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Tuesday, June 9, 2026

June 09, 2026

भारतीय थाली बढ़ा रही है डायबिटीज का खतरा! किन लोगों के लिए सही नहीं है दाल-रोटी

भारतीय थाली बढ़ा रही है डायबिटीज का खतरा! किन लोगों के लिए सही नहीं है दाल-रोटी
Haryana Bulletin News Desk : भारतीय खाने की पहचान उसकी संतुलित और स्वादिष्ट थाली से होती है। दाल, रोटी, चावल, सब्जी और सलाद से सजी थाली सदियों से हमारे खानपान का हिस्सा रही है। लेकिन बदलती जीवनशैली और तेजी से बढ़ रहे डायबिटीज के मामलों के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या पारंपरिक भारतीय थाली भी ब्लड शुगर बढ़ाने का कारण बन सकती है विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या भारतीय थाली में नहीं, बल्कि उसे खाने के तरीके और मात्रा में छिपी हुई है। अगर सही संतुलन न रखा जाए तो यही थाली कुछ लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की वजह बन सकती है।
*क्या सच में डायबिटीज बढ़ा सकती है भारतीय थाली*

भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां डायबिटीज के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डॉक्टर और डाइट एक्सपर्ट अब खानपान की आदतों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दाल, रोटी और चावल अपने आप में नुकसानदायक नहीं हैं। ये सभी संतुलित आहार का हिस्सा हैं। परेशानी तब शुरू होती है जब एक ही समय में जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाता है और थाली में प्रोटीन व फाइबर की मात्रा कम रह जाती है।
*भारतीय थाली में कहां हो रही है सबसे बड़ी गलती?*

अक्सर देखा जाता है कि लोग एक ही भोजन में दो-तीन रोटियां, एक कटोरी चावल, आलू वाली सब्जी और कभी-कभी मिठाई भी खा लेते हैं। यानी एक ही प्लेट में कई कार्बोहाइड्रेट स्रोत शामिल हो जाते हैं। जब शरीर को एक साथ इतनी अधिक मात्रा में कार्ब्स मिलते हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। लंबे समय तक यही आदत बनी रहे तो मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
*किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है*

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ लोगों को अपनी थाली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इनमें शामिल हैं

*प्रीडायबिटीज से जूझ रहे लोग*

*डायबिटीज के मरीज*

*मोटापे से परेशान लोग*

*हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति*

*इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या वाले लोग*

इन लोगों के लिए भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा नियंत्रित रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
*प्रोटीन और फाइबर की कमी बन रही बड़ी समस्या*

आजकल अधिकांश लोगों की थाली में कार्बोहाइड्रेट तो भरपूर होता है, लेकिन प्रोटीन और फाइबर पर्याप्त मात्रा में नहीं होते। कई लोग रोटी और चावल तो भरपेट खाते हैं, लेकिन दाल, पनीर, दही, अंडे, मछली या अन्य प्रोटीन युक्त चीजें कम मात्रा में लेते हैं। वहीं हरी सब्जियां और सलाद को सिर्फ औपचारिकता समझकर खाया जाता है। यही असंतुलन धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।
*बदलती लाइफस्टाइल भी है जिम्मेदार*

कुछ दशक पहले लोगों की दिनचर्या काफी सक्रिय हुआ करती थी। खेतों में काम करना, पैदल चलना और शारीरिक श्रम करना आम बात थी। ऐसे में शरीर अतिरिक्त कैलोरी को आसानी से खर्च कर देता था। लेकिन आज की जीवनशैली काफी बदल चुकी है। घंटों ऑफिस में बैठकर काम करना, कम शारीरिक गतिविधि और प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। ऐसे में भोजन का सही संतुलन पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
*क्या दाल-रोटी और चावल खाना छोड़ देना चाहिए*

इस सवाल का जवाब है बिल्कुल नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि दाल, रोटी और चावल भारतीय आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। बल्कि इन्हें सही मात्रा और संतुलन के साथ खाने की जरूरत है। अगर थाली में पर्याप्त मात्रा में सलाद, हरी सब्जियां, दाल, दही और अन्य प्रोटीन स्रोत शामिल किए जाएं, तो भोजन अधिक संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक बन सकता है।
*स्वस्थ भारतीय थाली कैसी होनी चाहिए*

