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Friday, April 10, 2026

April 10, 2026

भारत 1.20 लाख मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के साथ विकास की नई शक्ति का प्रतीक: राज्यपाल

भारत 1.20 लाख मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के साथ विकास की नई शक्ति का प्रतीक: राज्यपाल

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने टाईकाॅन चंडीगढ़-2026 की दो दिवसीय कान्फ्रेंस का किया शुभारंभ

हरियाणा सरकार की स्टार्टअप नीति के चलते राज्य ने 7000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का योगदान किया

युवाओं से रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने की सोच रखने का आह्वान किया
चंडीगढ़- हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि आज भारत का स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र नवाचार-आधारित विकास की शक्ति का प्रमाण है जिसमें 1 लाख 20 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं जिनसे 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह बात आज चंडीगढ़ स्थित हयात रिजेंसी में टाईकाॅन चंडीगढ़-2026 की दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थितगण को संबोधित करते हुए कही। उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस काॅन्फ्रेंस की सराहना करते हुए उन्होंने आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को रोजगार मांगने की नहीं बल्कि रोजगार देने की सोच के साथ नवाचार की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। ऐसा करके हम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप विकसित भारत बनाने के यज्ञ में अपनी आहुति डाल सकते हैं।
राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि भारत देश में विशाल मध्यम वर्ग है जिनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर यदि आधुनिक तकनीक के साथ नए प्रयोग किए जाएं तो युवा वर्ग के सामने रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे अनेक क्षेत्रों में नवीन प्रयोग करने की असीम संभावनाएं हैं, क्योंकि देश में इसके लिए कच्चा माल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि यह खुशी और गर्व की बात है कि हरियाणा राज्य 7000 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण योगदान कर्ता के रूप में उभरा है। उन्होंने हरियाणा की स्टार्टअप नीति की सराहना करते हुए इसे उद्यमियों के अनुकूल बताया।
प्रो. घोष ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम ने खुद को एक वैश्विक स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि टाईकाॅन चंडीगढ़ उत्तर भारत के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह बहुत उत्साहजनक है कि पंचकूला एक उभरते हुए विकास केंद्र के रूप में सामने आ रहा है। अपनी सुनियोजित अवसंरचना, रणनीतिक कनेक्टिविटी और चंडीगढ़ के निकट होने के कारण, पंचकूला अगली पीढ़ी के स्टार्टअप्स, आईटी कंपनियों और नवाचार-आधारित निवेश को आकर्षित करने के लिए अच्छी स्थिति में है।
उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि टाई चंडीगढ़ 23 देशों में फैले 67 से अधिक चैप्टर्स वाले वैश्विक टाई नेटवर्क का हिस्सा है और यह सबसे सक्रिय और प्रभावशाली इकाइयों में से एक है। 450 से अधिक चार्टर सदस्यों और उद्यमियों के मजबूत समुदाय के साथ, इसने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और अन्य क्षेत्रों में सैकड़ों स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान किया है। इसके प्रमुख कार्यक्रम, टाई वुमैन, टाई यूनिवर्सिटी और टाई यंग एंटरप्रोन्योर सभी स्तरों पर प्रतिभा को विकसित कर रहे हैं जो हर वर्ष 300 से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ते हुए भविष्य के उद्यमियों की मजबूत आधारशिला तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने खुशी जताई कि टाई चंडीगढ़-2026 में 2000 से अधिक प्रतिनिधि, 50 से अधिक निवेशक, 80 से अधिक वक्ता और 50 से अधिक स्टार्टअप्स शामिल हैं, उन्होंने इसे पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार और ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के स्वप्न को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि हम सहयोग, नवाचार और समावेशन के माध्यम से इस पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत बनाते रहें।
इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष, टाई चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा, पूर्व अध्यक्ष मुरली बुक्कापटनम, ब्रह्म अलरेजा, रवि शर्मा, विशाल केडिया, सुमेध सचदेव, आशु शर्मा, ऋतिका सिंह, पूजा नायर, जेबी सिंह, अजय तिवारी, हिरदेश मदान, सतीश के. अरोड़ा व हरित मोहन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
April 10, 2026

पलवल में ₹15,000 की रिश्वत लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई

पलवल में ₹15,000 की रिश्वत लेते क्लर्क रंगे हाथ गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई
पलवल : राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर परिषद पलवल के एक क्लर्क सुनील कुमार को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना एसवी एंड एसीबी फरीदाबाद में एफआईआर संख्या 07 दिनांक 10.04.2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या था मामला- 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता धर्म सिंह ने एसीबी को शिकायत दी थी कि नगर परिषद पलवल में कार्यरत क्लर्क सुनील कुमार, जो अतिरिक्त रूप से पटवारी का कार्य भी देख रहा था, उससे उसकी जमीन को नगर परिषद सीमा में न दिखाने के एवज में ₹15,000 की रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी, पलवल इकाई की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। इस दौरान आरोपी सुनील कुमार को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया गया। यह पूरी कार्यवाही गवाहों के समक्ष पूरी पारदर्शिता के साथ की गई| इस कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत निर्धारित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
एसीबी प्रमुख की अपील -

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) प्रमुख ए एस चावला ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सशक्त नेतृत्व में हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जा रहा है। एसीबी प्रमुख ने आमजन से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर-1800 180-2022 को दें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि शिकायतकर्ताओं की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनता के सहयोग से ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक स्वच्छ, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा का निर्माण संभव है।
April 10, 2026

खरल कन्या गुरूकुल में पढऩे वाली छात्राओं के लिए रोडवेज जींद डिपो ने एक स्पेशल बस शुरू बस की टाइमिंग विद्यार्थियों की सुविधा अनुसार

खरल कन्या गुरूकुल में पढऩे वाली छात्राओं के लिए रोडवेज जींद डिपो ने एक स्पेशल बस शुरू 

