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Monday, April 6, 2026

April 06, 2026

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में ततीमा मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देशमुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में ततीमा मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में ततीमा मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

रेजांगला व अतुल कटारिया चौक का होगा सौंदर्यीकरण

दौलताबाद में खेतों के रास्ते पर कब्जे का मामला, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने सेक्टर-10 में नए आधुनिक सीवरेज सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में लंबित ततीमा से संबंधित सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में देरी के कारण आमजन को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, अनावश्यक विवाद और न्यायालयीन प्रक्रियाएं बढ़ती हैं।

मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 15 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 11 का मौके पर ही निपटारा किया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई समस्या उनके संज्ञान में आती है या कोई नागरिक सीधे अपनी शिकायत लेकर आता है, उसका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यवाही करना नहीं, बल्कि लोगों को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निवारण करना होना चाहिए, ताकि शासन व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

रेजांगला व अतुल कटारिया चौक के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रेजांगला चौक की स्वच्छता व्यवस्था का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेजांगला चौक तथा शहीद लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चौक का सुनियोजित तरीके से सौंदर्यीकरण किया जाए, साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि रेजांगला स्मारक का समुचित सौंदर्यीकरण, पुनर्रचना (रेडिज़ाइनिंग) और समग्र उन्नयन किया जाए, ताकि इसे और अधिक आकर्षक, गरिमापूर्ण एवं प्रभावशाली बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थानों पर हरित क्षेत्र विकसित किया जाए तथा नियमित सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, जिससे आमजन को एक स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण का अनुभव हो सके।

दौलताबाद में खेतों के रास्ते पर कब्जे का मामला, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

 गांव दौलताबाद से आए एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के समक्ष अवगत कराया कि उसके खेत तक जाने वाले करीब 2 करम चौड़े रास्ते पर दो बिल्डर्स द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे उसका तथा अन्य ग्रामीणों का खेतों में आवागमन बाधित हो रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कब्जा हटाकर रास्ते को मूल स्वरूप में बहाल किया जाए तथा संबंधित बिल्डर्स से दोनों ओर अतिरिक्त दो-दो फीट जगह भी खाली करवाई जाए, ताकि ग्रामीणों के लिए आवागमन सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जा सके।

 सेक्टर-10 में नए आधुनिक सीवरेज सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

 सेक्टर-10 से आए आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को अवगत कराया कि क्षेत्र में पुराना सीवरेज सिस्टम होने के कारण बार-बार ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेक्टर के लिए आधुनिक और सक्षम सीवरेज सिस्टम का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, एडीसी सोनू भट्ट सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
April 06, 2026

किसानों को फ़सल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी : श्री श्याम सिंह राणा

किसानों को फ़सल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी : श्री श्याम सिंह राणा 
चंडीगढ़ - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को फ़सल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। गेहूं खरीद सीजन के दौरान 24 घंटे मंडियों खुली रहेंगी। गेटपास और बिक्री भी हर समय बनी रहेगी। 

श्री श्याम सिंह राणा ने आज अनाज मंडी थानेसर की मार्केट कमेटी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को बेचने में समय की बचत करने तथा खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि किसान की फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा और फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गेहूं खरीद पर बहुत गंभीर है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ गेहूं की आवक व उठान कार्य, माल ढुलाई कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। 

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के मंत्री व विधायक लगातार मंडियों का निरीक्षण भी कर रहे हैं, ताकि किसान को अपनी फसल बेचने में पोर्टल संबंधी या अन्य कोई समस्या न आए। उन्होंने किसानों व आढ़तियों से यह भी अपील की कि वे प्रशासन के साथ आपसी सहयोग व तालमेल से फसल के उठान की समस्या को दूर कर सकते हैं। 

उन्होंने यह भी बताया कि किसान अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के अतिरिक्त अन्य पारंपरिक साधनों जैसे बैलगाड़ी आदि के माध्यम से भी मंडी में ला सकते हैं। यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट उपलब्ध नहीं है तो किसान ट्रैक्टर पर पेंट द्वारा पंजीकरण संख्या लिखकर अथवा कागज पेपर स्टीकर पर पंजीकरण संख्या अंकित कर मंडी में फसल ला सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को गेट पास काटने के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कच्चे कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किसान स्वयं, भूमि का मालिक अथवा वह व्यक्ति जो भूमि को पट्टे पर लेकर खेती कर रहा हो, तीनों में से कोई भी कर सकता है। किसान भूमि मालिक पट्टेदार किसान अपने नामित व्यक्तियों को भी पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसान स्वयं या उसके द्वारा नामित अधिकतम तीन व्यक्ति ही रबी फसल विक्रय के लिए मंडी में ला सकेंगे। किसान या नामित व्यक्तियों का सत्यापन फिंगर स्केनिंग बायोमेट्रिक उपकरण के माध्यम से किया जाएगा। यदि फिंगर स्कैनिंग से सत्यापन संभव नहीं हो पाता है, तो आंख स्कैनिंग बायोमेट्रिक उपकरण द्वारा भी सत्यापन किया जा सकेगा। यह बायोमेट्रिक प्रक्रिया मंडी गेट पर नहीं, बल्कि गेहूं की खरीद के समय की जाएगी।
April 06, 2026

