधान
जींद : करियाणा एसोसिएशन जींद ने सर्वसम्मति से मनीष गर्ग को एक बार फिर एसोसिएशन का प्रधान मनोनीत किया है। मनीष गर्ग के दोबारा प्रधान बनने पर व्यापारियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।

करियाना के दुकानदारों की एक बैठक उत्सव होटल में सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी वर्षों के लिए करियाणा एसोसिएशन के प्रधान बनाने विचार विमर्श हुआ। सर्वसम्मति से मनीष गर्ग को ही एक बार फिर प्रधान मनोनीत किया गया। प्रधान मनोनीत होने के बाद मनीष गर्ग ने सभी व्यापारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि सभी व्यापारियों के विश्वास, प्रेम और आपसी भाईचारे की जीत है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने उन पर जो विश्वास जताया है उसे वह पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। मनीष गर्ग ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता करियाणा व्यापारियों के हितों की रक्षा करना, उनकी समस्याओं का समाधान करवाना तथा व्यापारियों की आवाज को मजबूती से प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना रहेगी। उन्होंने सभी व्यापारियों से भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग और मार्गदर्शन देने की अपील की।

इस अवसर पर मनीष गर्ग ने व्यापार मंडल जींद के प्रधान महावीर कंप्यूटर, सुनील वशिष्ठ तथा अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार गोयल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सभी वरिष्ठजनों ने स्वयं आकर उन्हें आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं जो उनके लिए सम्मान और प्रेरणा की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी व्यापारियों के सहयोग और एकजुटता से करियाणा एसोसिएशन जींद भविष्य में और अधिक मजबूत होगी तथा व्यापारियों के हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करती रहेगी।

Sunday, July 26, 2026

July 26, 2026

शिव भक्तों को मिलेंगे विशेष पूजा के लिए चार सोमवार : नवीन शास्त्री

श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग में होगी सावन माह की शुरूआत

30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है सावन माह

शिव भक्तों को मिलेंगे विशेष पूजा के लिए चार सोमवार : नवीन शास्त्री
जींद: शिव भक्तों के लिए बेहद प्रिय सावन माह 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस दिन श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग के शुभ संयोग में सावन का आरंभ होगा। इन शुभ योगों में भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और भस्म अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सावन माह आगामी 28 अगस्त तक रहेगा। इस बार शिवभक्तों को सावन माह में चार सोमवार भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए मिलेंगे। 
*कावड़ लाने वाले शिवभक्तों का होगा आवागमन शुरू*

सावन माह भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। शिवभक्त कावड़ लाने के लिए हरिद्वार का रूख करेंगे। सावन माह में भगवान शिव के नामों का जाप करने से घर, परिवार में सुख व शांति और जीवन में स्थिरता का संचार होता है। पंचांग के अनुसार इस साल श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 जुलाई को रात 8 बजकर05 बजे से प्रारंभ होगी। वहीं 30 जुलाई को रात 9 बजकर 30 बजे तक यह तिथि मान्य होगी। उदया तिथि के आधार पर 30 जुलाई को सावन महीने की शुरूआत होगी।
सावन 2026 के सोमवार
पहला सावन सोमवार  3 अगस्त
दूसरा सावन सोमवार  10 अगस्त
तीसरा सावन सोमवार 17 अगस्त
चौथा सावन सोमवार  24 अगस्त
*पहले सावन सोमवार का शुभ मुहूर्त*

जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि सावन माह के पहले सोमवार के दिन तीन अगस्त को ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक होगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा। 
*यह रहेगी पूजा विधि*

महादेव की पूजा करने के लिए सबसे पहले शिवलिंग पर गंगाजल और शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी से भगवान शिव का अभिषेक करें। शहद अर्पित करें और अंत में एक बार फिर जल से अभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, आक के फूल, कुछ फल और मौसमी अनाज अर्पित करें। घी का दीपक और धूप जलाकर भगवान शिव की आरती करें। अंत में ओम नम: शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इस दौरान सभी शिव भक्त व्रत रखने के साथ-साथ शिव कावड़ यात्रा, जागरण, भजन कीर्तन आदि जैसे धार्मिक कार्य करते हैं। इसी के साथ सावन माह के सोमवार के संयोग पर शिवालयों में रुद्राभिषेक भी किया जाता है। यह भी मान्यता है कि सावन महीने में सच्चे मन से महादेव के शक्तिशाली नामों का जाप करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट भी दूर होने लगते हैं। 
तीसरे सोमवार को 23 वर्ष बाद सोमवती *नागपंचमी का दुर्लभ संयोग बनेगा : नवीन शास्त्री*

जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यता है कि सावन में भगवान भोलेनाथ की श्रद्धापूर्वक आराधना और सोमवारी व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। जबकि तीसरे सोमवार पर 23 वर्ष बाद सोमवती नागपंचमी का दुर्लभ संयोग बनने से इस बार का श्रावण मास विशेष महत्व का माना जा रहा है।