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Friday, February 6, 2026

February 06, 2026

हरियाणा सरकार ने मृतकों की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी जिलों में शव वाहन सेवाओं को सुनिश्चित किया - डॉ. सुमिता मिश्रा

हरियाणा सरकार ने मृतकों की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी जिलों में शव वाहन सेवाओं को सुनिश्चित किया - डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़ – हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक जिले में कम से कम एक चालू शव वाहन सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि मृत व्यक्तियों के सम्मानजनक परिवहन के लिए शव वाहन आवश्यक हैं। जबकि कई जिलों में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और विभिन्न एनजीओ के माध्यम से शव वाहन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, उन्होंने इन सेवाओं की उपलब्धता और संपर्क विवरण के बारे में सार्वजनिक जागरूकता में सुधार करने का निर्देश दिया।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया जाता है कि वे सुनिश्चित करें कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक चालू शव वाहन सेवा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि यह सेवा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, प्रतिष्ठित एनजीओ या किसी अन्य विधिवत अधिकृत एजेंसी के माध्यम से व्यवस्थित की जा सकती है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने आगे निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सभी चालू शव वाहनों (भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी/एनजीओ /अधिकृत एजेंसियों द्वारा संचालित) के संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं।
 प्रदर्शन स्थलों में जिला अस्पताल, उप-विभागीय अस्पताल, सीएचसी , पीएचसी , मेडिकल कॉलेज, मुर्दाघर, पोस्टमार्टम केंद्र और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थान शामिल हैं। इस उपाय का उद्देश्य इन सेवाओं का व्यापक प्रचार और जनता तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
डॉ. मिश्रा ने जोर देकर कहा कि इस मामले में अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि एम्बुलेंस विशेष रूप से सुसज्जित और एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए वाहन हैं जो आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और बीमार या घायल व्यक्तियों के परिवहन के लिए हैं।
February 06, 2026

हजारों वर्ष पुरानी हरियाणा नस्ल की देशी गाय आज भी बढ़ा रही है प्रदेश की शान : श्री श्याम सिंह राणा

हजारों वर्ष पुरानी हरियाणा नस्ल की देशी गाय आज भी बढ़ा रही है प्रदेश की शान : श्री श्याम सिंह राणा

-हरियाणा में 8 लाख से ज्यादा देशी गाय का किया जा रहा है पालन-पोषण
चंडीगढ़  - हरियाणा के पशुपालन एवं कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का शुभारम्भ करते हुए कहा कि वेदों पुराणों में भी हरियाणा नस्ल की देशी गाय का जिक्र किया जाता है। अगर पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बात को माने तो भगवान श्रीकृष्ण हरियाणा नस्ल की गाय को खूब प्यार करते थे। आज भी हरियाणा नस्ल की गाय प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। इस समय हरियाणा प्रदेश में गाउशालाओं के साथ-साथ पशुपालकों के पास करीब 8 लाख हरियाणा नस्ल की गाय हैं। अहम पहलू यह है कि कुरुक्षेत्र की 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में 150 हरियाणा नस्ल की गाय पशुपालक लेकर पहुंचे हैं।
श्री राणा ने आज हरियाणा नस्ल की गाय का पूजन करके ही इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।

पशुपालन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सोच है कि प्रदेश की हरियाणा नस्ल की गाय के साथ-साथ राठी, गिर, बिलाही, थार-पार, जैसी देशी नस्ल की गाय, बैल को संरक्षित करने, पशुपालक किसानों को मंच मुहैया कराने तथा आय को बढ़ाने के लिए ही राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी आयोजन के पहले दिन हरियाणा नस्ल की गाय ने आम नागरिक खासकर पशुपालकों का ध्यान आकर्षित किया। इस हरियाणा नस्ल की गाय का दूध बाकी देशी गायों से ज्यादा पौष्टिक है और 3 से 4 प्रतिशत ही फैट है। इस गाय का दूध बच्चों के लिए ज्यादा पौष्टिक है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सोच है कि हरियाणा नस्ल की देशी गाय के नस्ल में और सुधार लाया जाए। इसके लिए लगाकार वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान का कार्य किया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में जींद, रेवाड़ी, चरखी दादरी सहित प्रदेश के अन्य जिलों से दर्जनों पशुपालक 150 हरियाणा नस्ल की गाय लेकर पहुंचे हैं और इस नस्ल की गाय मेले में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल बनवाला का कहना है कि प्राचीन काल से प्रदेश में हरियाणा नस्ल की गाय का पालन पोषण किया जाता रहा है। इस गाय को भगवान श्रीकृष्ण भी बहुत प्यार करते थे। इस समय हरियाणा में करीब 8 लाख इस नस्ल की गाय है, जिनका पालन पोषण घरों और गऊशालाओं में किया जा रहा है। इस नस्ल की गाय की कीमत 40 हजार रुपए से लेकर 1.50 लाख रुपए तक है।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल बनवाला ने कहा कि गायों में सिर्फ हरियाणा नस्ल की ही एक ऐसी गाय है, जो बिना छुए 6 फीट ऊंची दीवार को कूद सकती है। इस हरियाणा नस्ल की देशी गाय में इतनी फूर्ती हमेशा देखने को मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा नस्ल की अधिक दूध देने वाली गाय के लिए सरकार ने इनाम राशि भी रखी है। इसके लिए बकायदा विशेष योजना को अमलीजामा भी पहनाया है। इस योजना के तहत पांच किलो से 15 किलोग्राम तक दूध देने वाली गाय को 5 हजार रुपए से लेकर 40 हजार रुपए तक का इनाम दिया जाता है। इसके लिए बकायदा पशुपालक को पोर्टल पर आवेदन करना होगा और इस आवेदन के बाद टीम द्वारा एक दिन में 3 बार दूध निकालकर दूध की मात्रा की औसत निकालनी होगी। इस प्रक्रिया के बाद दूध की मात्रा के अनुसार पशुपालक को इनाम दिया जाता है।
हरियाणा नस्ल की गाय कम पानी पीना पसंद करती है, लेकिन सफाई उतनी ही ज्यादा पसंद करती है। इसलिए हरियाणा नस्ल की गाय को सफाई में रखना जरूरी है। इस नस्ल की गाय पानी वाली जगह, मिट्टी वाली जगह पर बैठना पसंद नहीं करती है।
कैटवॉक पर बिखरे हरियाणा नस्ल की गाय ने जलवे