बस की टाइमिंग विद्यार्थियों की सुविधा अनुसार तय

विद्यार्थियों के साथ अन्य यात्री भी सफर कर सकते हैं
नरवाना : नरवाना खंड के गांव खरल स्थित शिक्षण संस्थान में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए रोडवेज जींद डिपो ने एक स्पेशल बस चलाई है। हालांकि इसमें विद्यार्थियों के साथ अन्य यात्री भी सफर कर सकते हैं लेकिन बस की टाइमिंग विद्यार्थियों की सुविधा अनुसार तय की गई है। बस जींद से सुबह लगभग साढ़े सात बजे जाती हैए जो नरवाना से आगे लिंक रोड पर खरल जाती है। खरल से यात्रियों को लेकर बस जींद पहुंचेगी। इसके बाद दिन में बस दूसरे रूट पर चक्कर लगाएगी। फिर दोपहर बाद तीन बजे बस जींद से वापस खरल की ओर जाएगी। ऐसे में यह बस चलाए जाने पर यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। 
जींद से खरल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है। जींद से बस चल कर वाया खटकड़, उचाना, नरवाना होते हुए बेलरखां, हमीरगढ़ होते हुए खरल पहुंचेगी। खरल गांव में कन्या गुरुकुल है। ऐसे में यह बस चलने से जहां एक ओर छात्राओं को लाभ होगा वहीं दूसरी ओर अन्य ग्रामीणों को भी गांव से नरवाना, उचाना व जींद शहर आवागमन करने में आसानी होगी। ग्रामीणों ने मांग की थी कि इस रूट पर स्पेशल बस चलाई जाए। क्योंकि जींद से नरवाना रूट पर रेवले ट्रैक पर भी खरल का स्टापेज नहीं है। अगर यात्री नरवाना ट्रेन से खरल जाते हैं तो उन्हें बस या अन्य वाहन से लिफ्ट लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में अब जींद से खरल के लिए यह स्पेशल बस शुरू की गई है।
पहले जींद से घोघडिय़ां रूट पर भी चलाई थी बस
यात्रियों की मांग पर पिछले दिनों मार्च महीने के बीच में रोडवेज जींद डिपो ने छात्राओं के लिए घोघडिय़ां के लिए स्पशेल बस चलाई है। यह बस सुबह सात बजे जींद बस स्टैंड से रवाना होती है। घोघडिय़ां से सुबह आठ बजे छात्राओं को लेकर जींद के लिए रवाना होती है। फिर दोपहर दो बजकर 20 मिनट पर जींद से बस घोघडिय़ां के लिए दोबारा रवाना होती है, जो लगभग साढ़े तीन बजे घोघडिय़ां पहुंचती है। इसके बाद बस वहां से जींद के लिए रवाना होती है।
जींद बस अड्डा के डीआई सुनील ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर जींद से खरल के लिए बस चलाई गई है। इससे गांव की छात्राओं के साथ-साथ अन्य ग्रामीणों को भी शहर आने जाने में सुविधा होगी। रोडवेज का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जाए।
April 10, 2026

फरीदाबाद में 2 फायरकर्मियों की मृत्यु के मामले में परिजनों को मिलेगी सहायता राशि और नौकरी: मुख्यमंत्री

धानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास के लिए कर रही है काम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में जारी की गई 1665 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि

फरीदाबाद में 2 फायरकर्मियों की मृत्यु के मामले में परिजनों को मिलेगी सहायता राशि और नौकरी: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में 1665 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की है। इसमें ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना, 15 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, दयालु योजना और अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को ट्रैक्टर सब्सिडी शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा निवास में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप डबल इंजन की सरकार महिला सशक्तिकरण और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी भी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की छठी किस्त जारी की है। इस योजना के तहत 9 लाख 68 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में 203 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि डाली गई है। इसे मिलाकर अब तक 6 किस्तों में 1,038 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत भी 1144 करोड़ 55 लाख रुपये की राशि सीधे 35 लाख 55 हजार 187 लाभार्थियों के खातों में डाली गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं।
उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में तो 6-6 महीने और 1—1 साल तक पेंशन ही नहीं बनती थी, और अगर बनती भी थी तो उसमें भ्रष्टाचार होता था। लेकिन हमारी सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ को अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे, बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान हमारी पारदर्शिता और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि राज्य की सहायता हर जरूरतमंद तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आज दयालु योजना के तहत भी 7 हजार 875 परिवारों को 298 करोड़ 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई हैं। अब तक इस योजना में 56 हजार 223 परिवारों को 2 हजार 118 करोड़ 23 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। आज जारी की गई आर्थिक सहायता को मिलाकर 64 हजार 98 परिवारों को 2 हजार 416 करोड़ 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जारी की जा चुकी है।
इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को ट्रैक्टर सब्सिडी प्रदान की गई है। इसके तहत अनुसूचित जाति के 645 किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए 19 करोड़ 35 लाख रुपये की सब्सिडी जारी की गई है। प्रत्येक पात्र किसान को ट्रैक्टर खरीद पर 3 लाख रुपये की सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाती है।
फरीदाबाद में 2 फायरकर्मियों की मृत्यु के मामले में परिजनों को मिलेगी सहायता राशि और नौकरी

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद में एचकेआरएन के तहत कार्यरत दो फायरकर्मियों की डयूटी के दौरान हुए दुखद हादसे में मृत्यु पर सरकार ने तुरंत राहत के रूप में प्रति परिवार 30 लाख रुपये की राशि जारी करने का निर्णय लिया है। हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के माध्यम से 10 लाख रुपये प्रति परिवार तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये प्रति परिवार जारी की जा रही है। इसके अतिरिक्त उनके परिवार के किसी एक आश्रित को एचकेआरएन के तहत नौकरी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त इंश्योरेंस के रूप में भी वित्तीय सहायता पीड़ित परिवारों को दिलवाने के लिए सरकार प्रयासरत है।
इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक डॉ प्रियंका सोनी, हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के सीईओ डॉ जयेंद्र सिंह छिल्लर, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्रीमती वर्षा खांगवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर श्री राजीव जेटली, मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे।
April 10, 2026

हरियाणा में होमगार्ड्स के ड्यूटी अलाउंस बढ़ाने की मांग तेज, मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत

