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Sunday, June 7, 2026

June 07, 2026

FSSAI Advisory: खाने-पीने की चीजों को अखबार में पैक करने या परोसने पर लगी रोक, FSSAI ने स्वास्थ्य के लिए बताया गंभीर खतरा

FSSAI Advisory: खाने-पीने की चीजों को अखबार में पैक करने या परोसने पर लगी रोक, FSSAI ने स्वास्थ्य के लिए बताया गंभीर खतरा
नई दिल्ली : देश में खान-पान की चीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली सर्वोच्च संस्था 'भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण' (FSSAI) के पश्चिमी क्षेत्र ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (Food Business Operators) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त एडवाइजरी जारी की है. FSSAI ने सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स, रेस्तरां और छोटे दुकानदारों को खाद्य पदार्थों को पैक करने, लपेटने (Wrapping) या परोसने के लिए अखबारों का उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया है. नियामक संस्था ने चेतावनी दी है कि अखबारों में खाना परोसने या लपेटने की यह पुरानी आदत उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गंभीर और जानलेवा जोखिम पैदा कर रही है। यह सख्त निर्देश मुंबई में हाल ही में सामने आई एक घटना के बाद जारी किया गया है.
*मुंबई के प्रसिद्ध वड़ा पाव वेंडर पर कार्रवाई के बाद लिया गया फैसला*

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह ताजा एडवाइजरी मुंबई में हुई एक प्रवर्तन कार्रवाई के बाद आई है, जहाँ एक बेहद प्रसिद्ध और लोकप्रिय वड़ा पाव विक्रेता को ग्राहकों को अखबार में खाना परोसते हुए पाया गया था. इस उल्लंघन की जानकारी मिलते ही FSSAI के पश्चिमी क्षेत्र के अधिकारियों और बृहन्मुंबई नगर निगम (MCGM) की संयुक्त टीम ने उस वेंडर के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की.

नियामक ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पूरे क्षेत्र के शहरों और कस्बों में इस हानिकारक चलन को पूरी तरह से रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य पदार्थों को सुरक्षित और स्वास्थ्यकर (Hygienic) तरीके से संभाला व परोसा जाए.
*अखबारों का उपयोग क्यों माना जाता है सेहत के लिए असुरक्षित?*

खाद्य नियामक (FSSAI) ने वैज्ञानिक और तकनीकी कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया है कि अखबार प्रत्यक्ष रूप से भोजन के संपर्क में आने के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त हैं. इसका मुख्य कारण अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही (Printing Ink) है, जिसमें भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार के रसायन, पिगमेंट, बाइंडर्स और हानिकारक सीसा (Lead) जैसी भारी धातुएं शामिल होती हैं.
जब समोसा, वड़ा पाव या भजिया जैसी अत्यधिक गर्म, मसालेदार या तैलीय (Oily) चीजों को अखबार में लपेटा जाता है, तो ये जहरीले रसायन और सीसा बहुत तेजी से पिघलकर भोजन का हिस्सा बन जाते हैं. FSSAI ने आगाह किया है कि लंबे समय तक ऐसे दूषित तत्वों के संपर्क में रहने से मानव शरीर के भीतर गंभीर और पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं (Chronic Health Problems) उत्पन्न हो सकती हैं.
*केमिकल के अलावा बैक्टीरिया और गंदगी का भी बड़ा खतरा*

अखबारों से केवल रसायनों के ट्रांसफर होने का ही जोखिम नहीं है, बल्कि इनके कारण जैविक संक्रमण का भी खतरा बना रहता है. छपाई के बाद परिवहन, वितरण और हॉकरों द्वारा आम जनता तक पहुंचाए जाने के दौरान अखबार लगातार धूल, मिट्टी और अस्वास्थ्यकर मानवीय हाथों के संपर्क में आते हैं.
इसके चलते अखबारों की सतह पर बीमारी पैदा करने वाले खतरनाक सूक्ष्मजीव (Microorganisms) और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं. जब ऐसे अखबारों का उपयोग खाद्य पदार्थों को रखने या अतिरिक्त तेल सोखने के लिए किया जाता है, तो वे बैक्टीरिया सीधे भोजन को दूषित कर देते हैं, जिससे 'फूड-बॉर्न इलनेस' (दूषित भोजन से होने वाली बीमारियां) और पेट के संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
*पैकेजिंग नियम 2018 के तहत पहले से ही प्रतिबंधित है यह चलन*

FSSAI ने सभी व्यवसायियों को याद दिलाया है कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि 'खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018' के तहत भोजन के भंडारण, पैकिंग या वितरण के लिए अखबारों या इसी तरह की अन्य मुद्रित (Printed) सामग्रियों का उपयोग करने पर स्पष्ट और पूर्ण वैधानिक प्रतिबंध लागू है.