सिरसा में स्थापित होगा किन्नू जूस संयंत्र

सिरसा में स्थापित होगा किन्नू जूस संयंत्र

 किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने प्रदेश में फल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किन्नू उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है। इसके लिए, सिरसा स्थित वीटा मिल्क प्लांट परिसर में लगभग 26.39 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र लगाया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की।

यह परियोजना 33 वर्ष की रियायत अवधि के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएगी, जिससे सभी हितधारकों को लाभ होगा। हरियाणा डेयरी द्वारा संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निजी भागीदार संयंत्र एवं मशीनरी, आवश्यक सिविल ढांचा स्थापित करेगा तथा संयंत्र का संचालन करेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परियोजना के तहत मुख्य रूप से फल एवं सब्जी प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से किन्नू जूस प्रसंस्करण पर जोर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर परियोजना को वायबिलिटी गैप फंड की सुविधा भी प्रदान की जा सकती है। भविष्य में आवश्यकता अनुसार कृषि आधारित अन्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाएं भी तलाश की जा सकती हैं।
हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री रोहित यादव ने बताया कि हरियाणा में प्रतिवर्ष लगभग 4.40 लाख मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन होता है, जिसमें अकेले सिरसा जिले का योगदान लगभग 55 प्रतिशत है। प्रस्तावित संयंत्र में प्रतिवर्ष लगभग 9,000 मीट्रिक टन किन्नू तथा 12,600 मीट्रिक टन अन्य फलों का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाला पैकेज्ड जूस तैयार किया जाएगा। विशेष रूप से किन्नू उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत भाग, जो प्रायः बी-ग्रेड फल होता है और पहले कम कीमत पर बिकता था, अब मूल्य संवर्धन के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ेगी। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता इसका किसान-केंद्रित दृष्टिकोण है, जिसके तहत कच्चे माल की खरीद प्रदेश के किसानों से की जाएगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह परियोजना सरकारी अवसंरचना, सहकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो ग्रामीण आय को स्थायी रूप से बढ़ाने में सहायक होगी। पर्याप्त कच्चे माल की उपलब्धता, स्पष्ट भूमि स्वामित्व, आधुनिक एसेप्टिक पैकेजिंग तकनीक और मजबूत पीपीपी ढांचे के साथ सिरसा का यह किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र हरियाणा को देश में प्रीमियम फल आधारित पेय पदार्थों का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
April 06, 2026

दीनबंधु छोटूराम ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक थे : उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन

दीनबंधु छोटूराम ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक थे : उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन

 - दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने किया संबोधन

 - छात्रों को नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित
चंडीगढ़– भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन ने आज हरियाणा के सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

उपराष्ट्रपति ने दीनबंधु छोटूराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीनबंधु छोटूराम ने किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं और न्यायसंगत भूमि व्यवस्था पर छोटूराम के प्रयास ने एक मजबूत कृषि ढांचे की नींव रखी, जिससे हरियाणा एक समृद्ध कृषि राज्य के रूप में उभरा और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि स्वर्ण पदक विजेताओं में लगभग 64 प्रतिशत महिलाएं हैं और कुल उत्तीर्ण छात्रों में भी लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचो , बेटी पढ़ाओ ’ जैसी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का परिणाम बताया।

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवाचार, आत्मविश्वास और स्वदेशी समाधानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कोविड -19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका को याद करते हुए कहा कि जहां कई देशों ने वैक्सीन पर पेटेंट के माध्यम से लाभ कमाने की कोशिश की, वहीं भारत ने न केवल अपने नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराए, बल्कि 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर अपनी उदारता का परिचय दिया।

उपराष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों की चर्चा करते हुए छात्रों से इन्हें जिम्मेदारी के साथ अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

 उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए युवाओं से इसे पूरी तरह त्यागने और स्वस्थ व सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त समाज के दूत बनने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और कठिनाइयों से उबरने की क्षमता से तय होती है। उन्होंने छात्रों को धैर्य और साहस के साथ चुनौतियों का सामना करने की सलाह देते हुए कहा कि धर्म की हमेशा अधर्म पर विजय होती है।

उपराष्ट्रपति ने शिक्षा में औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति को स्वतंत्र सोच, आत्मविश्वास और भारतीय विरासत पर गर्व करना सिखाती है।

इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, सहकारिता मंत्री श्री अरविन्द कुमार शर्मा तथा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।
April 06, 2026

सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षा 27 अप्रैल से - 16 अप्रैल तक करना होगा आवेदन

सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षा 27 अप्रैल से 
- 16 अप्रैल तक करना होगा आवेदन 
चंडीगढ़ – हरियाणा सरकार ने सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षाओं के लिए तिथियों की घोषणा कर दी है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि ये परीक्षाएं 27 अप्रैल से 1 मई 2026 तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं का आयोजन "सार्थक राजकीय एकीकृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-12ए, पंचकूला" में किया जाएगा।
जारी डेटशीट के अनुसार, 27 अप्रैल को सुबह सत्र (10:00 बजे से 1:00 बजे तक) में क्रिमिनल लॉ (प्रथम पेपर) तथा शाम के सत्र (2:00 बजे से 5:00 बजे तक) में सिविल लॉ की परीक्षा होगी। इसके बाद 28 अप्रैल को सुबह क्रिमिनल लॉ (द्वितीय पेपर) और शाम को फाइनेंशियल रूल्स की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
29 अप्रैल को सुबह क्रिमिनल लॉ (तृतीय पेपर) आयोजित होगा, जिसमें सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के लिए जेल से संबंधित विषय भी शामिल होंगे, जबकि तहसीलदारों के लिए पाठ्यक्रम अलग रहेगा। इसी दिन शाम के सत्र में रेवेन्यू लॉ (प्रथम पेपर) की परीक्षा होगी।
इसके बाद 30 अप्रैल को सुबह लोकल फंड्स तथा शाम को रेवेन्यू लॉ (द्वितीय पेपर) आयोजित किया जाएगा। परीक्षाओं का समापन 1 मई को होगा, जिसमें सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के लिए भाषा (हिंदी) तथा तहसीलदारों के लिए पटवारी मेंसुरेशन और उर्दू विषयों की परीक्षा होगी।

प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों को अपने संबंधित विभागाध्यक्ष या प्रशासनिक सचिव के माध्यम से 16 अप्रैल 2026 तक आवेदन करना होगा। केंद्रीय परीक्षा समिति द्वारा सीधे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

सरकार ने सभी पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित तिथियों और नियमों के अनुसार परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी है।
April 06, 2026

हरियाणा में सभी न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में लागू होगी ई-समन प्रणाली

हरियाणा में सभी न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में लागू होगी ई-समन प्रणाली

तेजी से होगा मामलों का निपटान
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत सभी न्यायालयों तथा सभी राजस्व न्यायालयों में समन जारी करने और उनकी तामील के लिए ई-समन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले न्यायालयों और प्राधिकरणों को समन जारी करने और तामील के लिए ई-समन प्रणाली का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश जारी करें। साथ ही, राज्य के सभी राजस्व न्यायालयों को भी इस प्रणाली को अपनाने और इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मामलों के निपटान में तेजी लाई जा सके।

गौरतलब है कि 3 फरवरी, 2026 को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें नए आपराधिक कानूनों (एनसीएल) के कार्यान्वयन तथा एनसीएल पोर्टल की समीक्षा की गई थी।
April 06, 2026

IITian बाबा अभय सिंह ने रचाई शादी! महाकुंभ से चर्चा में आए संत ने शिवरात्रि पर लिए फेरे

IITian बाबा अभय सिंह ने रचाई शादी! महाकुंभ से चर्चा में आए संत ने शिवरात्रि पर लिए फेरे
चंडीगढ़ : प्रयागराज महाकुंभ मेले में चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने शादी कर ली है। पत्नी का नाम प्रतीका है। ये खुलासा खुद IITian बाबा ने सोमवार को किया। वह लंबे समय बाद परिवार से मिलने झज्जर पहुंचे।
अभय सिंह के साथ उनकी पत्नी भी थीं। अभय सिंह ने बताया कि दोनों ने 15 फरवरी को शिवरात्रि पर हिमाचल के अघंजर मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की।
भगवा कपड़े पहने अभय सिंह पहले बैंक गए। वहां से एडवोकेट पिता के चैंबर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा- “हम दोनों अपनी जिंदगी से खुश हैं। फिलहाल सादगी से रह रहे हैं। अध्यात्म की तरफ रुझान होने से पहले कभी मैं भी इस चैंबर में बैठकर पिता की एप्लीकेशन चेक कर लेता था। पत्नी मूलरूप से कर्नाटक की हैं। वह भी इंजीनियर हैं। हम हिमाचल के धर्मशाला में रह रहे हैं।”
अभय सिंह मूलरूप से झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता कर्ण सिंह वकील हैं और झज्जर बार एसोसिएशन के प्रधान भी रह चुके हैं। बॉम्बे IIT से एयरो स्पेस इंजीनियरिंग करने वाले अभय सिंह प्रयागराज महाकुंभ में संन्यासी वेश में नजर आने के बाद देश-विदेश में चर्चा में आए।
April 06, 2026

ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों में आरक्षण का मामला, मुख्य सचिव ने दिए रोस्टर रजिस्टर सत्यापित कराने के निर्देश

ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों में आरक्षण का मामला

मुख्य सचिव ने दिए रोस्टर रजिस्टर सत्यापित कराने के निर्देश
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी प्रशासनिक विभागों, बोर्डों, निगमों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों के लिए रोस्टर रजिस्टर तैयार करने, अद्यतन करने तथा सत्यापित कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार सभी विभागों को सटीक और अद्यतन रोस्टर रजिस्टर कायम रखने तथा उसे अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से विधिवत सत्यापित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इन निर्देशों में कहा गया है कि 7 अक्टूबर, 2023 को जारी निर्देशों के तहत ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणियों में अनुसूचित जाति कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ प्रदान किया गया था। यह भी स्पष्ट किया गया है कि 15 जुलाई, 2014 के दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित रोस्टर बिंदु यथावत लागू रहेंगे और यह प्रावधान सीधी भर्ती तथा पदोन्नति, दोनों पर समान रूप से लागू होगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों के लिए रोस्टर प्रबंधन से संबंधित सभी दिशानिर्देश, जो 24 सितम्बर, 2008 और 22 अक्टूबर, 2008 को जारी किए गए थे, उन्हें उच्च श्रेणियों में आरक्षण लाभ लागू करते समय सख्ती से अपनाया जाए। “रिप्लेसमेंट थ्योरी” सहित रोस्टर बिंदुओं के उचित अनुप्रयोग से संबंधित सभी सिद्धांतों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
April 06, 2026

हरियाणा सरकार ने लगाए लिंक अधिकारी

हरियाणा सरकार ने लगाए लिंक अधिकारी
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने विभागों का सुचारू कार्य संचालन सुनिश्चित करने के मकसद से लिंक अधिकारी नामित किए हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेशानुसार, यदि स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति, अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनावी कार्य के कारण सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव का पद रिक्त रहता है, तो मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-1 जबकि वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 लिंक अधिकारी-2 के तौर पर काम करेंगे।
मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव की अनुपस्थिति में सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-1 जबकि वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 लिंक अधिकारी-2 के रूप में कार्य करेंगे।

वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 की अनुपस्थिति में वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 लिंक अधिकारी-1 जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-2 का काम देखेंगे।
इसी तरह, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-2 के मामले में वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव-1 लिंक अधिकारी-1 तथा मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव लिंक अधिकारी-2 के तौर पर काम करेंगे।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवकाश, प्रशिक्षण, दौरे अथवा चुनावी कार्य हेतु जाने वाले अधिकारी को अपने नामित लिंक अधिकारी को अग्रिम तौर पर सूचित करना अनिवार्य होगा।

Friday, April 3, 2026

April 03, 2026

शिक्षा बोर्ड ने नई शिक्षा नीति के तहत लिया दो बार परीक्षा आयोजित करवाने का निर्णय

शिक्षा बोर्ड ने नई शिक्षा नीति के तहत लिया दो बार परीक्षा आयोजित करवाने का निर्णय

- सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी/ गुरूकुल विद्यापीठ के परीक्षार्थी 04 अप्रैल से कर सकेंगें आवेदन
भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत सैकेण्डरी/सीनियर सैकेण्डरी (नियमित) एवं गुरूकुल/विद्यापीठ (पूर्व मध्यमा सह माध्यमिक/उत्तर मध्यमा सह वरिष्ठ माध्यमिक) की दो बार परीक्षा आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया है। इच्छुक परीक्षार्थी 04 अप्रैल से 10 अप्रैल, 2026 तक द्वितीय परीक्षा हेतु आवेदन कर सकते हैं।
इस आशय की जानकारी देते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार ने बताया कि सैकेण्डरी एवं सीनियर वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 का समापन हो चुका है। ऐसे सभी नियमित परीक्षार्थी जो वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 में प्रविष्ट हुए हैं लेकिन अपनी दी गई परीक्षा से संतुष्ट नहीं हैं, ऐसे परीक्षार्थियों को शिक्षा बोर्ड द्वारा अंक सुधार का मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि इच्छुक परीक्षार्थी अतिरिक्त विषय को छोडक़र अधिकतम किन्हीं भी 03 विषयों की पुन: परीक्षा देने के लिए स्वयंपाठी तौर पर 1000/-रूपये शुल्क सहित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर 04 अप्रैल से 10 अप्रैल, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बोर्ड अध्यक्ष ने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त जो परीक्षार्थी अपरिहार्य कारणों जैसे गंभीर बीमारी/चोट/खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिता इत्यादि परिस्थितियों के कारण वार्षिक परीक्षा में प्रविष्ट नहीं हो पाए, ऐसे सभी परीक्षार्थी बोर्ड कार्यालय में निर्धारित तिथियों में संपर्क करते हुए निर्धारित शुल्क ऑफलाइन व पात्रता संबंधित दस्तावेज जमा करवाकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यदि कोई परीक्षार्थी प्रथम वार्षिक परीक्षा में सभी विषयों की परीक्षा में अनुपस्थित रहा है और पुन: परीक्षा हेतु आवेदन करता है तो ऐसे परीक्षार्थी का आवेदन पत्र अयोग्य मानते हुए रद्द किया जाएगा। इसके लिए परीक्षार्थी स्वयं जिम्मेदार होगा।
उन्होंने बताया कि परीक्षा की तिथि बारे परीक्षार्थियों को शीघ्र ही सूचित कर दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के समाधान हेतु हैल्पलाईन नंबर 01664-254300 पर संपर्क कर सकते हैं।

