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Saturday, February 21, 2026

February 21, 2026

RTI एक्टिविस्ट भारत भूषण उर्फ रिंकू पंडित को चेक बाउंस केस में 1 साल की सजा, 6 लाख 37 हजार 500 रुपये चुकाने का आदेश

RTI एक्टिविस्ट भारत भूषण उर्फ रिंकू पंडित को चेक बाउंस केस में 1 साल की सजा, 6 लाख 37 हजार 500 रुपये चुकाने का आदेश
जींद (हरियाणा): चेक बाउंस मामले में स्थानीय अदालत ने RTI एक्टिविस्ट भारत भूषण शर्मा उर्फ रिंकू पंडित को एक साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साथ ही आरोपी को मूल चेक राशि का दोगुना यानी 6 लाख 37 हजार 500 रुपये मुआवजे के रूप में चुकाने का निर्देश दिया है। यह मामला Negotiable Instruments Act (नीगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट) की धारा 138 के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें चेक बाउंस होने पर कानूनी कार्रवाई होती है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और सजा के साथ जुर्माना भी लगाया।रिंकू पंडित, जो जींद क्षेत्र में RTI के जरिए विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं और पहले भी कई विवादों में चर्चा में रहे हैं, इस फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया में अपील कर सकते हैं।
February 21, 2026

कृषि ग्रेड यूरिया की अवैध तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई- डीडीए आदित्य- विभाग की टीम ने कृषि युक्त यूरिया के ट्रक पकडा, दूसरे जिले से आ रहा था ट्रक

कृषि ग्रेड यूरिया की अवैध तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई- डीडीए आदित्य
- विभाग की टीम ने कृषि युक्त यूरिया के ट्रक पकडा, दूसरे जिले से आ रहा था ट्रक
यमुनानगर : जिले में यूरिया की तस्करी को लेकर कृषिण एवं किसान कल्याण विभाग की टीम लगातार कार्यवाही कर रही है, ताकि यूरिया पर नकेल लग सके। अब यूरिया की गाडियां दूसरे जिले से आती हुई पकडी गई। दो महीने में यह तीसरा मामला विभाग की टीम ने पकडा है। विभाग के उप निदेशक डा आदित्य प्रताप डबास ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कृषि-ग्रेड यूरिया की अवैध तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई गई है। कृषि विभाग की टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि जिले में अवैध रूप से यूरिया की खेप लाई जा रही है, जिसके आधार पर तुरंत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान एक ट्रक को पकड़ा गया, जिसमें 550 बोरी कृषि-ग्रेड यूरिया लदी हुई थी। यह यूरिया, (कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा निर्मित बताई गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप कैथल जिले से लाई जा रही थी और इसे अवैध रूप से अन्यत्र खपाने की आशंका है। विभाग द्वारा आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मामले की सूचना तत्काल संबंधित पुलिस सदर यमुनानगर को दी गई, जिसके उपरांत थाना सदर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है तथा पूरे मामले की गहन जांच जारी है। ट्रक व यूरिया की खेप को कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। वही विभाग के अधिकारी डा बाल मुकंद व हरिश पांडे द्वारा यूरिया के दो सैंपल भी लिये गए है।
डीडीए डा आदित्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की कालाबाज़ारी, अवैध भंडारण एवं तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग किसानों को समय पर और उचित दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। वही दो महीने में विभाग की टीम ने यह तीसरी बडी कार्यवाही की है। इससे पहले जठलाना एरिया में एक ट्रक को अवैध यूरिया के साथ पकडा था, उसके बाद सदर थाना जगाधरी एरिया से भी एक ट्रक पकडा था, अब सदर यमुनानगर एरिया से ट्रक पकडा है। तीनों ही मामलों के तार दूसरे जिलों से जुडे हुए है। जिससे साफ जाहिर होता है कि दूसरे जिलों से भी खाद जिले में आ रहा है, लेकिन विभाग उन पर नकेल कस रहा है। सदर थाना प्रभारी कमलजीत का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है, यहां किसके साथ तार जुडे हुए है, उसके खिलाफ कार्यवाही तय है।
February 21, 2026

सामाजिक समरसता बिना सभी विकास अधूरे : कृष्ण बेदी

सामाजिक समरसता बिना सभी विकास अधूरे : कृष्ण बेदी
जींद : 'गृह भेषज जल पवन पट पाइ कुजोग सुजोग। होहिं कुबस्तु सुबस्तु जग लखहिं सुलच्छन लोग॥' अर्थात कि एक साधारण सी वस्तु भी अगर अच्छी संगत में रहे तो वह बहुत ही कल्याणकारी सिद्ध हो सकती है और अगर बुरी संगत में रहे तो वही वस्तु बहुत ही हानिकारक हो सकती है, यही नियम मनुष्यों पर भी लागू होता है कि सत्संग से मनुष्य सुधरता है और कुसंग से बिगड़ता है। यह शब्द सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम जी महाराज जी के सानिध्य में हुड्डा ग्राउंड जी जींद में चल रहे 108 कुंडीय महायज्ञ की संध्या आरती में शामिल होकर कहे। कैबिनेट मंत्री ने महायज्ञ के कार्यक्रम की भरपूर प्रशंसा की एवं इस महायज्ञ में समाज के हर एक वर्ग की सहभागिता को सामाजिक समरसता का अद्भुत कार्य बताया, उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के बिना सभी विकास कार्य अधूरे हैं, सरकारें चाहे कितने विकास कार्य करवा दें परंतु लोगों का आपसी भाईचारा जबतक नहीं होगा तब तक सभी विकास निर्रथक साबित होते हैं।
इससे पहले आज महायज्ञ के मुख्य यजमान कर्ण प्रताप सिंह के साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सफाई सेवकों ने आज के दिन के यज्ञ यजमान बनकर सर्वसमाज के कल्याण की कामना करते हुए आहुतियाँ डालीं। यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम जी महाराज जी ने आज के यज्ञ में सफाई सेवकों की आहुति को महत्वपूर्ण व अनूठा कार्य बताते हुए सभी मनुष्यों को अपने तन की मैल के साथ-साथ मन की मैल हटाने के लिए कहा जो केवल और केवल धर्म के रास्ते से ही संभव है।
महायज्ञ के आज के कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा भी विशेष रूप से पहुंचे और उन्होंने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के समर्थन में समाज के हर एक वर्ग द्वारा इस महायज्ञ में आहुतियाँ डाले जाने को एक अद्भुत कार्य बताया। कृष्ण मिड्ढा ने महायज्ञ में सफाई सेवकों को एक दिन के यजमान बनाये जाने पर भी खुशी जाहिर की व कहा कि इस महायज्ञ से केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में अंतोदय का संदेश जाएगा और सामाजिक समरसता को बल मिलेगा। 
आज महायज्ञ में यजमान बनने पर सफाई सेवक भी प्रसंन्न दिखाई दिए और उन्होंने महाराज जी एवं महायज्ञ के मुख्य यजमान कर्ण प्रताप सिंह का आभार जताया, महिला सफाई सेवकों ने कहा कि इतने बड़े स्तर के आयोजन में यजमान बनकर वह गर्वित महसूस कर रहे हैं। महायज्ञ के मुख्य यजमान कर्ण प्रताप सिंह ने सफाई सेवकों के साथ बैठकर विधिवत् रुप से यज्ञ संचालन किया और सभी सफाई सेवकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उनका धन्यवाद भी किया।
February 21, 2026

सीएम फ्लाइंग ने रात एक बजे की रेड, 24 गिरफ्तार

सीएम फ्लाइंग ने रात एक बजे की रेड, 24 गिरफ्तार 

फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी लोगों से कर रहे थे साइबर फ्रॉड 
Cyber Fraud : सीएम फ्लाइंग और गुप्तचर विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। मौके से 24 युवक और युवतियों को पकड़ा गया है। फर्जी कॉल सेंटर से 24 मोबाइल और लैपटॉप और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई कुंडली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में हुई है। फिलहाल मामले में अब कुंडली थाना पुलिस जांच कर रही है। 
पुलिस के अनुसार सोनीपत के कुंडली में स्थित एक बंद पड़ी बिल्डिंग का इस्तेमाल एक फर्जी कॉल सेंटर चलाने के लिए किया जा रहा था। गुप्तचर विभाग और सीएम फ्लाइंग की टीम ने जब यहां पर रेड की तो यह नजारा देखने को मिला है।
सीएम फ्लाइंग टीम के पास गुप्त सूचना थी कि कुंडली थाना क्षेत्र में बंद पड़ी फैक्टरी की बिल्डिंग में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। इसके बाद सोनीपत गुप्तचर विभाग, थाना साइबर थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच और कुंडली थाना पुलिस की एक टीम का गठन कर रात करीब 1 बजे रेड मारी गई तो इस का खुलासा हुआ है। इस पर जी कॉल सेंटर से विदेश से कॉल की जा रही थी। मौके से 24 युवक ओर युवतियों को पकड़ा गया है। फर्जी कॉल सेंटर से 24 मोबाइल और लैपटॉप और अन्य इंस्ट्रूमेंट भी बरामद किए हैं। फिलहाल मामले में कॉल सेंटर के संचालक खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुप्तचर विभाग के डीएसपी जीत सिंह बेनीवाल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। जिसके बाद टीम का गठन कर रेड डाली गई है और फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है। इन्होंने 15 दिन पहले ही इस सेंटर की शुरुआत की थी और विदेशों से आने वाले कॉल को यह रिसीव करते थे।अभी तक जांच में यही पता चला है।

Friday, February 20, 2026

February 20, 2026

युवा शक्ति नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विज़न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है : राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष

युवा शक्ति नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विज़न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है : राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष

- कहा , हरियाणा सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी
चंडीगढ़ - हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि युवा शक्ति नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विज़न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। हरियाणा सरकार ने भी युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी है।

