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Wednesday, April 8, 2026

April 08, 2026

हरियाणा मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में महत्वपूर्ण संशोधनों को दी मंजूरी

हरियाणा मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में महत्वपूर्ण संशोधनों को दी मंजूरी
चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 (अधिनियम संख्या 8 ऑफ 1975) के अंतर्गत लाइसेंस प्रदान करके नियोजित रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दी गई।

ऐसा वृद्धजनों की आबादी को ध्यान में रखते हुए उनकी जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन किया गया है।

संशोधित प्रावधानों के अनुसार, धारा 5(ii) के तहत, 20 अक्टूबर, 2020 की नीति में समय-समय पर किए गए संशोधनों के अनुसार निर्धारित दृष्टिकोण मानदंड लागू रहेंगे।

इसके अलावा हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) नीति, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप, मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाउसिंग कॉलोनियों के लिए अनुमत फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। टीडीआर के माध्यम से अतिरिक्त एफएआर को मौजूदा अनुमत एफएआर 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। यह लाभ संशोधन की अंतिम अधिसूचना की तिथि से लागू होगा।

 यह संशोधन ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, नई दिल्ली से प्राप्त एक अभ्यावेदन के बाद किया गया है, जिसमें प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मौजूदा नीतिगत ढांचे में बदलाव की मांग की गई थी।
April 08, 2026

हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण

हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने अग्निवीर नीति, 2024 को दी मंजूरी
चंडीगढ़—हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति  प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड (पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग), वार्डर (कारागार विभाग) तथा माइनिंग गार्ड (खान एवं भूविज्ञान विभाग) में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूर्व में हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को कुछ ग्रुप ‘सी’ पदों, जिनमें फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड शामिल हैं, में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया हुआ था। इसके पश्चात, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न सेवाओं/पदों की भर्ती में, जहां उनके विशेष सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और फील्ड अनुभव का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की सलाह दी थी।

मंत्रिमंडल के इस निर्णय को सभी चालू तथा भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में लागू करने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभागों को आवश्यक संशोधन करने तथा संशोधित निर्देश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
April 08, 2026

हरियाणा में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अब 15,220 रुपये प्रतिमाह,कैबिनेट ने दी मंजूरी

हरियाणा में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अब 15,220 रुपये प्रतिमाह,कैबिनेट ने दी मंजूरी

बंगाल की जनता परिवर्तन के लिए तैयार, भाजपा सरकार बनना तय : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़ –हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के श्रमिक वर्ग के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों अकुशल श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र में उन्होंने घोषणा की थी कि एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने की सिफारिश की है। आज मंत्रिमंडल ने इस घोषणा को पूरा करते हुए मजदूरी 15,220 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। न्यूनतम मजदूरी में यह वृद्धि न केवल अकुशल श्रमिकों की आय बढ़ाएगी, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज कैबिनेट के समक्ष कुल 7 एजेंडे रखे गए, जिनमें से 6 एजेंडे पारित हुए।

 

प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की मजबूत पृष्ठभूमि तैयार हो रही है। बंगाल की जनता अब परिवर्तन चाहती है और वहां विकास, उद्योग, महिलाओं की सुरक्षा तथा सुशासन के लिए भाजपा पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक वामपंथी शासन और उसके बाद वर्तमान सरकार के दौरान उद्योग और रोजगार को नुकसान पहुंचा। महिलाओं पर अत्याचार, किसानों को MSP का लाभ न मिलना, आम जनता में असुरक्षा का माहौल और कानून-व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति के कारण वहां लोग बदलाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन तेजी से मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में बंगाल में भाजपा सरकार बनना तय है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश सेवा का प्रतीक है। जब भी देश पर कोई विपत्ति आई है, संघ के कार्यकर्ता सबसे पहले सेवा के लिए खड़े दिखाई दिए हैं। संघ ने कभी प्रचार की राजनीति नहीं की, बल्कि हमेशा शांत और समर्पित भाव से समाज सेवा का कार्य किया है। लेकिन इस बारे विपक्ष द्वारा बयानबाजी करना दुर्भाग्यपूर्ण है । 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देशभर में लाखों लोगों को उपचार का लाभ मिला है, लेकिन पश्चिम बंगाल और पंजाब सरकारों द्वारा इस योजना को लागू न किए जाने के कारण वहां के अनेक जरूरतमंद लोग इसके लाभ से वंचित रह गए।

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग की नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है। मतदाता सूची की शुचिता लोकतंत्र के लिए जरूरी है और समय-समय पर इसका शुद्धिकरण होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस हर वर्ग के लोगों को काम और अवसर उपलब्ध कराने पर है। जनता को विकास, रोजगार और सुरक्षा चाहिए, केवल आरोपों से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुरक्षा और जनकल्याण के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और हरियाणा सरकार भी उसी सोच के साथ प्रदेश हित में कार्य कर रही है।

इस अवसर पर सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन)  श्रीमती वर्षा खांगवाल एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे ।
April 08, 2026

तीन-स्तरीय सत्यापन, बायोमेट्रिक और जियो-फेंसिंग से खरीद व्यवस्था हुई और मजबूत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

तीन-स्तरीय सत्यापन, बायोमेट्रिक और जियो-फेंसिंग से खरीद व्यवस्था हुई और मजबूत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

विपक्ष किसानों को गुमराह करने के लिए कर रहा है बेवजह दुष्प्रचार

मुख्यमंत्री ने कहा किसान की फसल का एक एक दाना खरीदने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री ने आज चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष खरीद व्यवस्था को लेकर बेवजह दुष्प्रचार कर किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों की  फसल के  एक –एक दाने की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने खरीद प्रणाली में व्यापक सुधार लागू किए हैं तथा प्रत्येक मंडी में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों की मंडियों की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उपायुक्तों (डीसी) को जिला स्तर पर खरीद व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है। मंत्री और विधायक भी लगातार मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने आढ़तियों से भी अपील की कि वे किसी प्रकार की राजनीतिक मंशा से ऊपर उठकर किसानों के हित में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने किसान भाइयों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और सुव्यवस्थित ढंग से खरीद कार्य को सफलतापूर्वक संचालित कर रही है तथा सभी फसलों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा किसान हितैषी बनाने के लिए कई नई पहले लागू की हैं। इन उपायों से फसल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगेगी तथा किसानों को सुविधाजनक और तेज सेवाएं मिलेंगी।

 तकनीक आधारित सत्यापन से बढ़ी पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत खरीद केंद्रों पर लाई गई फसल का किसान द्वारा पंजीकृत फसल से मिलान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे फसल सत्यापन प्रक्रिया अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी।

उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसान की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। 8 अप्रैल, 2026 तक मंडियों में लाई गई गेहूं का 75 प्रतिशत बायोमेट्रिक सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 3 नामांकित व्यक्तियों को भी बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए अनुमति दी गई है।

जियो-फेंसिंग और गेट पास व्यवस्था से निगरानी मजबूत

मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी मंडियों और गोदामों को जियो-फेंसिंग के दायरे में लाया गया है। इससे अनधिकृत उपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी और लोकेशन आधारित निगरानी प्रणाली और मजबूत होगी। अब तक 416 गेहूं मंडियों, 112 सरसों मंडियों तथा अधिक आवक की स्थिति से निपटने के लिए 179 अतिरिक्त स्थलों की जियो-फेंसिंग पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा 1,344 भंडारण स्थलों (स्टोरेज प्वाइंट्स) की भी जियो-फेंसिंग की गई है, जिससे खाद्यान्नों का सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि मंडियों में माल की ट्रेसेब्लिटी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एंट्री गेट पास जारी करते समय वाहन नंबर और वाहन/लोड की फोटो दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बहुत पुराने या नए वाहनों के मामलों में, जहां वाहन नंबर उपलब्ध नहीं होता, वहां केवल वाहन की फोटो के आधार पर भी गेट पास जारी करने की अनुमति दी गई है।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि मंडी से स्टॉक बाहर ले जाने से पहले एग्जिट गेट पास के लिए ट्रांसपोर्ट और मार्केट कमेटी सचिव दोनों की अनिवार्य स्वीकृति सुनिश्चित की गई है। इस बहु-एजेंसी सत्यापन प्रणाली से स्टॉक की सुरक्षित और प्रमाणित आवाजाही संभव हो रही है। उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल, 2026 तक 1,74,635 एग्जिट गेट पास बिना किसी समस्या के जारी किए जा चुके हैं, जो नई व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की इन तकनीक-आधारित पहलों से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ी है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। इस अवसर पर सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक  (प्रशासन)  श्रीमती वर्षा खांगवाल एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे ।
April 08, 2026

हरियाणा लोक भवन में वीरवार को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट का होगा विमोचन

हरियाणा लोक भवन में वीरवार को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट का होगा विमोचन

