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Saturday, February 28, 2026

February 28, 2026

विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार- मुख्यमंत्री

विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही सरकार- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने गांव कड़ासन व विवेकानंन्द उत्थान समिति को 21-21 लाख रूपए देने की घोषणा की
चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को लेकर विकसित हरियाणा - विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को अंबाला जिले के गांव कड़ासन में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण करने उपरांत कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि भारत की सोई हुई राष्ट्रीय चेतना को जगाने वाले युगपुरुष थे। उनकी प्रतिमा केवल पत्थर की मूर्ति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद उत्थान समिति को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करते हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गांव कड़ासन में विकास कार्यो के लिए 21 लाख रूपए तथा स्वामी विवेकानन्द उत्थान समिति को भी 21 लाख रूपए देने की घोषणा की। इस अवसर पर विवेकानंद उत्थान समिति के प्रधान एवं हरियाणा के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल जसवीर सिंह तथा समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद का संबोधन “अमेरिका के भाइयो और बहनो” से प्रारंभ हुआ, जो भारतीय इतिहास का गौरवशाली क्षण था। उस भाषण ने विश्व पटल पर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति का डंका बजा दिया। उन्होंने कहा कि 19वीं शताब्दी में जिस प्रकार स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति का परचम विश्व में लहराया, उसी प्रकार आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का गौरव वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

युवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते थे। उनका विश्वास था कि यदि उन्हें 100 ऊर्जावान और चरित्रवान युवा मिल जाएं तो वे देश की तस्वीर बदल सकते हैं। आज हरियाणा सरकार भी युवा शक्ति को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 34 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल किया गया है तथा पिछले 11 वर्षों में बिना खर्ची-बिना पर्ची के लगभग 2 लाख युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान किया गया है। सीईटी परीक्षा के लिए विधार्थियों के लिए बेहतर व्यवस्था की गई थी और युवाओं को परीक्षा के तहत किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से युवाओं को देश-विदेश में वैध माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अवैध ‘डंकी रूट’ पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया गया है। हाल ही में 10 हजार पदों की विदेशों से मांग प्राप्त हुई है, जिनमें पात्र युवाओं के चयन की प्रक्रिया जारी है। 1 लाख 14 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा ‘फ्यूचर रेडी स्किल’ कार्यक्रम के तहत विदेश जाने के इच्छुक युवाओं को 75 घंटे का विशेष प्रशिक्षण और एआई की जानकारी भी दी जा रही है।

महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद नारी शक्ति के प्रबल समर्थक थे। हमारी सरकार भी माताओं-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख रूपए है, ऐसे लगभग 9 लाख 22 हजार से अधिक बहनों को प्रतिमाह 2100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है और अब तक 634 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 25 महिलाओं का सिलाई मशीनें भी वितरित की।

इस अवसर पर विवेकानंद उत्थान समिति के प्रधान एवं हरियाणा के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल जसवीर सिंह द्वारा मुख्यमंत्री तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों व अन्य लोगों का धन्यवाद करते हुए समिति द्वारा समाजहित में करवाए जा रहें कार्यो की विस्तार से जानकारी दी ।

इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी, आरटीआई कमिश्नर डॉ जगबीर सिंह, उपायुक्त अजय सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत आदि मौजूद रहें।
February 28, 2026

ई-नीलामी मामले में आयोग की सख्ती, एचएसवीपी को ब्याज और मुआवज़ा अदा करने के दिए निर्देश

ई-नीलामी मामले में आयोग की सख्ती, एचएसवीपी को ब्याज और मुआवज़ा अदा करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़- हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई करते हुए एचएसवीपी को आवंटी को देय ब्याज का भुगतान करने तथा 5,000 रुपये मुआवज़ा देने करने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला हिसार निवासी श्रीमती रेखा सोनी से संबंधित है, जिन्होंने वर्ष 2022–23 की ई-नीलामी में भाग लेकर भूखंड खरीदा था। उन्हें 16 जून, 2023 को आवंटन-सह-कब्जा प्रमाणपत्र (Allotment-cum-Possession Certificate) जारी किया गया था, किंतु दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें वास्तविक कब्जा प्राप्त नहीं हुआ। पूर्ण भुगतान करने के बावजूद आवंटी को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि वर्ष 2022–23 में जिन भूखंडों की ई-नीलामी की गई, उनमें से कुछ स्थलों पर आवश्यक विकास कार्य पूर्ण नहीं थे तथा विधिवत सीमांकन भी नहीं किया गया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उस अवधि में लिए गए निर्णयों के लिए वर्तमान नेतृत्व को सीधे तौर पर उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता, फिर भी ऐसे मामलों का समाधान प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता से किया जाना आवश्यक है। आयोग ने अपनी अधिकार-सीमा स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिसूचित सेवा “कब्जा प्रमाणपत्र जारी करना” है, जिसकी समय-सीमा तीन दिन निर्धारित है। वर्तमान मामले में प्रशासनिक एवं तकनीकी जटिलताओं के कारण निर्धारित समयावधि में कब्जा उपलब्ध कराना संभव नहीं है। अतः आयोग ने सीए, एचएसवीपी को निर्देशित किया है कि वे इस प्रकरण की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
आयोग ने यह भी पाया कि आवंटन पत्र की शर्त संख्या 5 के अनुसार यदि 30 दिनों के भीतर कब्जा प्रदान नहीं किया जाता, तो 5.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होता है। इसके बावजूद संबंधित आवंटी को अब तक ब्याज का भुगतान नहीं किया गया। इस पर आयोग ने ईओ, हिसार को निर्देश दिए हैं कि देय ब्याज का भुगतान कर 06 मार्च, 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
साथ ही, आयोग ने हरियाणा राइट टू सर्विस अधिनियम, 2014 के अंतर्गत अधिकतम अनुमेय 5,000 रुपये का मुआवज़ा आवंटी को उत्पीड़न के लिए प्रदान करने का आदेश दिया है। यह राशि एचएसवीपी द्वारा प्रारंभ में अपने कोष से अदा की जाएगी, जिसे बाद में जांच उपरांत संबंधित दोषी अधिकारियों से वसूल किया जा सकेगा।
आयोग ने आशा व्यक्त की है कि एचएसवीपी प्रशासनिक एवं स्थल संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावित आवंटियों को राहत प्रदान करेगा तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति नहीं होने देगा।
February 28, 2026

पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में पंचकूला में आयोजित की गई

पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में पंचकूला में आयोजित की गई पहली बी-लेवल कल्याण गोष्ठी
- डीजीपी अजय सिंघल ने पुलिसकर्मियों के वेलफेयर को बताया सर्वाेच्च प्राथमिकता, शिक्षा, स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा को और सुदृढ़ करने पर जोर
चंडीगढ़ :  हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आज ईआरएसएस ऑडिटोरियम पंचकूला में बी-लेवल कल्याण गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के कल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया तथा आगामी योजनाओं की रूपरेखा पर चर्चा हुई।

कल्याण कार्यों की समीक्षा और श्रद्धांजलि
गोष्ठी में पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य में उनके कल्याण के किए लागू की जाने वाली योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान अधिकारियों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी बैठक में सांझा किए। गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक, कल्याण शाखा मोहित हांडा ने पिछली बी लेवल मीटिंग में लिए गए निर्णयो की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की। गोष्ठी में पिछले एक महीनें में शहीद हुए दो पुलिसकर्मियों इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद तथा पीएसआई रवि को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन भी धारण किया गया।  

जल्द लागू होगी ‘शगुन योजना
अपने संबोधन में पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस जल्द ही शगुन योजना लागू करने जा रही है जिसके तहत हरियाणा पुलिस कल्याण कोष से पुलिसकर्मियों की बेटी की शादी के लिए 2.5 लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। बाद में इसे बढ़ाकर 5 लाख रूप्ये तक किए जाने की योजना है।

वेलफेयर सर्वाेच्च प्राथमिकता
उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में फोर्स और उनके परिवारों के वेलफेयर को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है तथा आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर केवल वेलफेयर की सोच ही नहीं, बल्कि ठोस योजनाएं बनाकर उन्हें लागू भी किया जाता है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ रोहतक जिला का दौरा कर पुलिस परिवारों से संवाद किया और भविष्य में प्रदेश की सभी पुलिस लाइनों का दौरा करने की बात कही।

भत्ते, ट्रांसफर नीति और पदोन्नति पर फोकस
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने कर्मियों के लिए विभिन्न भत्तों एवं सुविधाओं की व्यवस्था की है, ताकि वे निश्चिंत होकर अपने दायित्व निभा सकें। ट्रांसफर पॉलिसी में भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक लचीलापन दिया गया है और समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले पुलिस बल को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनका मनोबल ऊंचा बना रहे।

शिक्षा में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
शिक्षा के क्षेत्र में पुलिस परिवारों के बच्चों के लिए 22 डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल स्थापित किए गए हैं, जहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रियायतें दी जा रही हैं तथा दिवंगत कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। इन स्कूलों का रोजाना 1200 विद्यार्थियों द्वारा लाभ उठाया जा रहा है। पुलिस लाइनों में ई-लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं का तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए इनका विस्तार किया जा रहा है, ताकि बच्चों को आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा मिल सके।

स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को मजबूती
स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष बल देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा प्रत्येक जिले में जिम की व्यवस्था की गई है। वर्ष-2025 में हरियाणा पुलिस के 17 हजार 985 कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई है। इसके साथ साथ पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मनोरोग विशेषज्ञों के साथ भी बैठक की गई है। एचडीएफसी बैंक के साथ अनुबंध के माध्यम से दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर को बढ़ाकर एक करोड़ किया गया है और प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में भी सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रूप्ये किया गया है, जिससे पुलिस परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। इसी प्रकार, एक्स ग्रेशिया में 381 आश्रितों को नौकरी दी गई है तथा शहीदों के परिवार को दी जाने वाली राशि को तीन गुना बढ़ाया गया है।

आवास और आधारभूत सुविधाओं पर कार्य
उन्होंने आगे बताया कि शगुन योजना, हॉस्टल गिफ्ट योजना, पुलिस लाइनों में बैंक्वेट एवं कम्युनिटी हॉल की सुविधा तथा आवास संबंधी योजनाओं पर कार्य आरंभ कर दिया गया है। जहां बैंक्वेट हॉल उपलब्ध नहीं हैं, वहां निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है और जहां हैं, वहां मरम्मत का कार्य किया जाएगा।

कर्तव्यनिष्ठा का आह्वान
अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों से आह्वान किया कि जब मुख्यालय उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, तो वे भी अनुशासन, मेहनत और सेवा भाव से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें, ताकि हरियाणा पुलिस, राज्य और सरकार का नाम ऊंचा बना रहे।