प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।

प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने युवा शक्ति को हरियाणा का भविष्य बताते हुए कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है। यह वही युवा शक्ति है, जो खेतों में परिश्रम करती है, खेल के मैदानों में देश का नाम रोशन करती है और नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विज़न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी है। इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं और युवाओं में आत्मविश्वास जगा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोज़गार निगम ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। इसके द्वारा अब तक लगभग 1 लाख 18 हजार संविदा कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। इन युवाओं को न सिर्फ़ रोज़गार मिला है, बल्कि उन्हें सेवा अवधि की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा लाभ, चिकित्सा और जीवन बीमा सुरक्षा देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा कौशल रोज़गार निगम ने खुद को एक अधिकृत भर्ती एजेंसी के रूप में भी पंजीकृत किया है और विदेशी नियोक्ताओं के साथ तालमेल भी बनाया है। इससे राज्य के युवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक रोज़गार के अवसरों के द्वार खुले हैं। राज्य के 200 युवाओं को इज़राइल में कंस्ट्रक्शन वर्कर और 210 अन्य युवाओं को यूनाइटेड अरब अमीरात में बाइक राइडर और वेयरहाउस असिस्टेंट के तौर पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नियुक्त किया गया है।

प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण को उच्च प्राथमिकता दे रही है। 'दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना' के तहत 4,826 ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। ग्रामीण स्व-रोज़गार प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से इस साल 14 हजार 198 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, इनमें से 70 प्रतिशत युवाओं को स्व-रोज़गार से जोड़ा गया है।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि हर हरियाणवी युवा अपने क्षेत्र में हुनरमंद बने। श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के ज़रिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण की शुरुआत इसका जीवंत उदाहरण है। वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों से निपटने के लिए, हमने देश में अपनी तरह का पहला ‘डिपार्टमेंट ऑफ़ फ्यूचर’ बनाया है। यह पहल वर्ष 2047 तक ‘विकसित हरियाणा’ के विज़न को पूरा करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। यह डेटा विश्लेषण और भविष्योन्मुखी नीतियों से प्रशासन को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

राज्यपाल ने कहा कि देश की सेवा और सुरक्षा प्रदेश के युवाओं के संस्कारों में रची-बसी है। हरियाणा सरकार देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों की आभारी है। उनके बलिदान को सर्वोपरि रखते हुए, अक्तूबर, 2014 से अब तक सशस्त्र बलों एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शहीदों के 418 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अग्निवीरों के त्याग और समर्पण को भी पूरा समर्थन दे रही है। हरियाणा के अग्निवीरों को सुरक्षा बलों के नियमित कर्मचारियों की तरह ही एक्स-ग्रेसिया ग्रांट और अवॉर्ड दिए जा रहे हैं।

 शिक्षा : ज्ञान से सशक्त समाज

राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की दीर्घकालिक पूंजी होती है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समान अवसर पर विशेष ध्यान दिया है। विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी केवल डिग्री नहीं, वरन जीवन कौशल भी प्राप्त कर सकें।
February 20, 2026

21 फरवरी – अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में अपनी मातृभाषा हिंदी : गौरव और आत्मसम्मान का आधार

21 फरवरी – अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में
अपनी मातृभाषा हिंदी : गौरव और आत्मसम्मान का आधार
लेखक - डॉ. अशोक कुमार वर्मा
dr.ashokkumar.kavi@gmail.com  
9053115315

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस प्रत्येक वर्ष 21 फरवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व की सभी भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इस दिवस की घोषणा UNESCO द्वारा की गई थी। इसकी प्रेरणा बांग्लादेश के ऐतिहासिक भाषा आंदोलन से जुड़ी है, जहाँ मातृभाषा के सम्मान हेतु विद्यार्थियों ने बलिदान दिया। आज भारत को स्वतंत्र हुए लगभग 79 वर्ष होने जा रहे हैं, परंतु यह चिंतन का विषय है कि अभी भी अधिकांश क्षेत्रों में अंग्रेज़ी भाषा का प्रभुत्व दिखाई देता है। यद्यपि प्रत्येक वर्ष बैंकों, सरकारी एवं अर्ध-सरकारी संस्थानों में हिंदी पखवाड़ा मनाकर हिंदी के प्रयोग पर बल दिया जाता है, किंतु इसके परिणाम अपेक्षित रूप में सामने नहीं आ पाते।
*भाषा और संस्कार* जब कोई बालक जन्म लेता है, तभी से उसके परिवेश में भाषा के संस्कार अंकित होने लगते हैं। माता-पिता और आसपास के लोग यदि प्रारंभ से ही अंग्रेज़ी को प्राथमिकता देते हैं, तो स्वाभाविक है कि बालक की सोच और अभिव्यक्ति उसी दिशा में विकसित होगी। यह सत्य है कि बचपन में डाले गए संस्कार जीवन भर साथ रहते हैं। आज अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में हिंदी विषय को छोड़कर लगभग सभी विषय अंग्रेज़ी में पढ़ाए जाते हैं। परिणामस्वरूप बालक के मन में यह धारणा घर कर जाती है कि समाज में उच्च स्थान, आधुनिक जीवन शैली और प्रतिष्ठा के लिए अंग्रेज़ी का ज्ञान अनिवार्य है। ऐसे में हिंदी का ज्ञान तो प्राप्त हो जाता है, परंतु व्यवहार में अंग्रेजी को अधिक महत्व दिया जाता है। आज अंग्रेज़ी में बोलने और कार्य करने वाले व्यक्ति को ही अधिक शिक्षित और प्रगतिशील माना जाने लगा है।

*हिंदी की व्यापकता और सांस्कृतिक परंपरा* हिंदी केवल उत्तर भारत की भाषा नहीं है। दक्षिण भारत के आचार्यों—वल्लभाचार्य, रामानुज तथा रामानंद —ने लोकभाषा के माध्यम से अपने मतों का प्रचार किया। इसी प्रकार विभिन्न राज्यों के संत-कवियों ने भी हिंदी को अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। महाराष्ट्र के नामदेव और बंगाल के चैतन्य महाप्रभु सहित अनेक संतों ने जनभाषा के माध्यम से भक्ति और साहित्य की धारा को प्रवाहित किया। इससे स्पष्ट है कि हिंदी सदैव सांस्कृतिक एकता की धुरी रही है।
हिंदी की जननी संस्कृत है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला है। आज विश्व के अनेक संस्थानों में संस्कृत और हिंदी के अध्ययन में रुचि बढ़ रही है। यह हमारे लिए गौरव का विषय है, किंतु विडंबना यह है कि हम स्वयं अपनी भाषाओं की अपेक्षा अंग्रेज़ी को अधिक महत्व देने लगे हैं।
  *न्यायपालिका और प्रशासन में हिंदी* संसद में अनेक अवसरों पर हिंदी को न्यायपालिका और प्रशासन में बढ़ावा देने की मांग उठी है। संविधान में हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है, किंतु उच्चतम न्यायालय एवं कई प्रशासनिक स्तरों पर अंग्रेज़ी का ही अधिक प्रयोग होता है। कुछ राज्यों—उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश—के उच्च न्यायालयों में हिंदी के प्रयोग की अनुमति एक सकारात्मक कदम है। फिर भी यह आवश्यक है कि शासन और न्याय व्यवस्था आमजन की भाषा में अधिक सुलभ हो, ताकि नागरिक अपनी बात सहजता से रख सकें।
*निष्कर्ष*
यदि हम गहराई से विचार करें तो पाएंगे कि हिंदी व्यवहारिक रूप में राजभाषा तक सीमित रह गई है। अन्य भाषाओं का सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है, परंतु अपनी भाषा को पूर्ण रूप से स्थापित किए बिना संतुलित भाषायी नीति संभव नहीं है।
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि—
• हम अपने दैनिक जीवन में हिंदी का सम्मान पूर्वक प्रयोग करेंगे।
• नई पीढ़ी में मातृभाषा के प्रति गर्व की भावना विकसित करेंगे।
• प्रशासन और न्याय व्यवस्था में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करेंगे।
मातृभाषा हमारी पहचान है, हमारी संस्कृति की आत्मा है और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है।
आइए, इस पावन अवसर पर हिंदी के संरक्षण और संवर्धन का दृढ़ संकल्प लें।
February 20, 2026

प्रदेश सरकार 'नारी शक्ति' को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है : राज्यपाल

*प्रदेश सरकार 'नारी शक्ति' को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है : राज्यपाल*

सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है*
चंडीगढ़ - हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार 'नारी शक्ति' को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है और उनके सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है।

प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का सबसे सशक्त संकेत महिलाओं की स्थिति से मिलता है। हरियाणा सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है। उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 'ड्रोन दीदी योजना' के तहत ग्रामीण महिलाओं को राज्य स्वामित्व वाली कंपनी 'ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेड' के माध्यम से 29 सितंबर, 2021 से स्टेट-ऑफ-द-आर्ट स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है। इनमें 33 'ड्रोन दीदियों' को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 15 का प्रशिक्षण जारी है। इनके अतिरिक्त, लगभग 1,350 'ड्रोन दीदियों' के लिए जल्द ही प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।

 उन्होंने महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए बताया कि राज्य में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में, 33 महिला पुलिस थाने और 239 महिला हेल्प डेस्क पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। इनके अलावा, अगले वर्ष 7 नए महिला पुलिस थाने - लोहारू, बरवाला (हिसार), नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पेहोवा में खोलने का निर्णय किया गया है।

प्रदेश सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए उदाहरणीय प्रयास किए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में 'सांझा बाजार' और बस स्टैंडों पर विशेष दुकानें स्थापित की गई हैं। यह सुदृढ़ बाजार ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने और सम्मानजनक आय अर्जित करने में मदद करते हैं। श्रमिकों को भोजन सेवाएं प्रदान करने के लिए इन समूहों को 124 'अटल श्रमिक-किसान कैंटीन' का संचालन भी सौंपा गया है।

राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश सरकार के 'लखपति दीदी' कार्यक्रम से राज्य में एक मूक क्रांति आई है, जिसके परिणास्वरूप, 1 लाख 6 हजार 325 महिलाएं 'लखपति दीदी' बन गई हैं। सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) के उत्पादों को वैश्विक और डिजिटल पहचान दिलाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए गए हैं और उन्हें मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से सीधे मुख्य बाजार से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के विज़न को पूरा करने के लिए राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक से पहले एक साल की प्री-प्राइमरी शिक्षा, यानि 'बालवाटिका-III' शुरू की गई है। बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात को 1:30 के आदर्श स्तर पर बनाए रखा गया है। बच्चों को सुरक्षित व घर जैसा माहौल देने के लिए राज्य भर के लगभग 8,600 स्कूलों में बाल अनुकूल और समर्पित क्लासरूम बनाए गए हैं। यह गर्व की बात है कि शैक्षणिक सत्र-2025-26 में बालवाटिका-III में 79,000 से ज़्यादा बाल विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इन बच्चों को खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित और भय-मुक्त वातावरण में शिक्षा दी जा रही है। मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से इन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की प्रगति की निरंतर निगरानी की जा रही है। बालवाटिका-III के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाने के लिए खेल सामग्री और आवश्यक सुविधाओं से युक्त 119 मॉडल बालवाटिका बनाई गई हैं।

 *राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून का राज*

राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरियाणा में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही है। आज इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि तीन नए आपराधिक कानूनों को पूर्णरूप से लागू करने में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में बेहतर जांच और मॉडर्न पुलिसिंग के परिणामस्वरूप, 1 जुलाई, 2024 से 31 दिसम्बर, 2025 तक पंजीकृत मामलों में सज़ा की दर बढ़कर 74.13 प्रतिशत हो गई है।

प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सुरक्षा की प्रतिबद्धता से वर्ष 2025 में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। साइबर क्राइम के खिलाफ़ संघर्ष में हरियाणा देश में सबसे आगे हैं। हरियाणा ने रियल टाइम में 36 प्रतिशत फ्रॉड अमाउंट बचाकर और 1.5 लाख फ्रॉड मोबाइल नंबर ब्लॉक करके हमारे नागरिकों की 256 करोड़ रुपये की संपत्ति सुरक्षित की है।

राज्यपाल ने आगे कहा कि खुशी की बात है कि पिछले 4-5 वर्षों में अनुसूचित जाति की महिलाओं के खिलाफ़ हुए अपराधों में कमी आई है। ऐसी महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार के मामलों में पिछले 4 वर्षों में 67 प्रतिशत की कमी आई है, जो वर्ष 2021 में 257 से घटकर वर्ष 2025 में 83 रह गए हैं। बलात्कार के मामले वर्ष 2022 में 211 से घटकर वर्ष 2025 में 105 रह गए हैं, जो 50 प्रतिशत की कमी है। वर्ष 2020 से अपहरण के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2020 में ऐसे 23 मामले थे, जो वर्ष 2025 में घटकर 10 रह गए हैं।

उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आने वाले मामले वर्ष 2021 में 132 से घटकर वर्ष 2025 में 48 रह गए हैं। संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, राज्य पुलिस ने 426 आपराधिक गैंग का भंडाफोड़ किया है और विदेश में शरण लिए हुए 15 गैंगस्टरों का प्रत्यार्पण सुनिश्चित किया है। इससे फिरौती की घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आई है।

राज्यपाल ने जानकारी दी कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5,500 नए पुलिस सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डायल-112 पर 9 मिनट और 44 सेकंड का तेज़ रिस्पॉन्स टाइम जवाबदेह गवर्नेंस सिस्टम की निशानी है। नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, सरकार कार्य योजना-2029 के साथ मज़बूती से आगे बढ़ रही है।

Thursday, February 19, 2026

February 19, 2026

अग्रवाल समाज की महिला विंग द्वारा होली के उपलक्ष्य में ब्रज रसामृत एवं भव्य होली महोत्सव 22 से 24 फरवरी तक

अग्रवाल समाज की महिला विंग द्वारा होली के उपलक्ष्य में ब्रज रसामृत एवं भव्य होली महोत्सव 22 से 24 फरवरी तक
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज जीन्द की महिला इकाई द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी जींद में पहली बार तीन दिवसीय ब्रज रसामृत एवं भव्य होली महोत्सव का भव्य आयोजन सेवा सदन गांधी नगर जीन्द में आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव 22 से 24 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 3 बजे से 6 बजे तक आयोजित होगा। महोत्सव की तैयारियों को लेकर महिला इकाई की एक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष डा. राजकुमार गोयल ने की। इस अवसर पर महिला इकाई की प्रधान पुष्पा अग्रवाल, पूर्व प्रधान डेजी जैन, मीनाक्षी, मंजू सिंगला, पुष्पा गोयल इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रही।
पुष्पा अग्रवाल ने बताया कि इस भव्य महोत्सव में मथुरा से सुप्रसिद्ध कथा व्याख्याता अक्षित लाडली शरण ब्रज की होली, राधा-कृष्ण की लीलाओं और भक्ति रस की अमृत वर्षा करेंगे। कार्यक्रम में भजन, संकीर्तन और विशेष होली उत्सव का आयोजन भी होगा जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आनंदमय हो उठेगा। इस अवसर पर डेजी जैन ने बताया कि यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव का संदेश भी देगा। महिला विंग की ओर से कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और शहरवासियों से परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है।

Wednesday, February 18, 2026

February 18, 2026

उचाना विधानसभा क्षेत्र को 103 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 5 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन

उचाना विधानसभा क्षेत्र को 103 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 5 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन 
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जींद जिला के उचाना में आयोजित धन्यवाद रैली में उचाना विधानसभा क्षेत्र को 103 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 5 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी किए। इनमें 28 करोड़ 54 लाख लागत के 3 उद्घाटन और 74 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत के 2 शिलान्यास शामिल है।
इस दौरान उपस्थित जनसमूह को प्रदेश के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा, समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी और हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा ने भी संबोधित किया।

 जनता ने घरानों का वहम निकालने का काम किया: गंगवा

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार तेजी से विकास कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में जो माहौल था, उसे दूर करने का काम करते हुए उचाना की जनता ने बीजेपी सरकार बनवाई। आज पूरे हरियाणा में मुख्यमंत्री समान विकास करने का काम कर रहे है। श्री गंगवा ने कहा कि कई लोगों को वहम था कि यहां से केवल बड़े घराने ही जीत सकते है। इतना ही नहीं, यह वहम भी था कि वे बीजेपी के अंदर आएं है तभी बीजेपी की सरकार बनी है। यह वहम भी निकालने का काम उचाना की जनता ने किया है। केंद्र में मंत्री एमपी तथा एमएलए रहने वालों को जनता ने बता दिया कि जनता तय करती है कि कौन विजयी होकर जाएगा, घराने नहीं।

 किसी की पेंशन नहीं काटी: बेदी

समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी ने कहा कि बांगर की धरती का हमेशा से राजनीति में अहम रोल रहा है। एक समय था, जब कांग्रेस की यहां से 5 सीट आई थी, ऐसे ही चौधरी देवीलाल भी यहां से जीते। लेकिन अब यहां की जनता बीजेपी पर राजी है, और श्री नरेंद्र मोदी और श्री नायब सिंह सैनी पर यहां की जनता ने विश्वास जताया है। श्री बेदी ने कहा कि यहां से जीतने वालों ने राजनीतिक लाभ लेते हुए देश और प्रदेश में राजनीति की। बड़े ओहदे और पद लिए, लेकिन इस इलाके को देखने का उनके पास वक्त तक नहीं था। मगर, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ना सिर्फ आमजन के बीच आकर उनकी समस्याओं का हल कर रहे है, बल्कि विकास कार्यो को भी गति दे रहे है। उन्होंने कहा कि जनता का भला होता देख विपक्षियों को यह हजम नहीं हो रहा और वो जनता के बीच दुष्प्रचार करने का काम कर रहे है। श्री बेदी ने पेंशन के मुद्दे पर कहा कि सरकार ने ना किसी की पेंशन बंद की, ना किसी के काटने की योजना थी। सिर्फ जिनकी शिकायत थी अधिकारियों द्वारा उन्हें चैक करने के लिए रोका गया था। मगर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चैकिंग बाद में करते रहना पर पेंशन किसी की नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र हुड्डा के वक्त तो बुजुर्गों की ना सिर्फ पेंशन काटी गई, बल्कि ब्याज सहित और फाइन के साथ लौटाने बारे भी नोटिस जारी हुए थे। लेकिन वर्तमान सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया, बल्कि हर साल पेंशन बढ़ाई है।

 हरियाणा में हो रहा है चहुमुंखी विकास: मिड्ढा

हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का एक ही भाव है कि सत्ता नहीं, सेवा बड़ी होती है, राजनीति नहीं, जिम्मेदारी बढ़ी होती है। इसी के तहत 90 विधानसभा में जाकर मुख्यमंत्री विकास कार्यो को गति दे रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यो को तेज गति से कर रही है। डॉ मिड्ढा ने जींद जिला में हाल ही में करवाये गये विकास कार्यो का भी ब्यौरा देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने जींद में नया बाईपास, मेडिकल कॉलेज, नया रेलवे स्टेशन, जींद जिला को आईएमटी जैसी सौगाते दी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यो को देख आज हालात यह है कि विपक्ष बौखला चुका है। चुनाव से पहले कांग्रेस सत्ता में आने की बातें करती थी, लेकिन जनता ने उनकी हवा ही निकाल कर रख दी।
February 18, 2026

एसएलएससी ने दी 402 करोड़ रुपये से अधिक की सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

एसएलएससी ने दी 402 करोड़ रुपये से अधिक की सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

 हरियाणा के 94 गांवों के लगभग 8,900 किसानों को मिलेगा लाभ

 11,040 हेक्टेयर क्षेत्र आएगा आधुनिक सिंचाई के दायरे में
चंडीगढ़-सतत कृषि और वैज्ञानिक जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के मकसद से राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण (मिकाडा) के अंतर्गत चार सामुदायिक सौर ऊर्जा आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

कुल 402.41 करोड़ रुपये लागत की ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों के 20 ब्लॉकों में स्थित 61 नहरी आउटलेट्स पर लागू की जाएंगी। वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच पूरी होने वाली इन परियोजनाओं से 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड एरिया आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत आ जाएगा तथा 94 गांवों के 8,926 किसानों को सीधा लाभ होगा।