बेहतर सेवा देने वाले अधिकारी होंगे सम्मानित
चंडीगढ़– हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन वीरवार को हरियाणा लोक भवन, चंडीगढ़ में किया जाएगा। इस अवसर पर हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो.असीम कुमार घोष रिपोर्ट का  विमोचन करेंगे। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

यह वार्षिक रिपोर्ट प्रदेश में समयबद्ध सेवा वितरण, शिकायत निवारण, ऑटो अपील सिस्टम तथा विभागवार सेवा प्रदर्शन की वर्षभर की उपलब्धियों का विस्तृत दस्तावेज है।

समारोह के दौरान समयबद्ध सेवा वितरण, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा ऑटो अपील सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया जाएगा। इनमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के  मुख्य प्रशासक श्री चंद्रशेखर खरे, फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त श्री धीरेंद्र खड़गटा, डीएचबीवीएन, हिसार के कार्यकारी अभियंता श्री होशियार सिंह, पीएचईडी, नारायणगढ़ के  कार्यकारी अभियंता श्री अनिल कुमार चौहान,  एनआईसी के सिस्टम एनालिस्ट सुश्री अंशु सेठी,  तथा एनआईसी के सॉफ्टवेयर डेवलपर श्री प्रशांत कुमार शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग द्वारा अब तक प्रदेश के 56 विभागों एवं संगठनों की 802 अधिसूचित सेवाओं के माध्यम से अब तक कुल 27,43,481 अपीलों/रिवीजनों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से 26,98,634 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। यह कुल मामलों का लगभग 98.4 प्रतिशत है, जो आयोग की प्रभावी कार्यप्रणाली और समयबद्ध सेवा वितरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वार्षिक रिपोर्ट में विभिन्न विभागों की प्रमुख सेवाओं के प्रदर्शन को भी रेखांकित किया गया है। इनमें आय प्रमाण पत्र (शैक्षणिक उद्देश्य), निवासी प्रमाण पत्र, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, बिलिंग शिकायतें, जलापूर्ति बहाली, सीवरेज अवरोध, प्रॉपर्टी आईडी जारी करना, चरित्र प्रमाण पत्र तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सेवाओं के माध्यम से लाखों नागरिकों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराया गया है, जो सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन की दिशा में हरियाणा सरकार की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है।

उल्लेखनीय है कि ऑटो अपील सिस्टम (AAS) हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की एक अभिनव और नागरिक हितैषी पहल है। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग अधिनियम, 2014 के अंतर्गत पहले अपीलों की मैनुअल फाइलिंग का प्रावधान था, जो नागरिकों के लिए अपेक्षाकृत जटिल और समय लेने वाला था।

वर्ष 2019 में स्वतः अपील दर्ज होने की अवधारणा पर कार्य प्रारंभ किया गया। इसके तहत एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ऑनलाइन सेवाओं पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया। बाद में नियमों में आवश्यक संशोधन कर सिस्टम जनरेटेड अपीलों को सक्षम बनाया गया।

अंततः 01 सितंबर 2021 को ऑटो अपील सिस्टम का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिसने सेवा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता को नई दिशा दी।

यह वार्षिक रिपोर्ट न केवल आयोग की उपलब्धियों का दस्तावेज है, बल्कि नागरिक-केंद्रित प्रशासन, तकनीकी नवाचार और सेवा सुधारों की दिशा में हरियाणा के सुशासन मॉडल को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है।
April 08, 2026

हरियाणा कैबिनेट ने पीडीएस सुधारों और उचित मूल्य की दुकानों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को मंजूरी दी

हरियाणा कैबिनेट ने पीडीएस सुधारों और उचित मूल्य की दुकानों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को मंजूरी दी
चंडीगढ़– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की बैठक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस आवंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को मंजूरी दी। इससे प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के कामकाज को और अधिक सुदृढ़ तथा सुव्यवस्थित करने में सहयोग मिलेगा। कैबिनेट ने 'हरियाणा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण) संशोधन आदेश, 2026' को अपनी सहमति प्रदान की, जो मौजूदा 'हरियाणा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण) आदेश, 2022' में संशोधन करेगा।

ये संशोधन पूरे राज्य में उचित मूल्य की दुकानों (FPS) के आवंटन और संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने, दक्षता में सुधार करने और अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। इनका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को इस प्रणाली में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके समावेशिता और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है।
संशोधित प्रावधानों के तहत, उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंडों को स्पष्ट रूप से परिभाषित और युक्तिसंगत बनाया गया है। आवेदकों के लिए अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 (बारहवीं पास) होना, साथ ही कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान होना आवश्यक होगा। आवेदकों के लिए आयु सीमा 21 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है, और आवेदकों के पास एक वैध 'परिवार पहचान पत्र' (PPP) होना तथा संबंधित क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य होगा। आवंटन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, सरकारी कर्मचारियों, मौजूदा लाइसेंस धारकों और उनके निकटतम परिवार के सदस्यों, साथ ही स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस प्रक्रिया से अयोग्य घोषित किया गया है।

इसमें कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनके तहत यदि कोई लाइसेंस धारक बाद में किसी स्थानीय निकाय में निर्वाचित पद ग्रहण करता है या सरकारी सेवा में शामिल होता है, तो उसे अपना लाइसेंस वापस (सरेंडर) करना होगा; ऐसा न करने पर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

इसे 'रोस्टर प्रणाली' के आधार पर लागू किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हर तीसरा लाइसेंस महिलाओं के लिए आरक्षित हो। महिलाओं के लिए निर्धारित इस कोटे के भीतर, एसिड हमले की पीड़ितों, महिला स्वयं सहायता समूहों (प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक), विधवाओं और तलाकशुदा/एकल माताओं, तथा SC/BC और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

 इस संशोधन में पारदर्शिता पर भी काफ़ी ज़ोर दिया गया है। इसके तहत, लाइसेंस देने की पूरी प्रक्रिया सरल (SARAL) पोर्टल पर एक ऑनलाइन सिस्टम के ज़रिए पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन मंगाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिसमें स्थानीय स्तर पर घोषणाएँ और अखबारों में विज्ञापन शामिल होंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि योग्य आवेदकों को इस प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी मिले और वे इसमें हिस्सा ले सकें।

यह संशोधन विभिन्न परिभाषाओं और कामकाज से जुड़े पहलुओं को और भी स्पष्ट करता है, ताकि उन्हें 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013' के अनुरूप बनाया जा सके। यह 'वस्तु' (commodity) और 'परिवार' जैसे अहम शब्दों को ज़्यादा सटीक तरीके से परिभाषित करता है। इसके लिए, इन शब्दों को राशन कार्ड और 'परिवार पहचान पत्र' के रिकॉर्ड से जोड़ा गया है।

इस संशोधित आदेश से 'उचित मूल्य की दुकानों' (Fair Price Shops) के मालिकों के लिए कानूनी और शिकायत निवारण से जुड़े ढाँचे को भी मजबूती मिली है। इसमें एक नई 'पुनरीक्षण प्रणाली' (revision mechanism) शुरू की गई है। इसके तहत, अगर कोई भी पक्ष 'उपायुक्त' के किसी फैसले से असंतुष्ट है, तो वह 30 दिनों के भीतर 'मंडलायुक्त' के सामने पुनरीक्षण के लिए आवेदन कर सकता है।
April 08, 2026

प्री-एग्जाम उत्तीर्ण होने पर यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्युडिशरी की तैयारी करने वाले युवाओं को मिलेगी वित्तीय सहायता : मुख़्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की घोषणा

प्री-एग्जाम उत्तीर्ण होने पर यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्युडिशरी की तैयारी करने वाले युवाओं को मिलेगी वित्तीय सहायता : मुख़्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की घोषणा
चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि राज्य के यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्युडिशरी के प्री -एग्जाम उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को आगे की कोचिंग फ़ीस की प्रतिपूर्ति करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना" के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को 25 हजार से लेकर 70 हजार रूपये तक वित्तीय मदद की जाएगी।

मुख्यमंत्री आज यहां संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हरियाणा के नव-चयनित युवाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

 इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा , मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त डॉ अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती एवं श्री राकेश संधू , सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासनिक) श्रीमती वर्षा खांगवाल, शहीद स्मारक अंबाला के निदेशक डॉ कुलदीप सैनी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में "मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना" शुरू करने का संकल्प किया था , उसी को धरातल पर उतारते हुए अब इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्यूडिशरी के प्री -एग्जाम उत्तीर्ण करने पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये है , उनके बच्चों को 70 हजार रुपये , 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों के बच्चों को 60 हजार , 1.80 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक आय वाले परिवार के बच्चों को 50 हजार तथा 3 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक आय वाले परिवार के बच्चों को 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में यूपीएससी ,एचपीएससी एग्जाम की कोचिंग दी जाएगी इसके लिए सांयकालीन पारी में कक्षाएं शुरू की जाएगी ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक युवा उक्त परीक्षाओं में सफल हो सकें।