*ये रहे उपस्थित*

इस बैठक में हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरों के प्रमुख नवदीप सिंह विर्क, एडीजी कला रामचंद्रन, एडीजीपी सी एस राव, अमिताभ ढिल्लों, संजय कुमार, के के राव, हरदीप सिंह दून, पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह सहित कई कमिश्नरेट, रेंज तथा जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।
February 28, 2026

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 2022, 2023 और 2024 के लिए चयनित 11 प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को ‘हरियाणा विज्ञान रत्न’ और ‘हरियाणा युवा विज्ञान रत्न’ पुरस्कारों से किया सम्मानित

प्रयोगशाला से भूमि’ तक नवाचार पहुंचाना है समय की मांग-राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 2022, 2023 और 2024 के लिए चयनित 11 प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को ‘हरियाणा विज्ञान रत्न’ और ‘हरियाणा युवा विज्ञान रत्न’ पुरस्कारों से किया सम्मानित
चंडीगढ़- राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आज राज भवन हरियाणा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने वर्ष 2022, 2023 और 2024 के लिए चयनित 11 प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों को ‘हरियाणा विज्ञान रत्न’ और ‘हरियाणा युवा विज्ञान रत्न’ पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार और विज्ञान की परिवर्तनकारी शक्ति में हमारे सामूहिक विश्वास का यादगार क्षण है।

राज्यपाल ने सभी सम्मानित वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां न केवल हरियाणा बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1966 में गठन के बाद से हरियाणा ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हरित क्रांति के दौर में राज्य ने वैज्ञानिक कृषि, नवाचार और दृढ़ संकल्प के बल पर देश को खाद्य आत्मनिर्भरता दिलाने में अग्रणी भूमिका निभाई। यही विरासत आज भी हमें प्रेरित करती है।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नई और जटिल चुनौतियां लेकर आई है। सतत कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता हमारी विकास रणनीति का आधार बननी चाहिए। हमारा लक्ष्य सतत, समावेशी और प्रौद्योगिकी संचालित विकास सुनिश्चित करना है।

राज्यपाल श्री घोष ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शासन व्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन में प्रत्यक्ष सुधार लाना चाहिए। अनुसंधान का वास्तविक माप उसके सामाजिक प्रभाव में निहित है। ‘प्रयोगशाला से भूमि’ और ‘प्रयोगशाला से बाजार’ के बीच की दूरी को कम करना आज की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कि हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ और ‘डिजिटल लैब्स’ के जरिए विद्यालयों के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अंबाला में बन रहा ‘आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र’ तथा कुरुक्षेत्र में कल्पना चावला मेमोरियल प्लैनेटेरियम का आधुनिकीकरण वैज्ञानिक चेतना को सुदृढ़ करेगा।

‘कल्पना चावला छात्रवृत्ति योजना’ के तहत अभियांत्रिकी विषयों में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये तक की 250 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी, जबकि ‘विज्ञान रत्न पुरस्कार’ के तहत 5 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है।

राज्यपाल ने बताया कि 1983 में स्थापित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निदेशालय राज्य में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में अग्रणी रहा है। यह निदेशालय वरिष्ठ माध्यमिक स्तर से लेकर उन्नत अनुसंधान तक छात्रवृत्तियां प्रदान करता है तथा सामाजिक-आर्थिक अनुसंधान परियोजनाओं को 50 लाख रुपये तक के अनुदान से सहयोग देता है।

*प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत बनाए जाने के सपने को साकार करने में वैज्ञानिकों को रहेगा विशेष योगदान-शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा*

इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाना है। इस विजन को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों का भी विशेष योगदान रहेगा। भारतीय विज्ञान परंपरा विश्व की प्राचीनतम वैज्ञानिक परंपराओं में से एक रही है। प्राचीन काल में चिकित्सा विज्ञान में चरक और सुश्रुत, खगोल और गणित में आर्यभट्ट और ब्रह्मगुप्त, रसायन विज्ञान में नागार्जुन ने अतुलनीय योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि प्राचीन खोजें आधुनिक विज्ञान की नींव रही हैं। भारतीय विद्वानों ने खगोल, गणित, चिकित्सा, रसायन, वास्तुकला और यंत्र विज्ञान में ऐसे सिद्धांत स्थापित किए, जिनका प्रभाव भारत ही नहीं, बल्कि अरब और यूरोप तक फैला। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने विज्ञान और स्वास्थ्य क्षेत्र में अद्वितीय उपलब्धियां दर्ज कीं। तेज़ी से परीक्षण और उपचार प्रोटोकॉल विकसित किए गए और कोवैक्सिन तथा कोविशील्ड जैसे सुरक्षित एवं प्रभावी टीकों का विकास हुआ। इन प्रयासों ने न केवल भारतवासियों की रक्षा की, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय में भारत की नेतृत्व क्षमता को भी उजागर किया।

उन्होंने कहा कि भारत ने हाल ही में India AI Impact Summit 2026 में वैश्विक मंच पर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की। 100+ देशों के विशेषज्ञों ने भाग लिया और वैश्विक एआई दिशा निर्देश पर साझा घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। यह सम्मेलन भारत को एआई नवाचार और वैश्विक सहयोग का प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करता है।

इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, राज्यपाल के सचिव श्री डीके बेहरा, विज्ञान एवं तकनीकी के निदेशक श्री राजीव रतन व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
February 28, 2026