जिला-वार स्वीकृत राशि में भिवानी के लिए 95.78 करोड़, झज्जर के लिए 114.68 करोड़, कुरुक्षेत्र के लिए 77.17 करोड़ तथा महेंद्रगढ़ के लिए 114.78 करोड़ रुपये शामिल हैं। परियोजनाओं का लाभ-लागत अनुपात 1.21:1 से 1.65:1 के बीच है, जो उनकी आर्थिक व्यवहार्यता और दीर्घकालिक लाभ को दर्शाता है। नहरी क्षेत्रों में ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली को बढ़ावा देकर, इन परियोजनाओं का लक्ष्य जल उपयोग दक्षता बढ़ाना, ट्रांसमिशन हानि कम करना और फसल उत्पादकता बढ़ाना है।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जल की आपूर्ति और मांग का समन्वित प्रबंधन जलवायु परिवर्तन और गिरते भूजल स्तर की चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभागों को परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, सख्त निगरानी और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित अवधि में किसानों तक इनका लाभ पहुंच सके। सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली से परिचालन लागत में कमी आएगी और सिंचाई पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को खेतों में जाकर किसानों के साथ श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने के निर्देश भी दिए।

समिति ने पीडीएमसी (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) दिशानिर्देश, 2025 के अनुसार निर्माता एवं आपूर्तिकर्ताओं के पंजीकरण सहित 16 व्यापक सुधार एजेंडों की समीक्षा कर उन्हें मंजूरी दी। 165 आवेदनों की गहन जांच के बाद 147 निर्माताओं एवं आपूर्तिकर्ताओं को वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पंजीकरण के लिए पात्र पाया गया। विक्रेताओं ने राज्य/पीडीएमसी मानकों के अनुरूप दरें निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे किसानों को कीमतों के उतार-चढ़ाव से संरक्षण मिलेगा।

यह योजना लाभार्थी-आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण/इन-काइंड मॉडल के तहत जारी रहेगी। इससे किसान आपूर्तिकर्ता का चयन कर सकेंगे परंतु अनुदान स्वीकृत लागत सीमा के भीतर ही जारी किया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मिकाडा पोर्टल को जीएसटी पोर्टल से जोड़ा जाएगा, ताकि बिलों का डिजिटल सत्यापन हो सके और फर्जी या बढ़े हुए बिलों पर रोक लगे। विक्रेताओं के लिए वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए घटक-वार बैंक गारंटी व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है तथा नियमानुसार जीएसटी को अनुदान हिस्से के तौर पर शामिल किया गया है।
गुणवत्ता आश्वासन तंत्र को भी मजबूत किया गया है। प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों की राज्य स्तर पर जांच, उल्लंघन पर कड़े दंड प्रावधान तथा प्रतिवर्ष कम से कम 20 प्रतिशत परियोजनाओं की स्वतंत्र निगरानी का प्रावधान किया गया है। क्लस्टर-आधारित क्रियान्वयन रणनीति और सार्वजनिक-निजी-सीएसआर मॉडल पर भी विचार किया गया, ताकि खास तौर पर अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत किसानों को दीर्घकालिक रखरखाव सहयोग मिल सके।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच मिकाडा ने 18 जिलों में नाबार्ड वित्तपोषित 99 माइक्रो सिंचाई फंड योजनाएं 563.43 करोड़ रुपये की लागत से सफलतापूर्वक लागू की हैं। सहायक अवसंरचना का कार्य पूरा किया जा चुका है और लक्षित क्षेत्र के लगभग 40 प्रतिशत भाग में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की जा चुकी है।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, मिकाडा के प्रशासक श्री बिरेंद्र सिंह, मिकाडा के मुख्य अभियंता श्री एस.डी. शर्मा, निदेशक–एमआई (मिकाडा) श्री धूप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे
February 18, 2026

राज्य में 90 प्रतिशत टीबी रोगियों का ईलाज सफल - डॉ. सुमिता मिश्रा

टीबी को खत्म करने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा हरियाणा : एसीएस हेल्थ

राज्य में 90 प्रतिशत टीबी रोगियों का ईलाज सफल - डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़-- हरियाणा में स्वास्थ्य के प्रति दृढ प्रतिबद्धता, डिजिटल नवाचार, मजबूत निदान प्रणाली एवं जनभागीदारी के साथ टीबी को खत्म करने और हर प्रभावित व्यक्ति की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करने करने के लिए कार्य किया जा रहा है। 
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रोगियों पर फोकस करते हुए निरीक्षण में टीबी दवा अभियान सबसे आगे रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का राज्य टीबी सेल वेबसाइट टीबी सेवाओं की सही समय पर लोगों तक पहुँच बनाने, टीबी से होने वाली मौतों को कम करने के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान के रूप में कार्य कर रहा है। नेशनल निक्षय डिजिटल प्लेटफॉर्म टीबी से ठीक हुए लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करने वाला अग्रणी केन्द्र है। 
उन्होंने बताया कि राज्य में टीबी से जुड़ी सेवाओं तक पारदर्शी जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ऐसे लाभार्थियों को जल्द ही लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि टीबी मुक्त होने के बाद लोगों को सुरक्षित जीवन मिल सके।
जनवरी से दिसंबर 2025 तक राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि हरियाणा में एक लाख आबादी पर 9,75,000 लक्ष्य के मुकाबले 3,848 टेस्ट लिए गए जिसमें 2,52,537 थूक सैम्पल में से 88,689 टीबी केस पाए गए, जो सालाना लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राइवेट सेक्टर में भी पब्लिक-प्राइवेट कोऑर्डिनेशन से 105 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
वर्ष 2024 में 74,483 टीबी रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए 90 प्रतिशत ईलाज रेट हासिल किया। इसमें एचआईवी टेस्टिंग 98 प्रतिशत, जबकि डायबिटीज जांच में 96 प्रतिशत टीबी रोगियों को कवर किया गया, जिससे सहयोगी परिस्थितियों में एकीकरण प्रबंधन मजबूत हुआ। सूक्ष्म जीव विज्ञान से कन्फर्म 90 प्रतिशत मामलों में सर्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण किया गया, जिससे देखभाल की गुणवता बेहतर हुई और ईलाज के सार्थक परिणाम रहे।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें 23 जिला टीबी सेंटर, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर में 45 सीबीएनएएटी मशीनों, 53 ट्रूनेट मशीनों और करनाल और पीजीआईएमस रोहतक में दो कल्चर और दवा संवदेनशीलता टेस्टिंग लैब से बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं।

टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक शारीरिक रूप से कमज़ोर लोगों का मैप तैयार कर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गई। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण और जन सहयोग से हज़ारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फ़ूड बास्केट बांटे गए। विश्व टीबी दिवस 2025 पर  निक्षय मित्र पहल से हरियाणा की देश भर में सराहना हुई़ और 2024 में 1,855 पंचायतें टीबी मुक्त बनाई गईं।
February 18, 2026

एमडीयू में महिला अंतर महाविद्यालय सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता संपन्न

एमडीयू में महिला अंतर महाविद्यालय सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता संपन्न
 - एमकेजेकेएम, रोहतक की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के खेल परिसर में महिला अंतर महाविद्यालय सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस खेल प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

कड़े मुकाबलों के बाद एमकेजेकेएम, रोहतक की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। टीआरजीसी, सोनीपत की टीम द्वितीय स्थान पर रही। वहीं वीएमएम, रोहतक तथा जीसीडब्ल्यू, बहादुरगढ़ की टीमों ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।

समापन अवसर पर खेल निदेशक डॉ. शकुंतला बेनीवाल ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व कौशल का भी विकास करते हैं। कबड्डी कोच विकास कुमार ने प्रतियोगिता का संचालन किया। इस अवसर पर मुकेश गोयल समेत अन्य खेल प्रशिक्षक और प्रतिभागी खिलाड़ी उपस्थित रहे।
February 18, 2026

एमडीयू के रंग–सुर में मोहन राकेश के आधे अधूरे का सशक्त मंच

एमडीयू के रंग–सुर में मोहन राकेश के आधे अधूरे का सशक्त मंच
- पारिवारिक विडंबनाओं को उजागर करती मार्मिक प्रस्तुति, डॉ. शरणजीत कौर रहीं मुख्य अतिथि
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के रंग महोत्सव के तहत रंग–रास कार्यक्रम में बहुचर्चित नाटक आधे अधूरे का अत्यंत प्रभावपूर्ण मंचन विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में किया गया। 

इस नाटक का उद्घाटन रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्षा डॉ. शरणजीत कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने कहा कि मोहन राकेश के नाटक आज भी मानवीय संबंधों की जटिलताओं और सामाजिक यथार्थ को उतनी ही तीव्रता से अभिव्यक्त करते हैं। विद्यार्थियों का अभिनय अत्यंत सजीव और संवेदनापूर्ण रहा।
नाटक की परिकल्पना एवं निर्देशन प्रोफेसर विभांशु वैभव ने किया। महेंद्रनाथ की भूमिका में प्रिंस, जगमोहन की भूमिका में पुष्कर तथा सावित्री की भूमिका में भारती ने अपने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।

आधे अधूरे स्त्री–पुरुष संबंधों में व्याप्त असंतुलन, पारिवारिक विखंडन और अधूरी आकांक्षाओं की त्रासदी को उभारता है। नाटक दर्शाता है कि भौतिक उपलब्धियों और महत्वाकांक्षाओं की दौड़ में व्यक्ति किस प्रकार अपने अस्तित्व, आत्मसम्मान और रिश्तों की मधुरता को खो देता है। घर को बचाए रखने के प्रयास में परिवार बिखर जाता है और संबंधों की ऊष्मा शुष्क हो जाती है।
नाटक प्रस्तुति ने दर्शकों को गहन आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया। रंग रास के कन्वीनर प्रो हरीश कुमार ने इस कार्यक्रम का समन्वयन किया। इस अवसर पर रंग महोत्सव की संयोजक प्रो सपना गर्ग समेत एमडीयू के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और शहर के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। निदेशक युवा कल्याण डॉ. प्रताप राठी और उनकी टीम ने आयोजन सहयोग दिया।
February 18, 2026