 श्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारी की सोच, उसकी योजनाएं और निर्णय भारत के भविष्य की दिशा तय करते हैं। इनके निर्णय से लाखों लोगों का जीवन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा नव-चयनित युवाओं ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर देश की सर्वोच्च सेवाओं की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने नव-चयनित युवाओं को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता आसान नहीं होती। लाखों युवा इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन वही सफल होते हैं जो अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हैं।

उन्होंने संघ लोकसेवा आयोग की भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा परिणाम में तीसरा स्थान हासिल करने वाले एकांश दुल समेत हरियाणा के सफल 77 होनहार युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है, एक कर्तव्य है, एक सेवा है। यह वह मंच है, जहां आपके निर्णय लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। अब तक आपकी यात्रा व्यक्तिगत उपलब्धियों की यात्रा थी, लेकिन अब आगे की यात्रा जनसेवा की यात्रा है।

उन्होंने कहा कि जब भी आप किसी फाइल पर हस्ताक्षर करें, यह याद रखें कि उसके पीछे किसी गरीब की उम्मीद जुड़ी है। जब भी आप कोई नीति लागू करें, यह सोचें कि उसका प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक कैसे पड़ेगा। और जब भी आप कोई निर्णय लें, तो यह जरूर विचार करें कि क्या यह देश और समाज के हित में है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवाओं ने न केवल सिविल सेवा में, बल्कि चिकित्सा, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यह दर्शाता है कि हमारे राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सही दिशा और अवसर की होती है। और हमारी डबल इंजन सरकार उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा में एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था स्थापित की है। यह केवल एक नीतिगत निर्णय नहीं था, बल्कि यह युवाओं के आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करने का प्रयास था। वर्तमान प्रदेश सरकार ने 'बिना पर्ची, बिना खर्ची' के 1 लाख 80 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं।

उन्होंने नए अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि आपके जीवन में भी ऐसी कई बाधाएं आएंगी, प्रशासनिक जटिलताएं होंगी, राजनीतिक दबाव होंगे, कभी सामाजिक परिस्थितियां प्रतिकूल होंगी। लेकिन, आप में से जो इन बाधाओं को हटाएगा, वही सच्चा प्रशासक कहलाएगा।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस अधिकारी का सबसे बड़ा मार्गदर्शक हमारा संविधान होना चाहिए। संविधान हमें समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। आपको किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर कार्य करना है। आपका एकमात्र धर्म जनता की सेवा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज भारत तेजी से बदल रहा है। दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। हमारा देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इस परिवर्तन की धुरी आप जैसे युवा अधिकारी हैं।

 श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारी केवल सिस्टम का हिस्सा नहीं हैं। उस परिवर्तन के वाहक हैं, जो भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

 सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल ने समारोह में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी एवं नव चयनित युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा केवल खिलाडियों के मामले में ही धाकड़ नहीं है बल्कि बौद्धिक विकास में भी अग्रणी हैं। उन्होंने नए आईएएस अधिकारियों को प्रशासनिक दक्षता से देश की नीति निर्धारण करने वाला बताते हुए कहा कि राज्य को इनकी प्रतिभा का बहुत लाभ होगा। उन्होंने आईएएस के प्रशिक्षण के बाद फ़ील्ड में संवेदनशीलता से काम करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रात को 2 बजे तक लोगों से मिलने के बाद सुबह आठ बजे से फिर से जनसेवा में जुट जाते हैं। ऐसे में अधिकारियों को भी पूरी मेहनत एवं तल्लीनता से काम करना पड़ता है।

इस अवसर पर संघ लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणाम में देश में तीसरे स्थान पर आने वाले एकांश ढुल , छठे रैंक पर आई जिन्निया अरोड़ा के अलावा नव-चयनित युवा नितीश , शगुन मेहरा , शिखा ने भी अपने लक्ष्य तक पहुंचने की अपनी यात्रा सांझा की।
April 08, 2026

किसानों पर थोपी गई बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी बेमतलब की शर्त को तुरंत हटाकर किसानों को राहत दे सरकार: रामपाल माजरा

किसानों पर थोपी गई बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी बेमतलब की शर्त को तुरंत हटाकर किसानों को राहत दे सरकार: रामपाल माजरा

इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त को हटवाने के लिए 12 अप्रैल से ट्रैक्टर पर जाकर मंडियों का दौरा करेंगे शुरू
चंडीगढ़ : इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने बताया कि वे इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के साथ बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त को हटवाने के लिए 12 अप्रैल से ट्रैक्टर पर जाकर मंडियों का दौरा शुरू करेंगे। 12 अप्रैल को कैथल और जींद, 13 अप्रैल को भिवानी और हांसी एवं 15 अप्रैल को हिसार, फतेहाबाद और सिरसा मंडियों में जाएंगे और किसानों से उनकी समस्याओं को लेकर बात करेंगे। डबवाली से विधायक अदित्य देवीलाल 13 अप्रैल को झज्जर और रानिया से विधायक अर्जुन चौटाला 9 अप्रैल को पलवल और मोहना मंडी और 10 अप्रैल को सोनीपत और रोहतक की मंडियों का दौरा करेंगे। इनेलो पार्टी पूरे समर्पण भाव से प्रयासरत है कि बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी बेमतलब की शर्त को हटवा कर किसानों को राहत दिलवाई जाए।
रामपाल माजरा ने बताया कि बीजेपी सरकार ने इतनी कठोर शर्तें थोप दी हैं जो अब किसानों के लिए जी का जंजाल बन गई हैं। पहले तो बीजेपी सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्टर करने के लिए किसानों से अनेक प्रकार के कागज लिए। फिर गेट पास के लिए ट्रैक्टर और ट्रॉली पर नंबर और बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त लगाई। किसानों की फसल बेचने में मदद करने के लिए इनेलो की तरफ से सभी मंडियों में किसान कष्ट निवारण केंद्र खोले जा चुके हैं और किसानों को इससे बहुत लाभ मिल रहा है। सरकार अब तक इनेलो द्वारा की गई मांगों, जैसे 24 घंटे मंडियों को खोलने, ट्रैक्टर और ट्रॉली पर नंबर प्लेट हटाना, फसल खरीद केंद्र के लिए लाइसेंस रिन्यू करने और मेरी फसल मेरा ब्योरा के पोर्टल को खोलने की चार मांगों को मान चुकी है जिसका श्रेय चौधरी अभय सिंह चौटाला को जाता है। किसान अपनी फसल को सुचारू रूप से मंडियों में बेच सके उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त को तुरंत हटाए सरकार। अगर घोटाले रोकने हैं तो अधिकारियों और व्यापारियों की मिलीभगत रोकें। लेकिन वो नहीं रोकेंगे क्योंकि ये घोटाले सरकार की सह पर हो रहे हैं। इसकी आड़ में किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसान कोई डाकू या लूटेरा नहीं है जिसके ऊपर बेमतलब की शर्तें थोप दी जाए।  
पिछले सोमवार और मंगलवार को हुई बेमौसमी बारिश के कारण किसानों की फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। हमारी मांग है कि सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देकर किसानों को राहत प्रदान करे।

Tuesday, April 7, 2026

April 07, 2026

विकसित भारत 2047 के अनुरूप ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार: राव नरबीर सिंह

विकसित भारत 2047 के अनुरूप ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार: राव नरबीर सिंह

 औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नई नीतियां, सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
चंडीगढ़— हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने के लिए प्रदेश में ‘विकसित हरियाणा’ दस्तावेज तैयार किया गया है। इस दस्तावेज के तहत सभी विभागों को वर्ष 2030, 2036 और 2047 को लक्ष्य मानते हुए अपने-अपने विजन, स्वरूप और चुनौतियों के अनुरूप कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) विकसित भारत का केंद्र बिंदु रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं और ‘मेक इन हरियाणा’ नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिससे प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।

निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन

राव नरबीर सिंह ने कहा कि नए औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए कैपिटल सब्सिडी, अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से युवाओं की भर्ती को बढ़ावा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि स्थानीय युवाओं को उद्योगों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्तमान में दी जा रही ₹48,000 प्रति कर्मचारी की एम्प्लॉयमेंट सब्सिडी को बढ़ाकर ₹1 लाख प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष किया जाएगा।

पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का होगा कायाकल्प

 उन्होंने संयुक्त पंजाब के समय स्थापित किए गए सोनीपत, हिसार, अंबाला, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, नीलोखेड़ी, बहादुरगढ़, बरवाला और पानीपत जैसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इन क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए वर्ष 2026-27 में ₹500 करोड़ की प्रारंभिक राशि से ‘सक्षम फंड’ स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने अपने बजट अभिभाषण में किया है, जो स्वागत योग्य है।

नए आईएमटी और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा

 उन्होंने बताया कि अंबाला और नारायणगढ़ में नए इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई में भी नए IMT विकसित करने के लिए किसानों से ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