41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में जहां ऊंट, घोड़ों, बैल, बकरे, भैंसे ने कैटवॉक में पशुपालकों का दिल जीता वहीं हरियाणा नस्ल की गाय का कैटवॉक के मंच पर जलवा देखने को मिला।
February 06, 2026

एमडीयू की यूजी दूरस्थ शिक्षा मोड परीक्षाएं 16 फरवरी से शुरू

एमडीयू की यूजी दूरस्थ शिक्षा मोड परीक्षाएं 16 फरवरी से शुरू
रोहतक :  महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की स्नातक (यूजी) दूरस्थ शिक्षा मोड की थ्योरी परीक्षाएं 16 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी।
परीक्षा नियंत्रक प्रो राहुल ऋषि ने बताया कि बीए एवं बीकॉम प्रथम सेमेस्टर फ्रेश (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड) सेमेस्टर सिस्टम के तहत ये परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। यह परीक्षाएं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी–2020) के अंतर्गत ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि इन परीक्षाओं की विस्तृत डेट शीट शीघ्र ही विश्वविद्यालय वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जाएगी। वहीं विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र भी एमडीयू वेबसाइट पर जल्द जारी किए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षाओं से संबंधित एसओपी और दिशा-निर्देश भी अलग से विश्वविद्यालय वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।
February 06, 2026

एमएड एवं एमएड स्पेशल एजुकेशन की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 13 फरवरी से

एमएड एवं एमएड स्पेशल एजुकेशन की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 13 फरवरी से
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय द्वारा एमएड तथा एमएड स्पेशल एजुकेशन (रेगुलर एवं री-अपीयर) पाठ्यक्रमों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 13 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी।
परीक्षा नियंत्रक प्रो राहुल ऋषि ने बताया कि एमएड प्रथम और तृतीय सेमेस्टर (रेगुलर एवं री-अपीयर) तथा चतुर्थ सेमेस्टर (केवल री-अपीयर), एमएड स्पेशल के प्रथम और तृतीय सेमेस्टर (रेगुलर एवं री-अपीयर) तथा चतुर्थ सेमेस्टर (केवल री-अपीयर) की प्रायोगिक परीक्षाएं विश्वविद्यालय शिक्षण विभागों एवं संबद्ध कॉलेजों में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा की विस्तृत डेट शीट शीघ्र ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जाएगी। वहीं विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र भी एमडीयू पोर्टल पर जल्द जारी किए जाएंगे।
February 06, 2026

आने वाला समय भाजपा का, पीएम मोदी के नेतृत्व में पंजाब बनेगा देश का अग्रणी राज्य: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

आने वाला समय भाजपा का, पीएम मोदी के नेतृत्व में पंजाब बनेगा देश का अग्रणी राज्य: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा मॉडल से पंजाब को मिलेगा विकास का नया रास्ता, भाजपा जो कहती है वो करके दिखाती है

आम आदमी पार्टी की सरकार करे श्वेत पत्र जारी
चंडीगढ़— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आने वाला समय भारतीय जनता पार्टी का है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में पंजाब देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनते ही पंजाब में विकास की रफ्तार तेज होगी और केंद्र की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं ज़मीन पर प्रभावी रूप से लागू की जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को पंजाब के गांव पंजौला में आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आयोजक सतपाल पुनिया द्वारा मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ एवं सिरोपा भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
हरियाणा बना किसान-हितैषी राज्य, 24 फसलों पर MSP और 48 घंटे में भुगतान

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। किसानों की फसल मंडी में पहुंचते ही 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा रहा है। प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा भी सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे किसान आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस कर रहा है।
भाजपा ने संकल्प पत्र के वायदों को जमीन पर उतारा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा ने जो वायदे किए, उन्हें केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रखा। संकल्प पत्र के 217 वायदों में से पहले चरण में 60 वायदे पूरे किए जा चुके हैं, जबकि शेष संकल्पों को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा का खून का रिश्ता है, संस्कृति और संस्कार एक जैसे हैं, इसलिए विकास का मॉडल भी सांझा होना चाहिए।

 लाडो लक्ष्मी योजना से हरियाणा की महिलाएं हुई सशक्त, पंजाब में आप के वायदे अधूरे

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं, जिसके लिए बजट में 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं पंजाब में महिलाओं को 1100 रुपये देने की घोषणा आज तक पूरी नहीं हो पाई है। यह भाजपा और अन्य दलों के काम करने के तरीके का बड़ा अंतर दर्शाता है।
आवास, प्लॉट और मालिकाना हक— हरियाणा सरकार के ठोस फैसले

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 1.50 लाख लोगों को मकान उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 27 हजार पात्र परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट और 14 शहरों में पहले चरण में 15 हजार लोगों को 30-30 गज के प्लॉट दिए गए हैं। पंचायती भूमि पर 20 वर्षों से कब्जाधारी लोगों को मालिकाना हक भी दिया गया है।