हरियाणा में पूर्व कांग्रेस MLA का निधन:फरीदाबाद से विधायक रहे, गांधी परिवार के करीबियों में गिनती; पार्टी में युवा महासचिव तक बने

हरियाणा में पूर्व कांग्रेस MLA का निधन:फरीदाबाद से विधायक रहे, गांधी परिवार के करीबियों में गिनती; पार्टी में युवा महासचिव तक बने
फ़रीदाबाद : फरीदाबाद में पूर्व विधायक आनंद कौशिक का बुधवार को निधन हो गया। 75 वर्ष की आयु में उन्होंने सेक्टर-9 स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सुनकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उनके घर पहुंच रहे हैं।

गुरुवार को खेडी पुल शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। आनंद की गिनती इंदिरा और राजीव गांधी के करीबियों में होती थी। गांधी परिवार ने उन्हें 1997 में हरियाणा प्रदेश का महासचिव बना दिया था।

उनके छोटे भाई बलजीत कौशिक को 6 महीने पहले पार्टी ने फरीदाबाद का जिलाध्यक्ष बनाया था। परिवार का कहना है कि वो करीब एक साल से बीमार चल रहे थे। बीमारी के कारण ही अब एक्टिव पॉलिटिक्स से भी दूरी बना रखी थी।

पिछले एक साल से बेड रेस्ट पर थे पूर्व विधायक आनंद कौशिक पिछले करीब एक साल से बेड रेस्ट पर थे। पारिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि बेड पर डॉक्टरों की प्रजेंस में उनका इलाज चल रहा था। कई महीनों से आनंद कोमा जैसी स्थिति में चले गए थे।

हरियाणा विधानसभा की वेबसाइट के अनुसार, आनंद के एक बेटा और तीन बेटी हैं। वे मूल रूप से रोहतक के बोहर गांव के रहने वाले थे। आनंद ने कई देशों की भी यात्रा की थी।

फरीदाबाद सीट से 2009 में विधायक बने आनंद कौशिक 2009 में कांग्रेस के टिकट पर फरीदाबाद विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। उन्होंने 2014 तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। आनंद की संगठन और क्षेत्र में मजबूत पकड़ थी।

गांधी परिवार के करीबियों में गिनती रही कौशिक की गिनती गांधी परिवार के करीबियों में होती थी। लंबे समय तक राजीव गांधी और संजय गांधी से उनका जुड़ाव रहा। शुरुआत में उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। 1997 में कांग्रेस ने उन्हें हरियाणा प्रदेश का महासचिव नियुक्त किया था।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रहे इसके अलावा आनंद कौशिक युवा कांग्रेस में राष्ट्रीय महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। परिजनों का कहना है कि वे करीब एक साल से अस्वस्थ चल रहे थे। तब से ही एक्टिव पॉलिटिक्स से भी दूर हो गए थे। दोपहर करीब दो बजे उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

छोटे भाई फरीदाबाद जिलाध्यक्ष उनके भाई बलजीत कौशिक वर्तमान में फरीदाबाद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हैं। करीब 6 माह पहले ही उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया गया था। उधर, राजनीतिक और सामाजिक जगत की कई हस्तियों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा- आनंद कौशिक एक समर्पित, जुझारू और संगठन के प्रति निष्ठावान नेता थे। उन्होंने पार्टी और क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई।

2 बार हार झेली, बाद में सैलजा गुट थामा आनंद कौशिक को कांग्रेस ने 2014 में फरीदाबाद से दोबारा टिकट दिया। उनके सामने बीजेपी ने विपुल गोयल को अपना प्रत्याशी बनाया था। कौशिक को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद 2019 में कांग्रेस ने उन्हें बल्लभगढ़ सीट से मैदान में उतारा, मगर इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में बीजेपी के मूलचंद शर्मा ने जीत दर्ज की थी। वहीं, कुमारी सैलजा के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद उन्हें सैलजा का करीबी माना जाने लगा।
February 18, 2026

जींद जिले के तीन नगर पार्षद हुए अयोग्य घोषित, नहीं लड़ पाएंगे साढ़े चार साल तक चुनाव

जींद जिले के तीन नगर पार्षद हुए अयोग्य घोषित, नहीं लड़ पाएंगे साढ़े चार साल तक चुनाव 

चुनाव के बाद खर्च का बयोरा देने में देरी करना पड़ गया महंगा 
जींद : जिले के तीन पार्षदों को चुनाव आयोग के नियमों का पालन नहीं करना महंगा पड़ गया है। चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च का ब्यौरा नहीं देने पर जींद नगर परिषद के दो पार्षदों व उचाना नगर पालिका के एक पार्षद की सदस्यता को रद्द कर दिया गया है और उन पर अगले साढ़े चाल साल तक चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य घोषित कर दिया है। चुनाव आयोग ने जिन पार्षदों की सदस्यता को रद्द किया है, उसमें नगर परिषद जींद के वार्ड-17 की पार्षद सुशीला चहल और वार्ड-21 के पार्षद सतपाल कुंडू, उचाना नगरपालिका के वार्ड-12 की पार्षद गीता शामिल है। 

हरियाणा चुनाव आयोग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि इस आर्डर के मिलने के 45 दिनों के अंदर राज्य चुनाव आयोग के सामने ये पार्षद रिव्यू के लिए आयोग में अपील कर सकते हैं। चुनावी खर्च का ब्योरा एक माह के अंदर जमा नहीं करने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने 26 सितंबर 2025 को तीनों पार्षदों को अयोग्य ठहरा दिया था।

जिला निर्वाचन अधिकारी के फैसले के खिलाफ तीनों पार्षदों ने राज्य चुनाव आयोग में अपील की थी। नगर परिषद जींद के आम चुनाव 19 जून 2022 को हुए थे और नतीजा 22 जून को घोषित किया था। नियमानुसार चुनाव नतीजे घोषित होने की तारीख से 30 दिनों के अंदर इन पार्षदों ने खर्च का ब्योरा जमा नहीं करवाया। जिसके चलते डीसी ने 26 सितंबर 2025 को पार्षद सुशीला चहल, सतपाल कुंडू और गीता को पांच साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहरा दिया था। जिसके बाद तीनों ने राज्य चुनाव आयोग में फैसले के खिलाफ अपील की।

29 जनवरी को आयोग ने तीनों पार्षदों को पर्सनल हियरिंग का मौका दिया और उनका पक्ष सुना। पार्षदों की तरफ से सुनवाई के दौरान जो तथ्य रखे गए, उनको ध्यान में रखते हुए राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र सिंह ने राहत देते हुए अयोग्यता के पांच साल में से छह माह कम कर दिए। यानि तीनों पांच साल की बजाय साढ़े चार साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होंगे।

आयोग की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि अगर कोई चुना हुआ प्रधान या सदस्य एक्ट के सेक्शन 13एफ या 13एच के तहत चुनाव खर्च का स्टेटमेट जमा न करने की वजह से अयोग्य हो जाता है, तो राज्य चुनाव आयोग सुनवाई का मौका देने के बाद हटाने का आर्डर पास करता है। इस नियम के तहत पार्षद सुशीला चहल, सतपाल कुंडू को नगर परिषद जींद और गीता को उचाना नगरपालिका के सदस्य के पद से हटा दिया गया है।

पार्षद सुशीला चहल ने कहा कि अभी उनके पास रिव्यू का मौका है। जल्द ही राज्य चुनाव आयोग में इस फैसले के रिव्यू यानि पुनर्निरीक्षण के लिए अपील करेंगे। उन्हें उम्मीद हैं कि फैसला उनके हम में आएगा। परिवार में मौत होने की वजह से वे समय पर चुनाव खर्च जमा नहीं करवा पाए थे। 29 जनवरी को सुनवाई के दौरान उन्होंने अपना खर्च का ब्यौरा भी जमा करवा दिया है। उन्होंने कहा कि फैसले के रिव्यू के लिए अपील करेंगे।

Tuesday, February 17, 2026

February 17, 2026

हरियाणा सरकार ने दिए आरटीआई पेनल्टी की समयबद्ध वसूली के आदेश

हरियाणा सरकार ने दिए आरटीआई पेनल्टी की समयबद्ध वसूली के आदेश
चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए, हरियाणा सूचना का अधिकार आयोग द्वारा लगाए गए दंड की समयबद्ध वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों के मुख्य प्रशासकों एवं प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों तथा उपायुक्तों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

राज्य सूचना आयोग द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के अंतर्गत सूचना उपलब्ध कराने में विलंब के मामलों में दोषी राज्य जन सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) पर प्रति मामले 250 रुपये प्रतिदिन की दर से, अधिकतम 25,000 रुपये तक दंड लगाया जाता है। वर्तमान में विभिन्न विभागों से संबंधित एसपीआईओ पर लगाए गए दंड में से कुल 2,94,87,000 रुपये से अधिक की राशि लंबित है।

सुव्यवस्थित अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एकमुश्त वसूली के स्थान पर मासिक किस्तों में वसूली की स्वीकृति दी है, ताकि संबंधित अधिकारियों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ न पड़े। संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरण के आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) द्वारा संबंधित अधिकारियों के वेतन या पेंशन से मासिक कटौती की जाएगी। क्लास-ए अधिकारियों से सेवा के दौरान 10,000 रुपये प्रतिमाह तथा सेवानिवृत्त होने की स्थिति में 5,000 रुपये प्रतिमाह वसूले जाएंगे। क्लास-बी अधिकारियों से सेवा के दौरान 7,000 रुपये प्रतिमाह तथा सेवानिवृत्त होने पर 3,500 रुपये प्रतिमाह की दर से वसूली की जाएगी। इसी प्रकार क्लास-सी कर्मचारियों से सेवा के दौरान 4,000 रुपये प्रतिमाह तथा सेवानिवृत्त होने पर 2,000 रुपये प्रतिमाह की दर से राशि वसूल की जाएगी। यह प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से लागू होगी और संपूर्ण बकाया राशि की वसूली तक जारी रहेगी।