नई औद्योगिक नीतियां होंगी लागू

 राव नरबीर सिंह ने बताया कि पूर्व में घोषित 12 औद्योगिक नीतियों के नए प्रारूप तैयार कर लिए गए हैं। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस, टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और AVGC-XR (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) से संबंधित नीतियों के ड्राफ्ट भी तैयार किए गए हैं। इन सभी नीतियों को वर्ष 2026-27 में लागू किया जाएगा।

 निवेश प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी

 उन्होंने कहा कि औद्योगिक भूमि की कीमतों को ध्यान में रखते हुए HSIIDC द्वारा ‘लैंड ऑन लीज’ नीति लागू की जाएगी, जिसके तहत औद्योगिक प्लॉट दीर्घकालीन लीज पर उपलब्ध कराए जाएंगे और बाद में उन्हें फ्री होल्ड में बदलने का विकल्प भी दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ तैयार फैक्ट्रियां और शेड विकसित किए जाएंगे, ताकि उद्योगों की स्थापना और संचालन में तेजी लाई जा सके।

निवेशकों की सुविधा के लिए 45 कार्यदिवसों के भीतर ‘लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट’ जारी करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। साथ ही, निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘एडवांस रूलिंग पोर्टल’ स्थापित किया जाएगा, जिसमें संबंधित विभागों को 15 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य होगा।

उद्योग मंत्री ने विश्वास जताया कि इन पहलों से हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और प्रदेश ‘विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।
April 07, 2026

हरियाणा सरकार ने जारी किए 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश

हरियाणा सरकार ने जारी किए 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 6 प्रशिक्षणाधीन आईएएस अधिकारियों के नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।

अमितेज पांगटे को नूंह तथा मुस्कान श्रीवास्तव को फरीदाबाद में सहायक आयुक्त लगाया गया है। इसी तरह शिवानी पांचाल को कैथल, सोहम शैलेन्द्र को करनाल, विशाल सिंह को रोहतक तथा विवेक यादव को हिसार में सहायक आयुक्त लगाया गया है।
April 07, 2026

मंडियों में गेहूं-सरसों की खरीद पर पैनी नजर, किसानों का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा : राजेश नागर

मंडियों में गेहूं-सरसों की खरीद पर पैनी नजर, किसानों का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा : राजेश नागर
चंडीगढ़: हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने कहा कि प्रदेश की सभी मंडियों में गेहूं और सरसों की खरीद सुचारू रूप से चल रही है और किसानों की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार मंडियों में हो रही खरीद व्यवस्था पर लगातार पैनी नजर रखे हुए है।

मंत्री राजेश नागर ने कहा कि वह स्वयं कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, झज्जर और करनाल सहित कई जिलों की मंडियों का दौरा कर चुके हैं और वहां व्यवस्थापकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से प्रदेश के सभी जिलों में किसानों से गेहूं और सरसों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस बार खरीद प्रक्रिया को आधुनिक बनाते हुए किसानों के वाहनों को जियो टैगिंग से जोड़ा गया है, वहीं मंडियों में प्रवेश के लिए गेट पास जारी किए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को बायोमेट्रिक प्रणाली से भी जोड़ा गया है, ताकि बाहरी व्यापारी किसान बनकर मंडियों में आकर प्रदेश के किसानों का हक न मार सकें।

राजेश नागर ने बताया कि सरकार केवल व्यवस्था लागू करके ही संतुष्ट नहीं है, बल्कि उसकी रोजाना समीक्षा भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की मंडियों में करीब 5000 किसान सरसों लेकर पहुंचे, जिनकी 9978 मीट्रिक टन सरसों में से लगभग 4836 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है और बाकी की प्रक्रिया जारी है। इसी तरह करीब 1 लाख 27 हजार 312 गेट पास के जरिए 7 लाख 4 हजार 573 मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पहुंचा, जिसमें से 1 लाख 23 हजार 373 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मंत्री राजेश नागर ने रसोई गैस को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग घरेलू ईंधन की कमी की झूठी अफवाह फैलाकर जनता को परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और अब तक 19 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 17 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। गैस आपूर्ति कर्ताओं को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पीएनजी कनेक्शन भी सरल नियमों के तहत उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

राजेश नागर ने बताया कि प्रदेश में प्रवासी लोगों को राहत देने के लिए 5 किलो के रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पूरी व्यवस्था नियंत्रण में है और किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है।
April 07, 2026

हरियाणा में जलघरों में लगे फिल्टर की जांच करके रिपोर्ट सबमिट करें अधिकारी : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

हरियाणा में जलघरों में लगे फिल्टर की जांच करके रिपोर्ट सबमिट करें अधिकारी : कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

गर्मी में पेयजल की किल्लत ना हो अभी से तैयारियां करने के दिए निर्देश

पंजाब के मुख्यमंत्री को पानी पर नहीं करनी चाहिए राजनीति: गंगवा

मंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की पेयजल आपूर्ति और बारिश के सीजन में निकासी संबंधित तैयारियों की बैठक ले की समीक्षा
चंडीगढ़ : हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने निर्देश दिए है कि पूरे हरियाणा में जलघरों में लगे फिल्टर की जांच की जाए। इस बारे में बकायदा प्रदेश के सभी एक्सईएन रिपोर्ट सबमिट करेंगे। इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए है कि गर्मियों के मद्देनजर पानी की व्यवस्था अभी से की जाएं, इसके तहत नहर बंदी के दौरान दिक्कत ना हो अभी से स्टोरेज और वैकल्पिक व्यवस्था पर फोकस करने के निर्देश भी दिए गए है। 

मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने चंडीगढ़ सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की गर्मी में पेयजल आपूर्ति और बारिश के सीजन में निकासी संबंधित तैयारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में पब्लिक हेल्थ विभाग के ईआईसी श्री देवेंद्र दहिया, अन्य चीफ इंजीनियर भी मौजूद थे, जबकि प्रदेश भर से विभाग के एसई, एक्सईएन और एसडीओ वर्चुअल तौर पर जुड़े थे। श्री गंगवा ने विभाग की एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक के दौरान विभाग के अधिकारियों ने वर्ष 2026-27 के लिए बजट में 20 प्रतिशत वृद्धि तथा संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) नीति को स्वीकृति मिलने पर मंत्री श्री रणबीर गंगवा का आभार भी व्यक्त किया। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने इस दौरान कहा कि राज्य सरकार हर घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

श्री गंगवा ने अधिकारियों को कहा कि जब भी वो अपने दौरे के वक्त किसी भी गांव में जाते है तो वहां के ग्रामीणों से पेयजल की सप्लाई और पानी निकासी के बारे में जरूर पूछते है। इसलिए शहरी ही नहीं, ग्रामीण एरिया में भी इस पर अधिकारी फोकस करें कि हर घर में नल और नल में स्वच्छ जल हो। 

उन्होंने आने वाले गर्मी के मौसम के मद्देनजर बैठक में निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग एवं बिजली विभाग के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करते हुए नए ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशन एवं नहर आधारित जल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र चालू किया जाए, ताकि जनता को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जहां पानी की कमी है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि विभाग की ओर से आधारभूत संरचना में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी के भंडारण, इनलेट चैनलों की स्थिति, फिल्टर बेड की सफाई, साफ पानी के टैंकों का रखरखाव एवं वितरण प्रणाली में लीकेज जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। साथ ही, वाटर वर्क्स पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए चेतावनी बोर्ड एवं बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जेई/ऑपरेटिंग स्टाफ एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSC) के सदस्यों के माध्यम से जल आपूर्ति की स्थिति की नियमित निगरानी की जाए तथा इसके लिए व्हाट्सएप समूह बनाकर सूचना का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। ग्राम पंचायतों को नई संचालन एवं रखरखाव नीति के प्रति जागरूक करते हुए चरणबद्ध तरीके से एमओयू हस्ताक्षर करवाने के प्रयास किए जाएं, जिससे योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में सामूहिक जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके।

