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Thursday, February 12, 2026

February 12, 2026

"विकसित उद्योग, विकसित श्रमिक" पर रहेगा सरकार का फोकस: नायब सिंह सैनी

"विकसित उद्योग, विकसित श्रमिक" पर रहेगा सरकार का फोकस: नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने " इंडस्ट्री -लेबर फ्रेंडली काउंसिल" की बैठक की अध्यक्षता की

यह काउंसिल गठित करने वाला हरियाणा पहला राज्य
चंडीगढ़  - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य फोकस "विकसित उद्योग , विकसित श्रमिक" पर रहेगा ताकि राज्य की प्रगति और अधिक तेजी से हो सके।

मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में "इंडस्ट्री -लेबर फ्रेंडली कॉउन्सिल" की प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर , गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल , उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल , श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव श्री यशपाल के अलावा अन्य अधिकारी तथा कॉउन्सिल के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री व काउंसिल के चेयरपर्सन श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि जब तक किसी प्रदेश में उद्योग निर्बाध गति से नहीं चलेंगे और वहां के श्रमिक खुशहाल नहीं होंगे तब तक वह प्रदेश आर्थिक रूप से प्रगति नहीं कर सकता। इन दोनों वर्गों में सामंजस्य होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इसी मैत्री एवं भाईचारे की भावना को ध्यान में रख कर ही "इंडस्ट्री -लेबर फ्रेंडली काउंसिल" का गठन किया गया है। इस प्रकार की काउंसिल गठित करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योगों को "ईज ऑफ़ डूइंग" तथा श्रमिकों को "ईज ऑफ़ लिविंग" देने की नीति पर काम कर रही हैं। यह कॉउन्सिल उद्योगों एवं श्रमिकों से संबंधित सरकार की घोषणाओं की भी समीक्षा करेगी और श्रमिकों की सुरक्षा , उद्योग -श्रमिक विवाद को सुलझाने , आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों में श्रमिकों के कौशल विकास को अपग्रेड करने से संबंधित सुझाव भी देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉउन्सिल के माध्यम से राज्य के उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी विशेष बल रहेगा , क्योंकि उत्पादकता बढ़ने से जीडीपी में भी बढ़ौतरी होगी जो कि देश एवं प्रदेश के विकास का मुख्य आधार है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में करीब दो लाख सूक्ष्म एवं मध्यम दर्जे के उद्योग इंडस्ट्रियल एरिया से बाहर चल रहे थे जिसके कारण उनको कई प्रकार की सुविधाएँ नहीं मिल पा रही थी। अब प्रदेश सरकार ने गत 25 दिसंबर 2025 को एक पोर्टल लांच कर दिया है जिस पर ये उद्योग अपना पंजीकरण करके नियमित हो जाएंगे तथा उनको सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि कुछ इंडस्ट्रियल एरिया में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से एचएसआईआईडीसी में प्लॉट को स्थानांतरित करने में आ रही परेशानियों को भी सुलझा लिया गया है। इसी प्रकार उद्योगपतियों की इएसआईसी अस्पतालों के लिए जमीन को भी रियायती दरों पर देने के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। इंडस्ट्रियल एरिया में सस्ती दरों पर मजदूरों के लिए डोरमेट्री आवास बनाने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में इंडस्ट्रियल एरिया में जगह की कमी को देखते हुए मल्टीलेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी।

 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों के लिए  वातावरण को और अधिक अनुकूल बनाने का प्रयास कर रही है ताकि निवेशक प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें। इससे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन "विकसित भारत-2047 " का लक्ष्य हासिल करने में आसानी होगी।
February 12, 2026

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने 1972-76 बैच के स्वर्ण जयंती पर ‘संगम-2026’ समारोह का आयोजन किया

जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने 1972-76 बैच के स्वर्ण जयंती पर ‘संगम-2026’ समारोह का आयोजन किया

- राकेश भारती मित्तल ने की घोषणा: भारती एयरटेल फाउंडेशन प्रतिवर्ष देगा विश्वविद्यालय के 100 मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप

- स्कॉलरशिप के अंतर्गत 8.5 से ज्यादा सीजीपीए वाले छात्रों को मिलेगा लैपटॉप, हॉस्टल फीस एवं मेस चार्जेस भी होंगे कवर

- पूर्व छात्रों ने स्टार्टअप प्रदर्शनी में छात्र उद्यमियों से की गहन चर्चा और मेंटरशिप का वादा

- विश्वविद्यालय में 23 करोड़ रुपये की लागत से चार नए 'सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस' स्थापित करने की घोषणा

- आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, एंटी-ड्रोन, मेकाट्रॉनिक्स और आइडिया लैब पर फोकस

- पांच वर्षों में राष्ट्रीय महत्व का संस्थान बनाने का है लक्ष्य: कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार
फरीदाबाद– भारती एयरटेल फाउंडेशन ने अपने स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के 100 स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देने की घोषणा भी की है।

यह घोषणा भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष एवं संस्थान के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र श्री राकेश भारती मित्तल ने स्वर्ण जयंती पूर्व छात्र मिलन समारोह – ‘संगम-2026’ के दौरान की गयी। यह आयोजन संस्थान के 1972-76 बैच के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में आयोजित किया गया था। कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष श्री राकेश भारती मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उभरती प्रौद्योगिकियों में अत्याधुनिक अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने विश्वविद्यालय में अनुमानित 23 करोड़ रुपये के निवेश से चार नए उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस) विकसित करने की घोषणा की। ये सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस भविष्य के प्रौद्योगिकी को ध्यान में रखते हुए विकसित किये जा रहे हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग, एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी, मेकाट्रॉनिक्स तथा आइडिया लैब शामिल हैं।

समारोह में डाइकिन इंडिया के सीईओ और एमडी कंवलजीत जावा, फुजी जेमको प्रा. लिमिटेड के सीईओ डॉ. महेश सचदेवा, वाईएमसीए मॉब एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुखदेव सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों के अन्य वरिष्ठ कॉर्पोरेट लीडर्स और पूर्व छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की एलुमनाई अफेयर्स सेल द्वारा किया गया, जिसका समन्वय प्रो. मुनीश वशिष्ठ, डीन (इंस्टीट्यूशन) तथा प्रो. संजीव गोयल, डीन (एलुमनाई अफेयर्स) ने किया।