स्वास्थ्य सुरक्षा में हरियाणा अग्रणी, आयुष्मान-चिरायु योजना से मिला 25 लाख लोगों को लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में आयुष्मान एवं चिरायु योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का सालाना मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। अब तक करीब 25 लाख लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं और इस पर 4000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके विपरीत पंजाब में मोहल्ला क्लीनिक केवल दिखावा साबित हुए हैं, जहां न तो पर्याप्त इलाज है और न ही दवाइयां उपलब्ध हैं।
आम आदमी पार्टी की सरकार करे श्वेत पत्र जारी

आम आदमी पार्टी सरकार पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार को चुनाव से पहले किए गए वायदों पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार चरम पर है, कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है और ईमानदारी की बात करने वाले खुद जेल तक गए हैं।

हरियाणा में बुजुर्गों को सम्मान, युवाओं को रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में बुजुर्गों को 3200 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है, जिससे 34.50 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। यह राशि हर माह की 1 से 10 तारीख के बीच सीधे खातों में ट्रांसफर की जाती है। इसके अलावा हैप्पी कार्ड योजना के तहत एक लाख से कम आय वाले परिवारों को 1000 किलोमीटर मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में युवाओं को बिना खर्ची-पर्ची और पारदर्शी तरीके से नौकरियां दी जा रही हैं। पिछले 11 वर्षों में 2 लाख युवाओं को रोजगार मिला है, जबकि केवल पिछले एक वर्ष में ही 34 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

पीएम मोदी का पंजाब को विशेष सम्मान, औद्योगिक हब बनेगा राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आदमपुर हवाई अड्डे का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखकर करोड़ों अनुयायियों को सम्मान दिया है। उन्होंने जालंधर, लुधियाना और अमृतसर को औद्योगिक हब बनाने की भी घोषणा की है, जिसे भाजपा सरकार बनते ही मजबूती से लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प में मिलकर सहयोग करें ताकि पंजाब में भी विकास को गति मिले और अग्रणी राज्य बन पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन भावनाएं प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अपना विश्वास व्यक्त कर रही हैं।

इस अवसर पर पूर्व सांसद महारानी परनीत कौर, विधायक अश्विनी शर्मा, जिला प्रधान सरदार जसपाल सिंह गंगौली, पंजौला के सरपंच सरदार जरनैल सिंह, कार्यक्रम आयोजक सतपाल पुनिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
February 06, 2026

एचएसएससी स्टेनो भर्ती के लिए आवेदन पोर्टल खुला, परीक्षाओं में किरपान व मंगलसूत्र की अनुमति

एचएसएससी स्टेनो भर्ती के लिए आवेदन पोर्टल खुला, परीक्षाओं में किरपान व मंगलसूत्र की अनुमति 
फोटो -AI से चित्रित 

चंडीगढ़ – हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि विज्ञापन संख्या 3/2026 में विभिन्न समूहों के पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी https://adv032026.hryssc.com लिंक के माध्यम से 6 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 रात्रि 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद वेबसाइट लिंक स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागों की वरीयता केवल उन्हीं अभ्यर्थियों से ली जाएगी जो स्टेनोग्राफी स्किल टेस्ट में उत्तीर्ण होंगे।
श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में सिख अभ्यर्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार किरपान पहनने और साथ रखने की अनुमति दी जाएगी। किरपान की कुल लंबाई 9 इंच (22.86 सेंटीमीटर) से अधिक तथा ब्लेड की लंबाई 6 इंच (15.24 सेंटीमीटर) से अधिक नहीं होनी चाहिए। ऐसे सिख अभ्यर्थियों को परीक्षा के निर्धारित समय से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा।
इसके अतिरिक्त, विवाहित महिला अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में मंगलसूत्र पहनने की अनुमति होगी और उन्हें निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
श्री हिम्मत सिंह ने कहा कि आयोग ने राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप सभी परीक्षा केंद्रों, पर्यवेक्षकों और सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि इन प्रावधानों का पालन सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
February 06, 2026

यूआईईटी में सात दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला शुरू

यूआईईटी में सात दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला शुरू
रोहतक :  महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में सात दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला इलेक्ट्रिकल एवं सिविल ब्लॉक स्थित सेमिनार हॉल में करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल तथा पं. दीन दयाल उपाध्याय कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा केंद्र के सहयोग से महिन्द्रा प्राइड क्लासरूम के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों की रोजगारपरक क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा उन्हें वर्तमान एवं भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। उद्घाटन सत्र में पं. दीन दयाल उपाध्याय कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा केंद्र के निदेशक प्रो युद्धवीर सिंह ने मुख्य वक्तव्य देते हुए कौशल आधारित शिक्षा के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, अनुकूलन क्षमता और सतत अधिगम विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य हो गए हैं।
कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्राध्यापक डॉ. हरकेश सहरावत ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षा और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच सेतु का कार्य करती हैं तथा विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करती हैं।
करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रो दिव्या मल्हान ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में सॉफ्ट स्किल्स, संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास एवं करियर तत्परता से संबंधित क्षमताओं का विकास किया जाएगा।
महिन्द्रा प्राइड क्लासरूम के प्रशिक्षक जयदीप मल्होत्रा ने विद्यार्थियों को कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और सकारात्मक दृष्टिकोण से ही प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
बता दें कि यह सात दिवसीय कार्यशाला इंटरएक्टिव सत्रों, व्यावहारिक गतिविधियों और करियर उन्मुख प्रशिक्षण मॉड्यूल्स पर आधारित है, जिससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास, रोजगार योग्यता तथा समग्र व्यावसायिक विकास सुनिश्चित किया जा सके। उद्घाटन सत्र में यूआईईटी के शिक्षक गण, विभिन्न शाखाओं के विद्यार्थी तथा करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के अधिकारी उपस्थित रहे।
February 06, 2026