श्री गंगवा ने कहा कि जहां भी पानी की कमी की स्थिति उत्पन्न हो, वहां टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा टैंकर संचालन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। इसके लिए अग्रिम रूप से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत आपूर्ति शुरू की जा सके।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी वाटर वर्क्स को साफ-सुथरा एवं हराभरा रखा जाए तथा पूर्व में जारी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यकारी अभियंता एवं उससे ऊपर के अधिकारी ग्रीष्मकाल एवं आगामी मानसून अवधि के दौरान बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे और सभी अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान जिन जिलों में पिछली बार वॉटर लॉगिंग की दिक्कत आई थी उन जिलों बारे भी एक एक करके चर्चा हुई, साथ ही कुछ एरिया में सामने आए दूषित पेयजल की शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों में तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और नियमित रूप से फील्ड का दौरा कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जहां नहर या माइनर में पानी की कमी की संभावना हो, वहां कार्यकारी अभियंता अस्थायी बिजली कनेक्शन लेकर पंपिंग के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके। साथ ही, सभी जल आपूर्ति योजनाओं में उचित क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने तथा वितरण प्रणाली में लीकेज समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जल संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आम जनता को पानी बचाने एवं पेयजल के दुरुपयोग से बचने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए श्री गंगवा ने बाढ़ तैयारी (फ्लड प्रिपेयर्डनेस) पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रमुख नालों की मई 2026 के अंत तक नियमित रूप से सिल्ट सफाई (डी-सिल्टिंग) करवाई जाए तथा यह कार्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शुरू किया जाए। निकाले गए मलबे का तुरंत निपटान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।उन्होंने मैनहोल में बिना सुरक्षा उपकरण के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा सभी खुले मैनहोल एवं नालों को ढकने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सभी परियोजनाओं को मानसून शुरू होने से पहले पूरा करने तथा मशीनरी एवं उपकरणों को 31 मई 2026 तक कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए।

डीजी सेट की रिपोर्ट रखने को कहा:
मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यालय स्तर पर डीजी सेट एवं पंपिंग मशीनरी की पूरी इन्वेंटरी तैयार रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग के लिए उपलब्ध रहे। उन्होंने कार्यकारी अभियंताओं को यह भी निर्देश दिए कि उनके पास किराये पर डीजी सेट उपलब्ध करवाने वाले निजी व्यक्तियों के संपर्क विवरण पहले से उपलब्ध होने चाहिए।
श्री गंगवा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित एवं निरंतर पेयजल उपलब्ध कराना है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से पूरी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
April 07, 2026

आध्यात्मिक विकास समाज में रहकर निष्काम भाव से कर्त्तव्य निर्वहन में है: प्रो. असीम कुमार घोष

आध्यात्मिक विकास समाज में रहकर निष्काम भाव से कर्त्तव्य निर्वहन में है: प्रो. असीम कुमार घोष

लोक भवन हरियाणा में राज्यपाल के निजी सचिव शंख चटर्जी द्वारा लिखित दो पुस्तकों, ‘अद्वैत वेदांत-एक अनोखा दर्शन’ और ‘सामाजिक दृष्टिकोण में धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र’ का विमोचन
चंडीगढ़- हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि आध्यात्मिक विकास संसार से दूर जाने में नहीं, बल्कि सजग होकर इसमें सक्रिय भागीदारी करने और निष्काम भाव से अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में है।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह बात आज लोक भवन हरियाणा में उनके निजी सचिव शंख चटर्जी द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘अद्वैत वेदांत-एक अनोखा दर्शन’ और ‘सामाजिक दृष्टिकोण में धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र’ का विमोचन करते हुए कही।

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि अद्वैत वेदांत और कुरुक्षेत्र, जिसे धर्मक्षेत्र के रूप में पूजनीय माना जाता है, दोनों ही मानवता के आध्यात्मिक विकास के बारे में गहन अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। अद्वैत वेदांत, जिसे आदि शंकराचार्य ने स्पष्ट रूप से प्रतिपादित किया, हमें सिखाता है कि व्यक्तिगत आत्मा और सार्वभौमिक चेतना एक ही हैं। यह अलगाव के भ्रम को समाप्त कर साधक को आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक मुक्ति की ओर मार्गदर्शन करता है। कुरुक्षेत्र, जो महाभारत के भीतर भगवद्गीता का पवित्र युद्धक्षेत्र है, मानव जीवन में निहित नैतिक और आध्यात्मिक संघर्ष का प्रतीक है। यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को शाश्वत ज्ञान प्रदान किया और उन्हें धर्म, वैराग्य और स्पष्ट उद्देश्य के साथ कर्म करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तकें न केवल बौद्धिक विमर्श को समृद्ध करेंगी , बल्कि पाठकों को जीवन, कर्तव्य और आध्यात्मिक समझ के गहरे आयामों पर विचार करने के लिए प्रेरित भी करेंगी। अद्वैत वेदांत एकत्व के दार्शनिक सत्य को प्रस्तुत करता है, जबकि कुरुक्षेत्र वह व्यावहारिक मंच है जहाँ इस सत्य को कर्म के माध्यम से साकार करना होता है।

राज्यपाल ने पुस्तकों के लेखक और अपने निजी सचिव श्री शंख चटर्जी की बुद्धिमता, समर्पण और सरल व्यवहार की सराहना करते हुए उन्हें एक बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताया। उन्होंने कहा कि शंख चटर्जी ने अपने माता-पिता से एक समावेशी बौद्धिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण विरासत में पाया है, जो उनके विचारों और विशेष रूप से आध्यात्मिक विषयों को देखने के उनके नजरिए को समृद्ध बनाता है।

 हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि पुस्तकें हमें जीवन के उद्देश्य के प्रति हमारे दृष्टिकोण को स्पष्ट करती हैं। पुस्तकें ही हमें जीवन जीने की कला सिखाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जिस विकसित राष्ट्र की कल्पना करते हैं और जिस संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात करते हैं वह शंख चटर्जी जैसे सृजनशील युवाओं के माध्यम से ही संभव होगी। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्र के लिए प्राचीन संस्कृति और नवीन सोच को साथ लेकर चलने वाले युवाओं की बहुत आवश्यकता है। 

 

श्री हरविंद्र कल्याण ने कहा कि आज लोकार्पित हुई इन दोनों पुस्तकों के माध्यम से भारत की प्राचीन संस्कृति की लौ जलाने का कार्य हुआ है। हर युवा में यह सोच जगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पूरी दुनिया को कर्म का संदेश दिया। इन पुस्तकों से पूरे समाज को लाभ मिलेगा।

 उन्होंने कहा कि हमारे राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की नई सोच और विजन से हरियाणा राज्य को नई दिशा मिल रही है। उनके कार्यों से हम सभी को असीम प्रेरणा मिलती है। 

 कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे रामकृष्ण मठ एवं मिशन के उपाध्यक्ष स्वामी विमलात्मानंद महाराज ने कहा कि आज लोकार्पित हुईं दोनों ही पुस्तकें हिंदी साहित्य के खजाने को समृद्ध करेंगी। कुरुक्षेत्र हमें सीखाता है कि हमारा जीवन निरंतर चलने वाला युद्ध है जिसमें हमें अपने अहंकार, लोभ, क्रोध और मोह से लड़ते हुए निष्काम कर्म करना होता है। इसी प्रकार अद्वैत वेदांत एक सत्य और एक परमात्मा की अवधारणा के संबंध में जानकारी देते हुए आत्मा और परमात्मा के भेद को समाप्त कर देती है। 

 इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सुमन सैनी, विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, रामकृष्ण मिशन, चंडीगढ़ के सचिव स्वामी बिथिरानंद महाराज, इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला, आचार्य सौमिक राहा, सुमेर जैन व अरिहंत जैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति व लोक भवन हरियाणा के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।
April 07, 2026

हरियाणा में एलपीजी, ईंधन आपूर्ति व्यवस्था सुचारू

हरियाणा में एलपीजी, ईंधन आपूर्ति व्यवस्था सुचारू

मुख्य सचिव ने की एलपीजी व पीएनजी नेटवर्क की समीक्षा
चंडीगढ़- हरियाणा में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में राज्यभर में एलपीजी सिलेंडरों, जिनमें 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर भी शामिल हैं, की आपूर्ति तथा पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त भी शामिल हुए और जमीनी स्तर पर स्थिति का व्यापक आकलन किया गया।

श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी परिवार स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से वंचित न रहे। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों सहित अंतिम छोर तक एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडरों की उपलब्धता और पीएनजी कनेक्टिविटी की नियमित निगरानी की जाए। बुकिंग और वितरण में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए तथा खास तौर पर कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नए गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाए तथा इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने यह निर्देश दिए कि वितरण व्यवस्था न केवल हर समय सतर्क रहे बल्कि संवेदनशील भी हो।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में रबी फसलों की खरीद सुचारू रूप से जारी है। गेहूं की निर्बाध आवक और खरीद सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। खरीद केंद्रों पर सुचारू रूप से कार्य किया जा रहा है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन ने बताया कि राज्यभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बिना किसी व्यवधान के जारी है। प्रदेश में घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और स्थिति पिछले वर्ष की तरह है। यह इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसी तेल विपणन कंपनियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय और अग्रिम योजना का परिणाम है।

बैठक में बताया गया कि 28 मार्च, 2026 से तेल विपणन कंपनियों ने होटलों, रेस्तरां, ढाबों और उद्योगों को व्यावसायिक एलपीजी की पूर्ण आपूर्ति भी पुनः शुरू कर दी है। इससे आतिथ्य और खाद्य सेवा क्षेत्र को राहत मिलने के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठान समय पर और निर्बाध आपूर्ति के लिए संबंधित कंपनियों के साथ पंजीकरण भी कर सकते हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि मार्च 2026 के दौरान प्रदेशभर में कुल 54.39 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। इनमें इंडियन ऑयल ने 23.36 लाख, भारत पेट्रोलियम ने 18.83 लाख और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 12.21 लाख सिलेंडर उपलब्ध कराए। यह वितरण नेटवर्क शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है।