अपने संबोधन में कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने विश्वविद्यालय की व्यावहारिक उत्कृष्टता, मजबूत उद्योग संबंधों तथा समृद्ध इंडो-जर्मन विरासत पर आधारित अनूठी पहचान पर प्रकाश डाला, जिसके कारण यह आईआईटी एवं एनआईटी जैसे प्रमुख संस्थानों के समकक्ष माना जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह राज्य में छात्रों द्वारा सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला तकनीकी संस्थान है। विश्वविद्यालय को लेकर भावी लक्ष्यों पर बोलते हुए प्रो. कुमार ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिलाने का है, जोकि पूर्व छात्रों, शिक्षकों सहित सभी के सामूहिक सहयोग से ही संभव हैं।

अपने भावुक एवं प्रेरणादायक भाषण में श्री राकेश भारती मित्तल ने संस्थान परिसर में अपने पहले दिन, छात्रावास जीवन, आजीवन मित्रताओं, प्रो. आर्य, प्रो. सिक्का एवं प्रो. तलवार जैसे शिक्षकों के मार्गदर्शन से अकादमिक चुनौतियों पर जीत हासिल करने, यादगार प्रोजेक्ट्स तथा औद्योगिक भ्रमणों की स्मृतियां साझा कीं, जिन्होंने उनके अंदर गुणवत्ता को लेकर चेतना विकसित की।

इस अवसर पर श्री मित्तल ने 2026-2027 शैक्षणिक सत्र से भारती एयरटेल फाउंडेशन स्कॉलरशिप प्रोग्राम के विस्तार की घोषित किया, जिसके तहत प्रतिवर्ष अब 100 मेधावी छात्रों (लड़के एवं लड़कियां दोनों) को स्कॉलरशिप सहायता प्रदान की जाएगी। वर्तमान में इस कार्यक्रम के तहत 25 छात्राओं को स्कॉलरशिप दी जा रही है तथा अब तक कुल 57 स्कॉलरशिप प्रदान की जा चुकी हैं। छात्र लाभार्थियों के साथ विशेष संवाद के दौरान श्री मित्तल ने अतिरिक्त प्रोत्साहन की घोषणा की कि 8.5 या उससे अधिक सीजीपीए बनाए रखने वाले छात्रों को लैपटॉप तथा छात्रावास शुल्क एवं मेस चार्जेस के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभी छात्रों से अनुशासित, केंद्रित एवं समर्पित रहकर पढ़ाई करने का आह्वान किया।

वाईएमसीए मॉब एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुखदेव सिंह ने अपने संबोधन में 1985 से वाईएमसीए मॉब की यात्रा का संक्षिप्त विवरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 17 सक्रिय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय चैप्टर्स के साथ वाईएमसीए मॉब विश्वभर में 10,000 से अधिक पूर्व छात्रों को कार्यक्रमों, स्कॉलरशिप, मेंटरशिप, प्लेसमेंट तथा संस्थागत सहयोग के माध्यम से जोड़े हुए है। उन्होंने छात्रों से कड़ी मेहनत, कौशल विकास पर ध्यान तथा उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर श्री राकेश भारती मित्तल के नेतृत्व में पूर्व छात्रों ने स्टार्टअप प्रदर्शनी का दौरा किया, जहां उन्होंने युवा उद्यमियों से निकट संवाद किया, उनकी विचारों को समझा, चुनौतियों पर चर्चा की तथा मेंटरशिप के अवसरों पर विचार किया। कार्यक्रम में छात्र क्लबों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला प्रदर्शनी, पूर्व छात्रों के सम्बोधन एवं स्मृति-कथन, अतिथियों का सम्मान, कैंपस भ्रमण, वर्कशॉप एवं लैब का दौरा आदि शामिल रहे।

Wednesday, February 11, 2026

February 11, 2026

*राष्ट्रव्यापी हड़ताल को कांग्रेस का पूर्ण समर्थन: ऋषिपाल हैबतपुर*


*राष्ट्रव्यापी हड़ताल को कांग्रेस का पूर्ण समर्थन: ऋषिपाल हैबतपुर*
*-कार्यकर्ताओं से किया श्रमिकों-किसानों के साथ खड़े रहने का आह्वान*
जींद : कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस हड़ताल का पूर्ण समर्थन करती है और पार्टी कार्यकर्ता श्रमिकों व किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि 10  केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के आह्वान पर की जा रही यह हड़ताल देश के श्रमिकों, किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
ऋषिपाल हैबतपुर ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नई श्रमिक नीतियां और आर्थिक फैसले मजदूर व किसान विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि नए श्रमिक कानूनों के जरिए कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है, जबकि मनरेगा को समाप्त कर वीजी-जीआरएएमजी कानून लागू करने की तैयारी ग्रामीण गरीबों के हितों पर सीधा प्रहार है। इसके अलावा परमाणु शांति कानून, बिजली संशोधन बिल और भारत-अमेरिका कर मुक्त व्यापार समझौता भी देश की आर्थिक संप्रभुता और आम जनता के हितों के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से बेरोजगारी बढ़ी है, महंगाई चरम पर है और छोटे व्यापारियों, किसानों व मजदूरों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। ऐसे में राष्ट्रव्यापी हड़ताल जनभावनाओं की आवाज है, जिसे कांग्रेस पूरी ताकत से समर्थन देगी।
जिला प्रधान ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे 12 फरवरी, वीरवार को आयोजित हड़ताल में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएं। यह संघर्ष केवल मजदूरों या किसानों का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का है। ऋषिपाल हैबतपुर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करती रही है और आगे भी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।


Tuesday, February 10, 2026

February 10, 2026

नूंह में ‘स्वस्थ महिला, स्वस्थ भारत’ की बड़ी पहल: युवराज सिंह के यूवीकैन फाउंडेशन ने 14 हजार महिलाओं की स्तन कैंसर जांच की

नूंह में ‘स्वस्थ महिला, स्वस्थ भारत’ की बड़ी पहल: युवराज सिंह के यूवीकैन फाउंडेशन ने 14 हजार महिलाओं की स्तन कैंसर जांच की