यह निर्देश खाद्य और पेय क्षेत्र से जुड़े सभी प्रकार के व्यवसायों पर समान रूप से लागू होता है, जिनमें शामिल हैं:
स्ट्रीट फूड वेंडर्स, मोबाइल वेंडर, फेरीवाले और छोटे रिटेलर्स.

रेस्तरां, ढाबे, क्लाउड किचन, कैटरर्स और क्विक-सर्विस रेस्तरां (QSRs).

*होटल और अस्थायी फूड स्टॉल.*

प्राधिकरण ने सख्त लहजे में कहा है कि भोजन को तैयार करने या संभालने के किसी भी चरण में अखबार का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए. इसमें पके हुए भोजन का अतिरिक्त तेल सोखने (Absorbing excess oil), बर्तनों या कंटेनरों के नीचे अखबार बिछाने, या कच्चे माल को ढकने जैसी सामान्य आदतें भी शामिल हैं.
*उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील; कड़े कानूनी एक्शन की तैयारी*

FSSAI ने देश के सभी खाद्य व्यवसायों से तत्काल प्रभाव से अनुमोदित 'फूड-ग्रेड' (खाद्य-मानक के अनुकूल) पैकेजिंग सामग्रियों को अपनाने और नियमों का पूरी तरह पालन करने का आग्रह किया है. इसके साथ ही, आम उपभोक्ताओं और जनता को भी सलाह दी गई है कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और यदि कोई दुकानदार या स्ट्रीट वेंडर अखबार में खाना पैक करके देता है या परोसता है, तो वहां से खाद्य सामग्री खरीदने से पूरी तरह परहेज करें.
केंद्रीय नियामक वर्तमान में देश के सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' के तहत प्रवर्तन और औचक निरीक्षण की कार्रवाई को और अधिक मजबूत करने जा रहा है, ताकि बाजार में सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल (Sustainable) पैकेजिंग प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सके.
June 07, 2026

यूट्यूबर रचना गुर्जर: VIDEO में द‍िखाती थी गहने-लग्‍जरी लाइफ स्‍टाइल, फ‍िल्‍मी स्‍टाइल में लाखों की चोरी

यूट्यूबर रचना गुर्जर: VIDEO में द‍िखाती थी गहने-लग्‍जरी लाइफ स्‍टाइल, फ‍िल्‍मी स्‍टाइल में लाखों की चोरी
Rachna Gurjar Youtuber Shivpuri MP: सोशल मीडिया पर लग्जरी लाइफस्टाइल और सोने-चांदी के आभूषणों का दिखावा करना मध्य प्रदेश की एक महिला यूट्यूबर रचना गुर्जर को भारी पड़ गया. चोरों ने रात के अंधेरे में उनके घर पर धावा बोला और तकरीबन सात लाख रुपये के सामान पर हाथ साफ कर लिया. यह मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का है.
जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले के नरवर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहानी ख्यावदा गांव में जानी-मानी यूट्यूबर रचना गुर्जर के घर चोरी की यह बड़ी वारदात हुई. चोर उनके घर से लाखों की नकदी समेत कीमती गैजेट्स और सोने-चांदी के जेवर समेट ले गए. फिलहाल अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं लग सका है. पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है. इस चोरी के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर खासी चर्चा है कि वह अपने वीडियो में अक्सर कीमती गहने और आलीशान जीवनशैली दिखाया करती थीं, संभवतः इसीलिए चोरों ने उनके घर को अपना निशाना बनाया.
*सीसीटीवी कैमरों में र‍िकॉर्ड नहीं हुई चोरी*

यूट्यूबर रचना गुर्जर के अनुसार, चोरों ने देर रात घर की बाउंड्री पर लगी तार फेंसिंग को काटा और परिसर के भीतर दाखिल हुए. इसके बाद उन्होंने रचना और उनके पति ऊदल सिंह गुर्जर के कमरे की कुंडी को बाहर से बंद कर दिया, ताकि वे बाहर न आ सकें. चालाक चोरों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का रुख भी ऊपर की ओर मोड़ दिया, जिससे उनकी कोई भी हरकत कैमरे में रिकॉर्ड न हो सके.
घर के भीतर प्रवेश करने के बाद चोरों ने कमरों और अलमारियों के ताले तोड़कर 1 लाख 91 हजार रुपये की नकदी, सोने का मंगलसूत्र, सोने की चार अंगूठियां और चांदी की करधनी चुरा ली. इतना ही नहीं, जाते-जाते ये अज्ञात चोर लगभग 8 हजार रुपये की कीमत वाली 'रेडबुल ' सॉफ्ट ड्रिंक की एक पेटी भी अपने साथ समेट ले गए.
*कमरे का दरवाजा बाहर से बंद म‍िला*