एक संतुलित थाली में आधी प्लेट सब्जियां और सलाद एक चौथाई हिस्सा प्रोटीन (दाल, पनीर, दही, अंडे आदि) एक चौथाई हिस्सा कार्बोहाइड्रेट (रोटी या चावल) शामिल होना चाहिए। इस तरह का संतुलन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है और लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

Monday, June 8, 2026

June 08, 2026

प्राकृतिक कृषि मिशन को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित प्रयास आवश्यक हैं : राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत

प्राकृतिक कृषि मिशन को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित प्रयास आवश्यक हैं : राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत
चंडीगढ़ - गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक कृषि मिशन को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित प्रयास आवश्यक हैं , अगर इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो जमीन बंजर हो जाएगी।

 वे आज कुरुक्षेत्र में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा एवं क्लस्टर गठन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित "कृषि कार्यशाला" में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ,हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने इस बात पर जोर दिया कि प्राकृतिक कृषि अब देश की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद के उस दौर को याद किया जब कृषि वैज्ञानिकों ने खाद्य आत्मनिर्भरता के लिए प्रति हेक्टेयर 13 किलोग्राम नाइट्रोजन के प्रयोग की सलाह दी थी। इसके विपरीत, वर्तमान में प्रति एकड़ 13 बोरी रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किया जाता है। यूरिया, डीएपी और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ गंभीर बीमारियों में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि केवल रासायनिक उर्वरकों का उपयोग बढ़ाने से उत्पादन में वृद्धि नहीं होगी; बल्कि प्राकृतिक कृषि के माध्यम से मृदा उर्वरता बढ़ाना आवश्यक है।

राज्यपाल ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने हेतु प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कृषि विभाग के सभी अधिकारियों और राज्य विश्वविद्यालयों के कृषि वैज्ञानिकों से इस प्रयास में सहयोग करने का आग्रह किया। हरियाणा सरकार द्वारा किसानों के लिए आयोजित किये जा रहे प्रशिक्षण की सराहना की।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरा देश प्राकृतिक खेती के बारे में जानने और उसे अपनाने के लिए उत्सुक है, और हरियाणा को भी इसमें अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कार्यशाला में किसानों से पूछा, क्या हम अपने बच्चों के लिए बंजर भूमि छोड़ देंगे? क्या हम उन्हें प्रदूषित हवा और पानी के साथ छोड़ देंगे? क्या हम सभी को गंभीर बीमारियों के साथ छोड़ देंगे? क्या हम किसानों को कर्ज में डूबे रहने देंगे? अगर हम इस स्थिति को बदलना चाहते हैं, तो प्राकृतिक खेती को अपनाना अनिवार्य है।
राज्यपाल ने चेतावनी दी कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है और देश की भूमि का ऑर्गेनिक कार्बन स्तर गंभीर रूप से कम हो गया है, जिससे भूमि बंजर होने की स्थिति में पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए न तो शुद्ध भोजन उपलब्ध रहेगा और न ही पीने योग्य पानी।

उन्होंने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, जल स्रोत दूषित हो रहे हैं और कैंसर, हृदय रोग तथा किडनी फेलियर जैसी बीमारियों में वृद्धि देखी जा रही है।

प्राकृतिक खेती को समाधान बताते हुए उन्होंने कहा कि यह देशी गाय आधारित, कम लागत वाली और पर्यावरण के अनुकूल पद्धति है। इसमें गोबर, गोमूत्र, गुड़ और बेसन जैसे साधारण तत्वों से सूक्ष्म जीवाणुओं की वृद्धि कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जाती है।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्राकृतिक खेती ही एकमात्र विकल्प है जो इन सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी जमीन के छोटे से हिस्से पर भी प्राकृतिक खेती शुरू करें।
June 08, 2026

चुटकुलों से सरकार नहीं, सिनेमा हॉल चल सकते हैं: नायब सिंह सैनी

चुटकुलों से सरकार नहीं, सिनेमा हॉल चल सकते हैं: नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने धूरी की ऐतिहासिक धरती से फूंका परिवर्तन का बिगुल, पंजाब में डबल इंजन सरकार बनाने का किया आह्वान