शाओमी इंडिया के सहयोग से चला प्रिवेंटिव हेल्थकेयर अभियान, 111 महिलाओं में पाई गई स्तन कैंसर की आशंका
नूंह (हरियाणा) : मशहूर क्रिकेटर, कैंसर सर्वाइवर और समाजसेवी युवराज सिंह की यूवीकैन फाउंडेशन ने शाओमी इंडिया के सहयोग से नूंह जिले में ‘स्वस्थ महिला, स्वस्थ भारत’ प्रिवेंटिव हेल्थकेयर कार्यक्रम के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस अभियान के अंतर्गत जिले की 14,000 महिलाओं की स्तन कैंसर स्क्रीनिंग की गई, जिससे समय रहते बीमारी की पहचान और इलाज की दिशा में अहम कदम उठाया गया।
कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए दूसरा चरण शुरू किया गया। दोनों चरणों को मिलाकर कुल 14 हजार महिलाओं की जांच की गई, जबकि 21 हजार से अधिक महिलाओं को स्तन स्वास्थ्य और स्वयं जांच (Self-Examination) को लेकर जागरूक किया गया।
स्क्रीनिंग के दौरान 111 महिलाओं में स्तन कैंसर की आशंका सामने आई, जिन्हें तत्काल काउंसलिंग दी गई और आगे की जांच के लिए आवश्यक डायग्नोस्टिक टेस्ट की व्यवस्था की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाकर समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर युवराज सिंह ने कहा कि भारत में स्तन कैंसर से होने वाली अधिकतर मौतें इलाज की कमी के कारण नहीं, बल्कि देर से पहचान होने के कारण होती हैं। यूवीकैन फाउंडेशन का लक्ष्य उन महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, ताकि वे बिना डर के समय पर जांच और उपचार करा सकें।
‘स्वस्थ महिला, स्वस्थ भारत’ कार्यक्रम की शुरुआत जुलाई 2024 में की गई थी। यह पहल देश के 15 राज्यों के 15 आकांक्षी जिलों में लागू की जा रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं और जागरूकता की कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर अब तक इस कार्यक्रम के तहत 5 लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया जा चुका है और 2 लाख से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
कार्यक्रम के सपोर्टिंग पार्टनर शाओमी इंडिया ने टेक्नोलॉजी आधारित स्क्रीनिंग समाधान उपलब्ध कराए। शाओमी इंडिया के सीओओ सुधीन माथुर ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य तकनीक के जरिए समाज में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाना है, खासकर महिलाओं के स्वास्थ्य के क्षेत्र में।
नूंह जिले में इस पहल के सामुदायिक प्रभाव की सराहना करते हुए ईएसआई–नूंह के डॉ. अतीक असलम ने कहा कि यूवीकैन फाउंडेशन ने गांव-गांव जाकर महिलाओं से संवाद किया, जिससे स्तन कैंसर को लेकर फैली झिझक और गलत धारणाएं दूर हुईं। ऐसी जमीनी स्तर की पहलें प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को मजबूत करती हैं।
यूवीकैन फाउंडेशन ने अब ‘स्वस्थ महिला, स्वस्थ भारत फेज़ 2.0’ के लॉन्च की भी घोषणा की है, जिसमें और अधिक महिलाओं तक जांच सेवाएं पहुंचाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के साथ समन्वय बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा।

Monday, February 9, 2026

February 09, 2026

39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला- 2026

39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला- 2026

सूरजकुंड मेला बना कला और संस्कृति का महाकुंभ

पार्टनर स्टेट उत्तर प्रदेश के मार्बल से तैयार उत्पाद पर्यटकों को आ रहे पसंद
चंडीगढ़— फरीदाबाद में 39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में वैश्विक कला और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। शिल्प मेले के इस वर्ष मिस्र को पार्टनर कंट्री के रूप में चुना गया है, जबकि उत्तर प्रदेश और मेघालय पार्टनर स्टेट की भूमिका निभा रहे हैं। मेला परिसर में विशेष पवेलियन बनाए गए हैं, जो उत्तर प्रदेश और मेघालय की पारंपरिक स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत नजारा पेश कर रहे हैं।

मेला परिसर में स्थापित इन पवेलियनों के माध्यम से न केवल हस्तशिल्प को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि अलग-अलग देशों और राज्यों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु भी तैयार हो रहा है। पर्यटक यहाँ आकर न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि लाइव डेमो के माध्यम से इन कठिन कलाकृतियों को बनते हुए भी देख रहे हैं।

मेले में शिल्पकारों की बारीकी का बेहतरीन नमूना स्टॉल नंबर 124  पर देखने को मिल रहा है। यहाँ मार्बल के माध्यम से तैयार किए गए उत्पाद पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। स्टॉल पर मार्बल से बने कप, प्लेट, टी-सेट और विशेष साइड टेबल के साथ शतरंज, पत्थरों पर उकेरी गई शानदार पेंटिंग्स उपलब्ध है जो कला प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

शिल्पकार इरफान अली ने बताया कि उनके परिवार की यह पुश्तैनी कला है, जिसे वे आधुनिक पसंद के अनुसार ढाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सूरजकुंड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके उत्पादों को न केवल सराहना मिल रही है, बल्कि अच्छी बिक्री से शिल्पकारों का उत्साह भी बढ़ा है।
February 09, 2026

अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में लगाई गई विभिन्न देशों की स्टॉलस

अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में लगाई गई विभिन्न देशों की स्टॉलस

पार्टनर कंट्री मिस्र के जूट से बने हैंडमेड बैग्स बने पर्यटकों की पहली पसंद
चंडीगढ़— फरीदाबाद में चल रहे 39 वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में इस वर्ष पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल मिस्र अपनी प्राचीन सभ्यता और आधुनिक हस्तशिल्प के अनूठे संगम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की स्टॉल्स पर सजी कलाकृतियां न केवल आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि मिस्र की सांस्कृतिक जड़ों से भी रूबरू करा रही हैं।

स्टॉल पर हैंडमेड बैग्स का जादू

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की स्टॉल पर जूट से तैयार किए गए हैंडमेड बैग्स पर्यटकों, विशेषकर महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। स्टॉल संचालक अमील ने बताया कि इन बैग्स को विशेष कारीगरी से तैयार किया गया है, जिनकी कीमत उनकी गुणवत्ता और डिजाइन के अनुसार 3 हजार  से 5 हजार रुपये के बीच रखी गई है।

स्टॉल पर सिरेमिक कला का भी प्रदर्शन

इसी स्टॉल पर शिल्पकार मुहम्मद अली मोहम्मद मिस्र की मशहूर सिरेमिक कला से बने कप, प्लेट और बर्तनों का शानदार संग्रह सजाया गया है। इन बर्तनों पर की गई बारीक नक्काशी और विशिष्ट रंग पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।

