September 12, 2026
सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा बचा सकती है अनमोल जीवन: राजकुमार भोला
विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान हर व्यक्ति के लिए जरूरी: सरोज
सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा बचा सकती है अनमोल जीवन: राजकुमार भोला
जींद : विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस के अवसर पर जिला रेडक्रॉस सोसायटी, जींद के तत्वावधान में महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन में एक प्रेरणादायक एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला रेडक्रॉस सोसायटी, जींद की जिला प्रशिक्षण अधिकारी सरोज ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने एचकेसीएल के माध्यम से कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा के महत्व, आवश्यकता एवं आपातकालीन परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए प्राथमिक चिकित्सा विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता एवं जिला प्रशिक्षण अधिकारी सरोज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुर्घटना, चोट, जलने, बेहोशी, रक्तस्राव अथवा अन्य किसी आपातकालीन स्थिति में चिकित्सकीय सहायता मिलने से पहले दिया जाने वाला प्राथमिक उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान केवल स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसकी बुनियादी जानकारी अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य, सूझबूझ और मानवीय संवेदना के साथ पीड़ित व्यक्ति की सहायता करना जरूरी है। सही समय पर और सही तरीके से दी गई प्राथमिक चिकित्सा किसी व्यक्ति की स्थिति को गंभीर होने से रोकने के साथ-साथ कई बार उसका जीवन बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरोज ने विद्यार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि युवाओं को स्वयं प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान हासिल करने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक जागरूक और प्रशिक्षित नागरिक आपातकाल में किसी के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
इस अवसर पर महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर एवं तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ जीवनोपयोगी एवं सामाजिक कौशल का ज्ञान भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान एक ऐसा महत्वपूर्ण हुनर है, जिसकी आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को किसी भी समय पड़ सकती है। आपात स्थिति में सही समय पर उठाया गया एक छोटा-सा कदम किसी की जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। राजकुमार भोला ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे प्राथमिक चिकित्सा के बुनियादी नियमों को गंभीरता से सीखें और जरूरत के समय जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ इसका उपयोग करें। उन्होंने जिला रेडक्रॉस सोसायटी, जींद द्वारा किए जा रहे जागरूकता प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में सेवा भावना, मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने आपातकालीन परिस्थितियों में मानव जीवन की सुरक्षा एवं जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता के प्रति जागरूक रहने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में समाजसेवी राकेश ग्रोवर, अंकिता खटकड़, अंजली वर्मा सहित संस्था के सदस्य, एचकेसीएल कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।