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Thursday, July 9, 2026

July 09, 2026

जींद में अमेरिकी डॉलर वाला दूल्हा बना चर्चा का विषय, सालियों ने मजाक में मांगा था विदेशी शगुन, जीजा ने अमेरिकी करेंसी से निभाई जूता चुराई की रस्म

जींद में अमेरिकी डॉलर वाला दूल्हा बना चर्चा का विषय, सालियों ने मजाक में मांगा था विदेशी शगुन, जीजा ने अमेरिकी करेंसी से निभाई जूता चुराई की रस्म
जींद : जींद में अमेरिकी डॉलर वाला दूल्हा चर्चा का विषय बना हुआ। सालियों ने मजाक मजाक में दुल्हे से विदेशी शगुन मांगा था। दूल्हे साहब ने इस मजाक को सच में बदलते हुए न केवल सालियों को डॉलर का शगुन दिया बल्कि खुद भी रथ पर सवार होने से पहले डालर का हार पहना। दूल्हे के साथ जो सरबाला साथ बैठता है उसे भी डालर की माला पहनाई गई।
प्रमुख समाजसेवी राजकुमार गोयल के भांजे व गांधी नगर निवासी लोकेश गर्ग की शादी हिसार निवासी ईशा जैन के साथ संपन्न हुई। शादी में दूल्हे का अनोखा अंदाज हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचता नजर आया। बारात रवाना होने से पहले सेहराबंदी की रस्म के दौरान लोकेश गर्ग ने अमेरिकी डॉलर का हार पहना। इसके बाद दूल्हा डॉलर के हार के साथ रथ पर सवार होकर विवाह स्थल के लिए रवाना हुआ। दूल्हे के साथ जो सरबाला साथ बैठता है उसे भी डालर की माला पहनाई गई।
शादी समारोह के दौरान भी हर रस्म में डॉलर की चर्चा रही। रिबन कटाई की रस्म में दूल्हे ने भारतीय रुपये की बजाय अमेरिकी डॉलर शगुन के रूप में दिए। इसके बाद जूता-छुपाई की रस्म में भी सालियों को शगुन डॉलर में ही दिया गया। शादी में मौजूद लोग दूल्हे के इस अनोखे अंदाज को देखते रह गए। दूल्हे लोकेश गर्ग ने बताया कि शादी से पहले उनकी सालियों ने मजाक-मजाक में पूछा था जीजा क्या आप जूता छुपाई में डॉलर दोगे, बस यही बात उनके दिल को छू गई। उन्होंने तय कर लिया कि जूता-छुपाई ही नहीं बल्कि रिबन कटाई और अन्य शगुन की रस्मों में भी डॉलर ही दिए जाएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने भारतीय नोटों की बजाय अमेरिकी डॉलर का हार पहनने का फैसला किया जिससे शादी और भी यादगार बन गई। लोकेश माता सुनीता, पिता संजय गर्ग व बहन सानिया का कहना है कि लोकेश ने यह सब किया तो सालियों के मजाक में था लेकिन यह मजाक अब हमेशा के लिए यादगार बन गया है।
शादी का यह अनोखा अंदाज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं और डॉलर वाले दूल्हे की चर्चा हर तरफ हो रही है।

Wednesday, July 8, 2026

July 08, 2026

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ हाथापाई, गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप, मामला दर्ज

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ हाथापाई
गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप, मामला दर्ज
जींद : जुलाना कस्बे की अग्रसेन धर्मशाला में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के साथ हुए विवाद, मारपीट के मामले में जुलाना थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
गांव ब्राह्मणवास निवासी विकास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 जुलाई 2026 की रात अग्रसेन धर्मशाला में उनके चाचा की बेटी का विवाह समारोह चल रहा था। परिवार के सभी सदस्य समारोह में मौजूद थे। इसी दौरान उनका छोटा भाई मासूम शर्मा जोकि एक गायक है अपनी बहन प्रिया से मिलने कमरे में गया। पास के कमरे में कुछ लोग शराब पी रहे थे और उनके पास हथियार भी थे। उन लोगों ने मासूम शर्मा के साथ गाली गलौज की। उसके साथ मौजूद हरियाणा पुलिस के एक जवान ने बीच बचाव करने का प्रयास किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद हथियार निकाल कर हाथापाई शुरू कर दी गई। आरोपितों ने विकास के बेटे लक्ष्य शर्मा को पकड़ कर उसके साथ मारपीट की गई तथा बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्तिक नामक युवक ने मासूम शर्मा को बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी और किसी बड़े गैंग से संबंध होने की बात कही। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ  मामला दर्ज कर लिया है।

Tuesday, July 7, 2026

July 07, 2026

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का जींद में दूसरी बार दौरा

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का जींद में दूसरी बार दौरा
पहले आए थे वोट मांगने, अब आ रहे देश के पहले हाइड्रोजन प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाने

अब तक केवल जवाहर लाल नेहरू और राजीव गांधी आए थे अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में जिला में 
जींद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार जींद आ रहे हैं। हालांकि अभी तक 17 जुलाई को उनके जींद आने को लेकर कोई अधिकारिक पुष्टि नही है। बावजूद उसके उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
पहली बार प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर 2014 को विधानसभा चुनाव से पहले आए थे। उस समय नरेंद्र मोदी वोट मांगने आए थे। अब वह 17 जुलाई को दूसरी बार जींद आ रहे हैं। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को वह हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अब तक जितने भी प्रधानमंत्री बने हैं, उनमें से केवल पंडित जवाहर लाल नेहरू और स्वर्गीय राजीव गांधी जींद जिला में आए थे। इसके अलावा आजतक कोई प्रधानमंत्री जींद नहीं आया है।
गौरतलब है कि 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। अक्टूबर में हरियाणा विधानसभा चुनाव हुए थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर 2014 को जींद में चुनावी रैली को संबोधित करने आए थे। इस रैली के बाद हुए विधानसभा चुनाव में केवल उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर प्रेमलता विधायक बनी थी। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भाजपा में शामिल हो गए थे। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बगल में चौधरी बीरेंद्र सिंह ही बैठे थे। प्रधानमंत्री ने पिंडारा गांव की खाली पड़ी जमीन में रैली को संबोधित किया था। अब प्रधानमंत्री 17 जुलाई को जींद आ रहे हैं। इस दिन प्रधानमंत्री देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा जींद व नरवाना जंक्शन के अलावा हैबतपुर गांव में बने संत शिरोमणि राजकीय मेडिकल कालेज का भी उद्घाटन करेंगे।
1952 में जींद आए थे जवाहर लाल नेहरू
1952 में जब देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे, उस समय वह जींद आए थे। जवाहर लाल नेहरू दिल्ली से ट्रेन द्वारा जींद जंक्शन पर उतरे थे। उनका कार्यक्रम नरवाना का था लेकिन जींद में काफी किसान उनसे मिलना चाहते थे। इसलिए वह कुछ समय के लिए जींद जंक्शन पर भी रुके थे। इसके बाद वह नरवाना पहुंचे और यहां पर एक कार्यक्रम में धनौरी गांव निवासी कवि हरिकेश पटवारी को सम्मानित किया था। इसमें जवाहर लाल नेहरू ने कवि को पांच हजार रुपये नकद व एक पिस्तौल भेंट की थी। कवि हरिकेश ने पांच हजार रुपये वापस जवाहरलाल नेहरू को देते हुए देश के कोष में जमा करने को कहा था।

Saturday, July 4, 2026

July 04, 2026

देश की शिक्षा व्यवस्था, आईसीयू में पहुंची : ऋषिपाल हैबतपुर

देश की शिक्षा व्यवस्था, आईसीयू में पहुंची : ऋषिपाल हैबतपुर  
जींद : नीट सहित अन्य शैक्षणिक व प्रतियोगी परीक्षाओं के लीक मामले में देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतिभाशाली युवाओं के हित में अलख जगाते हुए भाजपा सरकार की जो घेराबंदी कर रहे है उस मुहिम को शनिवार को सैकड़ो कांग्रेसी और छात्र सींचते हुए नजर आये। छात्रों के हित में जिला कांग्रेस कार्यालय में छात्रों की गूंज कार्यक्रम रखा गया, जिसमें राहुल गांधी के उस वक्तव्य को सुना गया जिसमें वे कोटा के अंदर छात्रों का दर्द सुनने के साथ सरकार के नकारा तंत्र को घेर रहे है। कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर की अध्यक्षता में आयोजित छात्रों की गूंज के इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बिरेंद्र सिंह, हरियाणा युथ कांग्रेस प्रभारी मिमांशा आर्य, पूर्व विधायक सुभाष गांगोली, जिला उप प्रधान राजु लखीना, वजीर गांगोली, जिला उपाध्यक्ष राममेहर निढ़ाना, जिला उपाध्यक्ष राजा कंडेला,पूर्व जिला प्रधान बलराम कटवाल, संगठन महासचिव पवन दुहन, सुरेंद्र नैन प्रधान,जिला वेदपाल कंडेला, ऋषिराज, मंजीत सैनी जिला उपाध्यक्ष,महासचिव नवीन सांगवान, एनएसयूआई जिला प्रधान मोहित लाठर, जयभगवान गोयल, विजय मोर,महिपाल कौशिक,ईशाक भट्टी मंजीत दहिया,जगदीश बीबीपुर,सत्तू संगतपुरा,विजय मोर, किसान नेता महेंद्र जुलानी, राजकुमारी,राजपाल लाठर, अशोक मलिक,डॉ सुरेश देव कौशिक,शुभम दलाल, नरेंद्र गॉच्छी,सोहन शर्मा, सुमन लता, संजय जगलान, मदन धनवाल, संदीप ग्रोवर,राजबीर संधू,रणबीर भूषलाना, जीतेन्द्र लाठर,ओम एडवोकेट,सुनील भट्टी,राजकुमारी, बाला शर्मा,अनीश संधू,भूप चहल राजेश बरसोला सुभाष बाल्मीकि झांज,राहुल खोखरी सहित अनेको कांग्रेस नेता मौजूद थे। छात्रो की गूंंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार देश को 2 हजार वर्ष पूर्व के अतीत में धकेलने की कोशिश कर रही है। इस सरकार में छात्रों के हित सुरक्षित नहीं है। यही कारण है कि जब नीट जैसी अनेको परीक्षाए लीक होती है और रोष में छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते है तो उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। भाजपा सरकार लोकतंत्र और संविधान को चोट पहुंचा रही है। इसके लिए हम सब को खासकर छात्र और युवा वर्ग को एकजुट होकर आगे आना होगा। कांग्रेस युथ प्रभारी मिमांशा आर्य ने कहा कि छात्रों के हित में राहुल गांधी ने बड़ी अलख जगाने का काम किया है। देश के हर प्रदेश में छात्रों की गूंज कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। भाजपा सरकार की शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी नकारा नीतियों के कारण देश के छात्र वर्ग में बड़ा रोष बना हुआ है। 2029 में यह रोष बड़ी तस्वीर तय करने का काम करेगा। कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि भाजपा सरकार को युवाओं और छात्रों के हितो से कोई सरोकार नहीं है। सरकार के संरक्षण में ही पेपर लीक की घटनाए घट रही है। शिक्षा व्यवस्था, आईसीयू में पहुंच चुकी है। देश भर के छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग कर रहे है, किंतु अहंकार में डूबी तानाशाही प्रवृत्ति की भाजपा सरकार युवाओं के दर्द की अनदेखी कर रही है। नीट पेपर लीक से हताश जिन छात्रों ने आत्महत्या का रास्ता चुना उसके लिए सरकार का नकारा सिस्टम जिम्मेदार है। मगर भाजपाई इतने निर्लज हो चुके है कि उनको किसी का दर्द नजर नहीं आ रहा। सरकार की तानाशाही का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए लोगों में बड़ा गुस्सा पनपने लगा है। अयोधा के राम मंदिर में चोरी नहीं डाका डाला गया है। सरकार इस मामले में असली जिम्मेदारों को बचाने में जुटी हुई है। देश के प्रधानमंत्री से लेकर उनके मंत्रियों की जुबान को लकवा मार गया है। भगवान राम के नाम की आड़ जो पाप किया गया है वह भाजपा को बुरी तरह से ले डूबेगा। 2029 में भाजपा अपने सांसद और विधायक बनाना तो दूर की बात वार्डों में पार्षद भी नहीं बना पायेगी। क्योंकि मौजूदा दौर में जिस तरह से लोकतंत्र को कुचला जा रहा है उसे हर कोई देख रहा है। समय आने पर भाजपाईयों का जनता-जनार्दन हिसाब चुकता कर देगी। इस मौके पर एनएसयूआई जिला प्रधान मोहित लाठर ने कहा कि भाजपा सरकार जिस तरह से योग्यता को रौंद रही है उसके नतीजन छात्रों में रोष का लावा पनप रहा है। जिस दिन यह लावा बाहर निकलेगा उस दिन भाजपा सरकार ढूंढने से भी नहीं मिलेगी। सरकार जिस तरीके से लोकतंत्र को कुचल रही है उसके विरोध में छात्र वर्ग मैदान में खड़ा हो चला है।