मिस्र की कला जो जानने का मिल रहा मौका

मेले में आने वाले पर्यटक न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि इन स्टॉल्स पर जाकर मिस्र की कला, इसे बनाने की प्रक्रिया और वहां की परंपराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। पार्टनर कंट्री के रूप में मिस्र इस बार मेले की सबसे बड़ी हाइलाइट्स में से एक है। मिस्र के शिल्पकारों ने साबित कर दिया है कि उनकी पारंपरिक कला आज के आधुनिक दौर में भी वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखती है।
February 09, 2026

बिजली लाइनों व ट्रांसफार्मरों से न करें छेड़छाड़, फॉल्ट की शिकायत निर्धारित माध्यमों से करायें दर्ज : यूएचबीवीएन

बिजली लाइनों व ट्रांसफार्मरों से न करें छेड़छाड़, फॉल्ट की शिकायत निर्धारित माध्यमों से करायें दर्ज : यूएचबीवीएन
चंडीगढ़ – उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा एक अधिसूचना जारी करते हुए सभी किसानों व आम उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा अन्य विद्युत उपकरणों से स्वयं छेड़छाड़ न करें और न ही उन्हें स्वयं ठीक करने का प्रयास करें। यह देखने में आ रहा है कि कुछ किसान व उपभोक्ता स्वयं ही बिजली फाल्ट ठीक करने की कोशिश करते हैं तथा बिना किसी सुरक्षा उपाय के बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों पर चढ़ने का प्रयास करते हैं। इससे बिजली संबंधी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।

यह जानकारी देते हुए निगम के प्रवक्ता ने बताया कि सभी उपभोक्ता स्वयं बिजली उपकरणों को ठीक करने से बचें और अपनी बिजली से संबंधित शिकायत निर्धारित माध्यमों के जरिए दर्ज कराएं। उपभोक्ता अपनी शिकायत ऑनलाइन माध्यमों जैसे यूएचबीवीएन मोबाइल ऐप, टोल फ्री नंबर 1912, 1800-180-1550 अथवा अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर दर्ज करा सकते हैं। निगम के कर्मचारी तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होते हैं और इस प्रकार के कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।

निगम की ओर से कहा गया है कि आम जनता स्वयं जोखिम उठाने के बजाय निर्धारित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके और सुरक्षित व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
February 09, 2026

पहला ऑनलाइन तबादला अभियान, हरियाणा सरकार ने स्पष्ट की ‘नोशनल वैकेंसी’ और ‘नोशनल कैटेगरी’

पहला ऑनलाइन तबादला अभियान

हरियाणा सरकार ने स्पष्ट की ‘नोशनल वैकेंसी’ और ‘नोशनल कैटेगरी’
चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने राज्य के पहले ऑनलाइन तबादला अभियान से पूर्व मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, 2025 के तहत 'नोशनल वैकेंसी' और 'नोशनल कैटेगरी' शब्दों की एक समान व्याख्या सुनिश्चित करने के लिए स्पष्टीकरण जारी किया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए पत्र के अनुसार, यह देखने में आया है कि विभिन्न विभाग 'नोशनल वैकेंसी' और 'नोशनल कैटेगरी' शब्दों की अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं, जिससे नीति के क्रियान्वयन में विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं और कानूनी विवाद की आशंका भी बढ़ रही है।

इस विषय की कानूनी सिद्धांतों, नीति के उद्देश्य और प्रशासनिक व्यवहार्यता के दृष्टिकोण से समीक्षा करने के बाद एक समान निर्णय लिया गया है।

जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, ट्रांसफर पॉलिसी की अधिसूचना से पहले मौजूद रिक्त पदों को पहले ऑनलाइन तबादला अभियान के दौरान न तो नोशनल वैकेंसी माना जाएगा और न ही उन्हें नोशनल कैटेगरी में रखा जाएगा। हालांकि, अधिसूचना की तिथि और पात्रता तिथि के बीच उत्पन्न रिक्तियों को केवल एक बार के उपाय के रूप में नोशनल वैकेंसी या कैटेगरी माना जाएगा।

इसके अतिरिक्त, पात्रता तिथि के बाद उत्पन्न होने वाली रिक्तियों को वर्तमान तबादला प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसी रिक्तियों पर केवल आगामी ट्रांसफर अभियानों में नोशनल वैकेंसी या कैटेगरी के रूप में विचार किया जाएगा।

सरकार ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पहले चरण का कोई भी जारी तबादला अभियान फिलहाल रेशनलाइजेशन चरण से बाहर न हो और इसे प्री-रेशनलाइजेशन  चरण में वापस लाया जाए। साथ ही, उपरोक्त निर्णयों के अनुरूप सॉफ्टवेयर में अतिरिक्त संशोधन करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इन निर्देशों को सभी संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाने और कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
February 09, 2026

राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग की तीन सेवाओं में संशोधन

राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग की तीन सेवाओं में संशोधन

दो नई सेवाएं भी अधिसूचित
चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार विभाग की 31 दिसंबर, 2021 की अधिसूचना में संशोधन किया है।पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से, पूर्व में अधिसूचित तीन सेवाओं में संशोधन किया गया है और दो नई सेवाएं जोड़ी गई हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है।

अब स्वदेशी पशुधन (देसी गाय) के संरक्षण एवं विकास तथा मुर्राह विकास योजना से संबंधित सेवा 180 दिनों में प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, हाई-टेक डेयरी इकाइयों की स्थापना तथा अनुसूचित जातियों के लाभार्थियों को पशुधन इकाइयों की स्थापना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की योजना के लिए 100 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।

अधिसूचना में क्रम संख्या 4 के बाद दो नई सेवाएं जोड़ी गई हैं। इनमें सूकर, भेड़ तथा बकरी इकाइयों की स्थापना द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने की सामान्य योजना के लिए 100 दिन तथा बैकयार्ड पोल्ट्री इकाइयों की स्थापना योजना के लिए 60 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। सभी सेवाएं लक्ष्यों की उपलब्धता के अधीन होंगी।

इन सेवाओं के लिए संबंधित जिले के उपमंडल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी को पदनामित अधिकारी बनाया गया है। वहीं, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी/सघन पशुधन विकास परियोजना को प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी तथा निदेशालय स्तर पर क्रेडिट प्लानिंग ऑफिसर/संयुक्त निदेशक (योजना) को अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।
February 09, 2026

