September 19, 2026
हैबतपुर निर्माणाधीन मेडिकल कालेज में 3.15 करोड़ से लगेगा अत्याधुनिक ऑडियो, वीडियो सिस्टम
हैबतपुर निर्माणाधीन मेडिकल कालेज में 3.15 करोड़ से लगेगा अत्याधुनिक ऑडियो, वीडियो सिस्टम
मरीजों की जांच रिपोर्ट से लेकर मेडिकल प्रशिक्षण तक तकनीकी सुविधा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग केस डिस्कशन और विशेषज्ञों से संवाद में मिलेगी मदद
जींद : गांव हैबतपुर में निर्माणाधीन संत शिरोमणि धन्ना भगत मेडिकल कालेज में भले ही अभी पूरी तरह चिकित्सा सेवाएं शुरू नही हो पाई हों लेकिन संस्थान में तकनीकी सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक ऑडियो, वीडियो सिस्टम उपलब्ध करवाने और स्थापित करने के लिए तीन करोड़ 15 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है।
हरियाणा सरकार के पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग के इलेक्ट्रिकल विंग की ओर से सिस्टम लगने के बाद मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण, चिकित्सकों के बीच केस डिस्कशन, प्रस्तुतियों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी गतिविधियों के लिए तकनीकी आधार तैयार होगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य और सुविधाओं का विकास अभी चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। फिलहाल यहां सामान्य ओपीडी सेवाएं संचालित हो रही हैं। मरीजों को कई प्रकार की जांचों के लिए नागरिक अस्पताल जाना पड़ता है। ऐसे में ऑडियो, वीडियो सिस्टम अपने आप में जांच सुविधा नहीं होगा लेकिन कॉलेज में चिकित्सा सेवाओं और प्रशिक्षण का डिजिटल आधार मजबूत होने पर भविष्य में विशेषज्ञों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और मरीजों से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में अभी कई बुनियादी सुविधाओं का भी इंतजार है।
केस डिस्कशन और विशेषज्ञों से ऑनलाइन संवाद में उपयोगी
ऑडियो और वीडियो सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग मेडिकल शिक्षा और चिकित्सकीय संवाद में हो सकता है। किसी जटिल मरीज के मामले में चिकित्सक उसकी जांच रिपोर्ट, एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई या अन्य उपलब्ध चिकित्सा रिकॉर्ड को स्क्रीन पर प्रदर्शित कर संबंधित चिकित्सकों के साथ केस डिस्कशन कर सकेंगे। इससे अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ एक ही मामले की जानकारी एक साथ देखकर उपचार संबंधी चर्चा कर सकेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंंसिंग की सुविधा होने पर दूसरे मेडिकल संस्थानों या विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन संवाद और शैक्षणिक सत्र आयोजित किए जा सकेंगे। विशेषज्ञ कॉलेज में मौजूद न होने पर भी व्याख्यान या प्रशिक्षण दे सकेंगे। इससे मेडिकल विद्यार्थियों और चिकित्सकों को विशेषज्ञ ज्ञान तक पहुंच बनाने में सुविधा मिल सकती है।
मरीजों और विद्यार्थियों को भी मिलेगा लाभ
इस व्यवस्था का इस्तेमाल मरीजों और उनके परिजनों को चिकित्सा संबंधी जानकारी समझाने में भी किया जा सकता है। चिकित्सक जरूरत के अनुसार बीमारी, जांच रिपोर्ट, उपचार की प्रक्रिया और सावधानियों से संबंधित दृश्य सामग्री स्क्रीन पर दिखा कर जानकारी दे सकेंगे। इससे जटिल चिकित्सकीय विषयों को समझाना आसान हो सकता है।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन अमित गोयल ने बताया कि टेंडर के अनुसार कार्य पूरा करने की अवधि 200 दिन निर्धारित की गई है। सिस्टम की वास्तविक सुविधाएं टेंडर में निर्धारित तकनीकी विनिर्देश और स्थापित किए जाने वाले उपकरणों पर निर्भर करेंगी। इसके बावजूद यह व्यवस्था मेडिकल कॉलेज को भविष्य में डिजिटल चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ संवाद और मरीजों को चिकित्सा जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तकनीकी रूप से तैयार करने में सहायक होगी।