हरियाणा में होमगार्ड्स के ड्यूटी अलाउंस बढ़ाने की मांग तेज, मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत
जींद : हरियाणा में गृह रक्षी स्वयं सेवकों (होमगार्ड्स) के ड्यूटी अलाउंस को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद हुई है।हल्का उचाना के  गांव अलेवा निवासी कर्मबीर ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शिकायत भेजकर होमगार्ड्स के ड्यूटी अलाउंस में वृद्धि और बकाया एरियर देने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कर्मबीर द्वारा सी एम . विडों पर दर्ज शिकायत संख्या CMOFF/J/2025/040540 के संदर्भ में यह मामला उठाया गया है। शिकायत में बताया गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 11 मार्च 2015 के आदेश के अनुसार होमगार्ड्स को “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत के तहत पुलिस कर्मियों के बराबर न्यूनतम वेतन और भत्ते दिए जाने चाहिए।शिकायत में दावा किया गया है कि वर्तमान में हरियाणा के होमगार्ड्स को मात्र ₹788 प्रति दिन ड्यूटी अलाउंस दिया जा रहा है, जबकि नियमानुसार यह राशि लगभग ₹1143 प्रतिदिन बनती है। इस अंतर को न्यायालय के आदेशों की अवहेलना बताया गया है।
कर्मबीर ने अपनी शिकायत में वेतन का विस्तृत गणना विवरण भी प्रस्तुत किया है, जिसमें न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों को जोड़ते हुए कुल मासिक राशि करीब ₹34,911 बताई गई है। इसके आधार पर दैनिक ड्यूटी अलाउंस अधिक बनता है।इस मामले में गृह रक्षी एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से 09 मार्च 2026 को ATR (Action Taken Report) भी प्रस्तुत की जा चुकी है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह प्रस्ताव अभी सरकार की स्वीकृति के लिए लंबित है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि
ड्यूटी अलाउंस को ₹788 से बढ़ाकर लगभग ₹1143 प्रतिदिन किया जाए बकाया एरियर का भुगतान किया जाए, लंबित फाइल पर शीघ्र निर्णय लेकर न्याय सुनिश्चित किया जाए,कर्मबीर ने कहा कि यह मुद्दा प्रदेश के लगभग 12,000 होमगार्ड स्वयं सेवकों और उनके परिवारों के जीवन-यापन से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर जल्द निर्णय लिया जाना बेहद जरूरी है।अब देखना होगा कि सरकार इस लंबित प्रस्ताव पर कब तक फैसला लेती है और होमगार्ड्स को राहत मिलती है या नहीं......
April 10, 2026

मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए 170 करोड़ आवंटित, मुख्य सचिव ने की पोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा

हरियाणा में गंभीर कुपोषण को समाप्त करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए 170 करोड़ आवंटित

मुख्य सचिव ने की पोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पोषण मिशन को और मजबूत करते हुए वर्ष 2026-27 के दौरान कुपोषण, खास तौर पर गंभीर कुपोषण को लगभग समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पोषण अभियान के तहत वित्तीय सहायता और कवरेज को बढ़ाते हुए लाखों लाभार्थियों को दैनिक पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए भी 170 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिससे राज्य में पोषण संबंधी प्रयासों को और गति मिलेगी।

बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान हासिल उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। प्रदेशभर में लगभग 9.92 लाख लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि विकास निगरानी कवरेज 99 प्रतिशत से अधिक रहा। निरंतर और लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप गंभीर कुपोषण के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज राज्य स्तरीय कन्वर्जेंस कमेटी की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में स्थायी सुधार के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, डेटा आधारित निगरानी और अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पहलों के क्रियान्वयन में स्थानीय पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम सभा की बैठकों के दौरान जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने महिला पंचों और सरपंचों को परिवर्तन के प्रमुख वाहक के रूप में शामिल करने पर भी जोर दिया, ताकि समुदाय की भागीदारी बढ़े और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आए।

मुख्य सचिव ने आयुष विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पोषण वाटिकाओं के विकास तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर मासिक योग दिवस आयोजित करने के भी निर्देश दिए। वहीं, बागवानी विभाग को फलों और मौसमी सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, ताकि पोषण सुधार के प्रयासों को मजबूती मिल सके।

वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में विकास निगरानी कवरेज को 99 प्रतिशत तक बढ़ाने, गंभीर कुपोषण को नगण्य स्तर तक लाने तथा पूरक पोषण सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत शिशुओं के लिए स्तनपान को बढ़ावा देने, पूरक आहार प्रथाओं में सुधार और तीव्र कुपोषण के लक्षित प्रबंधन पर बल दिया जाएगा।

एनीमिया से निपटने के लिए बच्चों, किशोरियों और महिलाओं को आयरन एवं फाॅलिक एसिड की खुराक देने की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, ओआरएस और जिंक के माध्यम से दस्त प्रबंधन, टीकाकरण, डिवार्मिंग तथा विटामिन-ए कवरेज का विस्तार कर समग्र बाल स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जाएगा।

जमीनी स्तर पर आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, स्वयं सहायता समूहों और पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से विभागीय समन्वय को मजबूत किया जाएगा। आयरन युक्त आहार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक पहल का भी विस्तार किया जाएगा। साथ ही कम वजन वाले नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल पर भी ध्यान दिया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी ने बताया कि सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए लगभग 15,900 आंगनवाड़ी केंद्रों का विद्युतीकरण किया गया है। सभी जिलों में फोर्टिफाइड तेल और डबल फोर्टिफाइड नमक की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए गए हैं।

वर्तमान में इस कार्यक्रम के तहत लगभग 9.46 लाख बच्चों तथा 2.56 लाख गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को दैनिक पोषण सहायता प्रदान की जा रही है, जिसमें राज्य की विभिन्न योजनाओं के तहत विविध खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं।

इसके अलावा, पोषण ट्रैकर के माध्यम से डिजिटल निगरानी और फेस रिकग्निशन प्रणाली लागू कर पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाया गया है।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी, मौलिक शिक्षा विभाग की निदेशक मनीता मलिक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
April 10, 2026

पूर्वोत्तर राज्यों से आई छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य और मार्शल आर्ट के अनूठे व अद्भुत कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मोहा मन