गुरुग्राम के विकास और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर सरकार का विशेष फोकस: मुख्यमंत्री

गुरुग्राम के विकास और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर सरकार का विशेष फोकस: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसेवा में प्राथमिकता व संवेदनशीलता बरतने के दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री  की अध्यक्षता में गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित, 17 में से 12 मामलों का हुआ समाधान

एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को  बनाया जाए मोटरेबल : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत
चंडीगढ़-  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करें तथा किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के समग्र विकास और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले से जुड़ी प्रत्येक समस्या पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार निरंतर जन समस्याओं की समीक्षा कर रही है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके और विकास कार्यों में गति बनी रहे।
मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 5 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सेक्टर-10ए स्थित उमंग भारद्वाज चौक से वाया गाडौली होते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे तक सड़क की खस्ताहाल स्थिति की शिकायत पर संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे के भीतर सड़क को गड्ढा-मुक्त किया जाए। सड़क पर यदि कहीं भी अतिक्रमण है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क चाहे किसी भी विभाग से संबंधित हो, चाहे वह एचएसआईआईडीसी, नगर निगम या जीएमडीए के अधीन हो,
नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए अगले एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल बनाया जाए।

मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत

बैठक में सेक्टर-85 स्थित कार्नेशन रेजीडेंसी आरडब्ल्यूए द्वारा प्रस्तुत की गई सड़क अवरोध से संबंधित शिकायत पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पिछली बैठक में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों की एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित निजी भूमि अब बिल्डर द्वारा खरीद ली गई है तथा वहां बनी पुरानी इमारतों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके उपरांत दो सप्ताह के भीतर 24 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे सेक्टर-86 मुख्य मार्ग और द्वारका एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा।

इस निर्णय से लगभग 7,000 निवासियों एवं 800 स्कूली छात्रों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल, त्वरित सुनवाई और समिति गठन के कारण यह लंबे समय से लंबित समस्या हल हो सकी है।

सूरत नगर फेज-1 को जलभराव से मुक्त कर गलियों का जीर्णोद्धार करने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सूरत नगर फेज-1 में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की सभी प्रभावित गलियों को जलभराव से मुक्त कर उनका जीर्णोद्धार किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां पंप लगाकर पानी निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा तय समय सीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार,  मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
February 09, 2026

गुरुग्राम के विकास और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर सरकार का विशेष फोकस: मुख्यमंत्री

गुरुग्राम के विकास और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर सरकार का विशेष फोकस: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसेवा में प्राथमिकता व संवेदनशीलता बरतने के दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री  की अध्यक्षता में गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित, 17 में से 12 मामलों का हुआ समाधान

एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को  बनाया जाए मोटरेबल : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत
चंडीगढ़-  हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करें तथा किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के समग्र विकास और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले से जुड़ी प्रत्येक समस्या पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार निरंतर जन समस्याओं की समीक्षा कर रही है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके और विकास कार्यों में गति बनी रहे।
मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 5 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सेक्टर-10ए स्थित उमंग भारद्वाज चौक से वाया गाडौली होते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे तक सड़क की खस्ताहाल स्थिति की शिकायत पर संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे के भीतर सड़क को गड्ढा-मुक्त किया जाए। सड़क पर यदि कहीं भी अतिक्रमण है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क चाहे किसी भी विभाग से संबंधित हो, चाहे वह एचएसआईआईडीसी, नगर निगम या जीएमडीए के अधीन हो,
नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए अगले एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल बनाया जाए।

मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत

बैठक में सेक्टर-85 स्थित कार्नेशन रेजीडेंसी आरडब्ल्यूए द्वारा प्रस्तुत की गई सड़क अवरोध से संबंधित शिकायत पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पिछली बैठक में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों की एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित निजी भूमि अब बिल्डर द्वारा खरीद ली गई है तथा वहां बनी पुरानी इमारतों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके उपरांत दो सप्ताह के भीतर 24 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे सेक्टर-86 मुख्य मार्ग और द्वारका एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा।

इस निर्णय से लगभग 7,000 निवासियों एवं 800 स्कूली छात्रों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल, त्वरित सुनवाई और समिति गठन के कारण यह लंबे समय से लंबित समस्या हल हो सकी है।

सूरत नगर फेज-1 को जलभराव से मुक्त कर गलियों का जीर्णोद्धार करने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सूरत नगर फेज-1 में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की सभी प्रभावित गलियों को जलभराव से मुक्त कर उनका जीर्णोद्धार किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां पंप लगाकर पानी निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा तय समय सीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार,  मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
February 09, 2026

महिलाओं से हर महीने जिंदा होने का प्रमाण मांगना महिला सम्मान के खिलाफ : राजकुमार गोयल

महिलाओं से हर महीने जिंदा होने का प्रमाण मांगना महिला सम्मान के खिलाफ : राजकुमार गोयल
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने हरियाणा सरकार द्वारा संचालित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं से हर महीने स्वयं को जीवित साबित करने के लिए फोटो अपलोड करवाने की व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना सराहनीय है लेकिन हर माह जिंदा होने का प्रमाण मांगना न केवल गलत बल्कि महिला सम्मान के खिलाफ है।
गोयल ने कहा कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है जो सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सहारा देने की दिशा में सकारात्मक है लेकिन हर माह फोटो अपलोड करने की शर्त व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और कमजोर वर्ग की अधिकांश महिलाओं के पास स्मार्टफोन या तकनीकी जानकारी नहीं है। ऐसे में हर महीने एप पर फोटो अपलोड करना उनके लिए मुश्किल भरा है और इससे कई जरूरतमंद महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो सकती हैं।
गोयल का कहना है कि हालांकि योजना का उद्देश्य सराहनीय है लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जो महिलाओं के सम्मान और सुविधा को प्राथमिकता दे। गोयल ने यह भी सवाल उठाया कि जब बुढ़ापा पेंशन और विधवा पेंशन जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में हर महीने जीवित होने का प्रमाण नहीं मांगा जाता तो फिर केवल लाडो लक्ष्मी योजना में ही यह व्यवस्था क्यों लागू की गई है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग की कि इस प्रक्रिया को तुरंत बंद कर करवाकर योजना को सरल, सम्मानजनक और महिला हितैषी बनाया जाए।
February 09, 2026