लाडवा विधानसभा का तेज गति के साथ करवाया जा रहा है विकास : नायब सिंह सैनी

लाडवा विधानसभा का तेज गति के साथ करवाया जा रहा है विकास : नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने बाबैन में बनाए गए सरस्वती चौक के सौंदर्यीकरण का किया उद्घाटन

किसान हित हमारी नीतियों के केंद्र में- मुख्यमंत्री
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाडवा विधानसभा के विकास को तेज गति के साथ करवाया जा रहा है। विधानसभा के गांव व शहरी क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जब इन सभी कार्यों का निर्माण पूरा होगा तो हलके की जनता को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को बाबैन, कुरुक्षेत्र में सरस्वती चौक के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन करने उपरांत लोगों को संबोधित कर रहे थे। बाबैन पहुंचने पर मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबैन के नागरिकों की समस्याओं को सुना और उन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उमरी में करीब 5 एकड़ में संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। राक्षी नदी को पक्का करने और लाडवा शहर में रास्ता निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह राजकीय पशु चिकित्सा पॉलिक्लीनिक बिहोली में स्थापित किया गया है। गांव धनौरा जाटान में खिलाडिय़ों के लिए खेल स्टेडियम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि लाडवा के रामकुंडी के अग्रसेन चौक के सौंदर्यीकरण को किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम के रूप में अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी गई है। फसली नुकसान की भरपाई के लिए 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ 15 लाख 57 हजार रुपये की मुआवजा राशि जारी कर दी है। इसमें बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपये, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपये, धान के लिए 22 करोड़ 91 लाख रुपये और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपये की राशि शामिल है।
किसान हित हमारी नीतियों के केंद्र में

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान हित हमारी नीतियों के केन्द्र में है। हमने अपने संकल्प पत्र 2024 में सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने का संकल्प लिया था। जब 17 अक्तूबर, 2024 को विधिवत रूप से हमारी सरकार बनी तो हमने 19 दिसम्बर को ही किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां किसानों की 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। इन्होने बताया कि पिछले 12 सीजन में अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। इतना ही नहीं, हमने पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 457 करोड़ रुपये दिये हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 7 हजार 233 करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाले गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म किया है। हमने किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने व बनाने वालों से बचाने के लिए नया कानून बनाया है। इसके तहत ऐसे लोगों को 5 साल की सजा देने का प्रावधान किया है।
इस मौके पर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, जयभगवान शर्मा डीडी, मार्केट कमेटी चेयरमैन जसविंदर जस्सी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
February 28, 2026

केंद्र सरकार का बड़ा कदम: मीडिया सेक्टर के लिए देशव्यापी AI स्किलिंग प्रोग्राम लॉन्च

केंद्र सरकार का बड़ा कदम: मीडिया सेक्टर के लिए देशव्यापी AI स्किलिंग प्रोग्राम लॉन्च
चंडीगढ़– भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गूगल और यूट्यूब के सहयोग से मीडिया एवं एंटरटेनमेंट (M&E) क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए देशव्यापी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किलिंग कार्यक्रम शुरू किया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल वर्ल्ड ऑडियो विज़ुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य देशभर के क्रिएटर्स, डेवलपर्स और मीडिया पेशेवरों को उच्च गुणवत्ता वाले एआई प्रशिक्षण तक पहुंच प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को प्रीमियम कोर्स के लिए पूर्ण रूप से प्रायोजित स्कॉलरशिप दी जाएगी, जिससे वे बिना किसी शुल्क के इंडस्ट्री-मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र हासिल कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कोर्स को दो प्रमुख लर्निंग ट्रैक में विभाजित किया गया है। पहला ट्रैक “फाउंडेशनल एआई और प्रॉम्प्टिंग” है, जिसमें जनरेटिव एआई टूल्स के उपयोग से क्रिएटिव आइडिया, स्टोरीटेलिंग और कंटेंट डेवलपमेंट पर ध्यान दिया जाएगा। दूसरा ट्रैक “जनरेटिव एआई लीडर (GAIL)” है, जो पेशेवरों को जनरेटिव एआई तकनीक के व्यावसायिक महत्व और उसके जिम्मेदार उपयोग की समझ प्रदान करेगा।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि पहले चरण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद प्रतिभागी दूसरे चरण में प्रवेश कर सकेंगे, जहां उन्हें Vertex AI, Gemini और Google Cloud जैसे उन्नत टूल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो विशेष रूप से मीडिया वर्कफ्लो के लिए डिजाइन किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि छात्र, कंटेंट क्रिएटर्स और मीडिया प्रोफेशनल्स इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी 
https://aiskillhouse.iict.org/ पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

इस पहल का उद्देश्य भारत के मीडिया टैलेंट को भविष्य के अनुरूप कौशल प्रदान करना और तेजी से बदलते डिजिटल इकोसिस्टम में उद्योग की तैयारियों को मजबूत बनाना है।

Friday, February 27, 2026

February 27, 2026

हरियाणा में विश्वविद्यालयों के संविदा व अंशकालिक शिक्षकों को सेवा सुरक्षा देने का है विचार : शिक्षा मंत्री

हरियाणा में विश्वविद्यालयों के संविदा व अंशकालिक शिक्षकों को सेवा सुरक्षा देने का है विचार : शिक्षा मंत्री