रचना गुर्जर के मुताबिक, चोरी गए कुल सामान की अनुमानित कीमत 7 से 8 लाख रुपये के बीच है. रचना गुर्जर को इस चोरी का पता सुबह करीब 4 बजे तब चला, जब वह पानी पीने के लिए उठीं और उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद पाया. चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. पुलिस अब आसपास के घरों और दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और चोरों की सरगर्मी से तलाश में जुट गई है.
*रचना गुर्जर ने श‍िवपुरी एसपी से की कार्रवाई की मांग*

रचना गुर्जर ने इस संबंध में शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की है और चोरों की जल्द गिरफ्तारी व चोरी गया सामान बरामद कराने की मांग की है. रचना गुर्जर ने स्पष्ट कहा है कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक वह इस मामले को लेकर लगातार वीडियो बनाती रहेंगी और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज उठाती रहेंगी.
गौरतलब है कि यूट्यूबर रचना गुर्जर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आलीशान जीवनशैली से जुड़े वीडियो शेयर करके काफी लोकप्रिय हुई हैं. वह अपने घर के महंगे डेकोरेशन, सोने-चांदी के आभूषणों और ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी एक बेहतरीन लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो नियमित रूप से पोस्ट करती रहती हैं.
June 07, 2026

एक ओवरटेक और उजड़ गया परिवार! हरियाणा में दर्दनाक हादसे में SDO की मौ*त

एक ओवरटेक और उजड़ गया परिवार! हरियाणा में दर्दनाक हादसे में SDO की मौ*त
यमुनानगर : जिले के बिलासपुर-साढौरा मार्ग पर शुक्रवार को हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा कई सवाल छोड़ गया। कुछ सेकेंड की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बिजली निगम के एसडीओ विकास बंसल, जो रोज की तरह अपने काम पर निकले थे, शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। एक ओवरटेक की कोशिश ने ऐसा दर्दनाक मंजर खड़ा कर दिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
हादसा लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास उस समय हुआ, जब एक सरकारी बोलेरो और एक प्राइवेट बस के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। जानकारी के मुताबिक प्राइवेट बस जगाधरी से बिलासपुर की ओर आ रही थी, जबकि सरकारी बोलेरो साढौरा से जगाधरी की तरफ जा रही थी। बताया जा रहा है कि ओवरटेक के दौरान दोनों वाहन आमने-सामने आ गए और तेज रफ्तार के बीच इतनी भीषण भिड़ंत हुई कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। बस का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सरकारी बोलेरो में सवार बिजली निगम के एसडीओ विकास बंसल गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और उन्हें तुरंत बिलासपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें यमुनानगर रेफर कर दिया, लेकिन जिंदगी की जंग ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। इलाज के दौरान विकास बंसल ने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही बिजली निगम विभाग और जानने वालों में शोक की लहर दौड़ गई।
वहीं हादसे में प्राइवेट बस में सवार कई यात्री भी घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ को गंभीर चोट लगने की सूचना है।
घटना की जानकारी मिलते ही बिलासपुर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए यातायात सुचारु कराया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर रास्ता खुलवाया गया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह ओवरटेक के दौरान हुई लापरवाही बताई जा रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर कुछ सेकेंड की जल्दबाजी कितनी भारी पड़ सकती है। एक ओवरटेक की कीमत किसी की जिंदगी बन जाए या मौत, इसका फैसला कभी-कभी पलभर में हो जाता है। इस हादसे ने न सिर्फ एक अधिकारी की जान ली, बल्कि एक परिवार को गहरे सदमे में छोड़ दिया।

Saturday, June 6, 2026

June 06, 2026

लाखों श्रद्धालुओं को हल्के में लेने का मामला गूंजायेगे लोकसभा में : सतपाल ब्रह्मचारी

8 दिन बाद सोमवती अमावस्या, डूबकी लगाने को तीर्थ में नहीं पानी

सोनीपत सांसद ने शासन-प्रशासन के रूख पर जताई बड़ी नाराजगी

लाखों श्रद्धालुओं को हल्के में लेने का मामला गूंजायेगे लोकसभा में : सतपाल ब्रह्मचारी