दिल्ली के चित्रकार मनवीर सिंह ‘कौशल श्री सम्मान’ से सम्मानित

कला पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम है : आकाश गौड 
दिल्ली के चित्रकार मनवीर सिंह ‘कौशल श्री सम्मान’ से सम्मानित 
जींद : अखिल भारतीय स्तर पर कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्यरत संस्था सोल एंड स्पिरिट आर्ट सोसाइटी द्वारा प्रसिद्ध चित्रकार एवं पर्यावरण प्रेमी मनवीर सिंह को कौशल श्री सम्मान से सम्मानित किया गया।
मनवीर सिंह ने दिल्ली कला विद्यालय से बी.एफ.ए. एवं एम.एफ.ए. की शिक्षा प्राप्त की है। वे दिल्ली कला महाविद्यालय में अध्यापन कार्य भी कर चुके हैं। वर्तमान में वे स्वतंत्र कलाकार के रूप में कार्यरत हैं और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित कला सृजन कर रहे हैं।
मनवीर सिंह द्वारा नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक से निर्मित कलाकृतियों ने देशभर में पर्यावरण प्रेमियों को जागरूक एवं प्रेरित किया है। उनकी टीम द्वारा लगभग 400 से अधिक परिवारों से प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उसे कला के माध्यम से उपयोग में लाया जाता है। यह प्रयोग कला और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का एक प्रभावशाली उदाहरण है। सोसाइटी के अध्यक्ष दीपक कौशिक ने बताया कि कौशल श्री सम्मान कला की विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट सृजनात्मक दृष्टिकोण रखने वाले कलाकारों को हर वर्ष प्रदान किया जाता है। संस्था की ओर से उपाध्यक्ष आकाश गौड ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। सम्मान स्वरूप उन्हें प्रशंसा पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं नगद राशि भेंट की गई। इस अवसर पर आकाश गौड ने कहा कि कला पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त माध्यम है। कला का उद्देश्य केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि समाज के व्यापक हित में योगदान देना होना चाहिए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सलाहकार हरप्रीत सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
*पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मनवीर सिंह कर रहे सराहनीय पहल*

चर्चित चित्रकार मनवीर सिंह अपनी रचनात्मक सोच और कला-कौशल से एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। वे ऐसी पॉलीथिन का उपयोग कर सुंदर, आकर्षक और संदेशात्मक कलाकृतियों का निर्माण कर रहे हैं, जिनका सामान्यत पुनर्चक्रण संभव नहीं होता। मनवीर सिंह अपनी कलात्मक प्रतिभा के बल पर बेकार समझी जाने वाली पॉलीथिन को कला का रूप देकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल कर रहे हैं। उनकी ये कलाकृतियाँ न केवल देखने में आकर्षक हैं, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का सशक्त माध्यम भी बन रही हैं। विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित की जा रही उनकी रचनाएं यह संदेश देती हैं कि यदि सही सोच और प्रयास हो, तो प्रदूषण को भी सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाया जा सकता है। इसी प्रेरणादायक कार्य को सम्मान देते हुए सोल एंड स्पिरिट आर्ट सोसाइटी द्वारा उन्हें कौशल श्री सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उनकी ऊर्जा, समर्पण और रचनात्मक क्षमता को आगे बढ़ाने की दिशा में एक छोटा किंतु महत्वपूर्ण प्रयास है। मनवीर सिंह की यह पहल पर्यावरण प्रेमियों और कलाकारों दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
February 09, 2026

गुजरात: 20 रुपये की रिश्वत के आरोप में 30 साल की सज़ा, बरी होने के अगले ही दिन मौ*त — इंसाफ़ ने फिर रुलाया

गुजरात: 20 रुपये की रिश्वत के आरोप में 30 साल की सज़ा, बरी होने के अगले ही दिन मौत — इंसाफ़ ने फिर रुलाया
गुजरात : गुजरात से न्याय व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है।
यह कहानी है बाबूभाई प्रजापति की—एक ऐसे व्यक्ति की, जिसने महज़ 20 रुपये की रिश्वत के आरोप में अपनी ज़िंदगी के करीब 30 साल जेल और अदालतों के चक्कर में गंवा दिए, और जब अदालत ने आखिरकार उसे निर्दोष मानते हुए बरी किया, तो आजादी की सांस लेने से पहले ही मौत ने उसे गले लगा लिया।
1996 का मामला, जिसने पूरी जिंदगी बदल दी
बाबूभाई प्रजापति गुजरात पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे।
साल 1996 में उन पर आरोप लगा कि उन्होंने 20 रुपये की रिश्वत ली है।
यह छोटा-सा आरोप उनके पूरे जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप बन गया।
मामला दर्ज हुआ, गिरफ्तारी हुई और फिर शुरू हुआ 30 साल लंबा कानूनी संघर्ष।
इस दौरान बाबूभाई को जेल की सलाखों के पीछे लंबा समय बिताना पड़ा, नौकरी चली गई, सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म हो गई और परिवार आर्थिक व मानसिक पीड़ा से जूझता रहा।
तीन दशक बाद मिला इंसाफ
करीब 30 साल बाद, अदालत ने मामले की दोबारा समीक्षा करते हुए बाबूभाई प्रजापति को पूरी तरह निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया।
कोर्ट ने माना कि उनके खिलाफ रिश्वत लेने का कोई ठोस प्रमाण नहीं था।
यह फैसला बाबूभाई और उनके परिवार के लिए उम्मीद की एक किरण लेकर आया।
लगा कि अब बाकी बची ज़िंदगी सुकून से कटेगी।
लेकिन आज़ादी ज्यादा देर टिक नहीं सकी
दुर्भाग्यवश, जेल से रिहा होने के महज़ एक दिन बाद ही बाबूभाई प्रजापति का निधन हो गया।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से चली आ रही मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक थकान ने उनकी जान ले ली।
परिवार का कहना है कि
“जिस इंसाफ़ का इंतज़ार उन्होंने 30 साल किया, उसे जीने का मौका ही नहीं मिला।”
सवालों के घेरे में न्याय व्यवस्था
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है:
क्या 20 रुपये के आरोप में 30 साल की सज़ा न्याय है?
अगर कोई निर्दोष है, तो उसे इंसाफ़ मिलने में इतनी देर क्यों?
क्या इस देरी की कीमत किसी की पूरी जिंदगी से वसूली जाएगी?
बाबूभाई प्रजापति को भले ही अदालत ने निर्दोष घोषित कर दिया हो,
लेकिन न तो उन्हें खोई हुई जिंदगी लौटाई जा सकती है,
न ही उनके परिवार के टूटे हुए सपने।
इंसाफ़ मिला, मगर बहुत देर से
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं,
बल्कि हमारी न्याय व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
इंसाफ़ अगर देर से मिले, तो क्या वह इंसाफ़ कहलाता है?