April 03, 2026

रेवाड़ी एम्स के लिए एक स्वतंत्र कैनाल आधारित वाटर वर्क्स स्थापित किया जाएगा : आरती सिंह राव

रेवाड़ी एम्स के लिए एक स्वतंत्र कैनाल आधारित वाटर वर्क्स स्थापित किया जाएगा : आरती सिंह राव 
- इस परियोजना पर लगभग 26.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
चंडीगढ़- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि रेवाड़ी जिले के गांव माजरा मुस्तिल भालखी में स्थित एम्स (AIIMS) के लिए एक स्वतंत्र (इंडिपेंडेंट) कैनाल आधारित वाटर वर्क्स स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना पर लगभग 26.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे सैद्धांतिक (in-principle) स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एम्स के लिए बनने वाले इस वाटर वर्क्स से संबंधित जल आपूर्ति का पूरा खर्च हरियाणा सरकार स्वयं वहन करेगी, जिससे संस्थान को किसी प्रकार की वित्तीय या आपूर्ति संबंधी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस वाटर वर्क्स के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1500 किलोलीटर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था अस्पताल के संचालन, स्वच्छता और मरीजों की देखभाल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

आरती सिंह राव ने आगे कहा कि यह परियोजना एम्स रेवाड़ी को स्वतंत्र और स्थायी जल आपूर्ति उपलब्ध कराएगी, जिससे संस्थान की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी ढांचा और अधिक मजबूत होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और उन्हें आवश्यक बुनियादी संसाधनों से सुसज्जित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल रेवाड़ी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
April 03, 2026

धार्मिक आयोजन न केवल हमारी संस्कृति को मजबूत करते हैं बल्कि समाज को जोड़ने का कार्य भी करते हैं : राजकुमार गोयल

धार्मिक आयोजन न केवल हमारी संस्कृति को मजबूत करते हैं बल्कि समाज को जोड़ने का कार्य भी करते हैं : राजकुमार गोयल
जींद : धार्मिक आयोजन न केवल हमारी संस्कृति को मजबूत करते हैं बल्कि समाज को जोड़ने का कार्य भी करते हैं। यह वक्तव्य अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डा. राजकुमार गोयल ने दिया। गोयल जयंती देवी मंदिर में श्री श्याम दीवाना मंडल जीन्द द्वारा पहली बार आयोजित विशाल पैदल ध्वज यात्रा में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थेे। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर इस यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर आशीष जिंदल, गौरव अग्रवाल, मयंक शर्मा, हैप्पी दुग्गल, सोनू सावरा, साहिल तायल, सावर गर्ग, पवन बंसल, मनजीत कुमार, सोनू जैन, सुशील सिंगला, विशाल शर्मा, इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस पैदल ध्वज यात्रा में काफी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भाग लिया। महिलाओं की संख्या अच्छी खासी थी। यह यात्रा जयंती मंदिर से शुरू हुई जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रूपया चौक, झांझ गेट, बैड मार्किट, रामराय गेट, बैक रोड, पालिका बाजार, रानी तालाब होते हुए बनखंड महादेव मंदिर पर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान पूरा शहर भक्तिरस में डूबा नजर आया। श्रद्धालु हाथों में लाल ध्वज लेकर जय श्री राम और जय बजरंगबली के जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और धार्मिक नारों की गूंज से पूरा शहर गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी आकर्षण भगवान हनुमान की भव्य एवं मनमोहक झांकियां रहीं जिन्हें देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राजकुमार गोयल ने कहा कि जींद में इस तरह की भव्य ध्वज यात्रा का आयोजन वास्तव में गर्व की बात है। युवाओं को ऐसे आयोजनों से जुड़कर अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होने कहा कि संस्था द्वारा शहर में पहली बार निकली इस भव्य ध्वज यात्रा ने जींद की धार्मिक और सामाजिक एकता का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों आशीष जिंदल, गौरव अग्रवाल, मयंक शर्मा और हैप्पी दुग्गल ने कहा कि पहली बार हनुमान जन्मोत्सव की खुशी में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जो काफी कामयाब रही। इन सबने कहा कि आगे भी श्री श्याम दिवाना मंडल इसी प्रकार धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
April 03, 2026