भाजपा के झूठे आडंबर को लेकर देश भर में दिखायेंगे आईना
जींद : ( संजय कुमार ) अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जिस सोमवती अमावस्या के इंतजार में पांडवों ने 12 वर्षों तक इंतजार किया था उसके महत्व को सिस्टम संभालने वाले हल्के में ले रहे है। यही कारण है कि 15 जून को आ रही सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के सामने तीर्थ के पानी में डूबकी लगाने की बड़ी समस्या खड़ी होती हुई दिखाई दे रही है। क्योंकि कच्छुआ गति से चल रहे जीर्णोधार के कारण तीर्थ के तालाब में महज एक-एक फूट पानी ही रह गया है। यह पानी भी बुरी तरह से सड़ चुका है। सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं के सामने पानी की समस्या का समाधान न होने पर सोनीपत-जींद सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने शासन-प्रशासन से बड़ी नाराजगी जाहिर की है। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि तीर्थ पांडू पिंडारा में पानी व्यवस्था के लिए वे अधिकारियों को कई बार बोल चुके है। मगर इस सरकार में व्यवस्था ऐसी है कि सभी को सांप सूंघा हुआ है। सरकार गूंगी, बहरी और अंधी हो चुकी है। ना आम की सुनवाई है ना खास की। सरकार के जो विधायक और मंत्री है वे जनता के हितो से मूंह मोड़ चुके है। सोमवती अमावस्या पर देश भर से 5 लाख से अधिक श्रद्धालु तीर्थ पांडू पिंडारा पर पहुंचकर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-अर्चना करते है। मगर 15 जून को आ रही सोमवती अमावस्या पर शासन-प्रशासन की और से अभी तक व्यवस्था बेहद निराशा जनक है। इस मसले को वे देश की सबसे बड़ी पंचायत में गूंंजाकर भाजपा सरकार की पोल खोलने का काम करेंगे। भाजपा सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं, लोगों की श्रद्धा को कितने हल्के में ले रही है यह बात लोकसभा में जग जाहिर करेंगे। अगर सोमवती अमावस्या पर समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो इसके लिए सिस्टम संभालने वालो को जिम्मेदार ठहराते हुए उस दिन खास निर्णय लिया जायेगा। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि जिस विभाग को और जिस ठेकेदार को तीर्थ पांडू पिंडारा के जीर्णोधार का जिम्मा दिया हुआ है वे लोग, लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को कम आंक रहे है। 
अधिकारी कहते है कि पानी की पाईपो के जरिए नहाने की व्यवस्था कर दी जायेगी। मगर अधिकारी इस बात को भुल गये है कि 200-400 लोगों के लिए तो ऐसी व्यवस्था हो सकती है मगर लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह औपचारिकता बड़ी परेशानी देने वाली साबित होगी। ऐसे में सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ हुआ तो निश्चित तौर पर देश की राजधानी में गूंजने का काम करेंगे।
*पांडवों ने परिजनों की आत्मा की शांति के लिए किया था पिंडदान*

तीर्थ पांडु पिंडारा के लिए किदवंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की थी। सोमवती अमावस्या के आने पर युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से यह माना जाता है कि पांडु पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है।
June 06, 2026

जब भारत का सबसे बड़ा रेल हादसा हुआ, पूरी ट्रेन नदी में डूब गई, 800 लोग मारे गए थे

जब भारत का सबसे बड़ा रेल हादसा हुआ, पूरी ट्रेन नदी में डूब गई, 800 लोग मारे गए थे 
नई दिल्ली :आज के दिन ही भारत की सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना हुई थी. 
बिहार के खगड़िया जिले में एक पैसेंजर ट्रेन के 7 डिब्बे पुल से गिरकर उफनती बागमती नदी में समा गए थे. 

6 जून, 1981 को भारत की सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना हुई थी. बिहार के बागमती नदी में पूरी ट्रेन समा गई थी. इस हादसे में करीब 800 लोगों की जान चली गई थी. 

यह अब तक की सबसे भीषण रेल दुर्घटना मानी जाती है. यह हादसा बिहार के खगड़िया जिले में मानसी और सहरसा रेलखंड के बीच बदला घाट और धमारा घाट स्टेशन के पास हुआ था. यह न केवल भारत के रेल इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटना है, बल्कि इसे दुनिया के सबसे बड़े रेल हादसों में से एक माना जाता है.
 
भारी बारिश और आंधी में मानसी और सहरसा रेलखंड के बीच बदला घाट और धमारा घाट स्टेशन के बीच यात्रियों से पूरी तरह खचाखच भरी एक पैसेंजर ट्रेन पुल से गुजर रही थी. ट्रेन जब बागमती नदी पर बने पुल संख्या-51 से गुजर रही थी, उसी समय उसके 9 डिब्बों में से 7 डिब्बे पटरी से उतरकर उफनती नदी में समा गए।
दुर्घटना की सटीक वजह आज भी पूरी तरह साफ नहीं है. हालांकि, इसके पीछे दो मुख्य थ्योरी दी जाती हैं।
 
पहली थ्योरी के मुताबिक, मानसून की भारी बारिश के बीच ट्रैक पर किसी मवेशी (गाय या भैंस) के आ जाने पर ड्राइवर ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे गीली पटरियों पर ट्रेन असंतुलित हो गई और पुल से सीधे उफनती बागमती में जा गिरी.