बैठक में 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया, जो प्रवासी श्रमिकों, छोटे परिवारों, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं तथा छोटे भोजनालयों के लिए सुविधाजनक विकल्प हैं। गत 1 से 5 अप्रैल के बीच राज्य में कुल 4,730 एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई। इनमें इंडियन ऑयल ने 1,294, भारत पेट्रोलियम ने 2,422 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 1,014 सिलेंडर उपलब्ध कराए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने भी राज्यों को 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति दोगुनी करने के निर्देश दिए हैं।

ऊर्जा पहुंच और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के तहत 15 मार्च, 2026 से अब तक 2,565 नए एलपीजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। इनमें 5 किलोग्राम सिलेंडर के 1,090 और 19 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर के 1,462 कनेक्शन शामिल हैं। पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और नागरिकों को घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह दी गई है।

बैठक में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
April 07, 2026

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हरियाणा में व्यापक जागरूकता अभियान किया शुरू, 4,000 से अधिक नागरिकों की हुई स्वास्थ्य जांच

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हरियाणा में व्यापक जागरूकता अभियान किया शुरू, 4,000 से अधिक नागरिकों की हुई स्वास्थ्य जांच
चंडीगढ़— हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्यभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जमीनी स्तर पर व्यापक गतिविधियां आयोजित की गईं और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान प्रदेश में कुल 99 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 4,251 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 370 बच्चे (0–14 वर्ष), 1,469 वयस्क पुरुष, 1,564 महिलाएं तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के 848 बुजुर्ग शामिल रहे। इसके साथ ही 106 हेल्थ टॉक्स, सेमिनार, कार्यशालाएं एवं जन-व्याख्यान आयोजित किए गए। इस अभियान में 40 शैक्षणिक संस्थानों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जिलों में योग सत्रों के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया गया।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों में गैर-संक्रामक रोगों (NCDs) की जांच पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के दौरान 231 लोगों में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और 165 में मधुमेह (डायबिटीज) की पहचान हुई। 326 लोगों को मोटापे के जोखिम का खतरा, जबकि 75 लोग क्रॉनिक श्वसन रोगों से प्रभावित पाए गए। इसके अलावा, 3 व्यक्तियों में कैंसर या प्री-कैंसर के लक्षण संदिग्ध पाए गए और 64 लोगों को एनसीडी/एमसीएच देखभाल संबंधी परामर्श प्रदान किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में जिला स्तर पर कैथल सबसे सक्रिय रहा, जहां 28 स्वास्थ्य शिविरों में 921 लोगों की जांच की गई और 40 हाइपरटेंशन तथा 51 डायबिटीज के मामले सामने आए। रोहतक में 8 शिविरों में 170 लोग, फरीदाबाद में 3 शिविरों में 169 लोग और यमुनानगर में 9 शिविरों में 376 लोगों की जांच की गई, जहां लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

 उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों के अलावा, जिलों में सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से भी व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, होर्डिंग्स, सोशल मीडिया तथा आशा वर्कर्स और स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाया गया। कई जिलों में युवा संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई, जिससे यह संदेश सुदृढ़ हुआ कि स्वास्थ्य जागरूकता सभी की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभियान में ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण पर विशेष जोर दिया गया, जिसके तहत मानव स्वास्थ्य को पशु, पौधों और पर्यावरण के स्वास्थ्य से जोड़कर देखा गया। हरियाणा सरकार पर्यावरण स्वच्छता और पशु स्वास्थ्य को भी अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामिल कर रही है। उन्होंने बताया कि “स्वस्थ हरियाणा, स्वस्थ भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, जिसमें समाज, संस्थान और सरकार मिलकर कार्य करें और हर कदम पर विज्ञान को मार्गदर्शक बनाया जाए।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष की वैश्विक थीम “Together for Health, Stand with Science” के अनुरूप कहा कि आज के समय में स्वास्थ्य संबंधी गलत जानकारी से लड़ना भी उतना ही जरूरी है जितना बीमारियों से लड़ना है। उन्होंने बताया कि आज “मोबाइल फोन पर साझा की गई एक गलत स्वास्थ्य जानकारी जमीनी स्तर पर किए गए महीनों के प्रयासों को प्रभावित कर सकती है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहाँ लोग विज्ञान पर भरोसा करें, मिथकों पर सवाल उठाएं और अपने स्वास्थ्य के बारे में सोच-समझकर निर्णय लें।"
April 07, 2026

राष्ट्र की उन्नति के लिए स्वस्थ जीवन अत्यंत आवश्यक – राजकुमार भोला

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ई-टेस्ट का आयोजन

राष्ट्र की उन्नति के लिए स्वस्थ जीवन अत्यंत आवश्यक – राजकुमार भोला
जींद :- जींद विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के सहयोग से हरियाणा नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड (एचकेसीएल) द्वारा पूरे हरियाणा में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु ई-टेस्ट का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में मंगलवार को अर्बन एस्टेट स्थित प्रशिक्षण केंद्र, जींद में भी सफलतापूर्वक ई-टेस्ट आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजकुमार भोला अध्यक्ष, महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन एवं निदेशक, एचकेसीएल जींद ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को मनाया जाता है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की स्थापना (1948) के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा स्वास्थ्य मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। किसी भी राष्ट्र की उन्नति के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। स्वस्थ व्यक्ति ही समाज और देश के विकास में अधिक योगदान दे सकता है।
राजकुमार भोला ने आगे बताया कि इस ई-टेस्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें बीमारियों से बचाव के प्रति सजग बनाना है। इस टेस्ट में स्वास्थ्य से जुड़े वस्तुनिष्ठ प्रश्न शामिल किए गए हैं तथा सभी प्रतिभागियों को टेस्ट पूर्ण करने के तुरंत बाद ईमेल के माध्यम से सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जा रहा है।
आईटी प्रमुख अंकिता खटकड़ ने अपने वक्तव्य में कहा डिजिटल माध्यम से आयोजित यह ई-टेस्ट विद्यार्थियों के लिए एक नई सीख का अवसर है। इससे न केवल उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी बढ़ेगी, बल्कि वे तकनीक के माध्यम से सीखने के लिए भी प्रेरित होंगे। उन्होंने बताया कि एचकेसीएल द्वारा आईटी साक्षरता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कंप्यूटर कोर्स ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें। इस अवसर पर अजय वर्मा, मीणा, पिंकी, सिमरन, मेघा सहित अन्य स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
April 07, 2026

भारत सरकार ने जारी किए जनगणना 2027 के वित्तीय मानक; प्रगणकों को मिलेंगे ₹25,000 मानदेय

भारत सरकार ने जारी किए जनगणना 2027 के वित्तीय मानक; प्रगणकों को मिलेंगे ₹25,000 मानदेय
चंडीगढ़: भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय, हरियाणा ने आगामी 'भारतीय जनगणना 2027' के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और वित्तीय मानको (Norms) की घोषणा कर दी है। निदेशालय द्वारा जारी सर्कुलर नंबर 2 के अनुसार, इस बार की जनगणना पूरी तरह तकनीकी आधारित होगी ताकि डेटा का संग्रह और प्रकाशन तेज़ी से किया जा सके।
दो चरणों में संपन्न होगी जनगणना

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना 2027 का कार्य दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा:
* प्रथम चरण (अप्रैल से सितंबर 2026): मकान सूचीकरण और आवास गणना (Houselisting and Housing Census - HLO)।

* द्वितीय चरण (फरवरी 2027): जनसंख्या की गणना (Population Enumeration - PE)।
मानदेय (Honorarium) का विवरण
जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) के लिए मानदेय की राशि तय कर दी गई है:
* प्रथम चरण (HLO): ₹9,000
* द्वितीय चरण (PE): ₹16,000
* कुल मानदेय: ₹25,000
महत्वपूर्ण शर्त: प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को डेटा संग्रह के लिए अपने स्वयं के मोबाइल उपकरणों का उपयोग करना होगा। साथ ही, प्रगणन ब्लॉकों के दौरों के लिए अलग से कोई TA/DA (यात्रा भत्ता) प्रदान नहीं किया जाएगा।
प्रशिक्षण भत्ता और नियम
विभिन्न स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए भी प्रतिदिन के हिसाब से राशि निर्धारित की गई है:
| प्रशिक्षण श्रेणी | राशि (प्रति व्यक्ति/दिन) |
| राज्य एवं मंडल स्तर के अधिकारी | ₹900 |
| जिला/चार्ज स्तर के पदाधिकारी | ₹650 |
| जिला स्तर पर तकनीकी/नियमित सहायक | ₹650 |
| सामान्य क्षेत्रों में फील्ड ट्रेनर्स | ₹600 |
| प्रगणक और पर्यवेक्षक | ₹600 |
प्रशिक्षण संबंधी विशेष नोट:
* प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को मिलने वाले ₹600 में से ₹200 प्रतिदिन जलपान (Refreshments) के लिए शामिल हैं।
* सख्त निर्देश: यदि कोई प्रगणक या पर्यवेक्षक प्रशिक्षण लेने के बाद फील्ड वर्क (क्षेत्रीय कार्य) नहीं करता है, तो उसे प्रशिक्षण भत्ता नहीं दिया जाएगा।
* अन्य सभी श्रेणियों के लिए भी प्रतिदिन की राशि में जलपान का खर्च शामिल है।
तकनीकी नवाचार पर ज़ोर
इस बार की जनगणना में "डिजिटल इंडिया" की झलक देखने को मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से न केवल डेटा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि गणना के बाद के परिणामों को भी जल्द जारी किया जा सकेगा।
यह आदेश हरियाणा के सभी मंडल आयुक्तों, नगर निगम आयुक्तों और उपायुक्तों (सह-प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी) को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दिया गया है।