July 04, 2026

इनर व्हील जींद यूनाइटेड ने मनाया स्थापना समारोह

इनर व्हील जींद यूनाइटेड ने मनाया स्थापना समारोह 
जींद : पूर्व अध्यक्ष कविता आहूजा ने नवनिर्वाचित अध्यक्षा मंजु मानव को कॉलर पहनाकर चार्टर भेंट किया। मंजु मानव की अध्यक्षता में नई टीम का गठन किया गया। जिसमें सचिव नैंसी बत्रा, उपाध्यक्ष रेणु जैन,कोषाध्यक्ष नीना गेरा और एडिटर अंजना रेढू बने। 
मंच संचालन नैंसी बत्रा द्वारा किया गया। पूर्व अध्यक्ष कविता ने सभी सदस्यों का पूरे कार्यकाल में सहयोग के लिए आभार प्रकट किया और मंजु मानव को नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।
पूरी कार्यकारिणी को लिखित पट्टिका पहनाकर सम्मानित किया गया। अध्यक्ष मंजु मानव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभायेगी। टीम के सहयोग से अपेक्षित कार्यक्रमों को संपन्न करेंगी।

Friday, July 3, 2026

July 03, 2026

राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा : मुख्यमंत्री

राखीगढ़ी विश्व मानचित्र पर भारत की प्राचीन सभ्यता का सबसे सशक्त प्रतीक बनेगा : मुख्यमंत्री

8 हजार वर्ष पुरानी सरस्वती-सिंधु सभ्यता को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत रूप में देख सकेंगे देश-विदेश के पर्यटक

विश्वस्तरीय इंटरप्रिटेशन सेंटर और म्यूजियम में इतिहास, संस्कृति, विज्ञान और तकनीक का होगा अद्भुत संगम
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राखीगढ़ी में विकसित किए जा रहे विश्वस्तरीय साइट म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर की प्रगति तथा डिजाइन को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक गुरुवार को देर सायं आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के प्रत्येक पहलू की विस्तार से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए, ताकि राखीगढ़ी केवल एक पुरातात्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा का वैश्विक केंद्र बनकर उभरे।

बैठक के दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल, हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के उप निदेशक डॉ. नरेंद्र परमार भी मौजूद थे।

राखीगढ़ी को लेकर आगामी योजानाओं के बारे में विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि विकसित किए जा रहे इंटरप्रिटेशन सेंटर और साइट म्यूजियम में पारंपरिक संग्रहालय की अवधारणा से आगे बढ़ते हुए अत्याधुनिक डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, ऑडियो-विजुअल का उपयोग किया जाएगा। पर्यटक केवल पुराने अवशेषों को देखेंगे ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उस काल की जीवनशैली, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था का अनुभव भी कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि लगभग 1 लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में यह विकसित किया जा रहा है। इसके ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर पांच-पांच विषय आधारित गैलरियां बनाई जाएंगी, जिनमें सरस्वती-सिंधु सभ्यता के विभिन्न आयामों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इन गैलरियों में राखीगढ़ी के सातों टीलों का विस्तृत परिचय, विभिन्न चरणों में हुए पुरातात्विक उत्खनन, प्राप्त महत्वपूर्ण अवशेष, नगर नियोजन, आवास व्यवस्था, गलियां, जल निकासी प्रणाली, जल प्रबंधन, अन्न भंडारण, व्यापारिक गतिविधियां, आजीविका, सामाजिक जीवन तथा उस समय की तकनीकी और सांस्कृतिक उपलब्धियों को आकर्षक एवं वैज्ञानिक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।