-उच्च शिक्षा विभाग ने समिति गठित कर शुरू कर दी है प्रक्रिया"
चंडीगढ़ - हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य विश्वविद्यालयों में संविदात्मक तौर पर कार्यरत प्राध्यापकों के लिए "सेवा सुरक्षा विधेयक" का प्रारूप तैयार करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में अन्य विभागों से विचार विमर्श किया जा रहा है।

 श्री ढांडा आज हरियाणा विधानसभा के सत्र के दौरान सदन के दो सदस्यों सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग को हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन (HUCTA) और हरियाणा यूनिवर्सिटीज पार्ट-टाइम टीचर्स एसोसिएशन (HUPTTA) से रिप्रजेंटेशन प्राप्त हुआ था। इन संगठनों ने वर्ष 2024 के सेवा सुरक्षा अध्यादेश की तर्ज पर कानून बनाने की मांग की है। इस प्रस्ताव में शिक्षकों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा प्रदान करने की बात कही गई।

श्री महिपाल ढांडा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति से समिति का गठन का गठन किया गया जिसमें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति को अध्यक्ष, इसी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को , गुरुग्राम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक अफेयर्स को सदस्य के तौर पर नामित किया गया।

उन्होंने बताया कि इस समिति को उक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का दायित्व दिया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद मामला दोबारा मुख्यमंत्री के पास निर्णय हेतु भेजा गया। इसके बाद 29 जुलाई 2025 को इस विषय पर मुख्यमंत्री के ओएसडी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गहन चर्चा हुई। इसके परिणामस्वरूप निर्णय लिया गया कि राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत पूरे शैक्षणिक स्टॉफ का विस्तृत डाटा एक निर्धारित प्रारूप में एकत्र किया जाए।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने 30 जुलाई 2025 को सभी राज्य विश्वविद्यालयों को पत्र जारी किया। इस पत्र के माध्यम से आवश्यक जानकारी मांगी गई। विश्वविद्यालयों से प्राप्त आंकड़ों को संकलित किया गया। इसके बाद यह संपूर्ण रिपोर्ट मुख्यमंत्री को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी गई।

इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से यह सुझाव दिया गया कि समिति की सिफारिशों पर अन्य संबंधित विभागों की भी राय ली जाए जिसके तहत 9 दिसंबर 2025 को विभिन्न विभागों चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग, आयुष विभाग, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, खेल विभाग से सुझाव और टिप्पणियां मांगी गईं ताकि एक समग्र नीति तैयार की जा सके।
उन्होंने बताया कि हालांकि, निर्धारित समय में सभी विभागों से जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसलिए 29 जनवरी 2026 को संबंधित विभागों को रिमाइंडर भेजा गया। वर्तमान में सभी विभागों से आवश्यक सूचनाओं का इंतजार किया जा रहा है ,जैसे ही यह जानकारी प्राप्त होगी, मामले को पुनः मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
February 27, 2026

असंध विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में उपस्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य करवाया जाएगा

असंध विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में उपस्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य करवाया जाएगा
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि असंध विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई गांवों में उपस्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कार्य करवाया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रही थी।

आरती सिंह राव ने बताया कि असंध उपमंडल अस्पताल के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र राहड़ा के भवन के निर्माण के लिए निविदा 16 फरवरी 2026 को आवंटित की गई है , इसका निर्माण कार्य जल्द किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, गांव थल में स्थित एकमात्र उप-स्वास्थ्य केंद्र वर्तमान में निजी किराए के भवन में कार्यरत है। इस उप-स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है परन्तु अभी तक उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं हुई है। भूमि की उपलब्धता होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आगे बताया कि इस विधानसभा क्षेत्र के गांव खेड़ी-सरफली और असंध-॥ में भी उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया जाएगा, लेकिन अभी तक भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है। इन दोनों गांवों के मामले में भी भूमि की उपलब्धता होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन के एक अन्य सदस्य द्वारा थानेसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव अमीन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तौर पर अपग्रेड करने के प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि फिलहाल नियमों के अनुसार यहां सीएचसी नहीं बनाई जा सकती। फिर भी इस मामले में पुनः जांच करवा लेंगे , आवश्यकता हुई तो अपग्रेड करने पर विचार किया जा सकता है।
February 27, 2026

धान की खरीद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा - निर्देशों के अनुसार की जाती है : राजेश नागर