पूर्वोत्तर राज्यों से आई छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य और मार्शल आर्ट के अनूठे व अद्भुत कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मोहा मन
जींद : वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा की जीन्द इकाई द्वारा अग्रवाल धर्मशाला अर्बन स्टेट में परिवार मिलन एंव सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर राज्यों नागालेड़, मणिपुर, त्रिपूरा, मिजोरम इत्यादि प्रदेशों से आई छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकनृत्य और मार्शल आर्ट के अनूठे व अदभूत कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम में डा. मीनाक्षी जैन ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर अग्रवाल समाज के अध्यक्ष डा. राजकुमार गोयल, रितू सिंघल, विनीता गुप्ता, डा. मीना शर्मा उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम सुरेन्द्र कुमारी चिल्लाना के सानिध्य में आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के तौर पर महाराष्ट्र के सुरेश राव कुलकर्णी ने की। कार्यक्रम के प्रभारी महावीर मलिक और राजेश बंसल रहे। सफल मंच संचालन प्रमुख समाजसेवी बीएस गर्ग द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक व जीन्द इकाई के प्रधान सतीश गुप्ता, मनीष कुमार, रविन्द्र ढाडा, संजीव जिंदल, महेश सिंघल, राजेश शर्मा, ईश्वर दंत कौशिक, इंदु गुप्ता, नीरू गुप्ता इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम में रुद्रपुर छात्रावास से आई पूर्वोत्तर राज्यों के छात्राओं ने भाग लिया। उन्होंने अपने अपने प्रदेश के लोक नृत्य एवं देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस दौरान इन छात्राओं ने हरियाणवी संस्कृति को भी समझा तथा अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता सुरेश राव कुलकर्णी ने वनवासी कल्याण आश्रम की 1952 से आरंभ हुई यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था द्वारा साढे बारह करोड़ वनवासी बंधुओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा, चिकित्सा, कृषि विकास, आर्थिक विकास, श्रद्धा जागरण एवं खेलकूद सहित पूरे देश में लगभग 23 हजार सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं जिनसे करीबन ढाई करोड़ वनवासी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से वनवासी समाज मुख्यधारा से जुड़कर राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत कर रहा है। उन्होने यह भी बताया कि जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा 24 मई 2026 को दिल्ली के लाल किला मैदान में विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमें देशभर से लगभग 2 लाख जनजातीय बंधु भाग लेंगे।
इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने बताया कि हरियाणा में भी बनवासी कल्याण आश्रम द्वारा भी 2 छात्रावास चलाए जा रहे है। इन छात्रावासों में पूर्वोत्तर राज्यों व जम्मू कश्मीर से छात्रा आकर शिक्षा व संस्कार ग्रहण कर रहे है। इस अवसर पर अतिथिगणों ने बनवासी कल्याण आश्रम द्वारा राष्ट्रीय निर्माण के लिए किए जा रहे कार्यो की भूरी भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर पूर्वोत्तर राज्यों से आई छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रधान सतीश गुप्ता द्वारा आए हुए सभी अतिथियों व प्रबुद्ध जनों का धन्यवाद किया।
April 10, 2026

8 करोड़ से ज्यादा की लागत से होगा जुलाना नई अनाज मंडी का विस्तार

8 करोड़ से ज्यादा की लागत से होगा जुलाना नई अनाज मंडी का विस्तार
जींद : जुलाना की नई अनाज मंडी में किसान और आढ़ती सरकार से अपनी अपनी मांग कर रहे हैं, इन सबके बीच हरियाणा सरकार नें नई अनाज मंडी के तीसरे चरण के विस्तार और किसान हित में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 8 करोड़ 31 लाख का फंड जारी कर दिया है। मार्केटिंग कमेटी के ई-टेंडर के जरिये सक्षम एजेंसी को इस कार्य को करने की ज़िम्मेदारी मिलेगी।
जुलाना विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रहे कैप्टन योगेश बैरागी नें फोन पर बताया कि हमनें जुलाना के आढ़तियों और किसानों के हित में जुलाना मार्केटिंग कमेटी की सिफारिश पर मुख्यमंत्री नायब सैनी और कैबिनेट मंत्री से इस फंड को जारी करने की सिफारिश की थी। जुलानावासियों की तरफ से मुख्यमंत्री नायब सैनी जी, कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा जी और कृष्ण लाल पंवार का धन्यवाद। इस फंड से जो अभी नई अनाज मंडी में कमियां हैं उसे पूरा किया जायेगा, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों और आढ़ती व्यापारियों को होगा।
April 10, 2026

जींद में मैन्युफैक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक बैठक सम्पन्न, नई कार्यकारिणी का गठन, सतीश ढिल्लों बने प्रधान

जींद में मैन्युफैक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक बैठक सम्पन्न, नई कार्यकारिणी का गठन, सतीश ढिल्लों बने प्रधान
जींद : मैन्युफैक्चरर वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक बैठक उत्सव होटल में आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के अनेक उद्योगपतियों एवं एसोसिएशन के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाना रहा जिस पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान पुरानी कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से अपना इस्तीफा दे दिया जिसके पश्चात नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई।
सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए सतीश ढिल्लो को प्रधान नियुक्त किया गया। वहीं आशीष सिंगला एवं मुकेश सिंगला को उप प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजेश सैनी को सचिव तथा राजकुमार वर्मा को कैशियर चुना गया। इसके अतिरिक्त संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए राजीव गोयल, राजेश सिंगला, राकेश कुमार, मनोज अग्रवाल, सोमनाथ गोयल, सन्नी बुरे वाला, विकास एवं दिनेश गर्ग को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किया गया। इस अवसर पर राजकुमार गोयल, प्रवीण जिंदल, जय भगवान सिंगला इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने नवगठित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि नई टीम संगठन के हित में कार्य करते हुए उद्योगों के विकास और सदस्यों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी भूमिका निभाएगी। अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया।

Wednesday, April 8, 2026

April 08, 2026

हरियाणा मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में महत्वपूर्ण संशोधनों को दी मंजूरी

हरियाणा मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में महत्वपूर्ण संशोधनों को दी मंजूरी
चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 (अधिनियम संख्या 8 ऑफ 1975) के अंतर्गत लाइसेंस प्रदान करके नियोजित रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दी गई।

ऐसा वृद्धजनों की आबादी को ध्यान में रखते हुए उनकी जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन किया गया है।