कहा, पंजाब की जनता ‘आप’ के झूठे वादों व खोखले आश्वासनों से ऊब चुकी

आम आदमी पार्टी के नेताओं को क्रांतिकारी नहीं, बल्कि भ्रांतिकारी बताया
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब के धूरी में आयोजित विशाल जनसभा में राज्य में राजनीतिक परिवर्तन का आह्वान करते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री को चुटकुलों के अलावा कुछ और नहीं आता। चुटकुलों से सिनेमा हॉल तो चल सकते हैं लेकिन सरकार नहीं चल सकती। यही कारण है कि पंजाब की जनता अब सरकार के झूठे वादों और खोखले आश्वासनों की राजनीति से ऊब चुकी है और विकास, सुशासन तथा पारदर्शी प्रशासन की नई राह चुनने के लिए तैयार है। जनसभा में उमड़े भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धूरी की जनता का उत्साह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश में बदलाव की मजबूत लहर चल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता अपने आप को क्रांतिकारी बताते हैं लेकिन वास्तव में ये भ्रांतिकारी हैं जो अपनी कमियों को छिपाने के लिए दूसरों के कामों व उपलब्धियों के संबंध में जनता को भ्रमित करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि धूरी मुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है लेकिन मुख्यमंत्री तो पंजाब ही नहीं बल्कि धूरी से भी दूरी बना चुके हैं। पंजाब कभी विकास के मामले में अन्य राज्यों से काफी आगे होता था जिसे यहां की राजनीतिक पार्टियों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते पिछड़े राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। आज पंजाब में नशे के विरुद्ध युद्ध केवल अखबारों में विज्ञापन देकर ही लड़ा जा रहा है, धरातल पर कुछ काम नहीं हो रहा है।

 श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब का किसान देश का अन्नदाता है। इस अन्नदाता ने 2022 में ‘आप’ पार्टी पर भरोसा करके उसे वोट दिया लेकिन पंजाब में न तो किसानों की सभी फसलों को एमएसपी का लाभ मिला और न ही खराबे का उचित मुआवजा दिया जाता है। यह किसानों के साथ किया गया सबसे बड़ा विश्वासघात है जिसका जवाब किसान भाई आने वाले चुनाव में आम आदमी पार्टी को देंगे। इसके विपरीत हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां सरकार अपने किसानों की सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदती है। इसी प्रकार प्राकृतिक आपदा में किसान के नुकसान की भरपाई में भी हरियाणा सरकार काफी आगे है। पिछले साल हुई बरसात व बाढ़ से फसल खराब होने पर हरियाणा में किसानों को 16500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की गई है। फसल बेचने मंडी में आने वाले किसानों को जे-फार्म तुरंत ऑनलाइन मिलता है और 72 घंटे के भीतर फसल का पैसा किसान के खाते में भिजवा दिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने मुश्किल से कांग्रेस से पीछा छुड़वाया था, क्योंकि आम आदमी पार्टी ने यहां के लोगों से बड़े-बड़े वादे किए और उन्हें सब्जबाग दिखाए। पंजाब के भोले लोग इनकी बातों में आ गए जिसका नुकसान पंजाब आज तक उठा रहा है। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी केवल वादे करने में नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। मोदी जी चाहते हैं कि भारत विकसित बने। यदि पंजाब की जनता ठान ले और भाजपा का साथ दे तो पंजाब भी विकसित राज्य बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में पारदर्शी शासन और मेरिट आधारित व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले साढ़े 11 साल में हरियाणा में लगभग लाखों युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिली हैं, जिससे व्यवस्था में जनता का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं तथा गरीब परिवारों को राहत पहुंचाने वाली कल्याणकारी पहलों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो केवल घोषणाएं न करे, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता भी रखती हो। प्रदेश के किसानों, युवाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मजबूत नेतृत्व और जवाबदेह शासन की जरूरत है। पंजाब में केवल भाजपा ही सुशासन ला सकती है और पंजाब को विकास, निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। हरियाणा में भाजपा ने चुनाव घोषणा पत्र में 217 संकल्प लिए थे जिनमें से 63 संकल्प पहले साल में ही पूरे कर लिए गए और 153 संकल्पों पर तेज गति से काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में धूरी जैसे प्रगतिशील शहर आर्थिक गतिविधियों के केंद्र बिंदू रहे हैं लेकिन वर्तमान सरकार की उदासीन नीतियों ने इन शहरों को विकास की दौड़ में पीछे कर दिया है। पंजाब में अधिकतर उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसके विपरीत हरियाणा में डबल इंजन सरकार ने बीते साढ़े 11 साल में जो काम किए हैं वे आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। सरकार ने पारदर्शी शासन व्यवस्था लागू करके बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाया है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा आज हर क्षेत्र में विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि पंजाब में 80 हजार रुपये तक की सालाना आमदनी वाले परिवारों के बुजुर्गों को केवल 1500 रुपये महीना वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है जबकि हरियाणा में 3 लाख रुपये तक की आमदनी वाले परिवारों के बुजुर्गों को 3200 रुपये महीना पेंशन दी जा रही है। इसी प्रकार हरियाणा में पिछले साढ़े 11 साल में जरूरतमंद परिवारों को 1.60 लाख मकान दिए गए हैं और साढ़े 10 हजार नए मकान बनकर तैयार हैं जिन्हें जल्द ही लाभार्थियों को सौंप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में बहन-बेटियों को ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के तहत प्रतिमाह 2100 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। गरीब महिलाओं को रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में सिलेंडर दिया जा रहा है। इसके अलावा 3 करोड़ की आबादी वाले हरियाणा में 1.5 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत व चिरायु योजना के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज का लाभ मिल रहा है जबकि पंजाब के मोहल्ला क्लीनिक में लोगों को न तो दवाइयां मिलती है और न ही डॉक्टर।