Monday, April 6, 2026

April 06, 2026

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में ततीमा मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देशमुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में ततीमा मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर में ततीमा मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाने के दिए निर्देश

रेजांगला व अतुल कटारिया चौक का होगा सौंदर्यीकरण

दौलताबाद में खेतों के रास्ते पर कब्जे का मामला, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने सेक्टर-10 में नए आधुनिक सीवरेज सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में लंबित ततीमा से संबंधित सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में देरी के कारण आमजन को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, अनावश्यक विवाद और न्यायालयीन प्रक्रियाएं बढ़ती हैं।

मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 15 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 11 का मौके पर ही निपटारा किया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे आमजन की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई समस्या उनके संज्ञान में आती है या कोई नागरिक सीधे अपनी शिकायत लेकर आता है, उसका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्यवाही करना नहीं, बल्कि लोगों को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निवारण करना होना चाहिए, ताकि शासन व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

रेजांगला व अतुल कटारिया चौक के सौंदर्यीकरण और स्वच्छता पर जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रेजांगला चौक की स्वच्छता व्यवस्था का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेजांगला चौक तथा शहीद लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चौक का सुनियोजित तरीके से सौंदर्यीकरण किया जाए, साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि रेजांगला स्मारक का समुचित सौंदर्यीकरण, पुनर्रचना (रेडिज़ाइनिंग) और समग्र उन्नयन किया जाए, ताकि इसे और अधिक आकर्षक, गरिमापूर्ण एवं प्रभावशाली बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थानों पर हरित क्षेत्र विकसित किया जाए तथा नियमित सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, जिससे आमजन को एक स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक वातावरण का अनुभव हो सके।

दौलताबाद में खेतों के रास्ते पर कब्जे का मामला, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

 गांव दौलताबाद से आए एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के समक्ष अवगत कराया कि उसके खेत तक जाने वाले करीब 2 करम चौड़े रास्ते पर दो बिल्डर्स द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे उसका तथा अन्य ग्रामीणों का खेतों में आवागमन बाधित हो रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कब्जा हटाकर रास्ते को मूल स्वरूप में बहाल किया जाए तथा संबंधित बिल्डर्स से दोनों ओर अतिरिक्त दो-दो फीट जगह भी खाली करवाई जाए, ताकि ग्रामीणों के लिए आवागमन सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जा सके।

 सेक्टर-10 में नए आधुनिक सीवरेज सिस्टम के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

 सेक्टर-10 से आए आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को अवगत कराया कि क्षेत्र में पुराना सीवरेज सिस्टम होने के कारण बार-बार ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेक्टर के लिए आधुनिक और सक्षम सीवरेज सिस्टम का विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, एडीसी सोनू भट्ट सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
April 06, 2026

किसानों को फ़सल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी : श्री श्याम सिंह राणा

किसानों को फ़सल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी : श्री श्याम सिंह राणा 
चंडीगढ़ - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को फ़सल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। गेहूं खरीद सीजन के दौरान 24 घंटे मंडियों खुली रहेंगी। गेटपास और बिक्री भी हर समय बनी रहेगी। 

श्री श्याम सिंह राणा ने आज अनाज मंडी थानेसर की मार्केट कमेटी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को बेचने में समय की बचत करने तथा खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि किसान की फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा और फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गेहूं खरीद पर बहुत गंभीर है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ गेहूं की आवक व उठान कार्य, माल ढुलाई कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। 

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के मंत्री व विधायक लगातार मंडियों का निरीक्षण भी कर रहे हैं, ताकि किसान को अपनी फसल बेचने में पोर्टल संबंधी या अन्य कोई समस्या न आए। उन्होंने किसानों व आढ़तियों से यह भी अपील की कि वे प्रशासन के साथ आपसी सहयोग व तालमेल से फसल के उठान की समस्या को दूर कर सकते हैं। 

उन्होंने यह भी बताया कि किसान अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के अतिरिक्त अन्य पारंपरिक साधनों जैसे बैलगाड़ी आदि के माध्यम से भी मंडी में ला सकते हैं। यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट उपलब्ध नहीं है तो किसान ट्रैक्टर पर पेंट द्वारा पंजीकरण संख्या लिखकर अथवा कागज पेपर स्टीकर पर पंजीकरण संख्या अंकित कर मंडी में फसल ला सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को गेट पास काटने के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कच्चे कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किसान स्वयं, भूमि का मालिक अथवा वह व्यक्ति जो भूमि को पट्टे पर लेकर खेती कर रहा हो, तीनों में से कोई भी कर सकता है। किसान भूमि मालिक पट्टेदार किसान अपने नामित व्यक्तियों को भी पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसान स्वयं या उसके द्वारा नामित अधिकतम तीन व्यक्ति ही रबी फसल विक्रय के लिए मंडी में ला सकेंगे। किसान या नामित व्यक्तियों का सत्यापन फिंगर स्केनिंग बायोमेट्रिक उपकरण के माध्यम से किया जाएगा। यदि फिंगर स्कैनिंग से सत्यापन संभव नहीं हो पाता है, तो आंख स्कैनिंग बायोमेट्रिक उपकरण द्वारा भी सत्यापन किया जा सकेगा। यह बायोमेट्रिक प्रक्रिया मंडी गेट पर नहीं, बल्कि गेहूं की खरीद के समय की जाएगी।
April 06, 2026

सिरसा में स्थापित होगा किन्नू जूस संयंत्र

सिरसा में स्थापित होगा किन्नू जूस संयंत्र

 किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने प्रदेश में फल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा किन्नू उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है। इसके लिए, सिरसा स्थित वीटा मिल्क प्लांट परिसर में लगभग 26.39 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र लगाया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा की।

यह परियोजना 33 वर्ष की रियायत अवधि के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएगी, जिससे सभी हितधारकों को लाभ होगा। हरियाणा डेयरी द्वारा संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निजी भागीदार संयंत्र एवं मशीनरी, आवश्यक सिविल ढांचा स्थापित करेगा तथा संयंत्र का संचालन करेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परियोजना के तहत मुख्य रूप से फल एवं सब्जी प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से किन्नू जूस प्रसंस्करण पर जोर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर परियोजना को वायबिलिटी गैप फंड की सुविधा भी प्रदान की जा सकती है। भविष्य में आवश्यकता अनुसार कृषि आधारित अन्य प्रसंस्करण उद्योगों की संभावनाएं भी तलाश की जा सकती हैं।
हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन के प्रबंध निदेशक श्री रोहित यादव ने बताया कि हरियाणा में प्रतिवर्ष लगभग 4.40 लाख मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन होता है, जिसमें अकेले सिरसा जिले का योगदान लगभग 55 प्रतिशत है। प्रस्तावित संयंत्र में प्रतिवर्ष लगभग 9,000 मीट्रिक टन किन्नू तथा 12,600 मीट्रिक टन अन्य फलों का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाला पैकेज्ड जूस तैयार किया जाएगा। विशेष रूप से किन्नू उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत भाग, जो प्रायः बी-ग्रेड फल होता है और पहले कम कीमत पर बिकता था, अब मूल्य संवर्धन के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय बढ़ेगी। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता इसका किसान-केंद्रित दृष्टिकोण है, जिसके तहत कच्चे माल की खरीद प्रदेश के किसानों से की जाएगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह परियोजना सरकारी अवसंरचना, सहकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो ग्रामीण आय को स्थायी रूप से बढ़ाने में सहायक होगी। पर्याप्त कच्चे माल की उपलब्धता, स्पष्ट भूमि स्वामित्व, आधुनिक एसेप्टिक पैकेजिंग तकनीक और मजबूत पीपीपी ढांचे के साथ सिरसा का यह किन्नू जूस प्रसंस्करण संयंत्र हरियाणा को देश में प्रीमियम फल आधारित पेय पदार्थों का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
April 06, 2026