परीक्षा ड्यूटी हेतु 11 फरवरी तक अपडेट करें स्टाफ स्टेटमैंट विद्यालय

परीक्षा ड्यूटी हेतु 11 फरवरी तक अपडेट करें स्टाफ स्टेटमैंट विद्यालय
भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव श्री मुनीश शर्मा, भा.प्र.से. ने आज यहां जारी एक प्रेस वक्तव्य में बताया कि सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी(नियमित/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से आयोजित करवाई जा रही हैं। इन परीक्षाओं के संचालन हेतु सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य की परीक्षाओं में ड्यूटियां लगाई जानी है।
उन्होंने बताया कि सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के मुखिया उन द्वारा पूर्व में भेजी गई स्टाफ स्टेटमैंट में 09 से 11 फरवरी, 2026 तक अपडेट करना सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केन्द्र पर लगाई जाने वाली परीक्षा ड्यूटी में होने वाली परेशानी/समस्या से बचा जा सके। स्टाफ स्टेटमैंट अपडेट करने हेतु बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर लिंक 09 फरवरी, 2026 से उपलब्ध होगा। सभी विद्यालय समय रहते स्टाफ स्टेटमैंट का डाटा संशोधित/अपडेट करना सुनिश्चत करें।
उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में राजकीय व अराजकीय विद्यालयों द्वारा जो स्टाफ स्टेटमैंट भरी गई थी, यदि विद्यालय में कार्यरत किसी अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य के विवरणों में जैसे- किसी प्रकार के अवकाश (CCL, Medical, Privilege, Earned leave & Any other leave) या सेवानिवृत अथवा स्थानान्तरण (निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्राध्यापक व अध्यापक विद्यालय छोड़ चुके हो), मोबाइल नम्बर में कोई संशोधन है या अन्य कोई कारण है तो उसे भी बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर समय रहते अपडेट करना सुनिश्चित करें।
February 06, 2026

₹25,000 तत्काल (Urgent) शुल्क लेने के बावजूद एनआरआई महिला का GPA पंजीकृत नहीं हुआ


₹25,000 तत्काल (Urgent) शुल्क लेने के बावजूद एनआरआई महिला का GPA पंजीकृत नहीं हुआ

अन्ना टीम जींद का बड़ा सवाल – जब हड़ताल तय थीतो नागरिकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं?

उपायुक्त से बैठकलेकिन कोई समाधान नहीं- आखिर जिले में समस्या के समाधान के लिए जिम्मेवार कौन ?

अन्ना टीम की मुख्यमंत्री से मांग – तकनीकी युग में एनआरआई के लिए ऑनलाइन मीटिंग व डिजिटल सत्यापन से GPA व अन्य दस्तावेज पंजीकरण की विशेष सुविधा शुरू हो

जींद: अमेरिका में रह रही एनआरआई महिला रीतू ढांडा का जींद में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) आज तक पंजीकृत नहीं हो पायाजबकि उन्होंने सभी दस्तावेज पूरे कर लिए थे और तत्काल (Urgent) विशेष टोकन  लेकर ₹25,000/- (नॉन-रिफंडेबल) शुल्क भी जमा किया था। यह मामला अब केवल एक व्यक्ति की परेशानी नहींबल्कि पूरे जिले और राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बन गया है।रीतू ढांडा 29 जनवरी 2026 को भारत आई थीं और फरवरी 2026 की सुबह उनकी अमेरिका वापसी निर्धारित है। उनका उद्देश्य केवल अपने पारिवारिक एवं पैतृक मामलों के लिए जिंद में GPA पंजीकृत कराना थाताकि भविष्य में बार-बार भारत आने की विवशता न रहे।

यह GPA उनके पिता स्वर्गीय Prem Parkash Singh के निधन के बाद आवश्यक हो गया है।
स्वर्गीय प्रेम प्रकाश सिंह जींद के प्रतिष्ठित Government College Jind में भूगोल (Geography) विषय के जाने-माने प्रोफेसर रहे तथा वहीं से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका निधन जून 2011 को हुआ था। शिक्षा जगत में उनके योगदान को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।

 बुधवार से शुक्रवार तक – केवल आश्वासनकोई जिम्मेदारी नहीं

पीड़िता के अनुसार—

बुधवार तक उनका सामान्य (General) टोकन स्वीकृत ही नहीं किया गया
गुरुवार को कार्यालय पहुंचने पर बताया गया कि आज एक दिन की हड़ताल है।”  उसी समय अधिकारियों/कर्मचारियों ने यह भरोसा दिलाया कि—  आप शुक्रवार को तत्काल (Urgent) टोकन ले लीजिएशुक्रवार को ही आपका GPA पंजीकृत कर दिया जाएगा।”

इस भरोसे पर रीतू ढांडा ने शुक्रवार को तत्काल विशेष टोकन लिया और ₹25,000/- शुल्क जमा किया।

शुक्रवार को वह पूरे दस्तावेजों के साथ कार्यालय पहुंचींलगातार अधिकारिओ से निवेदन करती रहींलेकिन—

  • किसी अधिकारी ने फाइल लेने या प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं ली,
  • आखिर स्पष्ट किया गया कि आज भी हड़ताल है और अंततः उनका GPA पंजीकृत नहीं किया गया

इसके बाद अगले दो दिन अवकाश (नॉन-वर्किंग डे) होने से अब उनके भारत प्रवास में काम होने की कोई संभावना नहीं बची।

टोकन विवरण

सामान्य (General) टोकन नंबर :
IN_JIN_JIN_999803180108697

तत्काल (Urgent) विशेष टोकन नंबर :
JIN_JIN_JIN_999806102811523

अमेरिका में बना वैध GPA भी जींद में हुआ अस्वीकार

रीतू ढांडा ने बताया कि उन्होंने पहले ही अमेरिका में अपने काउंसलर के माध्यम से विधिवत GPA तैयार कराया था और उसे भारत भेजा था। वह GPA अपनी तिथि के अनुसार वैध थालेकिन जींद प्रशासन ने यह कहकर उसे पंजीकरण/सत्यापन के लिए स्वीकार नहीं किया कि वह भारत में देर से प्रस्तुत किया गया है।
पीड़िता का कहना है कि GPA की वैधता निर्माण/निष्पादन की तिथि से होती हैन कि प्रस्तुत करने की तिथि से—फिर भी कोई वैकल्पिक समाधान नहीं दिया गया।