उन्होंने जनता से आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को अवसर देने की अपील करते हुए कहा कि आने वाला चुनाव केवल सरकार चुनने का नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य, युवाओं के रोजगार, किसानों की समृद्धि और प्रदेश के समग्र विकास का चुनाव है। उन्होंने कहा कि जनता का प्रत्येक वोट पंजाब में एक मजबूत और विकासोन्मुख डबल इंजन सरकार के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने उपस्थितगण को पंजाब में सुशासन, विकास और जनकल्याण को केंद्र में रखकर नई राजनीतिक दिशा देने का संकल्प भी दिलाया।

इस अवसर पर भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों, प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, रणदीप सिंह दयोल, जिलाध्यक्ष सरजीवन जिंदल, डॉ. ओमकार सिंह, सरदार सतवंत सिंह पूनिया, सुखविंद्र ग्रेवाल व नृपेंद्र सिंह बड़ी संख्या में भाजपा नेता भी उपस्थित थे।
June 08, 2026

सत्ता हमारे लिए सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

सत्ता हमारे लिए सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने नारनौल में ‘नमो कमल’ का किया उद्घाटन

कहा: नारनौल और महेंद्रगढ़ क्षेत्र में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सत्ता हमारे लिए सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा दक्षिण हरियाणा के साथ किए गए भेदभाव को वर्तमान सरकार ने समाप्त किया है। राज्य सरकार ने विकास कार्यों में क्षेत्रीय असमानता को दूर करते हुए ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ की भावना को व्यावहारिक रूप से लागू किया है।
मुख्यमंत्री सोमवार को नारनौल में भाजपा के जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने पार्टी का झंडा फहराया तथा हवन यज्ञ में आहुति दी। समारोह की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने की।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने च्यवन ऋषि की तपोभूमि को नमन करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जिसने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए समय-समय पर अपने वीर सपूतों का सर्वोच्च बलिदान दिया है। महेंद्रगढ़ के विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नारनौल और महेंद्रगढ़ क्षेत्र में सड़क संपर्क व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब सहित अनेक विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही लंबे समय से बनी हुई जल समस्या के समाधान के लिए नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि नये संगठनात्मक केंद्र का उद्घाटन उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने महेंद्रगढ़ जिले के सभी कार्यकर्ताओं को नए जिला कार्यालय की स्थापना पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों के लिए कार्यालय केवल ईंट, पत्थर, सीमेंट और गारे से निर्मित भवन नहीं होते, बल्कि संगठन की आत्मा और कार्यकर्ताओं की ऊर्जा के केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए कार्यालय एक पवित्र संगठन मंदिर है, जहां से राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया जाता है तथा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास और कल्याण की योजनाएं पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जाता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संगठनात्मक ढांचा अन्य राजनीतिक दलों से भिन्न है। उन्होंने कहा कि जिन दलों में परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति हावी होती है, वहां संगठन कुछ लोगों तक सीमित रह जाता है, जबकि भाजपा में सामान्य कार्यकर्ता भी अपने परिश्रम, समर्पण और प्रतिभा के बल पर नेतृत्व की सर्वोच्च जिम्मेदारियां निभाने तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि यही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी विशेषता है। वर्ष 1980 में एक सशक्त, समृद्ध और शक्तिशाली भारत के निर्माण के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की गई थी। भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन तक संगठन ने निरंतर विस्तार प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण के बल पर आज भाजपा 14 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक राजनीतिक पार्टी बन चुकी है।
1984 की दो सीटों से लेकर आज तक का सफर कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1984 में केवल दो सीटों के साथ अपनी यात्रा शुरू करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने आज देशभर में अभूतपूर्व जनसमर्थन प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास और जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कार्यालय आम जनता की आशाओं और अपेक्षाओं का केंद्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी गरीब, किसान, युवा अथवा जरूरतमंद व्यक्ति जब कार्यालय में आए तो उसे यह विश्वास होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जाएगी और उसकी समस्या के समाधान के लिए गंभीर प्रयास किए जाएंगे। यही संगठन की कार्य संस्कृति और पहचान है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ हरियाणा को देश का अग्रणी एवं सर्वाधिक विकसित राज्य बनाने के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में हरियाणा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रदेशाध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री ने भी किया संबोधित