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर संबंधित राज्य जन सूचना अधिकारी का निधन हो चुका है, तो अधिनियम के अंतर्गत लगाया गया दंड माफ कर दिया जाएगा तथा किसी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी।

ग्राम पंचायतों के कार्यरत सरपंचों के मामलों में दंड राशि की वसूली उनके मानदेय से 3,000 रुपये प्रतिमाह की दर से की जाएगी। पूर्व सरपंचों के मामले में स्वेच्छा से राशि जमा न कराने की स्थिति में संबंधित विभाग ऐसे मामलों को संबंधित जिला उपायुक्त को भेजेंगे करेंगे, ताकि लागू राजस्व कानूनों अथवा उपयुक्त वैकल्पिक विवाद निवारण तंत्र के अंतर्गत वसूली की कार्रवाई की जा सके। राज्य सूचना आयोग तथा पंचायत एवं विकास विभाग को इन मामलों में आपसी समन्वय से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी प्रशासनिक सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभागों में इन आदेशों के अनुपालन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के लिए कहा गया है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि डीडीओ स्वीकृत वसूली कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करें। उन्हें वसूली की प्रगति एवं शेष बकाया राशि से संबंधित सावधि स्थिति रिपोर्ट राज्य सूचना आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
February 17, 2026

पुलिस बल के आधुनिकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि की जा रही है खर्च, 5500 नए पुलिस जवानों की चल रही है भर्ती प्रक्रिया

हरियाणा की कानून-व्यवस्था को देश में एक मॉडल के रूप में स्थापित करना सरकार का संकल्प-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने पंचकूला स्थित कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में स्वैट कमांडो कोर्स के छठे बैच के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में किया संबोधित

मुख्यमंत्री ने 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन

पुलिस बल के आधुनिकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि की जा रही है खर्च, 5500 नए पुलिस जवानों की चल रही है भर्ती प्रक्रिया

राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को दी जा रही है सर्वोच्च प्राथमिकता-मुख्यमंत्री
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारा संकल्प पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों, बेहतर अवसंरचना और अत्याधुनिक प्रशिक्षण से सशक्त बनाकर हरियाणा की कानून-व्यवस्था को देश में एक मॉडल के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के आधुनिकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5500 नए पुलिस जवानों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को कमांडो प्रशिक्षण केंद्र पंचकूला में स्वैट कमांडो कोर्स के छठे बैच के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस कोर्स में 88 जवानों, जिसमें 11 पी.एस.आई. और 77 अन्य रैंक के जवान शामिल हैं, को आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का भी उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का ऐसा संगम है जो जवानों को वास्तविक परिस्थितियों का सटीक अनुभव प्रदान करेगा। यह केंद्र जवानों को बिना जोखिम के जटिल परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर देगा, उनकी प्रतिक्रिया समय को बेहतर बनाएगा और उनकी फायरिंग सटीकता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इससे प्रशिक्षण अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और परिणामोन्मुख बनेगा।
कमांडो प्रशिक्षण केंद्र में अब तक 25 हजार 700 जवान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है

मुख्यमंत्री ने कहा कि कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला की स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी और 4 मार्च, 1985 से यहां औपचारिक रूप से कमांडो प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उस समय प्रदेश के समक्ष उभरती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र की परिकल्पना की गई थी, ताकि विशेष अभियानों के लिए उच्च प्रशिक्षित बल तैयार किया जा सके। लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में फैला यह प्रशिक्षण केंद्र आज हरियाणा पुलिस की शौर्यगाथा का जीवंत अध्याय बन चुका है। यहां बेसिक कमांडो कोर्स से लेकर स्वैट कमांडो कोर्स सहित 12 प्रकार के विशेष पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब तक यहां से 25 हजार 700 जवान प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रदेश और देश की सेवा में समर्पित हो चुके हैं।

कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला, आने वाले समय में और भी नई तकनीकों से सुसज्जित होगा

मुख्यमंत्री ने स्वैट कमांडो को संबोधित करते हुए कहा कि जब कोई जवान स्वैट कमांडो बनता है, तो वह केवल एक रैंक नहीं पाता बल्कि वह राज्य की सुरक्षा का सबसे सशक्त प्रहरी बन जाता है। उन्होंने कहा कि स्वैट कमांडो कोर्स के दौरान जवानों ने एंटी-टेरर ऑपरेशन, क्लोज क्वार्टर बैटल, ड्रोन ऑपरेशन, आईईडी हैंडलिंग और फायर फाइटिंग जैसी विशेष तकनीकों में दक्षता हासिल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समय पारंपरिक अपराधों से आगे  बढ़ चुका है। आतंकवाद, संगठित अपराध, साइबर-समर्थित हमले और ड्रोन आधारित खतरे जैसी चुनौतियां हमारे सामने हैं। ऐसे समय में स्वैट जैसी विशेष इकाई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पंचकूला, आने वाले समय में और भी नई तकनीकों से सुसज्जित होगा। यहाँ सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, वर्चुअल रियलिटी मॉड्यूल और इंटर-एजेंसी संयुक्त अभ्यास को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि हर जवान केवल शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक और तकनीकी रूप से भी पूरी तरह सक्षम हो।

राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है     

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक हथियार, बेहतर बुलेटप्रूफ उपकरण, संचार प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, साइबर लैब की स्थापना और प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन, ये सभी कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य, हरियाणा की सुरक्षा व्यवस्था को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाना है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही हैं।

साइबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई में हरियाणा देश में सबसे आगे

उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सुरक्षा की प्रतिबद्धता से वर्ष 2025 में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। साइबर क्राइम के खिलाफ लड़ाई में हरियाणा देश में सबसे आगे हैं। हरियाणा ने रियल टाइम में 36 प्रतिशत फ्रॉड अमाउंट बचाकर और 1.5 लाख फ्रॉड मोबाइल नंबर ब्लॉक करके नागरिकों की 256 करोड़ रुपये की संपत्ति सुरक्षित की है। इसी प्रकार संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 426 आपराधिक गैंग का भंडाफोड़ किया है और विदेश में शरण लिए हुए 15 गैंगस्टरों का प्रत्यार्पण सुनिश्चित किया है।

 सरकार नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, एक्शन प्लान-2029 के साथ मजबूती से आगे बढ़ रही है

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, हम एक्शन प्लान-2029 के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मधुबन स्थित पुलिस कॉम्प्लैक्स की फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला में ’ट्रैकिया’ बार-कोडिंग सिस्टम शुरू किया गया है। थाने के स्तर से लेकर फॉरेंसिक लैब तक इस प्रकार की प्रणाली प्रयोग करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि डायल-112 के जरिए 9 मिनट और 44 सेकंड का तेज रिस्पांस टाइम सरकार की जवाबदेही गवर्नेंस सिस्टम की निशानी है। उन्होंने कहा कि 'दुर्गा शक्ति त्वरित कार्यवाही बल' की 30 कंपनियों को तैनात किया गया है और 33 दुर्गा शक्ति वाहनों को हरियाणा-112 में एकीकृत किया गया है। राज्य में 33 महिला पुलिस थाने खोले गए हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं की तत्काल मदद के लिए 239 महिला सहायता डेस्क की स्थापना की गई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वैट कमांडो कोर्स के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कमांडो को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में विभिन्न सुरक्षा उपकरणों और आभासी फायरिंग प्रशिक्षण केंद्र का अवलोकन किया। 

 इस अवसर पर संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी पुलिस विभाग के कल्याण और सुधार के लिए सदैव तत्पर रहते है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि पुलिस के जवानों का मनोबल कभी कम नहीं होना चाहिए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी श्री सौरभ सिंह ने स्वैट कमांडो कोर्स पूरा करने वाले सभी जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन महीने के कोर्स के दौरान जवानों को गंभीर परिस्थितियों से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान स्वैट कमांडो द्वारा वॉक अबाउट ड्रिल, होस्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन, योग, टाईल ब्रेकिंग, लाइव फायरिंग व अन्य साहसिक गतिविधियों का शानदार प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) श्री अमिताभ ढिल्लो, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) श्री संजय कुमार, पुलिस आयुक्त पंचकूला श्री शिबास कविराज, आईजीपी (क्राइम) श्री राकेश आर्य, आईजीपी सिक्योरिटी श्री पंकज नैन, आईजीपी सीआईडी श्री अशोक कुमार, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त श्रीमती सृष्टि गुप्ता सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
February 17, 2026

40 से अधिक विभागों की खरीद प्रक्रियाओं को दिया गया अंतिम रूप, विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

40 से अधिक विभागों की खरीद प्रक्रियाओं को दिया गया अंतिम रूप, विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक

विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त - मुख्यमंत्री
चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को और गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 से अधिक विभागों की विभिन्न खरीद प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया है। यह निर्णय सोमवार को देर सांय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में बिजली, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, परिवहन, आईटी सहित अनेक विभागों की परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई तथा कई विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे और एक-एक पैसे के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। “विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पेयजल परियोजनाओं को मिली मंजूरी

बैठक में पलवल शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अमृत-2 योजना के तहत दो रेनिवेल तथा एक बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया। इस परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

इसी प्रकार महेंद्रगढ़ के गांव सिरोही बिहाली में 6 एमएलडी क्षमता के जलघर निर्माण की प्रक्रिया पूरी की गई, जिस पर 53.47 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इस जलघर से आसपास के लगभग 39 गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।

रेवाड़ी शहर में 27 करोड़ रुपये की लागत से 8 एमएलडी क्षमता का रॉ-वाटर स्टोरेज टैंक भी बनाया जाएगा, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

सड़क व भवन निर्माण कार्यों को स्वीकृति

झज्जर के गांव छुछकवास - मातनहेल सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 37.89 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। टोहाना में धारसूल-रतिया सड़क के सुदृढ़ीकरण पर 46.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त 9.37 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय महिला महाविद्यालय, गुरुग्राम में शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण और 13.60 करोड़ रुपये की लागत से फतेहाबाद में आबकारी भवन का निर्माण किया जाएगा। एचएसआईआईडीसी द्वारा सोहना में उद्योगों के लिए 12.80 करोड़ रुपये की लागत से फेसिलिटेशन सेंटर का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