धान की खरीद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा - निर्देशों के अनुसार की जाती है : राजेश नागर 
चंडीगढ़ - हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हरियाणा के किसानों की सभी फसलों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने हेतु पारदर्शी एवं ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। धान की खरीद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा - निर्देशों के अनुसार की जाती है। 
राज्यमंत्री श्री राजेश नागर आज हरियाणा विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने धान की खरीद प्रक्रिया पर सरकार आरम्भ से ही निगरानी बनाए हुए थी। राज्य के सभी जिलों में संयुक्त कमेटी बनाकर खरीद के दौरान ही माह अक्टूबर एवं नवंबर 2025 के दौरान राइस मिलों में भंडारित धान की भौतिकी जांच करवाई गई। भौतिकी जाँच के दौरान पाई गई धान की कमी की अनियमितताओं को गंभीरता से लिया गया। सम्बंधित जिलों में प्रार्थमिक जाँच करने उपरांत जहाँ - जहाँ प्रथम दृष्टा अनियमितताएं पाई गई, वहां तुरंत अधिकारियों/कर्मचारियों तथा आढ़तियों एवं राइस मिलरों के विरुद्ध कुल 12 एफआईआर दर्ज करवाई गई। इसके साथ - साथ राज्य में खाद्य विभाग, खरीद संस्था तथा मार्केटिंग बोर्ड द्वारा 75 अधिकारियों / कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय जाँच भी शुरू की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किये प्रयासों में राइस मिलरों से लगभग 6.37 करोड़ राशि की रिकवरी करते हुए सरकारी खज़ाने में जमा करवाई जा चुकी है। श्री नागर ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आगामी रबी सीजन 2026 - 27 के दौरान राज्य में खाद्यानों की खरीद कार्य को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है जैसे कि पैदावार पर संशोधन, मोबाइल ऐप के माध्यम से जिओ टैग / QR code, आधारित गेट पास, वाहनों का आटोमेटिक कैप्चर, मंडी/खरीद केंद्र, गोदाम एवं राइस मीलों की जिओ फेंसिंग, मंडियों के प्रवेश एवं निकास द्वार पर कैमरे लगाने, किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन इत्यादि। राज्यमंत्री ने सदन को अवगत कराया कि आगामी खरीफ खरीद सीजन 2026 - 27 के दौरान उपरोक्त संशोधनों के अतिरिक्त खरीद प्रक्रिया को ओर सदृढ़ करने हेतु राइस मीलों / गोदाम की भौतिक जाँच, मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी।
February 27, 2026

हरियाणा विधानसभा में पर्यटन मंत्री का आमंत्रण — 22 टूरिस्ट कॉम्प्लेक्सों में 28 फरवरी से ‘रंगोत्सव 2026’

हरियाणा विधानसभा में पर्यटन मंत्री का आमंत्रण — 22 टूरिस्ट कॉम्प्लेक्सों में 28 फरवरी से ‘रंगोत्सव 2026’
चंडीगढ़-हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के सदस्यों को प्रदेश में पहली बार आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय रंगोत्सव 2026 में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने बताया कि 28 फरवरी से 4 मार्च तक हरियाणा पर्यटन निगम द्वारा प्रदेश के 22 टूरिस्ट कॉम्प्लेक्सों में रंगोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पर्यटन विभाग निरंतर ऐसे आयोजनों के माध्यम से आमजन को जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि पर्यटन विभाग द्वारा सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला, दिवाली मेला और पिंजौर मैंगो मेले के सफल आयोजन के बाद अब होली पर भी विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की गई है। रंगोत्सव के दौरान डीजे, हरियाणवी कलाकारों की प्रस्तुतियां, रेन डांस जोन, ऑर्गेनिक कलर जोन, किड्स प्ले जोन तथा पारंपरिक फाग और रागनी जैसे लोक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
February 27, 2026

प्रदेश में प्रत्येक मानसून सत्र से पूर्व नदियों की वार्षिक डी-सिल्टिंग की कोई निर्धारित परंपरा नहीं है : श्रुति चौधरी

प्रदेश में प्रत्येक मानसून सत्र से पूर्व नदियों की वार्षिक डी-सिल्टिंग की कोई निर्धारित परंपरा नहीं है : श्रुति चौधरी 
चंडीगढ़- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में स्पष्ट किया कि प्रदेश में प्रत्येक मानसून सत्र से पूर्व नदियों की वार्षिक डी-सिल्टिंग की कोई निर्धारित परंपरा नहीं है।

उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में लगातार भारी वर्षा और बाढ़ की स्थिति के कारण नदियों में बड़े पैमाने पर गाद जमा हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए टांगरी और मारकंडा नदियों की जलधारण क्षमता बढ़ाने तथा बाढ़ के खतरे को कम करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 के दौरान विशेष विकासात्मक गतिविधि के रूप में डी-सिल्टिंग का कार्य किया गया। 30 जून 2025 से पहले टांगरी नदी से लगभग 5.50 लाख घन मीटर तथा मारकंडा नदी से लगभग 37,500 घन मीटर मिट्टी निकाली गई।

इसके अतिरिक्त, मानसून 2026 से पूर्व टांगरी, मारकंडा और बेगना नदियों से क्रमशः लगभग 53.85 लाख घन मीटर, 10.94 लाख घन मीटर और 0.60 लाख घन मीटर गाद निकालने का प्रस्ताव है। इन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
February 27, 2026

आय और संपत्ति की सीमा में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं, जबकि दूसरे मानदंडों में कोई बदलाव नहीं किया गया है : कृष्ण बेदी

आय और संपत्ति की सीमा में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं, जबकि दूसरे मानदंडों में कोई बदलाव नहीं किया गया है : कृष्ण बेदी 
चण्डीगढ़- हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा  08 सितम्बर, 1993 को अन्य पिछड़े वर्गों (ओ०बी०सी०) को क्रीमी लेयर से बाहर करने के लिए मानदंड तय किए थे। आय और संपत्ति की सीमा में समय-समय पर बदलाव किए गए हैं, जबकि दूसरे मानदंडों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान  आदमपुर के विधायक श्री चन्द्र प्रकाश द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

श्री बेदी ने कहा कि वर्ष 2017 में, भारत सरकार ने क्रीमी लेयर की आय सीमा को बदलकर 8 लाख रुपये प्रति वर्ष कर दिया। इसके अनुसार, हरियाणा सरकार द्वारा भी 16 जुलाई,2024 की अधिसूचना के माध्यम से आय सीमा 8 लाख रूपये प्रतिवर्ष तय कर दी गई है।

उन्होंने सदन को अवगत करवाया कि केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार  प्रदेश सरकार द्वारा अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सभी प्रकार के लाभ दिए जा रहे हैं।
February 27, 2026

नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सग्गा एवं समाना बाहु में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य जल्द से जल्द करवाया जाएगा : आरती सिंह राव

नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सग्गा एवं समाना बाहु में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य जल्द से जल्द करवाया जाएगा : आरती सिंह राव
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सग्गा एवं समाना बाहु में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य जल्द से जल्द करवाया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल  का जवाब दे रही थी।

आरती सिंह राव ने बताया कि गांव सग्गा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण कार्य लगभग 38 प्रतिशत पूरा होने के बाद एजेंसी द्वारा रोक दिया गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा उक्त एजेंसी का अनुबंध 5 जुलाई 2023 को समाप्त कर दिया गया था। संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति के उपरांत, निविदा प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी होने की उम्मीद है और पीएचसी भवन का शेष निर्माण कार्य छह महीने के भीतर पुनः आरंभ होने की संभावना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे गांव समाना बाहु में पीएचसी के रुके हुए निर्माण कार्य से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए बताया कि संविदा एजेंसी ने 70 प्रतिशत कार्य पूरा करने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था और लोक निर्माण विभाग के साथ विवाद को लेकर  उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी थी। इस  विभाग द्वारा एजेंसी का अनुबंध 20 जून 2024 को समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पीएचसी के भवन निर्माण कार्य पुनः आरंभ होने में लगभग छह महीने लगेंगे और उसके बाद इसे पूर्ण करने में लगभग 12 महीने का समय लगेगा।

उन्होंने एक अन्य सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में बताया कि वैसे तो फरीदाबाद के सेक्टर -56 में 50 बैड के अस्पताल को बनाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, फिर भी इस मामले में दोबारा जांच करवा लेंगे , आवश्यकता होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
February 27, 2026

सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले को बेहतर और सुरक्षित सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए : रणबीर गंगवा

सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले को बेहतर और सुरक्षित सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए : रणबीर गंगवा 
चंडीगढ़— हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में सड़कों के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। राज्यभर में सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और फॉरलेन निर्माण के कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं, जिससे यातायात सुगम हुआ है और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले को बेहतर और सुरक्षित सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए।
लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा आज हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान विधायक मो. इलियास द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
श्री गंगवा ने बताया कि होडल से पटौदी को जोड़ने वाला मार्ग, जो दक्षिण हरियाणा का एक महत्वपूर्ण यातायात मार्ग है, उसे फॉरलेन बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस परियोजना को दो भागों में क्रियान्वित किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि पहले भाग में होडल से बिलासपुर चौक वाया नूंह 0.00 से 71.00 किलोमीटर तक सड़क को फॉरलेन बनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) के तहत 616.01 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इस कार्य के लिए लगभग 80 हेक्टेयर (197.6 एकड़) भूमि की आवश्यकता है, जो वन विभाग के पास प्रक्रियाधीन है। वन विभाग से मंजूरी तथा एनसीआरपीबी से ऋण स्वीकृत होने के बाद टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
उन्होंने आगे बताया कि दूसरे भाग में बिलासपुर चौक से कुलाना वाया पटौदी 71.00 से 96.00 किलोमीटर तक फॉरलेन बनाने के लिए 476.07 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। यह प्रस्ताव भी वर्तमान में स्थायी वित्त समिति के पास विचाराधीन है। इस खंड के लिए लगभग 27 हेक्टेयर (66 एकड़) भूमि की आवश्यकता है। वन मंजूरी एवं एनसीआरपीबी से ऋण स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत टेंडर प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही फॉरलेन निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
February 27, 2026

देशी कपास उगाने वाले किसानों को 3000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है : श्याम सिंह राणा

चंडीगढ़-  हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य में कपास उत्पादन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत देशी कपास उगाने वाले किसानों को 3000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
श्री श्याम सिंह राणा आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2025 के दौरान कपास फसल के अंतर्गत 8 लाख 90 हजार एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया, जबकि "मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल" पर देशी कपास के अंतर्गत 16,801 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया।

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि हरियाणा में पंजीकृत एवं सत्यापित किसानों से "मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल" के माध्यम से निर्धारित उचित औसत गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होने की शर्त पर भारतीय कपास निगम द्वारा देशी कपास तथा बीटी कपास की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाती है। उन्होंने बताया कि अधिकांश समय देशी कपास के बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक रहते है, जिसके फलस्वरूप किसान अपनी उपज निजी व्यापारियों को बेचना अधिक उपयुक्त समझते हैं।श्री राणा ने बताया कि राज्य सरकार फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है, ताकि अत्यधिक धान की खेती को कम किया जा सके। इस उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं एवं प्रोत्साहनों के माध्यम से कपास, मक्का, दलहन एवं अन्य कम जल-आवश्यक फसलों के लिए किसानों को 8000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त,  कपास उत्पादन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत देशी कपास उगाने वाले किसानों को 3000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।
February 27, 2026

डबवाली के स्टेडियम का किया जाएगा सुधारीकरण- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम

डबवाली के स्टेडियम का किया जाएगा सुधारीकरण- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
चंडीगढ़- हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि डबवाली शहर के स्टेडियम के सुधारीकरण के लिए जिला खेल अधिकारी ने एक करोड़ रुपये का अनुमान (estimate) बनाकर भेजा है, जिसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) को भेज दिया है और जल्द ही स्टेडियम का सुधारीकरण करवाया जाएगा।