 दूसरी थ्योरी यह है कि तेज आंधी और तूफान के कारण यात्रियों ने ट्रेन के खिड़की-दरवाजे बंद कर लिए थे, जिससे हवा का दबाव बढ़ा और भारी तूफान ने ट्रेन को नदी में पलट दिया।
 
जब ट्रेन के सात डिब्बे सीधे नदी में जा गिरे. नदी का जलस्तर सामान्य से कहीं अधिक था. इस वजह से ट्रेन के डिब्बे तेजी से गंदे पानी में डूब गए. 
बचाव दल को पहुंचने में घंटों लग गए और जब तक वे पहुंचे, तब तक लगभग 600 लोग अपनी जान गंवा चुके थे. कई दिनों तक चली खोज के बाद 286 शव बरामद किए गए, लेकिन 300 से अधिक लापता लोगों का कभी पता नहीं चल पाया. 

मानसून के कारण बागमती नदी का जलस्तर बहुत बढ़ा हुआ था और तेज बहाव की वजह से बचाव कार्य में भारी मुश्किलें आईं. 
सेना के गोताखोरों ने कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया और नदी से शवों को बाहर निकाला था. तब सरकारी आंकड़ों में मौतों की संख्या सिर्फ 235 से 300 बताई गई थी। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय लोग व मृतकों के परिजनों के मुताबिक, ट्रेन पर सवार यात्रियों में 800 लोगों की मौत इस हादसे में हो गई थी।

Friday, June 5, 2026

June 05, 2026

शिक्षा बोर्ड में पौधारोपण कर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस-बोर्ड अध्यक्ष

शिक्षा बोर्ड में पौधारोपण कर मनाया विश्व पर्यावरण दिवस-बोर्ड अध्यक्ष
भिवानी : पर्यावरण केवल पेड़ों एवं नदियों का नाम नहीं हैं। यह हमारा जीवन है। आज का दिन केवल चिंता करने का नहीं है, बल्कि चिंतन और संकल्प का है। जलवायु परिवर्तन कोई काल्पनिक खतरा नहीं है, यह हमारे सामने खड़ी सच्चाई है। हर यूवा से, बल्कि हर नागरिक से आग्रह है कि अपने जीवन के विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाएं। केवल लगाएं ही नहीं वरन् बड़ा होने तक उसकी ज़िम्मेदारी लें।
सिंगल यूज प्लास्टिक को पूर्णतया ना कहें और अपनी दैनिक आदतों में पानी और बिजली की बचत को शामिल करेंगे। प्रकृति हमें सब कुछ मुफ्त देती है, लेकिन उसकी एक ही शर्त है- सम्मान। अगर हम आज प्रकृति का सम्मान करेंगे तो प्रकृति हमारा भविष्य सुरक्षित करेगी।
ये उद्गगार आज विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बोर्ड परिसर में पौधारोपण कर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हम सब प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अपने आवास/आसपास पौधारोपण अवश्य करें। हमारा पर्यावरण प्रदूषण के कारण प्रकृति के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस का मूल उद्देश्य हमारे वातावरण को स्वच्छ व शुद्ध रखना तथा पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक करना है। इसके लिए लोग ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करें व पेड़ों की कटाई न करें।
इस अवसर पर बोर्ड के उप-सचिव श्री ओ०पी० निंबीवाल, श्री जगदीश प्रसाद सैनी, सहायक सचिव श्री सुरेश शर्मा, अधीक्षक श्री सतीश वर्मा, श्री सुनील दत्त, श्री रविन्द्र व सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुनील वर्मा नंबरदार, श्री शिव पाराशर सी०एम० विंडो एमिनेंट पर्सन, श्री खजांची लाल मित्तल एवं एडवोकेट सतपाल शर्मा द्वारा लगभग 30 फलदार, फूलदार, छायादार पौधों का रोपण किया गया। इनमें त्रिवेणी (पीपल, नीम व बरगद), जामुन, अर्जुन, शीशम के पौधे शामिल हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों व उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दी।
June 05, 2026

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने शुरू किए 12 नए कोर्स

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने शुरू किए 12 नए कोर्स

स्किल फैकल्टी ऑफ़ मेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज सहित तीन नई फैकल्टी भी शुरू 
चंडीगढ़ - श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दुधौला ( पलवल) ने इस सत्र में बीएससी नर्सिंग और बीएससी एग्रीकल्चर सहित 12 नए कोर्स प्रारम्भ किए हैं। स्किल फैकल्टी ऑफ़ मेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज सहित तीन नई फैकल्टी भी शुरू की गई है। देश की पहली स्किल यूनिवर्सिटी में अब कुल 65 कोर्स पढ़ाए जाएंगे। 