अन्ना टीम जींद ने कि उपायुक्त से मुलाकात

इस पूरे मामले में सामाजिक संगठन अन्ना टीम जींद खुलकर पीड़िता के समर्थन में सामने आया। टीम के प्रतिनिधियों ने रीतू ढांडा तथा अन्य प्रभावित नागरिकों के साथ उपायुक्त कार्यालय में बैठक कर पूरा घटनाक्रम रखा और पूछा—

  • जब हड़ताल की स्थिति पहले से थीतो नागरिकों से टाटकाल शुल्क लेकर टोकन जारी क्यों किए गए?
  • हड़ताल के दौरान कोई वैकल्पिक व्यवस्था (विशेष काउंटर/अधिकृत अधिकारी/विशेष कैंप) क्यों नहीं बनाई गई?अन्ना टीम जींद के संयोजक हितेश हिन्दुस्तानी ने कहा—

यह केवल एक महिला का मामला नहीं हैयह जींद की व्यवस्था का आईना है। बुधवार से शुक्रवार तक सिर्फ आश्वासन दिए गए। गुरुवार को कहा गया— आज हड़ताल हैकल शुक्रवार को तत्काल टोकन लेकर आ जाइएउसी दिन पंजीकरण हो जाएगा। लेकिन ₹25,000 लेने के बाद भी न कोई अधिकारी जिम्मेदारी लेता हैन लिखित जवाब देता है और न काम करता है।

यह केवल प्रशासनिक नहींबल्कि हरियाणा की राजनीतिक व्यवस्था की भी विफलता है। सरकार को बताना चाहिए कि जब पूरे प्रदेश में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल होती हैतब आम नागरिकों के जरूरी कानूनी काम कैसे होंगे।” आखिर कौन बनाएगा वैकल्पिक व्ययवस्था ? लगता है प्रदेश का प्रसाशन प्रदेश सरकार के काबू नहीं आ रहा है पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने माना बुरा हाल है सिस्टम का, सुधारने के नाम पर शरू कि गई अधूरी ऑनलाइन व्यवस्था ?

हिन्दुस्तानी  ने कहा कि—

यह जींद का मामला केवल एक उदाहरण है। पूरे हरियाणा में हजारों नागरिक ऐसे हैंजिनके GPA, रजिस्ट्रीनामांतरण और विरासत जैसे जरूरी काम दो दिन की हड़ताल के कारण रुके पड़े हैं और राज्य व जिला प्रशासन के पास कोई वैकल्पिक समाधान नहीं है।”

 तकनीकी युग में भी एनआरआई के लिए कोई डिजिटल सुविधा नहीं आखिर क्यों ? क्यों कि उसको विदेश से ऑनलाइन वेरीफिकेशन कि जा सकती ?

अन्ना टीम जींद ने इस प्रकरण के माध्यम से एक बड़ा सवाल उठाया है कि—

आज जब भारत डिजिटल इंडिया की बात करता हैतब भी एनआरआई नागरिकों के लिए—

  • GPA जैसे जरूरी दस्तावेजों के पंजीकरण हेतु
  • ऑनलाइन वीडियो मीटिंग के माध्यम से उपस्थिति,
  • डिजिटल पहचान सत्यापन,
  • तथा वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ऑनलाइन प्रमाणीकरण

जैसी सुविधाएं क्यों उपलब्ध नहीं हैं?

टीम का कहना है कि यदि अदालतोंबैंकिंग और कई सरकारी सेवाओं में ऑनलाइन सत्यापन संभव हैतो एनआरआई नागरिकों के लिए GPA एवं अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण हेतु सुरक्षित तकनीकी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा सकती?

अन्ना जींद ने मांग की है कि—

  • एनआरआई नागरिकों के लिए एक विशेष ऑनलाइन सुविधा प्रणाली विकसित की जाएजिसमें
    • वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पक्षकार की पहचान,
    • पासपोर्ट व बायोमैट्रिक आधारित डिजिटल सत्यापन,
    • तथा स्थानीय सब-रजिस्ट्रार/वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ऑनलाइन प्रमाणीकरण
      की व्यवस्था हो।
  • ऐसे मामलों में आवेदक को कार्यालय आना ही न पड़े या आवश्यकता पड़ने पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सके और यदि कार्यालय आना हो तो न्यायिक मजिस्ट्रेट कि तरह दिन व रात किसी अधिकारी कि जिम्मेदारी निर्धारित होनी चाहिए ।

अन्ना टीम जींद का कहना है कि इससे न केवल एनआरआई नागरिकों के साथ आम नागरिकों को राहत मिलेगीबल्कि कार्यालयों में भीड़दलाली और अनावश्यक देरी पर भी रोक लगेगी।

न सेवा मिलीन रिफंड — पेनल्टी सहित वापसी की मांग

अन्ना टीम जींद मुख्यमंत्री को ईमेल भेज कर मांग कि है कि —

  • जब विभागीय हड़ताल और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण कार्य नहीं हो पाया और आवेदक की ओर से कोई त्रुटि नहीं थी,

तो ₹25,000/- तत्काल (Urgent) विशेष टोकन शुल्क तत्काल वापस किया जाएऔर मानसिकआर्थिक व समय की क्षति के लिए पेनल्टी/क्षतिपूर्ति सहित रिफंड दिया जाए।

इस पूरे प्रकरण को अन्ना टीम जींद द्वारा औपचारिक रूप से Haryana Chief Minister’s Office ईमेल
को भेज दिया गया है।