ओरिएंटेशन गैलरी में सप्त नदियों की सभ्यता तथा सरस्वती-सिंधु सभ्यता के विकास की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा लघु फिल्मों, डिजिटल प्रोजेक्शन, 3-डी प्रस्तुतीकरण और अन्य आधुनिक माध्यमों के जरिए पर्यटकों को पूरी सभ्यता की कहानी सहज और रोचक ढंग से समझाई जाएगी।

इंटरप्रिटेशन सेंटर में बच्चों और युवाओं के लिए विशेष रूप से अनुभवात्मक गतिविधियों की भी व्यवस्था की जाएगी। यहां घूमने आने वाले बच्चों और अन्य पर्यटकों के लिए प्राचीन काल की सील बनाने की प्रक्रिया, उस समय उपयोग की जाने वाली ईंटों, पुरावशेषों की प्रतिकृतियों तथा अन्य ऐतिहासिक सामग्रियों को नजदीक से देख और समझ सकेंगे। बच्चों के लिए उस दौर के पारंपरिक खेलों एवं अन्य सहभागितापूर्ण गतिविधियों की भी व्यवस्था होगी, जिससे इतिहास को सीखना उनके लिए रोचक अनुभव बने।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राखीगढ़ी के तीन टीलों पर पुरातात्विक उत्खनन कार्य जारी है। संग्रहालय में यह भी दर्शाया जाएगा कि विभिन्न चरणों में कब-कब उत्खनन हुआ, कौन-कौन से महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए तथा इन खोजों ने विश्व इतिहास और भारतीय सभ्यता की समझ को किस प्रकार नई दिशा प्रदान की। राष्ट्रीय राजमार्ग-152 के निकट स्थित होने के कारण राखीगढ़ी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के प्रमुख पर्यटन, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक केंद्रों में शामिल होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 90 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा आगंतुकों की सुविधा के लिए शेड तथा अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित करने की योजना है, ताकि पर्यटकों को पुरातात्विक स्थल का सुरक्षित, सुविधाजनक एवं वास्तविक अनुभव प्राप्त हो सके।

 अखंड भारत का प्रतिरूप भी आएगा नजर:

 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य राखीगढ़ी को ऐसा वैश्विक विरासत केंद्र बनाना है, जहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक भारत की प्राचीन सभ्यता की वैज्ञानिक सोच, सांस्कृतिक समृद्धि और मानवीय विकास यात्रा को गर्व के साथ अनुभव कर सके। उन्होंने कहा कि राखी गढ़ी में प्राचीन काल के अखंड भारत के अवलोकन को भी दिखाया जाए और राखी गढ़ी की विरासत कहां तक फैली थी उसको प्रदर्शित भी किया जाए। ताकि पर्यटकों को उस प्राचीन अखंड भारत के बारे में भी पता चल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय का उद्देश्य केवल इतिहास को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि उसे जीवंत बनाकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यहां आने वाले परिवारों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और देश-विदेश के पर्यटकों को एक ऐसा अनुभव मिले, जिससे वे हजारों वर्ष पुरानी भारतीय सभ्यता को आधुनिक दृष्टिकोण से समझ सकें।
July 03, 2026

सही जानकारी और जागरूकता से ही वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव संभव : राजकुमार भोला

सेबी के सहयोग से महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन में वित्तीय जागरूकता सेमिनार आयोजित

सही जानकारी और जागरूकता से ही वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव संभव : राजकुमार भोला
जींद : महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के सहयोग से वित्तीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को सुरक्षित निवेश, वित्तीय प्रबंधन, साइबर सुरक्षा तथा बढ़ते वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में सेबी के मुख्य प्रशिक्षक आलोक ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजकुमार भोला ने की। सेमिनार में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वित्तीय साक्षरता एवं सुरक्षित निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
मुख्य वक्ता आलोक ने कहा कि आज के डिजिटल युग में वित्तीय साक्षरता प्रत्येक नागरिक के लिए अनिवार्य है। निवेश से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करना, केवल अधिकृत संस्थानों एवं पंजीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही निवेश करना तथा किसी भी प्रकार के लालच, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और अनधिकृत निवेश योजनाओं से बचना आवश्यक है। जागरूक निवेशक ही सुरक्षित निवेशक बन सकता है।उन्होंने विद्यार्थियों को वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन फ्रॉड, सुरक्षित निवेश, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार की मूलभूत जानकारी, डिजिटल भुगतान की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी और विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल एवं व्यावहारिक उत्तर भी दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि वित्तीय जागरूकता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन निवेश के बढ़ते दौर में प्रत्येक युवा को वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षित निवेश और साइबर सुरक्षा की जानकारी होना आवश्यक है। सही जानकारी ही आर्थिक सुरक्षा का आधार है। महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवनोपयोगी, रोजगारोन्मुखी एवं व्यवहारिक ज्ञान से भी सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बन सकें।
इस अवसर पर संस्था की आईटी हेड अंकिता खटकड़, अजय वर्मा, मीना, सिमरन, अन्नू सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सेबी एवं महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवा वित्तीय रूप से जागरूक, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बन सकें।

Thursday, July 2, 2026

July 02, 2026

"हिसार में एयरपोर्ट, लेकिन जींद में पासपोर्ट तक नहीं!" अग्रवाल समाज ने डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को लिखी खुली चिट्ठी, जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की उठाई मांग