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में अब फैकल्टी की संख्या चार से बढ़ा कर सात कर दी गई है। मेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज के अलावा इंट्रीडिस्क्लाइनरी स्टडीज और परफ़ॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट की फैकल्टी शुरू की गई हैं, जबकि ह्यूमैनिटीज़, एग्रीकल्चर, मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग फैकल्टी पहले से चल रही हैं।

उन्होंने बताया कि इस सत्र में 12 ऐसे कोर्स शुरू किए गए हैं जिनकी जॉब मार्केट में जबरदस्त मांग है। इनमें बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी नर्सिंग, डिप्लोमा इन फार्मेसी, बी फार्मेसी, बीवॉक एयर कंडीशनिंग एन्ड रेफ्रिजरेशन, बीवॉक प्रिंटिंग एन्ड पैकेजिंग, बीवॉक इंटीरियर डिजाइन, बीवॉक फ्रेंच, बैचलर ऑफ़ परफार्मिंग आर्ट (म्यूजिक), बीएफए और एलएलएम शुरू किए गए हैं। बैचलर इन फिजियोथेरेपी प्रोग्राम भी शुरू किया जा रहा है, इसकी मान्यता की प्रक्रिया पूर्णता की ओर है। 

कुलगुरु ने कहा कि युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री श्री गौरव गौतम का इस विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में विशेष योगदान मिल रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी कौशल विकास पर विशेष फोकस कर रहे हैं। इसी कड़ी में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में अब कुल सात संकाय हो गए हैं और इनमें सभी जॉब रेडी स्किल कोर्स शामिल किए गए हैं। सभी कोर्स में इंडस्ट्री पार्टनर्स भी जोड़े गए हैं, ताकि विद्यार्थी अपने कोर्स की आधी अवधि में इन इंडस्ट्री में जाकर ऑन द जॉब ट्रेनिंग कर सकें। इस दौरान उन्हें कोर्स के अनुसार सात से 35 हज़ार रुपए स्टाइपेंड भी मिलता है। यह पढ़ाई के साथ कमाई का अनोखा मॉडल है। 

 प्रोफेसर दिनेश कुमार ने आगे बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन में अपने योगदान के उद्देश्य से श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग वीएलएसआई और पीजी डिप्लोमा इन सेमीकंडक्टर डिवाइस पैकेजिंग शुरू किया है। साथ ही एयरलाइन्स के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए बीबीए एयरलाइन्स एन्ड एयरपोर्ट मैनेजमेंट तथा पीजी डिप्लोमा इन एयरपोर्ट ऑपरेशन्स एन्ड मैनेजमेंट शुरू किया है। इसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया इंडस्ट्री पार्टनर है। कुल मिलाकर हमारे 125 इंडस्ट्री पार्टनर हैं और 220 एमओयू हैं। इससे विद्यार्थियों को काफ़ी लाभ मिल रहा है। इसी वजह से प्लेसमेंट 80 प्रतिशत से अधिक रहता है। 

उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री को जॉब रेडी मैनपावर देने के लिए प्रदेश का स्किल इकोसिस्टम मज़बूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दोहरा एजुकेशन मॉडल इस दिशा में काफ़ी महत्वपूर्ण और सार्थक है। साथ उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में भी हम काम कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के 22 विद्यार्थियों ने अभी तक अपने स्टार्टअप रजिस्टर्ड करवाए हैं। आने वाले समय में इसके बड़े सुखद परिणाम सामने आएंगे।
June 05, 2026

1 किलोवाट उपभोक्ताओं के घर बिना बैंक गारंटी लगेगा सोलर सिस्टम, बिजली बिल होगा शून्य : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

1 किलोवाट उपभोक्ताओं के घर बिना बैंक गारंटी लगेगा सोलर सिस्टम, बिजली बिल होगा शून्य : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

किसानों की खाली जमीन पर लगेंगे सोलर प्लांट, सरकार खरीदेगी उत्पादित बिजली : अनिल विज

5 किलोवाट तक के नियमित बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को बिना बैंक ऋण मिलेगा सोलर सिस्टम, आसान किस्तों में होगी भुगतान व्यवस्था : विज

हरियाणा बनेगा देश का अग्रणी सौर ऊर्जा राज्य, 2.20 लाख सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य : अनिल विज

पीएम सूर्य घर योजना में रिकॉर्ड आवेदन, हरियाणा को राष्ट्रीय स्तर पर मिला बड़ा सम्मान : अनिल विज