खेल मंत्री श्री गौरव गौतम शुक्रवार को बजट सत्र के दौरान सदन के एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि जिला सिरसा में शहीद भगत सिंह खेल परिसर और चौधरी दलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम हैं। डबवाली में श्री गुरु गोबिन्द सिंह खेल परिसर और चौटाला में चौधरी साहिब राम स्टेडियम उप मंडल स्तरीय खेल स्टेडियम हैं।

उन्होंने कहा कि जिला सिरसा में एक रिहायशी व 50 खेल नर्सरियां हैं। सिरसा में 21 प्रशिक्षक और कनिष्ठ प्रशिक्षक हैं। सिरसा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में एक सुविधा केंद्र भी है।
February 27, 2026

वर्ष 2022 से लेकर वर्ष 2026 तक फसल के नुकसान के लिए सरकार द्वारा मुआवजा वितरित कर दिया गया है

चंडीगढ़- राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल ने सदन में बताया कि वर्ष 2022 से लेकर वर्ष 2026 तक फसल के नुकसान के लिए सरकार द्वारा मुआवजा वितरित कर दिया गया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल शुक्रवार को सदन में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को हुए नुकसान के लिए वर्ष 2022-23 में करीब 494.05 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई थी जो उपायुक्तों को वितरण के लिए मैनुअल तरीक़े से स्वीकृत की गई थी। राज्य में वर्ष 2023-24 में फसल खराबा के लिए 720.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। रबी 2023 से मुआवज़ा राशि क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से डीबीटी द्वारा सीधे लाभार्थियों को वितरित की जा रही है। वर्ष 2024-25 में फसल खराबा के लिए 265.57 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे और वर्ष 2025-26 में फसल खराबा के लिए 168.74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुछ किसानों को त्रुटि के कारण, बैंक खाता उपलब्ध न करवाने या अन्य किसी कारण की वजह से राशि का वितरण नहीं किया जा सका। परंतु विभाग की तरफ से पटवारियों को निर्देश है कि त्रुटियों को जल्द ठीक करवाए ताकि राशि आवंटन किया जा सके।
February 27, 2026

प्रॉपर्टी आईडी मामले में हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के निर्देश, शिकायतकर्ता को मुआवजा देने का निर्णय

प्रॉपर्टी आईडी मामले में हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के निर्देश, शिकायतकर्ता को मुआवजा देने का निर्णय
चंडीगढ़— हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने अंबाला निवासी श्रीमती सुरजीत कौर के नए प्रॉपर्टी आईडी जारी करने संबंधी प्रकरण में सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने मामले की समीक्षा के दौरान प्रशासनिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर बल दिया।
आयोग के संज्ञान में आया कि शिकायतकर्ता की अपीलें प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (एफजीआरए) स्तर पर निरस्त कर दी गई थीं। तत्पश्चात आयोग द्वारा 09.02.2026 को पारित अंतरिम आदेश के बाद संबंधित संपत्ति को अधिकृत श्रेणी में दर्शाया गया।

पूर्व में 04.02.2026 को नगर निगम द्वारा प्रस्तुत उत्तर में प्लॉट को अधिकृत नहीं बताया गया था। हालांकि, आयोग द्वारा विस्तृत तथ्यों की मांग किए जाने के उपरांत यह स्पष्ट किया गया कि संपत्ति गांव की सीमा एवं अधिकृत क्षेत्र की सीमा पर स्थित है।
आयोग ने अपने अवलोकन में यह भी उल्लेख किया कि हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत एफजीआरए एवं एसजीआरए को अपीलों के निस्तारण हेतु 30 कार्य दिवस का समय निर्धारित है। आयोग ने सुझाव दिया कि नागरिकों की शिकायतों का समाधान यथासंभव प्रारंभिक स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें उच्च स्तर तक जाने की आवश्यकता न पड़े।

आयोग ने 09.10.2025 को अपील निरस्त करने वाले तत्कालीन एफजीआरए तथा 01.12.2025 को अपील निरस्त करने वाले अधिकारी को हरियाणा सेवा का अधिकार (प्रबंधन) विनियम, 2015 के विनियम 10 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

दोनों अधिकारियों से अधिनियम की धारा 17(1)(डी) के तहत स्पष्टीकरण मांगा गया है कि राज्य सरकार को विभागीय कार्रवाई की संस्तुति क्यों न की जाए।

आयोग ने शिकायतकर्ता को हुई असुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार 5,000 रुपये का मुआवजा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। यह राशि प्रारंभिक रूप से नगर निगम अंबाला के कोष से अदा की जाएगी, जिसे नियमानुसार संबंधित अधिकारियों से वसूल किया जा सकेगा।

आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि 13.03.2026 तक मुआवजा अदा नहीं किया जाता है, तो अधिनियम की धारा 17(2) के तहत आगे की कार्यवाही की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त दंड एवं मुआवजा भी निर्धारित किया जा सकता है।

साथ ही, आयुक्त, नगर निगम अंबाला को 16.03.2026 तक अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित तत्कालीन एफजीआरए को भी आदेश की प्रति प्रेषित कर 09.03.2026 तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि नागरिक सेवाओं में लापरवाही या अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जा रही है और भविष्य में भी की जाती रहेगी।

आयोग ने दोहराया कि राज्य सरकार की मंशा नागरिक सेवाओं को समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने की है, और सभी अधिकारी उसी भावना के अनुरूप कार्य करें।