July 07, 2026
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का जींद में दूसरी बार दौरा
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का जींद में दूसरी बार दौरा
पहले आए थे वोट मांगने, अब आ रहे देश के पहले हाइड्रोजन प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाने
अब तक केवल जवाहर लाल नेहरू और राजीव गांधी आए थे अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल में जिला में
जींद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार जींद आ रहे हैं। हालांकि अभी तक 17 जुलाई को उनके जींद आने को लेकर कोई अधिकारिक पुष्टि नही है। बावजूद उसके उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
पहली बार प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर 2014 को विधानसभा चुनाव से पहले आए थे। उस समय नरेंद्र मोदी वोट मांगने आए थे। अब वह 17 जुलाई को दूसरी बार जींद आ रहे हैं। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को वह हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अब तक जितने भी प्रधानमंत्री बने हैं, उनमें से केवल पंडित जवाहर लाल नेहरू और स्वर्गीय राजीव गांधी जींद जिला में आए थे। इसके अलावा आजतक कोई प्रधानमंत्री जींद नहीं आया है।
गौरतलब है कि 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। अक्टूबर में हरियाणा विधानसभा चुनाव हुए थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर 2014 को जींद में चुनावी रैली को संबोधित करने आए थे। इस रैली के बाद हुए विधानसभा चुनाव में केवल उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर प्रेमलता विधायक बनी थी। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भाजपा में शामिल हो गए थे। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बगल में चौधरी बीरेंद्र सिंह ही बैठे थे। प्रधानमंत्री ने पिंडारा गांव की खाली पड़ी जमीन में रैली को संबोधित किया था। अब प्रधानमंत्री 17 जुलाई को जींद आ रहे हैं। इस दिन प्रधानमंत्री देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा जींद व नरवाना जंक्शन के अलावा हैबतपुर गांव में बने संत शिरोमणि राजकीय मेडिकल कालेज का भी उद्घाटन करेंगे।
1952 में जींद आए थे जवाहर लाल नेहरू
1952 में जब देश के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू थे, उस समय वह जींद आए थे। जवाहर लाल नेहरू दिल्ली से ट्रेन द्वारा जींद जंक्शन पर उतरे थे। उनका कार्यक्रम नरवाना का था लेकिन जींद में काफी किसान उनसे मिलना चाहते थे। इसलिए वह कुछ समय के लिए जींद जंक्शन पर भी रुके थे। इसके बाद वह नरवाना पहुंचे और यहां पर एक कार्यक्रम में धनौरी गांव निवासी कवि हरिकेश पटवारी को सम्मानित किया था। इसमें जवाहर लाल नेहरू ने कवि को पांच हजार रुपये नकद व एक पिस्तौल भेंट की थी। कवि हरिकेश ने पांच हजार रुपये वापस जवाहरलाल नेहरू को देते हुए देश के कोष में जमा करने को कहा था।