Sunday, February 8, 2026

February 08, 2026

सरकारी स्कूल रूपगढ़ के वार्षिक - समारोह में सरपंच ने दो कमरे व स्टेज दिया दान में ।

सरकारी स्कूल रूपगढ़ के वार्षिक - समारोह में सरपंच ने दो कमरे व स्टेज दिया दान में । 
जींद : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रूपगढ़ जीतगढ़ में शनिवार को वार्षिक उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में श्रीमती सरोज श्योकंद खंड शिक्षा अधिकारी जींद व श्री दीपक सरपंच रूपगढ़ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सरपंच दीपक ने अपने निजी कोष से अपने परिवार की तरफ़ से दोनों सरकारी विधालयों को एक एक कमरा दान में दिया। साथ ही राजकीय व. मा. विधालय रूपगढ़ में पंचायत फण्ड से स्टेज निर्माण की बनवाने हेतू वायदा किया। 
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री दीपक जी, श्रीमती सरोज श्योकंद, पूर्व सरपंच संदीप व प्रधानाचार्य श्री सुरेंद्र कुमार जी द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रधानाचार्य श्री सुरेंद्र मलिक जी ने शैक्षणिक और सह - शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। साथ-साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोगी सभी स्टाफ सदस्यों का हार्दिक धन्यवाद किया।
नन्हे - मुन्ने छात्र - छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक लोक नृत्य और शिक्षाप्रद नाटकों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेधावी बच्चों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने अकादमिक खेल और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सरपंच व पूर्व सरपंच ने विधालय को 11000- 11000 रुपए भी निज़ी कोष से दान में दिए। मंच संचालन सीनियर प्रवक्ता अंग्रेज़ी श्रीमती अंजू कादियान द्वारा किया गया।

Saturday, February 7, 2026

February 07, 2026

पारदर्शी भर्ती से बदल रही तस्वीर, हजारों युवाओं को मिला रोजगार— मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

पारदर्शी भर्ती से बदल रही तस्वीर, हजारों युवाओं को मिला रोजगार— मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

सरकार के संकल्पों पर तेजी से हो रहा काम विकास,

 पारदर्शिता और सेवा की राजनीति को जनता का समर्थन

मुख्यमंत्री ने कहा डबल इंजन सरकार दोगुनी गति से विकास पथ पर अग्रसर
चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में 217 संकल्प लिए थे, जिनमें से 60 पूरे किए जा चुके हैं और शेष संकल्पों पर तेजी से काम चल रहा है, जिन्हें जल्द पूरा कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, स्वास्थ्य मंत्री सुश्री आरती सिंह राव, राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा, कालका से विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री विनोद शर्मा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग, प्रसिद्ध बॉलीवुड कलाकार श्री यशपाल शर्मा तथा मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे।

पारदर्शी शासन पर जनता का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का संविधान पूरी मजबूती से लागू है और सरकार संविधान की भावना के अनुरूप काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता ने भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी शासन के लिए भाजपा को चुना है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ा है। इसी विश्वास के आधार पर राज्य में डबल इंजन सरकार को तीसरी बार बड़ा जनादेश मिला है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, युवाओं को अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे भी बिना सिफारिश के सरकारी नौकरियां हासिल कर रहे हैं। शपथ ग्रहण से पहले ही 24,000 युवाओं को जॉइनिंग लेटर दिए गए और इस वर्ष भी बड़े स्तर पर भर्तियां की जा रही हैं। आयोग के माध्यम से भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। सरकार सभी रिक्त पदों को पारदर्शिता के आधार पर भर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवा देश के अन्य राज्यों में भी अपनी प्रतिभा से स्थान बना रहे हैं और दूसरे राज्यों के युवा भी यहां अवसर पा रहे हैं। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संकेत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में न तो भेदभाव होता है और न ही सिफारिश की संस्कृति, बल्कि योग्य युवाओं को ही अवसर मिलता है।

*गरीब, महिलाएं और किसानों के लिए योजनाएं*

मुख्यमंत्री ने बताया कि किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस पूरी तरह मुफ्त किया गया है, गरीब परिवारों को रियायती दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और पात्र महिलाओं के लिए ‘लाडो लक्ष्मी’ योजना शुरू की गई है। ऐसी महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं पंचायतों से जुड़े फैसलों के तहत लंबे समय से बसे ग्रामीण परिवारों को मालिकाना हक देने का निर्णय भी लिया गया है। किसानों के लिए 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है।

विकसित भारत की दिशा में तेज रफ्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र के बजट में विकसित भारत की स्पष्ट झलक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि आगामी हरियाणा का बजट जन आशाओं और उम्मीदों पर खरा उतरेगा।

तथ्य आधारित सुझावों से ही मजबूत होगा लोकतंत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि  1984 की घटनाओं से जुड़ी पीड़ा आज भी लोगों के मन में है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता जरूरी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब सरकार विपक्ष की बात भी सुने और जनहित के अच्छे सुझावों को स्वीकार करे। विधानसभा में भी विपक्ष को बार-बार तथ्य आधारित सुझाव देने के लिए कहा जाता है, जिन्हें सरकार अवश्य अपनाएगी, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाना लोकतंत्र को कमजोर करता है।

विदेश नीति से व्यापार और रोजगार को मजबूती

ट्रेड डील पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के कारण भारत के कई देशों के साथ मजबूत संबंध बने हैं, जिससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को मजबूती मिलेगी।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की राजनीति सेवा, पारदर्शिता और विकास पर आधारित है, जबकि विपक्ष आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता विकास और सुशासन की नीतियों को ही समर्थन देती रहेगी।
February 07, 2026