*मंडी व्यवस्था को बर्बाद कर रही भाजपा सरकार की नीतियां: ऋषिपाल हैबतपुर*


*मंडी व्यवस्था को बर्बाद कर रही भाजपा सरकार की नीतियां: ऋषिपाल हैबतपुर*

*कहा-किसानों-आढ़तियों पर थोपे जा रहे तुगलकी फरमान तुरंत वापस ले सरकार*
जींद : जुलाना कस्बे की नई अनाज मंडी में शुक्रवार को किसानों और आढ़तियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों के विरोध में आढ़तियों और किसानों ने हड़ताल करते हुए धरना शुरू कर दिया। पूरे दिन मंडी में खरीद-फरोख्त ठप रही और किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो सीधे तौर पर किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण मंडियों की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऋषिपाल हैबतपुर ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार हर रोज नए-नए नियम थोपकर किसानों और आढ़तियों को परेशान करने का काम कर रही है। यह पूरी तरह से तुगलकी रवैया है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडियों में पहले से ही पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है, ऊपर से सरकार द्वारा जबरन नए नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने विशेष रूप से फसल लेकर आने वाले किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट और बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह नियम पूरी तरह अव्यवहारिक और किसान विरोधी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों के पास ट्रैक्टर के दस्तावेज पूरे नहीं होते, वहीं बायोमेट्रिक प्रणाली भी तकनीकी समस्याओं से जूझती रहती है। ऐसे में यह नियम किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाएगा। ऋषिपाल हैबतपुर ने मंडी के समय को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करने के फैसले को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटाई करते हैं और सुबह या देर रात अपनी उपज मंडी में लाते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करना किसानों के काम में बाधा डालने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जमीनी हकीकत की कोई समझ नहीं है।
ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह किसानों और आढ़तियों की समस्याओं को समझे, लेकिन इसके उलट उन पर नए-नए बोझ डाले जा रहे हैं। यह सरकार किसान विरोधी मानसिकता से काम कर रही है और मंडी व्यवस्था को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभाव से इन फैसलों को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों और आढ़तियों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने मांग की कि गेहूं की खरीद पुरानी प्रणाली के अनुसार की जाए और मंडियों में पानी, बिजली, शौचालय व अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध करवाई जाएं।
धरने में मौजूद किसानों और आढ़तियों ने भी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। 
इस मौके पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जगबीर डिगाना, संगठन महासचिव पवन दुहन,मंडी प्रधान पवन करसोला,जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष राममेहर निढ़ाना, हरिओम शर्मा,राजेंद्र तायल, जस्सा प्रधान, नरेश ढांडा किसान लीडर, अनिल लाठर, जॉनी, राममेहर मलिक गतोली, राकेश सिहाग, जयभगवान, बिककर शामलो,कोषाध्यक्ष इशाक भट्टी, महासचिव सुरेश शर्मा, दलबीर फौजी, सचिव बंसीलाल गोहियाँ, सचिव कुलवंत लाठर, संदीप सरपंच शादीपुर, सुभाष लाठर काला नम्बरदार, जयदीप लाठर, मंजीत लाठर, साहिल खान आदि मौजूद रहे।

Thursday, April 2, 2026

April 02, 2026

सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का रिकॉर्ड रखेंगे सभी जिला नागरिक अस्पताल

सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का रिकॉर्ड रखेंगे सभी जिला नागरिक अस्पताल

मरीज की मेडिकल हिस्ट्री होगी फाइल में दर्ज

 निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा
चंडीगढ : हरियाणा के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक द्वारा राज्य के सभी सिविल सर्जनों और प्रधान चिकित्सा अधिकारियों को सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का रिकॉर्ड बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने इस बारे में निर्देश जारी करते हुए जिला नागरिक अस्पतालों में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालित सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं के सुचारू संचालन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

 महानिदेशक के अनुसार, राज्य के जिला नागरिक अस्पतालों में वर्ष 2016 से सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं पीपीपी मॉडल के तहत संचालित हो रही हैं। इन सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीज प्रतिदिन उठा रहे हैं। वर्तमान में ये सुविधाएं बीपीएल कार्ड धारकों, दिव्यांग भत्ता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों, अनुसूचित जाति वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), लावारिस सड़क दुर्घटना पीड़ितों, हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों तथा एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा है कि इन सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने और उचित रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि संबंधित श्रेणी के किसी भी मरीज को जांच की सलाह दिए जाने पर उसका इंडोर एडमिशन या डे-केयर फाइल अवश्य बनाई जाए। साथ ही, मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, लैब जांच, जांच की आवश्यकता, तथा मरीज की सहमति जैसी सभी जानकारी को उपचार कर रहे डॉक्टर द्वारा फाइल में दर्ज किया जाना अनिवार्य होगा।

 इसके अतिरिक्त, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (RMO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन इन जांचों से संबंधित आदेशों की जांच करें और संबंधित मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) या प्रधान चिकित्सा अधिकारी (PMO) द्वारा इनकी पुष्टि (काउंटरसाइन) सुनिश्चित करें।

स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए इसे अत्यंत आवश्यक एवं तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।
April 02, 2026

किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता : कृषि मंत्री

किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता : कृषि मंत्री

विभागीय हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक आयोजित
चंडीगढ़– हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में आज विभागीय हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में हरियाणा बीज विकास निगम के वार्षिक लेबर टेंडर से संबंधित एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस निर्णय का उद्देश्य बीज संसाधन, पैकिंग और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सुचारु बनाना है, ताकि किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता के प्रमाणित बीज रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा सकें।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस टेंडर की मंजूरी से बीज निगम की विभिन्न इकाइयों—हिसार, सिरसा, टोहाना, यमुनानगर, पटौदी और उमरी—में बीज उत्पादकों से रॉ बीज की समय पर खरीद सुनिश्चित होगी। इसके बाद बीजों का संसाधन, पैकेजिंग और प्रमाणीकरण भी तय समय सीमा में पूरा किया जा सकेगा।

कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि इससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है और किसानों की आय में सुधार आता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

 बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस टेंडर को मंजूरी देने से बीज निगम को लगभग 15 लाख रुपये की बचत होगी। यह निर्णय सरकार की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को भी दर्शाता है।

बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और हरियाणा बीज विकास निगम के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
April 02, 2026

8 नई पीएचसी के लिए ₹37.60 करोड़ मंजूर – आरती सिंह राव

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

8 नई पीएचसी के लिए ₹37.60 करोड़ मंजूर – आरती सिंह राव
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 8 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के निर्माण के लिए ₹37.60 करोड़ की मंजूरी दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इन नए पीएचसी के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह पीएचसी फतेहाबाद जिले के बनगांव और समैण, हिसार जिले के लाडवा, रोहतक जिले के गिरावड़ और समर गोपालपुर, सोनीपत जिले के फरमाणा और सरगथल तथा सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सिरसा जिले के मल्लेकन गांव में मौजूदा पीएचसी भवन को जर्जर और असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, जिसके स्थान पर अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाएगा। वहीं अन्य गांवों में पहली बार पीएचसी भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकेंगी।

वित्तीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि इस परियोजना के लिए ₹1144 लाख की राशि 15वें वित्त आयोग (FC-XV) के तहत और ₹2616.72 लाख राज्य बजट हेड 4210 से खर्च किए जाएंगे। इस प्रकार कुल परियोजना लागत ₹37.60 करोड़ आंकी गई है।

 स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन पीएचसी के निर्माण कार्य को पूरा करने में लगभग 18 से 24 महीने का समय लगेगा। परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए धनराशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन पीएचसी के शुरू होने से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बड़े अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इससे लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने, नई सुविधाएं जोड़ने और हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
April 02, 2026

लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा कदम

लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा कदम

उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति गठित, प्रक्रियाएं होंगी और सरल
चंडीगढ़ —लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नियम-16 के नियम-7 के उपनियम (1) में संशोधन करते हुए प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला स्तरीय समाशोधन समिति के गठन का निर्णय लिया है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधित नियम अब हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) नियम, 2026 के नाम से जाने जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य उद्योगों से संबंधित विभिन्न अनुमतियों एवं स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाना है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

 गठित समिति में संबंधित जिले का उपायुक्त अध्यक्ष होगा, जबकि विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। इनमें बिजली निगमों के अधीक्षक अभियंता, उप आबकारी आयुक्त, जिला नगर योजनाकार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, उप-सहायक श्रमायुक्त, जिला श्रम आयुक्त, औद्योगिक सुरक्षा कार्यालय के सहायक निदेशक, मुख्य कारखाना निरीक्षक, औषधि निरीक्षक, एचएसआईआईडीसी एवं एचएसवीपी के संपदा अधिकारी, नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी या नगर निगम के संयुक्त आयुक्त, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, आयुष विभाग एवं अक्षय ऊर्जा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, मंडलीय वन अधिकारी, जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक/उप-निदेशक तथा जिला एमएसएमई संगठन के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

 इसके अतिरिक्त, जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त निदेशक/उप-निदेशक को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

 यह समिति उद्योगों से संबंधित मामलों के त्वरित निपटान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगी, जिससे निवेशकों को ‘Ease of Doing Business’ के तहत बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
April 02, 2026

“फिंगरप्रिंट से खुलने वाली ‘स्मार्ट ब्रा’ ने छेड़ी नई बहस—सुरक्षा या निजता पर खतरा?”

“फिंगरप्रिंट से खुलने वाली ‘स्मार्ट ब्रा’ ने छेड़ी नई बहस—सुरक्षा या निजता पर खतरा?”

तकनीक के बढ़ते दखल के बीच नया आविष्कार बना चर्चा का केंद्र, सोशल मीडिया पर लोगों की बटी राय
नईं दिल्ली : तकनीक आज हमारे जीवन के हर क्षेत्र में तेजी से प्रवेश कर रही है—स्मार्टफोन, स्मार्ट होम और अब स्मार्ट वियरेबल्स के बाद एक नया आविष्कार चर्चा में है। हाल ही में फिंगरप्रिंट सेंसर से खुलने वाली “स्मार्ट ब्रा” ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। दावा किया जा रहा है कि यह डिवाइस केवल अधिकृत व्यक्ति के फिंगरप्रिंट से ही खुल सकती है, जिससे सुरक्षा को एक नया आयाम मिलता है।
इस तकनीक को कुछ लोग महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह के उपकरण निजी सुरक्षा को बढ़ा सकते हैं और अनचाहे हस्तक्षेप को रोकने में मददगार हो सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर कई विशेषज्ञ और यूजर्स इसे लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक जहां एक तरफ सुरक्षा देती है, वहीं दूसरी ओर यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता (Privacy) को लेकर नई चिंताएं भी पैदा करती है। यदि ऐसे डिवाइस हैक हो जाएं या डेटा लीक हो जाए, तो यह उपयोगकर्ता के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ लोग इसे “भविष्य की तकनीक” और इनोवेशन का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अनावश्यक और जरूरत से ज्यादा तकनीकी हस्तक्षेप मान रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि हर चीज को डिजिटल कंट्रोल में लाना सही नहीं है।
यह आविष्कार एक बड़े सवाल को जन्म देता है—क्या आने वाले समय में हमारी व्यक्तिगत वस्तुएं भी पूरी तरह डिजिटल नियंत्रण में आ जाएंगी? और अगर ऐसा होता है, तो क्या हम अपनी स्वतंत्रता और निजता को सुरक्षित रख पाएंगे?
फिलहाल, यह स्पष्ट है कि तकनीक का विस्तार जितनी तेजी से हो रहा है, उतनी ही तेजी से उससे जुड़े नैतिक और सामाजिक सवाल भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी नई तकनीक को अपनाने से पहले उसके फायदे और नुकसान दोनों पर गंभीरता से विचार किया जाए।