उद्घाटन समारोह में संबोधित करते हुए हरियाणा भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि यह कार्यालय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में अंत्योदय की भावना के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक हरियाणवी तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का कार्य करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए नहीं बल्कि सेवा में राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करती है। अहीरवाल की इस धरा ने हमेशा इंकलाब की आवाज को बुलंद करने का कार्य किया है। इसे लैंड ऑफ सोल्जर कहा जाता है। यह शहीदों की धरती है।
उद्घाटन समारोह में पहुंचने पर भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. यतेंद्र राव ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह, प्रदेश के महामंत्री श्री सुरेंद्र पूनिया, विधायक श्री ओम प्रकाश यादव, बावल के विधायक श्री अनिल यादव, विधायक श्री कंवर सिंह यादव, पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, पूर्व मंत्री श्री अभय सिंह यादव, पूर्व विधायक श्री सीताराम, श्री राव बहादुर सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
June 08, 2026

"ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस" किट ख़रीदेगी राज्य सरकार : श्याम सिंह राणा

"ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस" किट ख़रीदेगी राज्य सरकार : श्याम सिंह राणा 
अब पता चल सकेगा कि खेत में कितना कार्बन है 
खेत की जमीन को बंजर होने से बचाने की मुहिम 
चंडीगढ़ -हरियाणा की भूमि को बंजर होने से बचाने और किसानों को अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है, जिसके तहत प्रदेश में "ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस" किट खरीदी जाएंगी ताकि अब सटीक रूप से यह पता चल सके कि किसान के किस खेत में कितना ऑर्गेनिक कार्बन मौजूद है। 
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की इस विशेष मुहिम का मुख्य उद्देश्य खेतों की सेहत को सुधारना और जमीन को बंजर होने से रोकना है। 

उन्होंने "ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस" किट खरीदने के लिए आज हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल सिंह ढांडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि विभागीय अधिकारियों की तरफ से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार सहित कई अन्य उच्च अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के विवरण और सरकार की योजना को साझा करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कुल 332 "ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस" किट की खरीद को मंजूरी दे दी है, जिन पर राज्य सरकार द्वारा लगभग 2.5 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। 

इन आधुनिक किट्स के माध्यम से हरियाणा राज्य में सक्रिय कुल 106 सरकारी लैबोरेट्रीज (प्रयोगशालाओं) में किसानों के खेतों से लिए गए मिट्टी के सैंपलों की गहन जांच की जाएगी, जिससे किसानों को यह स्पष्ट रिपोर्ट मिल सकेगी कि उनकी मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की वास्तविक मात्रा कितनी है।