"हिसार में एयरपोर्ट, लेकिन जींद में पासपोर्ट तक नहीं!" अग्रवाल समाज ने डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को लिखी खुली चिट्ठी, जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की उठाई मांग
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के नाम एक खुली चिट्ठी जारी कर जींद जिले में जल्द से जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र (Passport Seva Kendra) स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्षों से जींद के लाखों नागरिक इस मूलभूत सुविधा से वंचित हैं, जबकि हरियाणा के अधिकांश जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हैं।
अग्रवाल समाज की बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. गोयल ने कहा कि "हिसार जैसे जिलों में एयरपोर्ट तक बन गए, लेकिन जींद में आज तक पासपोर्ट बनाने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो सकी।" उन्होंने कहा कि यह स्थिति जिले के लोगों के साथ अन्याय है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।
बैठक का मुख्य विषय जींद में शीघ्र पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू करवाने को लेकर रणनीति बनाना था। इस दौरान सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन, मनीष गर्ग, गोपाल जिंदल, रजत सिंगला, राजेश गोयल, सुशील सिंगला, बजरंग लाल सिंगला, जय भगवान सिंगला, सुनील गोयल, सतीश गोयल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस जनहित के मुद्दे को प्रशासन और सरकार के समक्ष लगातार उठाया जाएगा तथा डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा से भी व्यक्तिगत रूप से मिलकर मांग रखी जाएगी।
डॉ. राजकुमार गोयल ने कहा कि वर्तमान में जींद जिले के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत सहित अन्य जिलों में जाना पड़ता है। इससे आम नागरिकों का समय और धन दोनों व्यर्थ होता है। सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, विदेश में पढ़ाई या नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों तथा विदेश यात्रा करने वाले लोगों को उठानी पड़ती है।
उन्होंने अपनी खुली चिट्ठी में डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा से आग्रह किया कि वे इस जनहित के मुद्दे को मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर जींद में जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करवाने की पहल करें।
डॉ. गोयल ने सुझाव दिया कि यदि सरकार इच्छाशक्ति दिखाए तो जींद के मुख्य डाकघर (हेड पोस्ट ऑफिस) में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र आसानी से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जींद हरियाणा का एक महत्वपूर्ण जिला है, लेकिन आज भी कई आवश्यक सरकारी सुविधाओं के लिए यहां के लोगों को दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्हें विश्वास है कि डिप्टी स्पीकर जनता की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक कदम उठाएंगे।
जब तक स्थायी केंद्र नहीं, तब तक लगें पासपोर्ट मेले
बैठक में सावर गर्ग और रामधन जैन ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि पूरे जींद जिले के लाखों नागरिकों की मांग है। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक स्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित नहीं होता, तब तक जिले में नियमित रूप से पासपोर्ट मेलों का आयोजन कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और उन्हें दूसरे जिलों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकांश जिलों में सुविधा, फिर जींद क्यों वंचित?
पवन बंसल और सोनू जैन ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, भिवानी, कैथल, सिरसा, रेवाड़ी, नारनौल, पलवल, यमुनानगर और नूंह सहित अधिकांश जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में जींद को अब तक इस सुविधा से वंचित रखना समझ से परे है।
1966 में जिला बना, लेकिन 60 साल बाद भी नहीं मिली सुविधा

मनीष गर्ग और सुशील सिंगला ने कहा कि 1 नवंबर 1966 को हरियाणा के गठन के साथ ही जींद जिला अस्तित्व में आया था। इसके बावजूद करीब छह दशक बीत जाने के बाद भी यहां स्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बाद में बने कैथल जैसे जिलों में भी यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि जींद आज भी इंतजार कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जींद के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने सरकार से मांग की कि जींद जिले के लाखों नागरिकों की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए जल्द से जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधा के लिए दूसरे जिलों में भटकना न पड़े।
July 02, 2026

SIR-2026 के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने संबंधी अफवाहों पर न दें ध्यान : श्री ए. श्रीनिवास- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

SIR-2026 के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने संबंधी अफवाहों पर न दें ध्यान : श्री ए. श्रीनिवास

- मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास की प्रदेश के नागरिकों से अपील
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने सोशल मीडिया पर "बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने" संबंधी खबर को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।

उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना व किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चल रहे गणना चरण के दौरान प्रत्येक वर्तमान मतदाता को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग किए प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होगा, उनका नाम केवल निर्धारित परिस्थितियों में ही जैसे डुप्लीकेट अथवा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण, मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, अनुपस्थित अथवा पता न चलने वाले मतदाता तथा गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में BLO स्थानीय जांच व निर्धारित प्रक्रिया और रिकॉर्ड के आधार पर ही कार्रवाई करेगा।

उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उनके संबंध में BLO स्थानीय जांच के आधार पर संभावित कारण जैसे अनुपस्थिति, स्थानांनतरण, मृत, डुप्लीकेट सूची तैयार करेगा। इस सूची पर बूथ लेवल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट की बैठक आयोजित की जाएगी तथा सूची को संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड एवं विभागीय वेबसाइट पर भी जारी किया जाएगा।

 सभी पात्र मतदाताओं को मिलेगा अवसर

14 जुलाई तक वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची 2026 में शामिल किया जाएगा। गणना चरण के दौरान किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा नहीं कराया जाएगा। मतदाता स्वयं, परिवार का कोई वयस्क सदस्य व ऑनलाइन माध्यम से भी गणना प्रपत्र भर सकता है।

दावा व आपत्ति का अवसर

श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। कोई भी पात्र नागरिक फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने तथा फॉर्म-8 के माध्यम से आवश्यक संशोधन कराने के लिए आवेदन कर सकता है।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा गलत प्रचार पर विश्वास न करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र अवश्य जमा करें, ताकि उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में सुरक्षित रूप से शामिल किया जा सके। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में 1 जुलाई 2026 को दोपहर 2:00 बजे तक 95.09 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं तथा 32.66 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी पूरा किया जा चुका है। 

उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी जांच एवं सत्यापन के उपरांत ही SIR-2026 की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं।
July 02, 2026

टीबी मुक्त भारत ऐप’ के पंजीकरण में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा हरियाणा

निक्षय मित्र बनकर हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करें : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

 - ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ के पंजीकरण में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा हरियाणा
चंडीगढ़- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य के लोगों से निक्षय मित्र बनकर हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने 'टीबी मुक्त भारत ऐप' का उपयोग भी बड़े पैमाने पर करने की अपील की है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज यहां कहा कि प्रधानमंत्री के 'टीबी मुक्त भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में हरियाणा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिलों में नए लॉन्च किए गए 'टीबी मुक्त भारत ऐप' का उपयोग बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत यह ऐप मरीजों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) और स्वास्थ्य अधिकारियों को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का काम कर रहा है।

आरती सिंह राव ने बताया कि इस ऐप पर अब तक कुल पंजीकरणों की संख्या 32,643 तक पहुंच गई है, जिससे हरियाणा कुल पंजीकरण के मामले में देश भर में दूसरे स्थान पर आ गया है। इस ऐप पर हरियाणा के 22,266 स्वयंसेवकों ने मरीजों को भोजन की टोकरी (पोषण किट) के वितरण और मानसिक-सामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 1,997 नए निक्षय मित्रों ने मरीजों को गोद लेने और उन्हें पोषण संबंधी व नैदानिक सहायता देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने ऐप की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस ऐप में 'खुशी ई-संगिनी' नाम से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट शामिल है, जो 12 भाषाओं में उपलब्ध है। यह चैटबॉट टीबी के लक्षणों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ जीपीएस (GPS) के जरिए उपयोगकर्ताओं को नजदीकी जांच केंद्र ढूंढने में भी मदद करता है। यह ऐप पूरी तरह से मरीज-केंद्रित है, जहां टीबी के मरीज अपनी 'निक्षय आईडी' (Ni-kshay ID) का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं और अपना व्यक्तिगत उपचार चार्ट देख सकते हैं। इसके साथ ही, मरीजों को समय पर दवा लेने के लिए प्रेरित करने के लिए इसमें दैनिक दवा रिमाइंडर (अलार्म) की विशेष सुविधा दी गई है ताकि उनका इलाज बीच में न छूटे।

 

आरती सिंह राव ने इस डिजिटल इकोसिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कॉर्पोरेट घराने, गैर-सरकारी संगठन (NGO) और आम नागरिक भी इस ऐप के माध्यम से आसानी से निक्षय मित्र के रूप में पंजीकरण कर मरीजों को पोषण और नैदानिक सहायता दे सकते हैं। स्वयंसेवक भोजन के पैकेटों के भौतिक वितरण की जिम्मेदारी उठा सकते हैं और पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिलीवरी के समय जियो-टैग्ड (स्थान की जानकारी युक्त) और टाइम-स्टैम्प (समय की जानकारी युक्त) वाली तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा आम जनता भी इस ऐप का उपयोग टीबी के लक्षणों, रोकथाम के तरीकों को जानने और इस बीमारी से जुड़े भ्रमों को दूर करने के लिए कर सकती है।

नेशनल हैल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर एस ढिल्लों ने बताया कि ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों जैसे एसटीएस (STS), एसटीएलएस (STLS), टीबीएचवी (TBHV) और सीएचओ (CHO) को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है ताकि वे मरीजों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाकर उनके दैनिक दवा रिमाइंडर को सेट करने में मदद कर सकें।

डॉ. ढिल्लों ने आम जनता से अपील की है कि वे गूगल प्ले स्टोर से 'टीबी मुक्त भारत ऐप' को जरूर डाउनलोड करें। उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने और निक्षय मित्र बनकर इस सामाजिक कार्य में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया है, ताकि सक्रिय जनभागीदारी के माध्यम से हरियाणा देश का पहला टीबी मुक्त राज्य बनने की राह पर अग्रणी बना रहे।
July 02, 2026

प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त : आरती सिंह राव'आओ मिलकर डेंगू रोकें': स्वास्थ्य मंत्री

प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त : आरती सिंह राव
'आओ मिलकर डेंगू रोकें': स्वास्थ्य मंत्री

-जुलाई को 'डेंगू रोधी महीने' के रूप में मनाने का आह्वान
चंडीगढ़ - हरियाणा में मानसून की दस्तक के साथ ही स्वास्थ्य विभाग डेंगू के खिलाफ पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश की जनता को सचेत रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने "आओ मिलकर डेंगू रोकें" का नारा देते हुए राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे जुलाई महीने को 'डेंगू रोधी महीने' के रूप में मनाएं और अपने आस-पास पानी जमा न होने दें।

उन्होंने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो मुख्य रूप से दिन के समय काटता है और हमेशा रुके हुए साफ पानी में ही पनपता है। स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और "पानी ठहरेगा जहां - मच्छर पनपेगा वहां" की बात को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है।

 आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों को सलाह दी है कि वे प्रत्येक रविवार को अपने घरों में और शुक्रवार को अपने कार्यालयों में 'सुखा दिवस' जरूर मनाएं। इस दिन सभी पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज के पीछे बनी ट्रे, गमले तथा गमलों के नीचे रखी ट्रे को खाली करके कम से कम 24 घंटे तक सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे और लार्वा पूरी तरह नष्ट हो जाएं।