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Wednesday, April 1, 2026

April 01, 2026

नशामुक्ति अभियान में उत्कृष्ट योगदान के लिए एसपी कुलदीप सिंह सम्मानित

नशामुक्ति अभियान में उत्कृष्ट योगदान के लिए एसपी कुलदीप सिंह सम्मानित

नशामुक्त समाज का निर्माण सभी के सहयोग से ही संभव— कुलदीप सिंह
जींद : महात्मा गांधी शिक्षा एवम् समाज विकास संगठन, द्वारा जिले में नशामुक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पुलिस अधीक्षक  कुलदीप सिंह को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष राजकुमार भोला, वरिष्ठ भाजपा नेता मुकेश कुमार शर्मा तथा समाजसेवी राकेश ग्रोवर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने बताया कि एसपी कुलदीप सिंह के कुशल नेतृत्व एवं दिशा-निर्देश में जिले में नशामुक्ति अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार जागरूकता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम समाज में देखने को मिल रहे हैं। इन्हीं प्रयासों को देखते हुए संस्था द्वारा उनका अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर  एसपी कुलदीप सिंह ने संस्था का सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। युवाओं को सही दिशा देना और उन्हें नशे से दूर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। पुलिस विभाग इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है और आगे भी सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, अभिभावकों और युवाओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि एक सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके।
वहीं संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि नशा आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है, विशेषकर युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में एसपी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में चल रहा नशामुक्ति अभियान अत्यंत सराहनीय है। उनके प्रयासों से युवाओं में जागरूकता बढ़ रही है और समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। संस्था की ओर से एसपी कुलदीप सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

Tuesday, March 31, 2026

March 31, 2026

समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम, 134-ए के तहत शुल्क प्रतिपूर्ति अनुदान किया जारी-शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

समावेशी शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम134-ए के तहत शुल्क प्रतिपूर्ति अनुदान किया जारी-शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

चंडीगढ़- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 134-ए के अंतर्गत ईडब्ल्यूएस एवं बीपीएल वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शुल्क प्रतिपूर्ति अनुदान राशि जारी कर अपने वादे को पूरा किया है। विभाग द्वारा कुल 31.88 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई हैजिससे राज्य के सात जिलोंअंबालागुरुग्रामफतेहाबादकैथलमहेंद्रगढ़पंचकूला और रोहतकके निजी विद्यालयों को लाभ प्राप्त हुआ है।

 शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि यह कदम राज्य सरकार की समावेशी शिक्षा नीति को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना निरंतर प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। इस अनुदान से न केवल विद्यार्थियों को राहत मिलेगीबल्कि निजी विद्यालयों को भी समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित होगी।

श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। 134-ए के तहत दी जा रही यह सहायता उसी दिशा में एक सार्थक पहल है।

उन्होंने  कहा कि विभाग भविष्य में भी इसी प्रकार पारदर्शिता और तत्परता के साथ योजनाओं को लागू करता रहेगाताकि शिक्षा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। यह पहल न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगीबल्कि समाज में समानता और समावेशिता को भी बढ़ावा देगी।



March 31, 2026

बहादुरगढ़ में निजी स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी, अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डालने पर होगी कार्रवाई

बहादुरगढ़ में निजी स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी, अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ डालने पर होगी कार्रवाई
बहादुरगढ़ : सत्र 2026-27 को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी, बहादुरगढ़ ने निजी विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी पत्र के अनुसार किसी भी निजी स्कूल द्वारा दाखिले के समय अभिभावकों से वर्दी या किताबें बदलने के नाम पर दोबारा एडमिशन फीस नहीं ली जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। यदि कोई विद्यालय अभिभावकों पर इस प्रकार का दबाव बनाता पाया गया तो संबंधित स्कूल के खिलाफ उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पत्र में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सभी निजी विद्यालय हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) और CBSE द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दाखिला प्रक्रिया अपनाएं। साथ ही स्कूल एजुकेशन पॉलिसी 2003 (संशोधित) के नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस आदेश की प्रति जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर को भी आगामी कार्रवाई के लिए भेजी गई है।