 वैज्ञानिक और कृषि मानकों का हवाला देते हुए उन्होंने आगे समझाया कि किसी भी खेत में अच्छी और भरपूर फसल उगाने के लिए मिट्टी के भीतर ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा कम से कम 0.5 से 0.75 प्रतिशत के बीच होनी ही चाहिए, जबकि एक आदर्श, सेहतमंद और बेहद उपजाऊ मिट्टी के लिए इस स्तर का 1 प्रतिशत या उससे अधिक होना सबसे उत्तम माना जाता है। 

उन्होंने चिंता जताते हुए यह भी कहा कि यदि मिट्टी की जांच के दौरान ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर 0.5 प्रतिशत से कम पाया जाता है, तो उस जमीन को बेहद कमजोर और बीमार श्रेणी में रखा जाता है क्योंकि ऐसी स्थिति आने पर मिट्टी की पौधों को जरूरी पोषण देने की प्राकृतिक क्षमता धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म होने लगती है।

भूमि की उर्वरता में कार्बन की भूमिका को रेखांकित करते हुए कृषि मंत्री ने विस्तार से बताया कि ऑर्गेनिक कार्बन को वास्तव में मिट्टी की आत्मा या उसकी रीढ़ की हड्डी कहा जाता है, क्योंकि यह जमीन के भीतर छिपे रहने वाले केंचुओं और पौधों के मददगार सूक्ष्मजीवों का मुख्य भोजन होता है। जब किसी खेत की मिट्टी में इसकी सही और पर्याप्त मात्रा बनी रहती है, तो मिट्टी की पानी सोखने की शक्ति बढ़ जाती है और वह नमी को लंबे समय तक अपने भीतर संजोकर रख सकती है, जिसका सीधा फायदा यह होता है कि फसलें कम पानी या सूखे जैसी विषम परिस्थितियों को भी आसानी से झेल जाती हैं। 

इसके साथ ही, यह जैविक कार्बन नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश जैसे बेहद जरूरी और मुख्य पोषक तत्वों को मिट्टी में मजबूती से बांधकर रखता है और उन्हें सीधे पौधों की जड़ों तक आसानी से पहुँचाने का काम करता है, जिसके परिणामस्वरूप फसलों की जड़ें जमीन में गहराई तक जाकर अच्छी तरह फैल पाती हैं और किसानों की रासायनिक खादों पर से निर्भरता भी काफी हद तक कम हो जाती है। 

 श्री श्याम सिंह राणा ने सरकार के मूल संकल्प को दोहराते हुए दृढ़ता के साथ कहा कि राज्य सरकार का अंतिम उद्देश्य कृषि क्षेत्र को न केवल लाभप्रद और टिकाऊ बनाना है, बल्कि इसके साथ-साथ किसानों को अत्यधिक रसायनिक खादों के चक्रव्यूह से मुक्ति दिलाकर उन्हें पूरी तरह से कर्जमुक्त खेती की तरफ आगे बढ़ाना है, क्योंकि वे दिल से चाहते हैं कि आने वाले समय में हरियाणा राज्य के भीतर हर किसान की "कर्जामुक्त खेती हो और हर किसान का कर्जामुक्त परिवार" हो।
June 08, 2026

जींद में युवती के साथ दरिंदगी! कैफे में कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और फिर पार की सारी हदें

जींद में युवती के साथ दरिंदगी! 

कैफे में कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और फिर पार की सारी हदें
जींद : हरियाणा के जींद से मानवता को तार-तार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 24 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। बताया जा रहा है कि युवक ने पहले लड़की की कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाया जिसके बाद उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है।
युवती ने महिला थाना पुलिस को शिकायत में बताया कि वह शहर की एक लाइब्रेरी में पढ़ने जाती है। उसके साथ ही वह कैफे में रोजाना चाय पीने चली जाती थी, जहां उसकी कैफे संचालक सचिन से जान-पहचान हो गई। 26 मई को जब वह कैफे में गई तो कैफे संचालक सचिन कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया और उसके साथ घिनौना काम किया। वहीं घटना के बाद से आरोपी फरार है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

Sunday, June 7, 2026

June 07, 2026

FSSAI Advisory: खाने-पीने की चीजों को अखबार में पैक करने या परोसने पर लगी रोक, FSSAI ने स्वास्थ्य के लिए बताया गंभीर खतरा