पीएम सूर्य घर योजना में हरियाणा को 3 राष्ट्रीय पुरस्कार, सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा प्रदेश : विज
चंडीगढ़- हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार एक नई योजना पर कार्य कर रही है, जिसके तहत 1 किलोवाट लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं को भी सौर ऊर्जा प्रणाली उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस योजना की विशेषता यह होगी कि लाभार्थियों को बैंक ऋण या गारंटी के लिए किसी बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग के कर्मचारी स्वयं उपभोक्ताओं के घर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे और उनकी छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित करवाएंगे। इसके बाद ऐसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 1 किलोवाट तक के लोड वाले 7 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ मिल सकता है।

 

श्री विज आज मीडिया कर्मियो के सवालों का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने आगे बताया कि नियमित रूप से बिजली बिल जमा करने वाले 5 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस योजना में मिलने वाली सरकारी सब्सिडी के अतिरिक्त शेष राशि उपभोक्ताओं से आसान किस्तों में ली जाएगी तथा इसके लिए भी बैंक ऋण की आवश्यकता नहीं होगी।

 

इसी प्रकार, श्री विज ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल के समक्ष उन्होंने एक प्रस्ताव भी रखा है, जिसके तहत ऐसे किसान जिनकी भूमि खाली पड़ी है और जिनके परिवार के सदस्य बाहर रहते हैं, वे अपनी भूमि पर स्वयं के खर्च पर सोलर प्लांट स्थापित कर सकेंगे। इसके बाद सरकार निर्धारित दरों पर उनसे उत्पादित बिजली खरीदेगी। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए हरियाणा को आज राष्ट्रीय स्तर पर तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुरस्कार सिफारिशों के आधार पर नहीं, बल्कि कार्य के आधार पर मिलते हैं और सरकार हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करती है। श्री विज ने बताया कि केंद्र सरकार ने हरियाणा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में और अधिक प्रयास करेगी तथा हरियाणा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।

 

श्री विज ने कहा कि उन्हें सरकार में जहां भी जिम्मेदारी दी गई, उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं गृह जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्य करते हुए उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और स्वास्थ्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें अभिनेता अमिताभ बच्चन के हाथों सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में आज प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हरियाणा को केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत हरियाणा में सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने चालू वर्ष में 2.20 लाख सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे निर्धारित समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
श्री विज ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा का प्रमुख स्रोत सौर ऊर्जा ही है, क्योंकि कोयला, गैस और पेट्रोल जैसे पारंपरिक ऊर्जा संसाधन सीमित हैं। प्रकृति द्वारा प्रदत्त इस अक्षय ऊर्जा स्रोत का अधिकतम उपयोग कर राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत भी राज्य के किसानों ने बड़ी संख्या में सोलर पंप स्थापित करवाए हैं। हाल ही में योजना का पोर्टल बंद किया गया है, लेकिन अभी भी हजारों आवेदन लंबित हैं, जिनका शीघ्र निपटारा किया जाएगा और पात्र किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।
June 05, 2026

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद बड़ी सियासी हलचल, कांग्रेस विधायक रेनू बाला के पति ऋषिपाल भाजपा में शामिल

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद बड़ी सियासी हलचल, कांग्रेस विधायक रेनू बाला के पति ऋषिपाल भाजपा में शामिल
Haryana Bulletin News : हरियाणा की सियासत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। यमुनानगर जिले की साढौरा सीट से कांग्रेस विधायक रेनू बाला (Sadhaura Congress MLA Renu Bala) के पति इंजीनियर ऋषिपाल ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने व्यासपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ऋषिपाल को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधायक रेनू बाला खुद मंच पर मौजूद नहीं थीं, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
*सीएम के कार्यक्रम के लिए खुद विधायक बांट रही थीं न्योता*

भले ही विधायक रेनू बाला आज मंच पर नहीं दिखीं, लेकिन पिछले कई दिनों से वे खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी के इस व्यासपुर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर सभाएं कर रही थीं और लोगों को न्योता दे रही थीं।
भाजपा का पटका पहनने के बाद इंजीनियर ऋषिपाल (Engineer Rishipal joins BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में अब विकास की कोई सोच नहीं बची है, वहां सिर्फ कुर्सी की राजनीति हो रही थी। भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर मैं पार्टी में आया हूं और यहां आकर बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं।” आपको बता दें कि पेशे से इंजीनियर ऋषिपाल ही अपनी विधायक पत्नी की पूरी सियासी गतिविधियां और क्षेत्र का काम संभालते हैं।
*राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस से निलंबित हैं रेनू बाला*