साथ ही अन्ना टीम ने राज्य सरकार से मांग की है कि—

  • हड़ताल के दौरान नागरिक सेवाएं बाधित न होंइसके लिए राज्य स्तर पर स्पष्ट नीति बनाई जाए,
  • और एनआरआई नागरिकों के लिए तकनीक आधारित विशेष पंजीकरण व्यवस्था तत्काल लागू की जाए।

अन्ना टीम का कहना है कि यदि रीतू ढांडा जैसे मामलों में उदाहरणात्मक समाधान नहीं किया गयातो यह साफ हो जाएगा कि हरियाणा में आम नागरिक के लिए न तो हड़ताल के समय कोई सुरक्षा तंत्र है और न ही तकनीकी युग में प्रशासन नागरिक-अनुकूल बनने के लिए तैयार है।
यह प्रकरण जींद नहींबल्कि पूरे हरियाणा की व्यवस्था पर गंभीर चेतावनी है।


February 06, 2026

थाना जुलाना पुलिस की बङी कार्यवाही ।* *लाखों रुपये जेवरात चोरी के मामले में चोरी के सामान सहित आरोपी गिरफ्तार ।*

थाना जुलाना पुलिस कि बङी कार्यवाही ।* 

*लाखों रुपये जेवरात चोरी के मामले में चोरी के सामान सहित आरोपी गिरफ्तार ।* 
जींद : पुलिस अधीक्षक जींद श्री कुलदीप सिंह भा.पु.से. के कुशल दिशा-निर्देशन में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलांए जा रहे विशेष तहत  थाना जुलाना पुलिस ने चोरी के मामले  में एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कि है । 
पकङे गए आरोपी कि पहचान मोहित वासी सिरसाखेङी  के रुप में हुई है । 
प्रेस वार्ता के दौरान उप पुलिस अधीक्षक जींद श्री संदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना जुलाना में शिकायत कर्ता सुनील वासी नंदगढ़ ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार सहित बाहार गए हुए थे जब वे वापिस आए तो घर का  ताला टूटा हुआ मिला जब उन्होने  के अंदर जाकर देखा तो अज्ञात व्यक्ति  द्वारा घर में रखे कीमती सामान (मोबाइल फोन, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चैन, एक जोड़ी चांदी की पाजेब)  को चोरी कर लिया गया । जिसकी शिकायत के आधार पर थाना जुलाना में मुकदमा नंबर 364 दिनांक 29.12.2025 धारा 305/331(3) बीएनएस के तहत7 मामला दर्ज करके आगामी जांच एएसआई विनोद द्वारा अमल में लाई गई । तकनीकि जांच के आधार पर दिनांक 06.02.2026 को आरोपी मोहित वासी सिरसाखेङी को नियमानुसार  गिरफ्तार करके चोरी किया गया सभी  सामान (मोबाइल फोन, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चैन, एक जोड़ी चांदी की पाजेब)  नियमानुसार बरामद किये गए तथा आऱोपी को माननीय अदालत में पेश करके  जिला जेल भेज दिया गया है ।  
उप पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस घटना के संबंध में कोई सूचना हो तो तुरंत पुलिस को सुचित करे या डायल-112 पर सूचित करें ।
February 06, 2026

स्वामी सदानंद महाराज, महंत ज्वालमाला डेरा जींद बने भारतीय सन्त समिति के संगठन मंत्री मंत्री

स्वामी सदानंद महाराज, महंत ज्वालमाला डेरा जींद बने भारतीय सन्त समिति के संगठन मंत्री मंत्री
जींद : साधु आश्रम गांव ईगराह जिला जीन्द में अखिल भारतीय सन्त समिति हरियाणा की कार्य कारणी की बैठक संपन्न हुई 
अनेक पदों पर नई नियुक्ति हुई जिसमें स्वामी जितेन्द्रानन्द जी -अवधूत दिप्तानन्द आश्रम गांव खरड अलीपुर जिला हिसार को प्रदेश कोषाध्यक्ष व स्वामी सदानंद जी महाराज ज्वालमाला डेरा जींद को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई 
मुख्य रूप से उपस्थित पदाधिकारी
1 दंडी स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती जी 
  राष्ट्रीय महासचिव 

2 स्वामी देवेंद्रानन्द गिरि जी 
  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष 

3 स्वामी ब्रह्मस्वरूप जी 
   प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा 

4 संजय ब्रह्मचारी जी 
  कार्यक्रम अध्यक्ष हरियाणा 

5 स्वामी राजेंद्र दास 
  प्रदेश उपाध्यक्ष 

6 स्वामी सुरेशानन्द जी 
  मार्गदर्शन मंडल

7 स्वामी मंगलानन्द जी 
  मार्गदर्शन मंडल 

मंच संचालन प्रदेश महामंत्री स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती व धन्यवाद स्वामी सूर्यानन्द सरस्वती जी ने किया।
विशेष रूप से हरिद्वार में स्वामी अरूण दास जी व महामंडलेश्वर स्वामी अनन्तानन्द जी उपस्थित रहे

Thursday, February 5, 2026

February 05, 2026

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल वार्डरो के लिए खोला घोषणाओं का पिटारा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल वार्डरो के लिए खोला घोषणाओं का पिटारा

मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं : अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि में हेड वार्डर के पद पर मिलेगी पदोन्नति,

सुधारात्मक सेवा पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को एक वर्ष के सेवा-विस्तार का मिलेगा लाभ,