FSSAI Advisory: खाने-पीने की चीजों को अखबार में पैक करने या परोसने पर लगी रोक, FSSAI ने स्वास्थ्य के लिए बताया गंभीर खतरा
नई दिल्ली : देश में खान-पान की चीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली सर्वोच्च संस्था 'भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण' (FSSAI) के पश्चिमी क्षेत्र ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (Food Business Operators) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त एडवाइजरी जारी की है. FSSAI ने सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स, रेस्तरां और छोटे दुकानदारों को खाद्य पदार्थों को पैक करने, लपेटने (Wrapping) या परोसने के लिए अखबारों का उपयोग तुरंत प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया है. नियामक संस्था ने चेतावनी दी है कि अखबारों में खाना परोसने या लपेटने की यह पुरानी आदत उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गंभीर और जानलेवा जोखिम पैदा कर रही है। यह सख्त निर्देश मुंबई में हाल ही में सामने आई एक घटना के बाद जारी किया गया है.
*मुंबई के प्रसिद्ध वड़ा पाव वेंडर पर कार्रवाई के बाद लिया गया फैसला*

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह ताजा एडवाइजरी मुंबई में हुई एक प्रवर्तन कार्रवाई के बाद आई है, जहाँ एक बेहद प्रसिद्ध और लोकप्रिय वड़ा पाव विक्रेता को ग्राहकों को अखबार में खाना परोसते हुए पाया गया था. इस उल्लंघन की जानकारी मिलते ही FSSAI के पश्चिमी क्षेत्र के अधिकारियों और बृहन्मुंबई नगर निगम (MCGM) की संयुक्त टीम ने उस वेंडर के खिलाफ कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की.

नियामक ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पूरे क्षेत्र के शहरों और कस्बों में इस हानिकारक चलन को पूरी तरह से रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य पदार्थों को सुरक्षित और स्वास्थ्यकर (Hygienic) तरीके से संभाला व परोसा जाए.
*अखबारों का उपयोग क्यों माना जाता है सेहत के लिए असुरक्षित?*

खाद्य नियामक (FSSAI) ने वैज्ञानिक और तकनीकी कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया है कि अखबार प्रत्यक्ष रूप से भोजन के संपर्क में आने के लिए पूरी तरह से अनुपयुक्त हैं. इसका मुख्य कारण अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही (Printing Ink) है, जिसमें भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार के रसायन, पिगमेंट, बाइंडर्स और हानिकारक सीसा (Lead) जैसी भारी धातुएं शामिल होती हैं.
जब समोसा, वड़ा पाव या भजिया जैसी अत्यधिक गर्म, मसालेदार या तैलीय (Oily) चीजों को अखबार में लपेटा जाता है, तो ये जहरीले रसायन और सीसा बहुत तेजी से पिघलकर भोजन का हिस्सा बन जाते हैं. FSSAI ने आगाह किया है कि लंबे समय तक ऐसे दूषित तत्वों के संपर्क में रहने से मानव शरीर के भीतर गंभीर और पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं (Chronic Health Problems) उत्पन्न हो सकती हैं.
*केमिकल के अलावा बैक्टीरिया और गंदगी का भी बड़ा खतरा*

अखबारों से केवल रसायनों के ट्रांसफर होने का ही जोखिम नहीं है, बल्कि इनके कारण जैविक संक्रमण का भी खतरा बना रहता है. छपाई के बाद परिवहन, वितरण और हॉकरों द्वारा आम जनता तक पहुंचाए जाने के दौरान अखबार लगातार धूल, मिट्टी और अस्वास्थ्यकर मानवीय हाथों के संपर्क में आते हैं.
इसके चलते अखबारों की सतह पर बीमारी पैदा करने वाले खतरनाक सूक्ष्मजीव (Microorganisms) और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं. जब ऐसे अखबारों का उपयोग खाद्य पदार्थों को रखने या अतिरिक्त तेल सोखने के लिए किया जाता है, तो वे बैक्टीरिया सीधे भोजन को दूषित कर देते हैं, जिससे 'फूड-बॉर्न इलनेस' (दूषित भोजन से होने वाली बीमारियां) और पेट के संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.
*पैकेजिंग नियम 2018 के तहत पहले से ही प्रतिबंधित है यह चलन*

FSSAI ने सभी व्यवसायियों को याद दिलाया है कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि 'खाद्य सुरक्षा और मानक (पैकेजिंग) विनियम, 2018' के तहत भोजन के भंडारण, पैकिंग या वितरण के लिए अखबारों या इसी तरह की अन्य मुद्रित (Printed) सामग्रियों का उपयोग करने पर स्पष्ट और पूर्ण वैधानिक प्रतिबंध लागू है.

