February 24, 2026
जींद में चल रहे 108 कुण्डीय शिव-शक्ति महायज्ञ में मुहिम के पक्ष में उत्कृष्ट खिलाड़ियों व लोक कलाकारों ने डाली आहुति
खिलाड़ी से कलाकार सबकी मांग "एक राष्ट्र एक चुनाव"
-जींद में चल रहे 108 कुण्डीय शिव-शक्ति महायज्ञ में मुहिम के पक्ष में उत्कृष्ट खिलाड़ियों व लोक कलाकारों ने डाली आहुति
-26 फरवरी की शाम को महायज्ञ पांडाल में ही होगा विशाल हिन्दू सम्मेलन
जींद : जींद के हुडा ग्राउंड एकलव्य स्टेडियम में परम पूज्य जगतगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्रीश्री 1008 श्री हरिओम जी महाराज के सानिध्य में चल रहा 108 कुण्डीय शिव-शक्ति जनकल्याण महायज्ञ धर्म, अध्यात्म और राष्ट्रभक्ति की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। महायज्ञ के पांडाल में ही 26 फरवरी वीरवार सांय को हिन्दू सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन महायज्ञ में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग "एक राष्ट्र एक चुनाव" जैसे राष्ट्रव्यापी मुद्दे के पक्ष में आहुतियां डाल रहे हैं।
आज मुख्य यजमान कर्ण प्रताप सिंह के नेतृत्व में हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से आए उत्कृष्ट खिलाड़ियों व लोक कलाकारों ने "एक राष्ट्र एक चुनाव" मुहिम के समर्थन में आहुतियां प्रदान की। गायक सुभाष फौजी, बिन्दर दनोदा गायक, अभिनेत्री अनामिका, कॉमेडियन एक्टर मनीष मस्त जी, शेखर जी डायरेक्टर ने कर्ण प्रताप सिंह के प्रयासों व जींद की जनता द्वारा इतना भव्य आयोजन करवाने के लिए खुले दिल से प्रशंसा की। आयोजन समिति सदस्य राधेश्याम चिलाना, रामप्रकाश काहनोरिया, महेश सिंगला, ज्योति प्रकाश कौशिक घोघड़ियां, भीम सैनी, संजीव जिंदल, नगर परिषद वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि हरीश शर्मा, बंटी दालमवाला, नरेंद्र शर्मा बात्ता, सुरेश गर्ग छात्तर, संदीप चहल, दीपक गंगाना, सन्नी बिड़लान, अंजू बाला, कोमल वर्मा, पिंकी, दीपक बुडायन, कमल चौहान, कुलदीप खांडा आदि ने महायज्ञ में पहुंचे सभी अतिथियों का जोरदार स्वागत अभिनन्दन किया।
कर्ण प्रताप सिंह ने बताया कि महायज्ञ के प्रति जींद के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन होने वाले यज्ञ, रामकथा व सांय काल होने वाली दिव्य महाआरती में श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली भीड़ इस बात का सूचक है। इस आयोजन के माध्यम से जींद क्षेत्र में पर्यावरण के साथ-साथ मानसिक व सामाजिक प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। जनकल्याण के लिए किया जा रहा यह कार्यक्रम जींद के इतिहास का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन साबित होने वाला है। पहली बार लोगों को एक ही मंच पर आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक व राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करने व इन्हे मजबूती देने का अवसर मिल रहा है। इसीलिए "एक राष्ट्र एक चुनाव" के पक्ष में विभिन्न वर्गों के लोग बढ़चढ़ कर आहुति डाल रहे हैं।