Thursday, March 12, 2026
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हरियाणा में पीएम श्री स्कूलों को दो साल तक मिलेंगे 2-2 करोड़ रुपये
हरियाणा में पीएम श्री स्कूलों को दो साल तक मिलेंगे 2-2 करोड़ रुपये
कम से कम एक स्कूल को गोद लेंगे एचसीएस अधिकारी
निगरानी बढ़ेगी, क्रियान्वयन में आएगी तेजी
चंडीगढ़-हरियाणा में स्कूली शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश के हर पीएम श्री स्कूल को बुनियादी ढांचे की मजबूती के लिए दो साल तक 2 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली इस राशि में 21 प्रमुख घटक कवर होंगे, जिनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक शिक्षा केंद्रों के तौर पर विकसित करना है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इन स्कूलों की बुनियादी तथा शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करने और कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्तों और अतिरिक्त उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि ये समितियां अपने अधिकार-क्षेत्र में आने वाले स्कूलों में जाकर उनके बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक जरूरतों का आकलन करें। साथ ही, प्राथमिकता वाले कार्यों की भी पहचान करें ताकि शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के मजबूतीकरण के लिए राशि का समुचित ढंग से उपयोग किया जा सके।
श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि इन स्कूलों में सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पद प्राथमिकता आधार पर भरे जाएं। साथ ही, जिलों में तैनात एचसीएस अधिकारी कम से कम एक पीएम श्री स्कूल को गोद लेकर इनके मार्गदर्शन और निगरानी की जिम्मेदारी निभाएं ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पीएम श्री पहल सरकारी स्कूलों को आदर्श संस्थानों में बदलने और पूरे राज्य में शिक्षा की समग्र गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।मुख्य सचिव ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के तीन पीएम श्री स्कूलों और तीन मॉडल संस्कृति स्कूलों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शैक्षणिक उत्कृष्टता, अवसंरचना विकास तथा नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर दिया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जिला और मंडल स्तर पर रचनात्मक तथा चयन समितियों का गठन किया जाए, जो स्कूलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सर्वश्रेष्ठ संस्थानों का चयन करें।