 शहरी परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सिटी बस सेवा के तहत फरीदाबाद और गुरुग्राम में 200 सिटी इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया है। इसके अलावा अंबाला में 13 करोड़ रुपये तथा हिसार में 14 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बस डिपो का निर्माण किया जाएगा।

परिवहन विभाग के लिए 19 क्रेनों की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। फरीदाबाद में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से जिमखाना क्लब का निर्माण किया जाएगा।

सुरक्षा एवं ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय

पुलिस विभाग द्वारा जिला सचिवालयों एवं अन्य सरकारी भवनों के लिए 163 सिंगल डोर एवं 183 सीसीटीवी इंटीग्रेटेड मल्टी-ज़ोन मेटल डोर मशीनों की खरीद प्रक्रिया पूरी की गई। ऊर्जा क्षेत्र में पानीपत और करनाल में 7 नए 33 केवी सब-स्टेशनों के लिए 57.25 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। सोनीपत, रोहतक और झज्जर में भी 7 नए 33 केवी सब-स्टेशनों के लिए 62.75 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जाएंगे।

अंबाला के मुसिम्बल तथा यमुनानगर के सैदोपुर में 40 करोड़ रुपये की लागत से 66-66 केवी के नए सब-स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। रेवाड़ी के धारूहेड़ा में 33.75 करोड़ रुपये की लागत से 66 केवी सब-स्टेशन तथा गुरुग्राम के सेक्टर-75ए में 75 करोड़ रुपये की लागत से 220 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। 

दामला ब्रिज व भालोठ डिस्ट्रीब्यूटरी का होगा कायाकल्प

यमुनानगर के गांव दामला में 13.39 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज का निर्माण करनें, रोहतक में भालोठ डिस्ट्रीब्यूटरी के चार आरडी की रिमोडलिंग करने व क्षमता बढाने के कार्य पर 97.45 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।  

बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, राजा शेखर वुंडरू,  जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, प्रधान सचिव विजय दहिया, आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाईन, आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
February 17, 2026

आयुष अस्पतालों में रिक्त पदों पर जल्द की जाएगी भर्ती : आरती सिंह राव

आयुष अस्पतालों में रिक्त पदों पर जल्द की जाएगी भर्ती : आरती सिंह राव 

- भिवानी के 25 बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल के लिए विभिन्न पदों को मिली मंजूरी
चंडीगढ़ -- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा है कि प्रदेश के आयुष अस्पतालों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती की जाएगी। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा सके और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आयुष चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे आम जनता को पारंपरिक और समग्र उपचार पद्धतियों का लाभ बेहतर तरीके से मिल सके। पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति से अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि भिवानी स्थित 25 बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल के लिए विभिन्न पदों को मंजूरी दे दी गई है। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द ही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में पांच पदों को नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के निर्धारित मानकों के अनुसार स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, योगा इंस्ट्रक्टर्स की नियुक्ति पार्ट-टाइम नियमों के तहत की जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि हरियाणा सरकार प्रदेशभर में आयुष और पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नागरिकों को व्यापक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
February 17, 2026

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने गर्मी से पहले जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने गर्मी से पहले जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जल आपूर्ति व्यवस्था का लिया जायजा 
जल संरक्षण, स्वच्छता और सोलर ऊर्जा पर जोर
चंडीगढ़ -- हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने आज चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान मंत्री ने विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जलघर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा अन्य जन स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों की नियमित साफ-सफाई और समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से औचक निरीक्षण, समयबद्ध कार्यों पर जोर
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के जलघरों, एसटीपी तथा अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर जोर दिया।

वाटर वर्क्स और जल गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न वाटर वर्क्स से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पानी के स्रोत, किन-किन क्षेत्रों एवं गांवों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वहां की जनसंख्या, जल आपूर्ति क्षमता तथा जल शोधन संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) की स्थिति और कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इसके साथ ही जल भंडारण क्षमता, टंकियों की स्थिति, नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों के पालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पानी के नमूनों की नियमित जांच सुनिश्चित करने, जल गुणवत्ता की निगरानी मजबूत करने तथा पाइपलाइन नेटवर्क के उचित रखरखाव के निर्देश भी दिए, ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

लीकेज और आपूर्ति संबंधी समस्याओं पर कार्रवाई के निर्देश
कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में पेयजल की कमी है, वहां चिह्नित कर वैकल्पिक जल स्रोत विकसित किए जाएं। जहां भूजल स्तर कम है, वहां नए ट्यूबवेल या उपयुक्त जल स्रोत विकसित करने की योजना बनाई जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां भी पाइपलाइन में लीकेज या दूषित पानी की सप्लाई की शिकायते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पानी मिल सके। नई पाइपलाइन बिछाते समय उसे सीवर लाइन से अलग रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि दूषित पानी की समस्या उत्पन्न न हो।

गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष तैयारी के निर्देश
श्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले वर्षों में जल संकट की स्थिति रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और जिला प्रशासन,बिजली व संचार विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पानी की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। इस अभियान में स्कूलों, युवाओं, स्थानीय संस्थाओं और ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

परिसरों में हरियाली और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान जलघर, एनबीएस (न्यू बूस्टर स्टेशन), एसटीपी तथा अन्य जन स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए फूलों और पौधों के रोपण के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि इन परिसरों में नियमित सफाई, रखरखाव और हरित वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिसर स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बने रहें। इसके साथ ही सफाई और मेंटेनेंस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
February 17, 2026

बजट सत्र में हरियाणा के विकास को मिलेगी नई दिशा, जनकल्याण और सुशासन पर रहेगा फोकस: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

बजट सत्र में हरियाणा के विकास को मिलेगी नई दिशा, जनकल्याण और सुशासन पर रहेगा फोकस: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा की अर्थव्यवस्था मजबूत, प्रति व्यक्ति आय में हरियाणा देश में अग्रणी

भाजपा की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है जनता: मुख्यमंत्री

विपक्ष की विकास को देखने की नजर नहीं, केवल दुष्प्रचार करने पर जोर
चंडीगढ़ -हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र प्रदेश के विकास की दिशा, जनकल्याण की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं को सशक्त आधार प्रदान करेगा। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने कार्यभार संभालते समय जो संकल्प पत्र प्रदेश की जनता के समक्ष रखा था, वह हमारे लिए गीता के समान है। वह सुशासन, पारदर्शिता तथा जनहित के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट दस्तावेज है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को हरियाणा निवास चंडीगढ़ में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना एवं जनसंपर्क भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.मकरंद पांडुरंग व मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पूरा देश जानता है कि भाजपा सरकारों में कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है। प्रदेश की बीजेपी सरकार ने भी अपने संकल्पों को जमीन पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 19 सितम्बर, 2024 को जारी किए गए संकल्प पत्र के 217 वादों में से 60 वादे पूरे किए जा चुके हैं और 120 वादों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 मार्च, 2025 को उन्होंने विधानसभा में बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था। उस बजट वर्ष में 248 घोषणाएं की गई थी। इनमें से 77 बजट घोषणाएं पूरी कर ली गई हैं और 165 बजट घोषणाओं का कार्य अंतिम चरण में है, जिन्हें जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।
2 हजार से ज्यादा मिले अब तक सुझाव

मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए बजट बनाने की प्रक्रिया जारी है। पूर्व-बजट परामर्श की परंपरा को निभाते हुए, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ अब तक कुल 13 बैठकें की हैं। इनमें उन्हें 2 हजार 199 सुझाव प्राप्त हुए। इस बार प्रदेश सरकार ने ए.आई. चैटबॉट का नया प्रयोग किया। इसके माध्यम से भी लगभग 12 हजार 400 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सभी पर मंथन जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार कम से कम 4-5 हजार सुझावों को आगामी बजट वर्ष 2026-27 में सम्मिलित करेंगे।
 जन भावनाओं के अनुरूप होगा आगामी बजट

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका हरियाणा की जनता से वादा है कि आगामी बजट वर्ष 2026-27 न केवल जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को भली-भांति पूरा करेगा, बल्कि उनके परिवारों, गांवों, शहरों, जिलों और समूचे हरियाणा के विकसित भविष्य की सुदृढ़ नींव रखेगा।
उन्होंने हरियाणा की अर्थव्यवस्था और राजकोष की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 29 जनवरी, 2026 को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य का सकल घरेलू उत्पाद अर्थात् जी.डी.पी. वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमानित आंकड़ों के अनुसार 13 लाख 67 हजार 769 करोड़ रूपये रही है। जबकि गत वर्ष के इन्हीं आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में यह 12 लाख 13 हजार 951 करोड़ रूपये थी। ये आंकड़ें दर्शाते हैं कि वर्ष 2025-26 में वर्ष 2024-25 के मुकाबले राज्य की जी.डी.पी. 12.67 प्रतिश्त की दर से बढ़ी है। 29 जनवरी, 2026 को योजना विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में राज्य की प्रतिव्यक्ति आय 3 लाख 58 हजार 171 रूपये रही है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिव्यक्ति आय 2 लाख 19 हजार 575 रूपये है। हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षो में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय लगातार बढ़ी है। वर्ष 2014-15 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 47 हजार 382 रूपये थी। इन आंकड़ों से यह पूर्णतः स्पष्ट होता है कि पिछले 10 वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय में लगभग ढाई गुणा की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार के सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 1 लाख 75 हजार 801 करोड़ रुपए था, जबकि वर्ष 2014-15 में यह केवल 61 हजार 904 करोड़ रुपए था। चालू वित्त वर्ष में 16 फरवरी, 2026 तक सभी विभागों का वास्तविक खर्चा 1 लाख 59 हजार 747 करोड़ रूपये है। मार्च माह तक यह आंकड़ा लगभग 2 लाख करोड़ रूपये हो जाएगा, जो कि बजट का लगभग 98 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार टिप्पणियां करता है कि सरकार अर्थव्यवस्था पर खर्च नहीं कर रही है, लेकिन वे उन्हें बताना चाहेंगे कि प्रदेश सरकार के समय में अर्थव्यवस्था पर हुआ वास्तविक खर्च उनके समय में हुए वास्तविक खर्च से लगभग तीन गुणा है। लगभग 11 विभागों जिनमें पुलिस, परिवहन, राजस्व, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान शामिल हैं, का वर्ष 2025-26 के लिए कुल व्यय 80 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है। लगभग 21 विभागों का अब तक का व्यय वर्ष 2025-26 के लिए 70 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है तथा लगभग 18 विभागों का कुल व्यय वर्ष 2025-26 के लिए 60 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।
जिनके समय में अर्थव्यवस्था लचर—पचर थी वो सुझाव दें रहे