संशोधित प्रावधानों के अनुसार, धारा 5(ii) के तहत, 20 अक्टूबर, 2020 की नीति में समय-समय पर किए गए संशोधनों के अनुसार निर्धारित दृष्टिकोण मानदंड लागू रहेंगे।

इसके अलावा हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) नीति, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप, मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाउसिंग कॉलोनियों के लिए अनुमत फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। टीडीआर के माध्यम से अतिरिक्त एफएआर को मौजूदा अनुमत एफएआर 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। यह लाभ संशोधन की अंतिम अधिसूचना की तिथि से लागू होगा।

 यह संशोधन ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, नई दिल्ली से प्राप्त एक अभ्यावेदन के बाद किया गया है, जिसमें प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मौजूदा नीतिगत ढांचे में बदलाव की मांग की गई थी।
April 08, 2026

हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण

हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने अग्निवीर नीति, 2024 को दी मंजूरी
चंडीगढ़—हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति  प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड (पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग), वार्डर (कारागार विभाग) तथा माइनिंग गार्ड (खान एवं भूविज्ञान विभाग) में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पूर्व में हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को कुछ ग्रुप ‘सी’ पदों, जिनमें फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड शामिल हैं, में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया हुआ था। इसके पश्चात, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न सेवाओं/पदों की भर्ती में, जहां उनके विशेष सैन्य प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और फील्ड अनुभव का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की सलाह दी थी।

मंत्रिमंडल के इस निर्णय को सभी चालू तथा भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में लागू करने के लिए संबंधित प्रशासनिक विभागों को आवश्यक संशोधन करने तथा संशोधित निर्देश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
April 08, 2026

हरियाणा में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अब 15,220 रुपये प्रतिमाह,कैबिनेट ने दी मंजूरी

हरियाणा में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अब 15,220 रुपये प्रतिमाह,कैबिनेट ने दी मंजूरी

बंगाल की जनता परिवर्तन के लिए तैयार, भाजपा सरकार बनना तय : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़ –हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के श्रमिक वर्ग के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों अकुशल श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा के बजट सत्र में उन्होंने घोषणा की थी कि एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने की सिफारिश की है। आज मंत्रिमंडल ने इस घोषणा को पूरा करते हुए मजदूरी 15,220 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। न्यूनतम मजदूरी में यह वृद्धि न केवल अकुशल श्रमिकों की आय बढ़ाएगी, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज कैबिनेट के समक्ष कुल 7 एजेंडे रखे गए, जिनमें से 6 एजेंडे पारित हुए।

 

प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की मजबूत पृष्ठभूमि तैयार हो रही है। बंगाल की जनता अब परिवर्तन चाहती है और वहां विकास, उद्योग, महिलाओं की सुरक्षा तथा सुशासन के लिए भाजपा पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक वामपंथी शासन और उसके बाद वर्तमान सरकार के दौरान उद्योग और रोजगार को नुकसान पहुंचा। महिलाओं पर अत्याचार, किसानों को MSP का लाभ न मिलना, आम जनता में असुरक्षा का माहौल और कानून-व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति के कारण वहां लोग बदलाव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन तेजी से मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में बंगाल में भाजपा सरकार बनना तय है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश सेवा का प्रतीक है। जब भी देश पर कोई विपत्ति आई है, संघ के कार्यकर्ता सबसे पहले सेवा के लिए खड़े दिखाई दिए हैं। संघ ने कभी प्रचार की राजनीति नहीं की, बल्कि हमेशा शांत और समर्पित भाव से समाज सेवा का कार्य किया है। लेकिन इस बारे विपक्ष द्वारा बयानबाजी करना दुर्भाग्यपूर्ण है । 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देशभर में लाखों लोगों को उपचार का लाभ मिला है, लेकिन पश्चिम बंगाल और पंजाब सरकारों द्वारा इस योजना को लागू न किए जाने के कारण वहां के अनेक जरूरतमंद लोग इसके लाभ से वंचित रह गए।

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग की नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है। मतदाता सूची की शुचिता लोकतंत्र के लिए जरूरी है और समय-समय पर इसका शुद्धिकरण होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस हर वर्ग के लोगों को काम और अवसर उपलब्ध कराने पर है। जनता को विकास, रोजगार और सुरक्षा चाहिए, केवल आरोपों से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुरक्षा और जनकल्याण के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और हरियाणा सरकार भी उसी सोच के साथ प्रदेश हित में कार्य कर रही है।

इस अवसर पर सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन)  श्रीमती वर्षा खांगवाल एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे ।
April 08, 2026

तीन-स्तरीय सत्यापन, बायोमेट्रिक और जियो-फेंसिंग से खरीद व्यवस्था हुई और मजबूत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

तीन-स्तरीय सत्यापन, बायोमेट्रिक और जियो-फेंसिंग से खरीद व्यवस्था हुई और मजबूत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

विपक्ष किसानों को गुमराह करने के लिए कर रहा है बेवजह दुष्प्रचार

मुख्यमंत्री ने कहा किसान की फसल का एक एक दाना खरीदने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री ने आज चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष खरीद व्यवस्था को लेकर बेवजह दुष्प्रचार कर किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों की  फसल के  एक –एक दाने की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने खरीद प्रणाली में व्यापक सुधार लागू किए हैं तथा प्रत्येक मंडी में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों की मंडियों की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उपायुक्तों (डीसी) को जिला स्तर पर खरीद व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है। मंत्री और विधायक भी लगातार मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने आढ़तियों से भी अपील की कि वे किसी प्रकार की राजनीतिक मंशा से ऊपर उठकर किसानों के हित में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने किसान भाइयों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और सुव्यवस्थित ढंग से खरीद कार्य को सफलतापूर्वक संचालित कर रही है तथा सभी फसलों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा किसान हितैषी बनाने के लिए कई नई पहले लागू की हैं। इन उपायों से फसल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगेगी तथा किसानों को सुविधाजनक और तेज सेवाएं मिलेंगी।

 तकनीक आधारित सत्यापन से बढ़ी पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत खरीद केंद्रों पर लाई गई फसल का किसान द्वारा पंजीकृत फसल से मिलान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे फसल सत्यापन प्रक्रिया अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी।

उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसान की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। 8 अप्रैल, 2026 तक मंडियों में लाई गई गेहूं का 75 प्रतिशत बायोमेट्रिक सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 3 नामांकित व्यक्तियों को भी बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए अनुमति दी गई है।

जियो-फेंसिंग और गेट पास व्यवस्था से निगरानी मजबूत

मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी मंडियों और गोदामों को जियो-फेंसिंग के दायरे में लाया गया है। इससे अनधिकृत उपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी और लोकेशन आधारित निगरानी प्रणाली और मजबूत होगी। अब तक 416 गेहूं मंडियों, 112 सरसों मंडियों तथा अधिक आवक की स्थिति से निपटने के लिए 179 अतिरिक्त स्थलों की जियो-फेंसिंग पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा 1,344 भंडारण स्थलों (स्टोरेज प्वाइंट्स) की भी जियो-फेंसिंग की गई है, जिससे खाद्यान्नों का सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि मंडियों में माल की ट्रेसेब्लिटी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एंट्री गेट पास जारी करते समय वाहन नंबर और वाहन/लोड की फोटो दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बहुत पुराने या नए वाहनों के मामलों में, जहां वाहन नंबर उपलब्ध नहीं होता, वहां केवल वाहन की फोटो के आधार पर भी गेट पास जारी करने की अनुमति दी गई है।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि मंडी से स्टॉक बाहर ले जाने से पहले एग्जिट गेट पास के लिए ट्रांसपोर्ट और मार्केट कमेटी सचिव दोनों की अनिवार्य स्वीकृति सुनिश्चित की गई है। इस बहु-एजेंसी सत्यापन प्रणाली से स्टॉक की सुरक्षित और प्रमाणित आवाजाही संभव हो रही है। उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल, 2026 तक 1,74,635 एग्जिट गेट पास बिना किसी समस्या के जारी किए जा चुके हैं, जो नई व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की इन तकनीक-आधारित पहलों से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ी है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। इस अवसर पर सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक  (प्रशासन)  श्रीमती वर्षा खांगवाल एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे ।
April 08, 2026

हरियाणा लोक भवन में वीरवार को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट का होगा विमोचन

हरियाणा लोक भवन में वीरवार को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट का होगा विमोचन

बेहतर सेवा देने वाले अधिकारी होंगे सम्मानित
चंडीगढ़– हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन वीरवार को हरियाणा लोक भवन, चंडीगढ़ में किया जाएगा। इस अवसर पर हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो.असीम कुमार घोष रिपोर्ट का  विमोचन करेंगे। समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

यह वार्षिक रिपोर्ट प्रदेश में समयबद्ध सेवा वितरण, शिकायत निवारण, ऑटो अपील सिस्टम तथा विभागवार सेवा प्रदर्शन की वर्षभर की उपलब्धियों का विस्तृत दस्तावेज है।

समारोह के दौरान समयबद्ध सेवा वितरण, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा ऑटो अपील सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों को भी सम्मानित किया जाएगा। इनमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के  मुख्य प्रशासक श्री चंद्रशेखर खरे, फरीदाबाद नगर निगम के आयुक्त श्री धीरेंद्र खड़गटा, डीएचबीवीएन, हिसार के कार्यकारी अभियंता श्री होशियार सिंह, पीएचईडी, नारायणगढ़ के  कार्यकारी अभियंता श्री अनिल कुमार चौहान,  एनआईसी के सिस्टम एनालिस्ट सुश्री अंशु सेठी,  तथा एनआईसी के सॉफ्टवेयर डेवलपर श्री प्रशांत कुमार शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग द्वारा अब तक प्रदेश के 56 विभागों एवं संगठनों की 802 अधिसूचित सेवाओं के माध्यम से अब तक कुल 27,43,481 अपीलों/रिवीजनों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से 26,98,634 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। यह कुल मामलों का लगभग 98.4 प्रतिशत है, जो आयोग की प्रभावी कार्यप्रणाली और समयबद्ध सेवा वितरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वार्षिक रिपोर्ट में विभिन्न विभागों की प्रमुख सेवाओं के प्रदर्शन को भी रेखांकित किया गया है। इनमें आय प्रमाण पत्र (शैक्षणिक उद्देश्य), निवासी प्रमाण पत्र, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, बिलिंग शिकायतें, जलापूर्ति बहाली, सीवरेज अवरोध, प्रॉपर्टी आईडी जारी करना, चरित्र प्रमाण पत्र तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सेवाओं के माध्यम से लाखों नागरिकों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराया गया है, जो सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रशासन की दिशा में हरियाणा सरकार की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है।

उल्लेखनीय है कि ऑटो अपील सिस्टम (AAS) हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की एक अभिनव और नागरिक हितैषी पहल है। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग अधिनियम, 2014 के अंतर्गत पहले अपीलों की मैनुअल फाइलिंग का प्रावधान था, जो नागरिकों के लिए अपेक्षाकृत जटिल और समय लेने वाला था।

वर्ष 2019 में स्वतः अपील दर्ज होने की अवधारणा पर कार्य प्रारंभ किया गया। इसके तहत एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ऑनलाइन सेवाओं पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया। बाद में नियमों में आवश्यक संशोधन कर सिस्टम जनरेटेड अपीलों को सक्षम बनाया गया।

अंततः 01 सितंबर 2021 को ऑटो अपील सिस्टम का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिसने सेवा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता को नई दिशा दी।

यह वार्षिक रिपोर्ट न केवल आयोग की उपलब्धियों का दस्तावेज है, बल्कि नागरिक-केंद्रित प्रशासन, तकनीकी नवाचार और सेवा सुधारों की दिशा में हरियाणा के सुशासन मॉडल को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है।
April 08, 2026

हरियाणा कैबिनेट ने पीडीएस सुधारों और उचित मूल्य की दुकानों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को मंजूरी दी

हरियाणा कैबिनेट ने पीडीएस सुधारों और उचित मूल्य की दुकानों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को मंजूरी दी
चंडीगढ़– हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की बैठक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस आवंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को मंजूरी दी। इससे प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के कामकाज को और अधिक सुदृढ़ तथा सुव्यवस्थित करने में सहयोग मिलेगा। कैबिनेट ने 'हरियाणा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण) संशोधन आदेश, 2026' को अपनी सहमति प्रदान की, जो मौजूदा 'हरियाणा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण) आदेश, 2022' में संशोधन करेगा।