इसके साथ ही उन्होंने छतों पर रखी पानी की टंकियों को हमेशा ढक्कन लगाकर बंद रखने तथा मानसून की बरसात शुरू होने से पहले छत पर पड़े बेकार प्लास्टिक के सामान, पुराने टायर और नारियल के खोल आदि को साफ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घरों के आस-पास के गड्ढों को मिट्टी से भरवा दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छर रोधी क्रीम या कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें।

स्वास्थ्य मंत्री ने हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पतालों में कुल 27 सरकारी डेंगू जांच प्रयोगशालाएं क्रियाशील हैं, जहां डेंगू की जांच पूरी तरह नि:शुल्क की जा रही है। निजी क्षेत्र पर नियंत्रण की बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि सभी प्राइवेट लैब को एलाइजा आधारित एनएस-1 एवं आई.जी.एम. डेंगू टेस्ट अधिकतम 600 रुपये में ही करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए नागरिक अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या जिला मलेरिया अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को डेंगू के लक्षणों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि अकस्मात तेज बुखार होना, अचानक तेज सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना और आंखों के पीछे दर्द होना (जो आंखें घुमाने से बढ़ता है), इसके मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने जनता को सख्त हिदायत दी है कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में जाकर खून की मुफ्त जांच करवाएं। उन्होंने विशेष तौर पर आगाह किया कि मरीज हमेशा चिकित्सक की सलाह से ही दवाई खाएं और भूलकर भी स्वयं कोई दवा न लें। स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में संदेश दिया कि यदि हमें इस बीमारी को अपने राज्य से दूर रखना है, तो हम सबको मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
July 02, 2026

अग्निपथ योजना’ के तहत हरियाणा में होंगी सेना भर्ती रैलियां ,20 जुलाई से चार चरणों में होगी भर्ती

अग्निपथ योजना’ के तहत हरियाणा में होंगी सेना भर्ती रैलियां

20 जुलाई से चार चरणों में होगी भर्ती

अग्निवीरों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करने को बनेगा पोर्टल

सरकारी स्कूलों में ’नो योर आर्म्ड फोर्सेज’ नाम से कॉर्नर स्थापित करने का प्रस्ताव
चंडीगढ़-हरियाणा में ’अग्निपथ योजना’ के तहत भारतीय सेना की भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा। भर्ती रैलियां 20 से 27 जुलाई तक चार चरणों में आयोजित की जाएंगी। राज्य सरकार ने इस व्यापक भर्ती अभियान के सफल संचालन के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को सेना अधिकारियों के साथ तालमेल स्थापित कर भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

राज्य स्तरीय संचालन समिति (स्टेट स्टीयरिंग कमेटी) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने भर्ती कार्यक्रम, जिला-वार तैयारियों तथा विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा का देश की सशस्त्र सेनाओं में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में राज्य प्रशासन की जिम्मेदारी है कि भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले युवाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहयोग मुहैया कराया जाए।
बैठक में अम्बाला स्थित जोनल भर्ती कार्यालय (जेडआरओ) के उप-महानिदेशक ब्रिगेडियर आर.एस. चिब ने बताया कि पहली भर्ती रैली 20 जुलाई से 27 जुलाई तक रोहतक में आयोजित की जाएगी, जिसमें झज्जर, पानीपत, रोहतक और सोनीपत जिलों के अभ्यर्थी भाग लेंगे।

 दूसरी रैली 2 से 18 सितंबर तक भिवानी में आयोजित की जाएगी, जिसमें भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। तीसरी रैली 12 से 25 अक्टूबर तक अंबाला में आयोजित होगी, जिसमें अंबाला, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, यमुनानगर तथा चंडीगढ़ के अभ्यर्थी भाग लेंगे। अंतिम चरण की भर्ती रैली जनवरी से मार्च, 2027 के बीच हिसार में आयोजित की जाएगी, जिसमें हिसार, हांसी, जींद, फतेहाबाद और सिरसा जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को विस्तृत जानकारी के लिए क्षेत्रीय सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
मुख्य सचिव ने भर्ती रैलियों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इनमें भर्ती स्थलों की तैयारी, अभ्यर्थियों एवं सेना के अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, यातायात नियंत्रण, परिवहन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस, अग्नि सुरक्षा तथा अन्य नागरिक सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने संबंधित उपायुक्तों को व्यक्तिगत रूप से तैयारियों की निगरानी करने तथा रैलियों के आरंभ होने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, सेना भर्ती संगठन के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने पर भी बल दिया।

श्री रस्तोगी ने प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए, जो सैन्य अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे तथा भर्ती रैलियों के आयोजन के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराएंगे।
बैठक में अधिक से अधिक युवाओं को सशस्त्र बलों में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने संबंधी पहल पर भी चर्चा की गई। इस दौरान हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ’नो योर आर्म्ड फोर्सेज’ (अपने सशस्त्र बलों को जानें) नामक विशेष कॉर्नर स्थापित करने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग को स्कूलों में उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। जोनल भर्ती कार्यालय सेना में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देने तथा विद्यार्थियों को सैन्य सेवा के लिए प्रेरित करने संबंधी प्रदर्शन सामग्री विकसित करेगा।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि अग्निवीरों का समग्र डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल पर अग्निवीरों की योग्यता, कौशल, प्रशिक्षण तथा अनुभव संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को बेहतर रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।

बैठक में सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री संजय जून तथा सूचना, जन संपर्क, एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Wednesday, July 1, 2026