मुख्यमंत्री ने इस बीच विपक्ष पर निशाना भी साधा, उन्होंने कहा कि जिनके समय में अर्थव्यवस्था लचर पचर थी, आज वो बाहर बैठ कर सुझाव दें रहे है कि प्रदेश सरकार का अच्छा आर्थिक प्रबंधन नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार अपने राजकोष का कितना अच्छा प्रबंधन कर रही है, यह जानने के लिए राजकोषीय घाटा सबसे उत्तम तरीका है। वर्ष 2024-25 में राज्य का राजकोषीय घाटा तत्कालीन जी.डी.पी. का 2.83 प्रतिशत रहा, जबकि 2014-15 में यह 2.88 प्रतिशत था।
ध्यान रहे कि एफ.आर.बी.एम. एक्ट के अनुसार उस समय भी राजकोषीय घाटे की ऊपरी सीमा 3 प्रतिशत थी और आज भी 3 प्रतिशत है। यह तथ्य है कि राजकोषीय घाटा उस समय हमसे अधिक था। हमारे कुशल वित्तीय प्रबंधन का यह पहला परिचायक है।

 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 16 वें वित्त आयोग (2026-2031) की सिफारिशों के अनुसार हरियाणा का केंद्रीय करों में हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढ़कर 1.361 प्रतिशत हुआ है, जो 15वें वित्त आयोग की तुलना में 24.52 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि को दर्शाता है।

13वें वित्त आयोग की रिपोर्ट से राज्यों को केंद्रीय करों में मिलने वाले हिस्से में हरियाणा 20वें स्थान पर, 14वें वित्त आयोग में 17वें स्थान पर, 15वें वित्त आयोग में 21वें स्थान पर था। परंतु अब 16वें वित्त आयोग में हरियाणा पहले स्थान पर आ गया है।

 विपक्ष बताएं, अगर भरोसा ना बढ़ता तो साधन कैसे मिलते

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय करों में से हरियाणा की यह बढ़ती हुई हिस्सेदारी प्रदेश सरकार की मजबूत वित्तीय विश्वसनीयता और प्रभावी नीति का प्रमाण है। अब विपक्ष ही बताए कि अगर शासन और नीयत सही ना होती तो, हरियाणा को यह बढ़ता भरोसा और संसाधन कैसे मिलते। उन्होंने कहा कि आज सरकार पर जनता का भरोसा केवल बढ़ा ही नहीं है, अपितु इसे एक नई पहचान भी मिली है। इसी का यह परिणाम है कि हरियाणा को आगे बढ़ने के निरंतर मौके मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार बेरोजगारी के विषय पर बोलता है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 2004—05 में सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्रों में 90.61 लाख लोग कार्यरत थे, जबकि 2014—15 में यह आंकड़ा घटकर 86.93 लाख रह गया था। वर्ष 2023-24 में 110 लाख लोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत थे। इस प्रकार जहाँ वर्ष 2004-14 के बीच लगभग 3 लाख 68 हजार लोगों को अपना रोजगार गंवाना पड़ा, वहीं वर्ष 2023-24 तक लगभग 27 लाख लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। यह हमारी सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2004-14 की अवधि के दौरान उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशों (जीईआर) लगभग 27 प्रतिशत था। जबकि, वर्ष 2015-25 की अवधि के दौरान यह बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार, वर्ष 2005-14 की अवधि के बीच प्रदेश में लगभग 45 विश्वविद्यालय थे। जबकि, वर्ष 2015-25 की अवधि के बीच 60 नए विश्वविद्यालय प्रदेश में स्थापित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि वित्त विभाग द्वारा जारी व्हाइट पेपर के अनुसार राज्य का अपना राजस्व वर्ष 2013-14 में 25 हजार 567 करोड़ रुपए था। जबकि, वर्ष 2024-25 में राज्य का अपना राजस्व बढ़कर 77 हजार 943 करोड़ रुपए हो गया। वर्ष 2013-14 की तुलना में वर्ष 2024-25 में लगभग 52 हजार 376 करोड रुपए की वृद्धि हुई है।

आर.बी.आई. के डाटा, एन.एस.एस.ओ. के रोजगार एवं बेरोजगारी सर्वेक्षण तथा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार शहरी बेरोजगारी में वर्ष 2004-05 में हरियाणा की रैंकिंग 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 17 वें स्थान पर थी। यह वर्ष 2023-24 में सुधरकर 8 वें स्थान पर आ गई। इसी प्रकार ग्रामीण बेरोजगारी में हरियाणा की रैंकिंग वर्ष 2004-05 में 22 वें स्थान पर थी, जो की वर्ष 2023-24 में सुधकर 15 वें स्थान पर आ गई।

विपक्षी हरियाणा में इंड्रस्ट्री बन्द होने का कर रहे दुष्प्रचार

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी इंड्रस्ट्री बन्द करने का दुष्प्रचार करने के साथ साथ हरियाणा की जनता को भयानक सपने दिखाने का काम कर रहे है। विपक्ष ने केवल झूठ की दुकान खोल रखी है, जबकि सच्चाई यह है कि पिछले कुछ सालों में हरियाणा का औद्योगिक विकास तेज़ी से बढ़ा है और आज राज्य देश के बड़े औद्योगिक राज्यों में गिना जाता है। वित्त वर्ष 2023-24 में हरियाणा का औद्योगिक उत्पादन 11.08 लाख करोड़ रूपये रहा, जिससे राज्य देश में चौथे नंबर पर है। यह दिखाता है कि हरियाणा में उद्योगों का आधार मजबूत है। हर फैक्ट्री से होने वाला उत्पादन औसतन 13 हजार 549 लाख रूपये रहा, जो देश के औसत से करीब दोगुणा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उद्योग एवं श्रमिक के बीच सहयोग एवं समन्वय बनाए रखने के लिए उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद का गठन किया है, जिसकी पहली बैठक 11 फरवरी, 2026 को आयोजित की गई। इस तरह का यह पहली मैत्री परिषद है जो किसी राज्य ने बनाई है। इस परिषद का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करना और उद्योग एवं श्रमिक परिवार के बीच में समन्वय बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में वर्ष 2015 के बाद एमएसएमई सेक्टर ने तेज़ रफ्तार पकड़ी है। वर्ष 2004 से 2014 के दौरान करीब 33 हजार एमएसएमई इकाइ‌याँ दर्ज थीं। इसके बाद वर्ष 2015-2025 की अवधि में उद्यम और उद्यम पंजीकरण पोर्टल पर 20 लाख से अधिक एमएसएमई रजिस्ट्रेशन हुए। रोजगार के मोर्चे पर भी एमएसएमई सेक्टर का योगदान साफ़ दिखता है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच एमएसएमई सेक्टर से करीब 38 लाख नए अवसर बने। इसी दौरान राज्य का कुल औद्योगिक रोजगार

वर्ष 2018-19 में 10 लाख 16 हजार से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 11 लाख 91 हजार हो गया। आज देश के एमएसएमई इकोसिस्टम में हरियाणा की हिस्सेदारी करीब 9-10 प्रतिशत है। उन्होंने कहा ये आंकड़े साफ़ बताते हैं कि एमएसएमई सेक्टर हरियाणा के आर्थिक और औद्योगिक विकास का मुख्य स्तंभ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक कम्पनियों द्वारार रिन्व्यूएबल एनर्जी, एडवासं मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर क्षेत्रों में लगभग 5800 करोड़ रूपये का निवेश प्रस्तावित है। अप्रैल, 2024 से मार्च, 2025 के बीच हरियाणा का कुल निर्यात 19.10 बिलियन यू.एस. डॉलर रहा है। यह दर्शाता है कि हमारा राज्य निवेश और निर्यात दोनों क्षेत्रों में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2015 से 2024 तक हरियाणा से कुल 132.13 बिलियन यूएस डॉलर का निर्यात हुआ, इससे पहले 10 वर्षो यानि 2004 से 2014 तक यह केवल 61.60 बिलियन यूएस डॉलर था।

 उन्होंने कहा कि 8 अक्तूबर, 2025 को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल को इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत करने से उर्वरक वितरण की पारदर्शिता में सुधार हुआ है। इससे केंद्र सरकार को उर्वरक सब्सिडी में 709 करोड़ रूपये की बचत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगामी बजट में सरकार भविष्य विभाग के दृष्टिकोण को अपनाते हुए आगे बढ़ेगी। हरियाणा आज केवल विकास ही नहीं कर रहा, वह 2047 तक विकसित हरियाणा के रोडमैप को भी तैयार कर रहा है।
भाजपा की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है जनता:

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीति, नीयत और नेतृत्व से प्यार करती है। देश के लोगों का बीजेपी में विश्वास है, इसीलिए केंद्र में और हरियाणा में बीजेपी की डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की नीतियां गलत थी। उनके कार्यकाल में गरीब और गरीब तो हो रहा था, साथ ही अमीर भी गरीबी रेखा में आ गए थे। केवल चुनाव जीतने के लिए उनकी तरफ से घोषणाएं कर दी जाती थी। प्रदेश और केंद्र की बीजेपी सरकार ट्रांसपेरेंसी से काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीति और नीयत मजबूत है। विपक्ष की विकास को देखने की नजर नहीं है।