ये संशोधन पूरे राज्य में उचित मूल्य की दुकानों (FPS) के आवंटन और संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने, दक्षता में सुधार करने और अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। इनका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को इस प्रणाली में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके समावेशिता और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है।
संशोधित प्रावधानों के तहत, उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पात्रता मानदंडों को स्पष्ट रूप से परिभाषित और युक्तिसंगत बनाया गया है। आवेदकों के लिए अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 (बारहवीं पास) होना, साथ ही कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान होना आवश्यक होगा। आवेदकों के लिए आयु सीमा 21 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है, और आवेदकों के पास एक वैध 'परिवार पहचान पत्र' (PPP) होना तथा संबंधित क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य होगा। आवंटन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, सरकारी कर्मचारियों, मौजूदा लाइसेंस धारकों और उनके निकटतम परिवार के सदस्यों, साथ ही स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस प्रक्रिया से अयोग्य घोषित किया गया है।

इसमें कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनके तहत यदि कोई लाइसेंस धारक बाद में किसी स्थानीय निकाय में निर्वाचित पद ग्रहण करता है या सरकारी सेवा में शामिल होता है, तो उसे अपना लाइसेंस वापस (सरेंडर) करना होगा; ऐसा न करने पर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

इसे 'रोस्टर प्रणाली' के आधार पर लागू किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि हर तीसरा लाइसेंस महिलाओं के लिए आरक्षित हो। महिलाओं के लिए निर्धारित इस कोटे के भीतर, एसिड हमले की पीड़ितों, महिला स्वयं सहायता समूहों (प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम एक), विधवाओं और तलाकशुदा/एकल माताओं, तथा SC/BC और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

 इस संशोधन में पारदर्शिता पर भी काफ़ी ज़ोर दिया गया है। इसके तहत, लाइसेंस देने की पूरी प्रक्रिया सरल (SARAL) पोर्टल पर एक ऑनलाइन सिस्टम के ज़रिए पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन मंगाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिसमें स्थानीय स्तर पर घोषणाएँ और अखबारों में विज्ञापन शामिल होंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि योग्य आवेदकों को इस प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी मिले और वे इसमें हिस्सा ले सकें।

यह संशोधन विभिन्न परिभाषाओं और कामकाज से जुड़े पहलुओं को और भी स्पष्ट करता है, ताकि उन्हें 'राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013' के अनुरूप बनाया जा सके। यह 'वस्तु' (commodity) और 'परिवार' जैसे अहम शब्दों को ज़्यादा सटीक तरीके से परिभाषित करता है। इसके लिए, इन शब्दों को राशन कार्ड और 'परिवार पहचान पत्र' के रिकॉर्ड से जोड़ा गया है।

इस संशोधित आदेश से 'उचित मूल्य की दुकानों' (Fair Price Shops) के मालिकों के लिए कानूनी और शिकायत निवारण से जुड़े ढाँचे को भी मजबूती मिली है। इसमें एक नई 'पुनरीक्षण प्रणाली' (revision mechanism) शुरू की गई है। इसके तहत, अगर कोई भी पक्ष 'उपायुक्त' के किसी फैसले से असंतुष्ट है, तो वह 30 दिनों के भीतर 'मंडलायुक्त' के सामने पुनरीक्षण के लिए आवेदन कर सकता है।
April 08, 2026

प्री-एग्जाम उत्तीर्ण होने पर यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्युडिशरी की तैयारी करने वाले युवाओं को मिलेगी वित्तीय सहायता : मुख़्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की घोषणा

प्री-एग्जाम उत्तीर्ण होने पर यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्युडिशरी की तैयारी करने वाले युवाओं को मिलेगी वित्तीय सहायता : मुख़्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की घोषणा
चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि राज्य के यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्युडिशरी के प्री -एग्जाम उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को आगे की कोचिंग फ़ीस की प्रतिपूर्ति करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना" के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को 25 हजार से लेकर 70 हजार रूपये तक वित्तीय मदद की जाएगी।

मुख्यमंत्री आज यहां संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हरियाणा के नव-चयनित युवाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

 इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा , मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त डॉ अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती एवं श्री राकेश संधू , सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक (प्रशासनिक) श्रीमती वर्षा खांगवाल, शहीद स्मारक अंबाला के निदेशक डॉ कुलदीप सैनी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में "मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना" शुरू करने का संकल्प किया था , उसी को धरातल पर उतारते हुए अब इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को यूपीएससी ,एचपीएससी और ज्यूडिशरी के प्री -एग्जाम उत्तीर्ण करने पर वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये है , उनके बच्चों को 70 हजार रुपये , 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों के बच्चों को 60 हजार , 1.80 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक आय वाले परिवार के बच्चों को 50 हजार तथा 3 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक आय वाले परिवार के बच्चों को 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में यूपीएससी ,एचपीएससी एग्जाम की कोचिंग दी जाएगी इसके लिए सांयकालीन पारी में कक्षाएं शुरू की जाएगी ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक युवा उक्त परीक्षाओं में सफल हो सकें।

 श्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारी की सोच, उसकी योजनाएं और निर्णय भारत के भविष्य की दिशा तय करते हैं। इनके निर्णय से लाखों लोगों का जीवन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा नव-चयनित युवाओं ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर देश की सर्वोच्च सेवाओं की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने नव-चयनित युवाओं को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता आसान नहीं होती। लाखों युवा इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन वही सफल होते हैं जो अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हैं।

उन्होंने संघ लोकसेवा आयोग की भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा परिणाम में तीसरा स्थान हासिल करने वाले एकांश दुल समेत हरियाणा के सफल 77 होनहार युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है, एक कर्तव्य है, एक सेवा है। यह वह मंच है, जहां आपके निर्णय लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। अब तक आपकी यात्रा व्यक्तिगत उपलब्धियों की यात्रा थी, लेकिन अब आगे की यात्रा जनसेवा की यात्रा है।