July 01, 2026

32 साल की सेवा के बाद डा. रमेश पांचाल हुए सेवानिवृत्त

32 साल की सेवा के बाद डा. रमेश पांचाल हुए सेवानिवृत्त

कोराना काल में सबसे पहला सैंपल व सबसे अधिक सैंपल लेने का बनाया रिकार्ड

पांच लाख लोगों की ओपीडी, कोविड काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने किया था सम्मनित
जींद : जींद जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में डिप्टी सिविल सर्जन के रूप में कार्यरत डा. रमेश पांचाल 32 साल की सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। कोरोना काल में जींद में पहला सैंपल डा. रमेश पांचाल ने लिया था। उन्होंने पूरे प्रदेश में पांच लाख ओपीडी करके भी रिकार्ड बनाया है। कोरोना काल में 35 हजार सैंपल का भी उनका रिकार्ड है। प्रदेश के पहले दंतक विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डा. रमेश पांचाल ही बने थे।
गांव घिमाना के रहने वाले डा. रमेश पांचाल का 1968 में जन्म हुआ था। इनके पिताजी एक साधारण से मिस्त्री थे। उन्होंने अपनी मेहनत से डा. रमेश पांचाल को पढ़ाया। 1994 में रमेश पांचाल ने नागरिक अस्पताल जींद में एक दंतक सर्जन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। अपनी सेवा के 30 साल उन्होंने जींद के ही नागरिक अस्पताल में बिताए। बीच में वह एमडीए करने के लिए गए थे।
*पांच लाख मरीजों की ओपीडी*

डा. रमेश पांचाल के नाम प्रदेश में सबसे अधिक ओपीडी का रिकार्ड भी है। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान पांच लाख मरीज देखे। डिप्टी सिविल सर्जन बनने के बाद भी वह ओपीडी करते थे। मंगलवार व वीरवार को दो दिन तक मरीज उनका ओपीडी के लिए इंतजार करते थे। वहीं 2020 में जब कोरोना महामारी की शुरुआत हुई तो डा. रमेश पांचाल ने ही पहला सैंपल लिया था। हालांकि यह काम डेंटल सर्जन का नहीं थाए उसके बाद भी वह आगे आए सैंपल लेने शुरू किए। डा. रमेश पांचाल ने कोरोना काल के दौरा 35 हजार लोगों के सैंपल लिए। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनको इसके लिए सम्मानित भी किया था। डा. रमेश पांचाल जब कैंसर के डिप्टी सिविल सर्जन थेए उन्होंने चंडीगढ़ में हुई स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक में कैंसर मरीजों को पेंशन देने की योजना शुरू करने की मांग उठाई थी। हालांकि इसके बाद कई जगह से यह मांग उठी। दो साल बाद सरकार ने बजट में कैंसर मरीजों के लिए पेंशन की घोषणा की।
*100 के आसपास बच्चों के करवाए दिल के आपरेशन*

डा. रमेश पांचाल मेंटल हेल्थ के जब डिप्टी सिविल सर्जन थे तो सरकार की योजना के अनुसार छोटे बच्चों के दिल के आपरेशन करवाए। जिन बच्चों के बचपन से दिल में छेद था, उनको यह सुविधा मिलती थी। कई बच्चों के अभिभावकों के साथ डा. रमेश पांचाल खुद मोहाली के फोर्टिज अस्पताल गए और वहां आपरेशन करवाकर लाए। जो बच्चे आंगनबाड़ी जाते हैं, उनके लिए इस प्रकार की योजना सरकार ने लागू की है। वहीं डा. रमेश पांचाल ने तंबाकू कंट्रोल के डिप्टी सिविल सर्जन रहते हुए अनेक लोगों को तंबाकू छोडऩे के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा डा. रमेश पांचाल ने एक हजार से अधिक लोगों के सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करते हुए चालान भी काटे हैं।

Tuesday, June 30, 2026

June 30, 2026

सरसों चोरी की वारदात का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी की सरसों, नकदी व वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद

सरसों चोरी की वारदात का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी की सरसों, नकदी व वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद
चरखी दादरी : पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार के कुशल निर्देशन में चरखी दादरी पुलिस ने नई अनाज मंडी में सरसों के कट्टे चोरी करने की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई सरसों, चोरी की रकम में से बची नकदी तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि 29 जून 2026 को अनिल निवासी गांव मौड़ी, हाल दुकान नंबर-227, नई अनाज मंडी चरखी दादरी द्वारा थाना शहर चरखी दादरी में शिकायत दी गई थी कि उसकी दुकान पर रखे सरसों के कट्टों में से अज्ञात व्यक्तियों ने चोरी कर ली है। शिकायतकर्ता ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर दो युवकों को मोटरसाइकिल पर सरसों के कट्टे ले जाते हुए देखा। रिकॉर्ड मिलान करने पर शिकायतकर्ता के करीब छह कट्टे सरसों चोरी होना पाया गया, जिनकी कीमत लगभग 18 हजार रुपये थी।
शिकायत के आधार पर थाना शहर चरखी दादरी में मामला दर्ज कर जांच हेड कांस्टेबल बबलू द्वारा शुरू की गई। जांच के दौरान मोटरसाइकिल के मालिक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि उक्त बाइक उसके रिश्तेदार मुकेश के पास थी, जो नई सब्जी मंडी में सब्जी बेचने का कार्य करता है।
पुलिस टीम ने लगातार छापेमारी एवं तकनीकी जांच के आधार पर मुकेश निवासी पातुवास महराणा, हाल नई सब्जी मंडी चरखी दादरी तथा निखिल निवासी गामड़ी, जिला चरखी दादरी को रामबाग क्षेत्र से नियमानुसार गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चोरी किये दो कट्टे सरसों बरामद की गई। इसके अलावा चोरी की गई सरसों बेचकर प्राप्त राशि में से आरोपी मुकेश के कब्जे से 600 रुपये तथा आरोपी निखिल के घर से 700 रुपये बरामद किए गए। पूछताछ एवं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।