जेल वार्डर व हेड वार्डर को भी पुलिस कांस्टेबल के समान मिलेगा भत्ता,

राशन भत्ते को आगामी वित्त वर्ष से अढ़ाई गुणा बढ़ाकर 1500 रुपये किया,

कन्वेयन्स भत्ता 50 रुपये से  बढ़ाकर 720 रुपये किया,

 वर्दी भत्ते को बढ़ाकर 7500  रुपये किया  
चंडीगढ़-  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल वार्डरो के लिए खुले दिल से घोषणाओं का पिटारा खोला और जेल वार्डर  की पदोन्नति, सेवा विस्तार और भत्तों में विसंगतियों को दूर किया।  मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि में हेड वार्डर के पद पर पदोन्नति मिलेगी, सुधारात्मक सेवा पदक विजेता  वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को एक वर्ष के सेवा-विस्तार का लाभ मिलेगा, जेल वार्डर व हेड वार्डर को भी पुलिस कांस्टेबल के समान भत्ता मिलेगा, राशन भत्ते में भी आगामी वित्त वर्ष से अढ़ाई गुणा की बढ़ोतरी करते हुए 1500 रुपये किया गया, कन्वेयन्स भत्ता को 50 रुपये से  बढ़ाकर 720 रुपये किया गया तथा वर्दी भत्ते को बढ़ाकर 7500 रुपये किया। इन घोषणाओं से जेल विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल और कार्यक्षमता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल में दीक्षांत परेड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि आज करनाल की यह पावन धरती देशसेवा, कर्तव्य निष्ठा और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत दृश्य  की साक्षी बन रही है। यह क्षण उन माता-पिताओं के लिए भी गर्व का है, जिनकी आंखों में आज अपने बच्चों को वर्दी में देखकर संतोष और आत्मविश्वास झलक रहा है। उन्होंने कहा कि इस नव-निर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षुओं की पहली दीक्षांत परेड का हिस्सा बनकर मुझे खुशी का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवसर अनुशासन, सेवा, समर्पण और कर्तव्य बोध की आपकी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसे आप सभी नव-प्रशिक्षित कर्मियों ने कठोर परिश्रम, संयम और आत्मनिष्ठा के साथ पूर्ण किया है। यह दिन आपके जीवन का स्मरणीय अध्याय है, जो आपको व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ समाज और राज्य के प्रति एक महान दायित्व से भी जोड़ता है। इस बैच के सभी 116 सहायक अधीक्षक व वार्डरों को हार्दिक बधाई देता हूं। गर्व की बात है कि इस बैच में एक महिला सहायक अधीक्षक व 8 महिला वार्डर भी शामिल हैं। यह महिलाओं की सहभागिता एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

उन्होंने कहा कि दीक्षांत परेड किसी भी वर्दीधारी सेवा में केवल प्रशिक्षण की समाप्ति का प्रतीक नहीं होती, बल्कि यह उस मानसिक, शारीरिक और नैतिक रूपांतरण की घोषणा होती है, जिसके बाद एक प्रशिक्षु पूर्ण रूप से जिम्मेदार अधिकारी के रूप में समाज की सेवा हेतु तैयार होता है। उन्होंने कहा कि कारागार व्यवस्था किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्तंभ होती है। जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और मानवीय परिवर्तन की प्रयोगशाला होती है। हरियाणा सरकार इस विचारधारा में पूर्ण विश्वास रखती है कि अपराधी को दंड के साथ-साथ सुधार का अवसर देना समाज के दीर्घकालिक हित में है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार जेल सुधारों, बंदी कल्याण और आधुनिक कारागार प्रबंधन को निरंतर सशक्त बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि जेल वार्डर को जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल द्वारा आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, मानवाधिकारों, मनोवैज्ञानिक समझ, कानून की बारीकियों, शारीरिक दक्षता और नैतिक मूल्यों से सुसज्जित किया गया है। यह प्रशिक्षण आपको केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, विवेकशील और उत्तरदायी अधिकारी बनने की दिशा में अग्रसर करता है। वर्दी आपके अधिकार का नहीं, बल्कि आपकी जिम्मेदारी का प्रतीक है। आज के समय में कारागार कर्मियों की भूमिका पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। बदलते सामाजिक परिवेश, तकनीकी विकास और अपराध के नए स्वरूपों के बीच आपको न केवल सजग रहना है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को भी बनाए रखना है। जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखते हुए बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार, उनके पुनर्वास और समाज में पुन: सम्मानजनक जीवन की दिशा में मार्गदर्शन देना आपका प्रमुख दायित्व है।

उन्होंने कहा कि आपकी इसी भूमिका को देखते हुए सरकार ने इस जेल में ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना की है। मुझे 21 मई, 2025 का वह दिन याद आ रहा है, जब इस अकादमी का उद्घाटन मेरे द्वारा किया गया था। इसमें जेल के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। सरकार ने जेल विभाग में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, डिजिटलाइजेशन, ई-जेल प्रणाली, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमारा उद्देश्य है कि कारागार व्यवस्था केवल सुरक्षित ही नहीं, बल्कि सुधारोन्मुख, पारदर्शी और मानवीय बने। इस लक्ष्य की प्राप्ति में आप सभी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश की जेलों में बंदियों के प्रवेश से लेकर रिहाई तक तथा उनके रहन-सहन, खान पान, उनकी मुलाकातें. चिकित्सा सुविधाएं, कोर्ट-पेशी व केंटीन व्यवस्था पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत हैं। बंदियों को शिक्षा प्रदान करने हेतु जेलों में स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज चलाये जा रहे हैं। यही नहीं, हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि कैदी जेल से बाहर आने पर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सके और समाज की मुख्यधारा में जुड़ सके। इसी दिशा में, पांच जेलों में आई.टी.आई. के डिप्लोमा कोर्स व पॉलिटेक्निक कोर्सों की शुरुआत की गई है। ये कौशल प्राप्त करने वाले कैदियों को सजा की अवधि समाप्त होने पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से रोजगार देने के लिए निगम से एम.ओ.यू. भी किया गया है। कैदियों के रोजगार के लिए सरकार ने प्रदेश की 8 जेलों में पेट्रोल पंप खोले हैं। इसके अलावा अगले महीने तक चार और जेलों में पेट्रोल पंप खोले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय जेल अंबाला, केंद्रीय जेल 1 हिसार तथा जिला जेल, फरीदाबाद, पानीपत, गुरुग्राम, करनाल, झज्जर, रोहतक, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में जेल रेडियो स्टेशन चलाए जा रहे हैं। राज्य की जेलों में 335 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इनके द्वारा बंदियों की विभिन्न माननीय न्यायालयों में ऑनलाइन पेशी करवाई जाती है। सभी जेलों में लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं, जहां पर अच्छी एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध हैं। कठोर एवं गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों के लिए रोहतक में एक अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था एवं तकनीकों से युक्त उच्च सुरक्षा जेल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