उन्होंने कहा कि जब भी आप किसी फाइल पर हस्ताक्षर करें, यह याद रखें कि उसके पीछे किसी गरीब की उम्मीद जुड़ी है। जब भी आप कोई नीति लागू करें, यह सोचें कि उसका प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक कैसे पड़ेगा। और जब भी आप कोई निर्णय लें, तो यह जरूर विचार करें कि क्या यह देश और समाज के हित में है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवाओं ने न केवल सिविल सेवा में, बल्कि चिकित्सा, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यह दर्शाता है कि हमारे राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सही दिशा और अवसर की होती है। और हमारी डबल इंजन सरकार उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा में एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था स्थापित की है। यह केवल एक नीतिगत निर्णय नहीं था, बल्कि यह युवाओं के आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करने का प्रयास था। वर्तमान प्रदेश सरकार ने 'बिना पर्ची, बिना खर्ची' के 1 लाख 80 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं।

उन्होंने नए अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि आपके जीवन में भी ऐसी कई बाधाएं आएंगी, प्रशासनिक जटिलताएं होंगी, राजनीतिक दबाव होंगे, कभी सामाजिक परिस्थितियां प्रतिकूल होंगी। लेकिन, आप में से जो इन बाधाओं को हटाएगा, वही सच्चा प्रशासक कहलाएगा।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस अधिकारी का सबसे बड़ा मार्गदर्शक हमारा संविधान होना चाहिए। संविधान हमें समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। आपको किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर कार्य करना है। आपका एकमात्र धर्म जनता की सेवा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज भारत तेजी से बदल रहा है। दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। हमारा देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इस परिवर्तन की धुरी आप जैसे युवा अधिकारी हैं।

 श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारी केवल सिस्टम का हिस्सा नहीं हैं। उस परिवर्तन के वाहक हैं, जो भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

 सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल ने समारोह में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी एवं नव चयनित युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा केवल खिलाडियों के मामले में ही धाकड़ नहीं है बल्कि बौद्धिक विकास में भी अग्रणी हैं। उन्होंने नए आईएएस अधिकारियों को प्रशासनिक दक्षता से देश की नीति निर्धारण करने वाला बताते हुए कहा कि राज्य को इनकी प्रतिभा का बहुत लाभ होगा। उन्होंने आईएएस के प्रशिक्षण के बाद फ़ील्ड में संवेदनशीलता से काम करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रात को 2 बजे तक लोगों से मिलने के बाद सुबह आठ बजे से फिर से जनसेवा में जुट जाते हैं। ऐसे में अधिकारियों को भी पूरी मेहनत एवं तल्लीनता से काम करना पड़ता है।

इस अवसर पर संघ लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणाम में देश में तीसरे स्थान पर आने वाले एकांश ढुल , छठे रैंक पर आई जिन्निया अरोड़ा के अलावा नव-चयनित युवा नितीश , शगुन मेहरा , शिखा ने भी अपने लक्ष्य तक पहुंचने की अपनी यात्रा सांझा की।
April 08, 2026

किसानों पर थोपी गई बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी बेमतलब की शर्त को तुरंत हटाकर किसानों को राहत दे सरकार: रामपाल माजरा

किसानों पर थोपी गई बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी बेमतलब की शर्त को तुरंत हटाकर किसानों को राहत दे सरकार: रामपाल माजरा

इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त को हटवाने के लिए 12 अप्रैल से ट्रैक्टर पर जाकर मंडियों का दौरा करेंगे शुरू
चंडीगढ़ : इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने बताया कि वे इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के साथ बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त को हटवाने के लिए 12 अप्रैल से ट्रैक्टर पर जाकर मंडियों का दौरा शुरू करेंगे। 12 अप्रैल को कैथल और जींद, 13 अप्रैल को भिवानी और हांसी एवं 15 अप्रैल को हिसार, फतेहाबाद और सिरसा मंडियों में जाएंगे और किसानों से उनकी समस्याओं को लेकर बात करेंगे। डबवाली से विधायक अदित्य देवीलाल 13 अप्रैल को झज्जर और रानिया से विधायक अर्जुन चौटाला 9 अप्रैल को पलवल और मोहना मंडी और 10 अप्रैल को सोनीपत और रोहतक की मंडियों का दौरा करेंगे। इनेलो पार्टी पूरे समर्पण भाव से प्रयासरत है कि बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी बेमतलब की शर्त को हटवा कर किसानों को राहत दिलवाई जाए।
रामपाल माजरा ने बताया कि बीजेपी सरकार ने इतनी कठोर शर्तें थोप दी हैं जो अब किसानों के लिए जी का जंजाल बन गई हैं। पहले तो बीजेपी सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्टर करने के लिए किसानों से अनेक प्रकार के कागज लिए। फिर गेट पास के लिए ट्रैक्टर और ट्रॉली पर नंबर और बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त लगाई। किसानों की फसल बेचने में मदद करने के लिए इनेलो की तरफ से सभी मंडियों में किसान कष्ट निवारण केंद्र खोले जा चुके हैं और किसानों को इससे बहुत लाभ मिल रहा है। सरकार अब तक इनेलो द्वारा की गई मांगों, जैसे 24 घंटे मंडियों को खोलने, ट्रैक्टर और ट्रॉली पर नंबर प्लेट हटाना, फसल खरीद केंद्र के लिए लाइसेंस रिन्यू करने और मेरी फसल मेरा ब्योरा के पोर्टल को खोलने की चार मांगों को मान चुकी है जिसका श्रेय चौधरी अभय सिंह चौटाला को जाता है। किसान अपनी फसल को सुचारू रूप से मंडियों में बेच सके उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि बायोमेट्रिक सत्यापन की शर्त को तुरंत हटाए सरकार। अगर घोटाले रोकने हैं तो अधिकारियों और व्यापारियों की मिलीभगत रोकें। लेकिन वो नहीं रोकेंगे क्योंकि ये घोटाले सरकार की सह पर हो रहे हैं। इसकी आड़ में किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसान कोई डाकू या लूटेरा नहीं है जिसके ऊपर बेमतलब की शर्तें थोप दी जाए।  
पिछले सोमवार और मंगलवार को हुई बेमौसमी बारिश के कारण किसानों की फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। हमारी मांग है कि सरकार तुरंत विशेष गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देकर किसानों को राहत प्रदान करे।