शिल्प मेले में हरियाणा की जेलों के बंदियों का हुनर प्रदर्शित कर रही 5 स्टॉल्स

शिल्प मेले में हरियाणा की जेलों के बंदियों का हुनर प्रदर्शित कर रही 5 स्टॉल्स

सुधार से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम कर रहा हरियाणा कारागार विभाग
चंडीगढ़— फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में इस वर्ष न केवल कलाकारों की कलाकारी, बल्कि हरियाणा कारागार विभाग की सुधारात्मक जेल नीति की सफलता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। हरियाणा प्रदेश की 18 जेलों के बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को मेले में प्रदर्शित और बिक्री के लिए रखा गया है, जो बंदियों के पुनर्वास और उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन की कहानी बयां कर रहे हैं।
मेले में कारागार विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल नंबर 1130 से 1133 , 1135 व 1136 पर बंदियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद उपलब्ध हैं। स्टॉल पर नक्काशीदार लकड़ी का फर्नीचर, बढ़ईगिरी के उत्कृष्ट नमूने और पेंटिंग, जेल की बेकरी के उत्पाद और शुद्ध एलोवेरा आधारित हर्बल उत्पाद, कढ़ाई, सिलाई, टेक्सटाइल और दैनिक उपयोग की हस्त निर्मित वस्तुएं उपलब्ध है। स्टॉल पर उपस्थित उत्पाद बाजार में मिलने वाले उत्पादों से सस्ते व भरोसेमंद है। इन उत्पादों की कीमत 50 रुपये से लेकर 60 हजार रुपये तक रखी गई है, जिन्हें पर्यटक इनकी गुणवत्ता और मजबूती के कारण काफी पसंद कर रहे हैं।
*बंदियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का किया जा रहा प्रयास*

हरियाणा कारागार विभाग की सुधारात्मक पहलों के तहत प्रदेश सरकार द्वारा जेलों में चलाए जा रहे व्यापक सुधार कार्यक्रमों के तहत बंदियों को विभिन्न व्यवसायों में व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। यह स्टॉल केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक संदेश है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर हर व्यक्ति सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ सकता है।
*पर्यटक कर रहे बंदियों के कौशल की सराहना*

शिल्प मेले में पर्यटक न केवल इन वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि बंदियों के कौशल और उनके सुधार के प्रति विभाग के प्रयासों की सराहना भी कर रहे हैं। यह पहल हरियाणा सरकार की आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को जेलों के भीतर भी प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रमाण है।
February 07, 2026

सोनीपत की युवा कलाकार नीतू स्कैच व पेंटिंग की कला कर रही रही प्रदर्शित

सोनीपत की युवा कलाकार नीतू स्कैच व पेंटिंग की कला कर रही रही प्रदर्शित

नीतू की कला ने शिल्प मेले में बिखेरे रचनात्मकता रंग

लाइव स्केच और कलरफुल पोर्ट्रेट में बना रही विशेष पहचान
चंडीगढ़— फरीदाबाद के अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में इस बार सोनीपत की युवा कलाकार नीतू के ब्रश और पेंसिल का हुनर न केवल बोल रहा है, बल्कि दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। मेले के शोर-शराबे के बीच, नीतू द्वारा लगाया स्टॉल एक जीवंत स्टूडियो का रूप ले चुका है, जहाँ कला प्रेमी ठहरकर पेंटिंग की बारीकियों को निहार रहे हैं। उनकी कला मेले के सबसे चर्चित और भीड़भाड़ वाले स्थलों में शामिल हो गई है, जहां पर्यटक उनकी कला को न केवल देख रहे हैं, बल्कि लाइव स्केच बनवाने का अनुभव भी ले रहे हैं।
शिल्प मेले में स्टॉल नंबर 1104 के समीप सोनीपत से आई नीतू द्वारा लाइफ स्केच, कलरफुल स्केच और पोर्ट्रेट आर्ट में अपनी कला प्रदर्शित कर रही है। वह अपने सामने व्यक्ति को बैठाकर लाइव स्केच तैयार कर रही है, जो देखने वालों के लिए बेहद आकर्षक अनुभव बन रहा है। उनकी कलाकृतियों में चेहरे के भाव, आंखों की गहराई और रंगों का संतुलन दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित कर रहा है। उनकी पेंटिंग में जीवन की सजीव और भावनाओं की गहराई साफ झलक रही है।

*हरियाणा सरकार द्वारा शिल्पकारों को उपलब्ध करवाया जा रहा अंतरराष्ट्रीय मंच*
नीतू ने हरियाणा सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार द्वारा उन्हें सूरजकुंड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध करवाकर उनकी कला को नई पहचान  दिला रहे है। सूरजकुंड मेले में अपनी कला का प्रदर्शन करना उनके लिए गर्व की बात है और यह अनुभव उन्हें नई प्रेरणा भी देता है।

Friday, February 6, 2026

February 06, 2026

हरियाणा सरकार ने मृतकों की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी जिलों में शव वाहन सेवाओं को सुनिश्चित किया - डॉ. सुमिता मिश्रा

हरियाणा सरकार ने मृतकों की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी जिलों में शव वाहन सेवाओं को सुनिश्चित किया - डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़ – हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक जिले में कम से कम एक चालू शव वाहन सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि मृत व्यक्तियों के सम्मानजनक परिवहन के लिए शव वाहन आवश्यक हैं। जबकि कई जिलों में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और विभिन्न एनजीओ के माध्यम से शव वाहन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, उन्होंने इन सेवाओं की उपलब्धता और संपर्क विवरण के बारे में सार्वजनिक जागरूकता में सुधार करने का निर्देश दिया।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया जाता है कि वे सुनिश्चित करें कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक चालू शव वाहन सेवा उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि यह सेवा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, प्रतिष्ठित एनजीओ या किसी अन्य विधिवत अधिकृत एजेंसी के माध्यम से व्यवस्थित की जा सकती है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने आगे निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सभी चालू शव वाहनों (भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी/एनजीओ /अधिकृत एजेंसियों द्वारा संचालित) के संपर्क नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं।
 प्रदर्शन स्थलों में जिला अस्पताल, उप-विभागीय अस्पताल, सीएचसी , पीएचसी , मेडिकल कॉलेज, मुर्दाघर, पोस्टमार्टम केंद्र और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थान शामिल हैं। इस उपाय का उद्देश्य इन सेवाओं का व्यापक प्रचार और जनता तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
डॉ. मिश्रा ने जोर देकर कहा कि इस मामले में अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि एम्बुलेंस विशेष रूप से सुसज्जित और एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए वाहन हैं जो आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और बीमार या घायल व्यक्तियों के परिवहन के लिए हैं।