दीनबंधु छोटूराम ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक थे : उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन

दीनबंधु छोटूराम ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक थे : उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन

 - दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने किया संबोधन

 - छात्रों को नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए किया प्रेरित
चंडीगढ़– भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णनन ने आज हरियाणा के सोनीपत स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

उपराष्ट्रपति ने दीनबंधु छोटूराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें ईमानदारी, सामाजिक न्याय और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि दीनबंधु छोटूराम ने किसानों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं और न्यायसंगत भूमि व्यवस्था पर छोटूराम के प्रयास ने एक मजबूत कृषि ढांचे की नींव रखी, जिससे हरियाणा एक समृद्ध कृषि राज्य के रूप में उभरा और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि स्वर्ण पदक विजेताओं में लगभग 64 प्रतिशत महिलाएं हैं और कुल उत्तीर्ण छात्रों में भी लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचो , बेटी पढ़ाओ ’ जैसी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का परिणाम बताया।

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवाचार, आत्मविश्वास और स्वदेशी समाधानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कोविड -19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका को याद करते हुए कहा कि जहां कई देशों ने वैक्सीन पर पेटेंट के माध्यम से लाभ कमाने की कोशिश की, वहीं भारत ने न केवल अपने नागरिकों को मुफ्त टीके उपलब्ध कराए, बल्कि 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर अपनी उदारता का परिचय दिया।

उपराष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों की चर्चा करते हुए छात्रों से इन्हें जिम्मेदारी के साथ अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

 उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए युवाओं से इसे पूरी तरह त्यागने और स्वस्थ व सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त समाज के दूत बनने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और कठिनाइयों से उबरने की क्षमता से तय होती है। उन्होंने छात्रों को धैर्य और साहस के साथ चुनौतियों का सामना करने की सलाह देते हुए कहा कि धर्म की हमेशा अधर्म पर विजय होती है।

उपराष्ट्रपति ने शिक्षा में औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सच्ची शिक्षा व्यक्ति को स्वतंत्र सोच, आत्मविश्वास और भारतीय विरासत पर गर्व करना सिखाती है।

इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, सहकारिता मंत्री श्री अरविन्द कुमार शर्मा तथा विश्वविद्यालय के कुलपति श्री प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।
April 06, 2026

सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षा 27 अप्रैल से - 16 अप्रैल तक करना होगा आवेदन

सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षा 27 अप्रैल से 
- 16 अप्रैल तक करना होगा आवेदन 
चंडीगढ़ – हरियाणा सरकार ने सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्त तथा तहसीलदारों की विभागीय परीक्षाओं के लिए तिथियों की घोषणा कर दी है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि ये परीक्षाएं 27 अप्रैल से 1 मई 2026 तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं का आयोजन "सार्थक राजकीय एकीकृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-12ए, पंचकूला" में किया जाएगा।
जारी डेटशीट के अनुसार, 27 अप्रैल को सुबह सत्र (10:00 बजे से 1:00 बजे तक) में क्रिमिनल लॉ (प्रथम पेपर) तथा शाम के सत्र (2:00 बजे से 5:00 बजे तक) में सिविल लॉ की परीक्षा होगी। इसके बाद 28 अप्रैल को सुबह क्रिमिनल लॉ (द्वितीय पेपर) और शाम को फाइनेंशियल रूल्स की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
29 अप्रैल को सुबह क्रिमिनल लॉ (तृतीय पेपर) आयोजित होगा, जिसमें सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के लिए जेल से संबंधित विषय भी शामिल होंगे, जबकि तहसीलदारों के लिए पाठ्यक्रम अलग रहेगा। इसी दिन शाम के सत्र में रेवेन्यू लॉ (प्रथम पेपर) की परीक्षा होगी।
इसके बाद 30 अप्रैल को सुबह लोकल फंड्स तथा शाम को रेवेन्यू लॉ (द्वितीय पेपर) आयोजित किया जाएगा। परीक्षाओं का समापन 1 मई को होगा, जिसमें सहायक आयुक्त/अतिरिक्त सहायक आयुक्तों के लिए भाषा (हिंदी) तथा तहसीलदारों के लिए पटवारी मेंसुरेशन और उर्दू विषयों की परीक्षा होगी।

प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों को अपने संबंधित विभागाध्यक्ष या प्रशासनिक सचिव के माध्यम से 16 अप्रैल 2026 तक आवेदन करना होगा। केंद्रीय परीक्षा समिति द्वारा सीधे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

सरकार ने सभी पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित तिथियों और नियमों के अनुसार परीक्षा की तैयारी करने की सलाह दी है।
April 06, 2026

हरियाणा में सभी न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में लागू होगी ई-समन प्रणाली

हरियाणा में सभी न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में लागू होगी ई-समन प्रणाली

तेजी से होगा मामलों का निपटान
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत सभी न्यायालयों तथा सभी राजस्व न्यायालयों में समन जारी करने और उनकी तामील के लिए ई-समन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले न्यायालयों और प्राधिकरणों को समन जारी करने और तामील के लिए ई-समन प्रणाली का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश जारी करें। साथ ही, राज्य के सभी राजस्व न्यायालयों को भी इस प्रणाली को अपनाने और इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मामलों के निपटान में तेजी लाई जा सके।

गौरतलब है कि 3 फरवरी, 2026 को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें नए आपराधिक कानूनों (एनसीएल) के कार्यान्वयन तथा एनसीएल पोर्टल की समीक्षा की गई थी।
April 06, 2026

IITian बाबा अभय सिंह ने रचाई शादी! महाकुंभ से चर्चा में आए संत ने शिवरात्रि पर लिए फेरे

IITian बाबा अभय सिंह ने रचाई शादी! महाकुंभ से चर्चा में आए संत ने शिवरात्रि पर लिए फेरे
चंडीगढ़ : प्रयागराज महाकुंभ मेले में चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने शादी कर ली है। पत्नी का नाम प्रतीका है। ये खुलासा खुद IITian बाबा ने सोमवार को किया। वह लंबे समय बाद परिवार से मिलने झज्जर पहुंचे।
अभय सिंह के साथ उनकी पत्नी भी थीं। अभय सिंह ने बताया कि दोनों ने 15 फरवरी को शिवरात्रि पर हिमाचल के अघंजर मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की।
भगवा कपड़े पहने अभय सिंह पहले बैंक गए। वहां से एडवोकेट पिता के चैंबर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा- “हम दोनों अपनी जिंदगी से खुश हैं। फिलहाल सादगी से रह रहे हैं। अध्यात्म की तरफ रुझान होने से पहले कभी मैं भी इस चैंबर में बैठकर पिता की एप्लीकेशन चेक कर लेता था। पत्नी मूलरूप से कर्नाटक की हैं। वह भी इंजीनियर हैं। हम हिमाचल के धर्मशाला में रह रहे हैं।”
अभय सिंह मूलरूप से झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता कर्ण सिंह वकील हैं और झज्जर बार एसोसिएशन के प्रधान भी रह चुके हैं। बॉम्बे IIT से एयरो स्पेस इंजीनियरिंग करने वाले अभय सिंह प्रयागराज महाकुंभ में संन्यासी वेश में नजर आने के बाद देश-विदेश में चर्चा में आए।
April 06, 2026

ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों में आरक्षण का मामला, मुख्य सचिव ने दिए रोस्टर रजिस्टर सत्यापित कराने के निर्देश

ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों में आरक्षण का मामला

मुख्य सचिव ने दिए रोस्टर रजिस्टर सत्यापित कराने के निर्देश
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी प्रशासनिक विभागों, बोर्डों, निगमों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ पदों के लिए रोस्टर रजिस्टर तैयार करने, अद्यतन करने तथा सत्यापित कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार सभी विभागों को सटीक और अद्यतन रोस्टर रजिस्टर कायम रखने तथा उसे अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से विधिवत सत्यापित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इन निर्देशों में कहा गया है कि 7 अक्टूबर, 2023 को जारी निर्देशों के तहत ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणियों में अनुसूचित जाति कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ प्रदान किया गया था। यह भी स्पष्ट किया गया है कि 15 जुलाई, 2014 के दिशानिर्देशों के अनुसार निर्धारित रोस्टर बिंदु यथावत लागू रहेंगे और यह प्रावधान सीधी भर्ती तथा पदोन्नति, दोनों पर समान रूप से लागू होगा।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों के लिए रोस्टर प्रबंधन से संबंधित सभी दिशानिर्देश, जो 24 सितम्बर, 2008 और 22 अक्टूबर, 2008 को जारी किए गए थे, उन्हें उच्च श्रेणियों में आरक्षण लाभ लागू करते समय सख्ती से अपनाया जाए। “रिप्लेसमेंट थ्योरी” सहित रोस्टर बिंदुओं के उचित अनुप्रयोग से संबंधित सभी सिद्धांतों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।