साढौरा से दो बार की विधायक रेनू बाला का नाम पिछले दिनों राज्यसभा चुनाव (Haryana Rajya Sabha election cross voting) में क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के 5 विधायकों में शामिल था। इन विधायकों ने कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार कर्मबीर बौद्ध की जगह भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को वोट दिया था।
इस बगावत के बाद कांग्रेस आलाकमान ने रेनू बाला को पार्टी से निलंबित (Congress suspends MLA Renu Bala) कर दिया था। तब से ही कांग्रेस ने उन्हें अपनी बैठकों में बुलाना बंद कर दिया है और वे पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुकी हैं।

*मंत्री अनिल विज के साथ मंच पर आईं थीं नजर, बढ़ रही हैं नजदीकियां*

कांग्रेस से सस्पेंड होने के बाद से रेनू बाला लगातार सरकारी कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा कर रही हैं। पिछले दिनों यमुनानगर में हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक (Yamunanagar Grievance Committee meeting) में भी उनकी कुर्सी भाजपा विधायकों के बीच लगी थी। वह कैबिनेट मंत्री अनिल विज के बिल्कुल पास बैठी नजर आई थीं, जहां उन्हें पूरा मान-सम्मान मिल रहा था।
*आखिर विधायक खुद क्यों नहीं शामिल हुईं भाजपा में?*

ऋषिपाल ने साफ किया कि कांग्रेस ने रेनू बाला को सिर्फ निलंबित किया है, पार्टी से निष्कासित (expelled) नहीं किया है। इसलिए तकनीकी रूप से वे अभी भी कांग्रेस की विधायक हैं।
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June 05, 2026

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद बड़ी सियासी हलचल, कांग्रेस विधायक रेनू बाला के पति ऋषिपाल भाजपा में शामिल

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद बड़ी सियासी हलचल, कांग्रेस विधायक रेनू बाला के पति ऋषिपाल भाजपा में शामिल
Haryana Bulletin News : हरियाणा की सियासत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। यमुनानगर जिले की साढौरा सीट से कांग्रेस विधायक रेनू बाला (Sadhaura Congress MLA Renu Bala) के पति इंजीनियर ऋषिपाल ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने व्यासपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान ऋषिपाल को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधायक रेनू बाला खुद मंच पर मौजूद नहीं थीं, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
*सीएम के कार्यक्रम के लिए खुद विधायक बांट रही थीं न्योता*

भले ही विधायक रेनू बाला आज मंच पर नहीं दिखीं, लेकिन पिछले कई दिनों से वे खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी के इस व्यासपुर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए गांव-गांव जाकर सभाएं कर रही थीं और लोगों को न्योता दे रही थीं।
भाजपा का पटका पहनने के बाद इंजीनियर ऋषिपाल (Engineer Rishipal joins BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में अब विकास की कोई सोच नहीं बची है, वहां सिर्फ कुर्सी की राजनीति हो रही थी। भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर मैं पार्टी में आया हूं और यहां आकर बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं।” आपको बता दें कि पेशे से इंजीनियर ऋषिपाल ही अपनी विधायक पत्नी की पूरी सियासी गतिविधियां और क्षेत्र का काम संभालते हैं।
*राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस से निलंबित हैं रेनू बाला*

साढौरा से दो बार की विधायक रेनू बाला का नाम पिछले दिनों राज्यसभा चुनाव (Haryana Rajya Sabha election cross voting) में क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के 5 विधायकों में शामिल था। इन विधायकों ने कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार कर्मबीर बौद्ध की जगह भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को वोट दिया था।
इस बगावत के बाद कांग्रेस आलाकमान ने रेनू बाला को पार्टी से निलंबित (Congress suspends MLA Renu Bala) कर दिया था। तब से ही कांग्रेस ने उन्हें अपनी बैठकों में बुलाना बंद कर दिया है और वे पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुकी हैं।

*मंत्री अनिल विज के साथ मंच पर आईं थीं नजर, बढ़ रही हैं नजदीकियां*

कांग्रेस से सस्पेंड होने के बाद से रेनू बाला लगातार सरकारी कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा कर रही हैं। पिछले दिनों यमुनानगर में हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक (Yamunanagar Grievance Committee meeting) में भी उनकी कुर्सी भाजपा विधायकों के बीच लगी थी। वह कैबिनेट मंत्री अनिल विज के बिल्कुल पास बैठी नजर आई थीं, जहां उन्हें पूरा मान-सम्मान मिल रहा था।
*आखिर विधायक खुद क्यों नहीं शामिल हुईं भाजपा में?*

ऋषिपाल ने साफ किया कि कांग्रेस ने रेनू बाला को सिर्फ निलंबित किया है, पार्टी से निष्कासित (expelled) नहीं किया है। इसलिए तकनीकी रूप से वे अभी भी कांग्रेस की विधायक हैं।
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