मुख्यमंत्री ने अपील की कि आप अपने कार्यकाल में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और कर्तव्य  को सर्वोपरि रखें। किसी भी परिस्थिति में प्रलोभन, दबाव या भय के आगे न झुकें। कानून का पालन करते हुए संवेदनशीलता और करुणा को अपने व्यवहार का आधार बनाएं। आपकी एक सकारात्मक पहल किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है। यह भी आवश्यक है कि आप निरंतर सीखते रहें। प्रशिक्षण कभी समाप्त नहीं होता। अनुभव, अध्ययन और आत्ममंथन से आप स्वयं को और अधिक सक्षम बना सकते हैं। तकनीक का उपयोग, नियमों की जानकारी और मानवीय मूल्यों की समझ आपको एक उत्कृष्ट कारागार अधिकारी बनाएगी। सरकार आपकी क्षमता संवर्धन के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि इस अवसर पर जेल प्रशिक्षण अकादमी के प्रधानाचार्य, प्रशिक्षकों और समस्त स्टाफ को बधाई दी। जिन्होंने सीमित समय में आपको उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्रदान किया। उनकी मेहनत आज आपकी परेड, अनुशासन और आत्मविश्वास में स्पष्ट दिखाई देती है। यह अकादमी हरियाणा की कारागार व्यवस्था की रीढ़ है और इसके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आप जहां भी तैनात हों, अपने कार्य से विभाग, राज्य और राष्ट्र का नाम रोशन करें। अपने परिवारजनों के विश्वास पर खरे उतरे और समाज में न्याय, सुरक्षा और मानवता की स्थापना में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह आपके जीवन की नई शुरुआत है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, साहस और संवेदनशीलता के साथ करेंगे तथा हरियाणा को एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और मानवीय राज्य बनाने में अपना अमूल्य योगदान देंगे।

इस अवसर पर हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविन्द कुमार शर्मा ने दीक्षांत परेड समारोह में बोलते हुए प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दी और मुख्यमंत्री का स्वागत एवं आभार जताया। उन्होंने कहा कि कारागार विभाग के पास मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आशीर्वाद से धन की कोई कमी नही है। जेलों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। जेल केवल दंड देने का स्थान नही बल्कि वे सुधार, पुनर्वास और पुन निर्माण का अहम केंद्र है। एक जेल अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका केवल प्रहरी की नहीं, बल्कि मार्गदर्शन, अनुशासक और कभी-कभी एक शिक्षक की भी होती है। हम एक ऐसे युग में कार्य कर रहे हैं जहां अपराध के स्वरूप बदल रहे हैं, सामाजिक चुनौतियां जटिल होती जा रही हैं और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।ऐसे में जेल प्रशासन की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। हमें सख्ती और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। कानून का पालन करते हुए भी मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना ही एक उत्कृष्ट जेल अधिकारी की पहचान है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि जब कोई बंदी जेल से बाहर  निकले, तो वह एक बेहतर नागरिक बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़े।

 विभाग के महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि आज का यह ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर हरियाणा कारागार विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दानवीर कर्ण की भूमि करनाल में नव-निर्मित जेल अकादमी से प्रशिक्षुओं की पहली दीक्षांत परेड न केवल एक प्रशिक्षण सत्र की पूर्णता है बल्कि यह विभाग के आधुनिकीकरण एवं व्यावसायिक दक्षता की दिशा में एक अहम कदम हैं। हरियाणा सरकार द्वारा कारागार प्रणाली को आधुनिक व सुधारात्मक बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे है।  उन्होंने आश्वासन दिया कि हरियाणा की जेल सुधार की दृष्टि से देश में बेस्ट रहेगी। उन्होंने कहा कि जेलों से किसी अपराधिक गतिविधियों का संचालन न हो, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मोबाईल फोन के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 6 जेलों में 10 वी-कवच सिस्टम स्थापित किए जा रहे है तथा सेंट्रल जेल अंबाला में टी-एचसीबीएस सिस्टम कार्यशील है। जेलों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु एनएयजेडी, डीएसएमडी, एचएचएमडी, डीएमएमडी, बैगेज स्कैनर जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। सभी जेलों में लगभग 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। जिनके माध्यम से जेलों की 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। विभाग में नवीन न्यायिक संहिता के कारागार संबंधी प्रावधानों को पूर्णत: लागू किया जा रहा है। जेलों में 453 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम कार्यशील है। वर्तमान में 82 प्रतिशत बंदियों की पेशी वीसी के माध्यम से करवाई जा रही है। जिसे अगले दो माह में 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। जेलों में मेडिकल जांच की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।

इस अवसर पर जेल प्रशिक्षण अकादमी के प्रधानाचार्य नरेश गोयल  ने दीक्षांत परेड समारोह में प्रशिक्षुओं को शपथ दिलाई।

इस अवसर पर विधायक जगमोहन आनंद, मेयर रेनू बाला गुप्ता सहित अन्य गणमान्य  मौजूद रहे।