यह निर्देश खाद्य और पेय क्षेत्र से जुड़े सभी प्रकार के व्यवसायों पर समान रूप से लागू होता है, जिनमें शामिल हैं:
स्ट्रीट फूड वेंडर्स, मोबाइल वेंडर, फेरीवाले और छोटे रिटेलर्स.

रेस्तरां, ढाबे, क्लाउड किचन, कैटरर्स और क्विक-सर्विस रेस्तरां (QSRs).

*होटल और अस्थायी फूड स्टॉल.*

प्राधिकरण ने सख्त लहजे में कहा है कि भोजन को तैयार करने या संभालने के किसी भी चरण में अखबार का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए. इसमें पके हुए भोजन का अतिरिक्त तेल सोखने (Absorbing excess oil), बर्तनों या कंटेनरों के नीचे अखबार बिछाने, या कच्चे माल को ढकने जैसी सामान्य आदतें भी शामिल हैं.
*उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील; कड़े कानूनी एक्शन की तैयारी*

FSSAI ने देश के सभी खाद्य व्यवसायों से तत्काल प्रभाव से अनुमोदित 'फूड-ग्रेड' (खाद्य-मानक के अनुकूल) पैकेजिंग सामग्रियों को अपनाने और नियमों का पूरी तरह पालन करने का आग्रह किया है. इसके साथ ही, आम उपभोक्ताओं और जनता को भी सलाह दी गई है कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और यदि कोई दुकानदार या स्ट्रीट वेंडर अखबार में खाना पैक करके देता है या परोसता है, तो वहां से खाद्य सामग्री खरीदने से पूरी तरह परहेज करें.
केंद्रीय नियामक वर्तमान में देश के सभी राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' के तहत प्रवर्तन और औचक निरीक्षण की कार्रवाई को और अधिक मजबूत करने जा रहा है, ताकि बाजार में सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल (Sustainable) पैकेजिंग प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सके.
June 07, 2026

यूट्यूबर रचना गुर्जर: VIDEO में द‍िखाती थी गहने-लग्‍जरी लाइफ स्‍टाइल, फ‍िल्‍मी स्‍टाइल में लाखों की चोरी

यूट्यूबर रचना गुर्जर: VIDEO में द‍िखाती थी गहने-लग्‍जरी लाइफ स्‍टाइल, फ‍िल्‍मी स्‍टाइल में लाखों की चोरी
Rachna Gurjar Youtuber Shivpuri MP: सोशल मीडिया पर लग्जरी लाइफस्टाइल और सोने-चांदी के आभूषणों का दिखावा करना मध्य प्रदेश की एक महिला यूट्यूबर रचना गुर्जर को भारी पड़ गया. चोरों ने रात के अंधेरे में उनके घर पर धावा बोला और तकरीबन सात लाख रुपये के सामान पर हाथ साफ कर लिया. यह मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का है.
जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले के नरवर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहानी ख्यावदा गांव में जानी-मानी यूट्यूबर रचना गुर्जर के घर चोरी की यह बड़ी वारदात हुई. चोर उनके घर से लाखों की नकदी समेत कीमती गैजेट्स और सोने-चांदी के जेवर समेट ले गए. फिलहाल अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं लग सका है. पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है. इस चोरी के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर खासी चर्चा है कि वह अपने वीडियो में अक्सर कीमती गहने और आलीशान जीवनशैली दिखाया करती थीं, संभवतः इसीलिए चोरों ने उनके घर को अपना निशाना बनाया.
*सीसीटीवी कैमरों में र‍िकॉर्ड नहीं हुई चोरी*

यूट्यूबर रचना गुर्जर के अनुसार, चोरों ने देर रात घर की बाउंड्री पर लगी तार फेंसिंग को काटा और परिसर के भीतर दाखिल हुए. इसके बाद उन्होंने रचना और उनके पति ऊदल सिंह गुर्जर के कमरे की कुंडी को बाहर से बंद कर दिया, ताकि वे बाहर न आ सकें. चालाक चोरों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का रुख भी ऊपर की ओर मोड़ दिया, जिससे उनकी कोई भी हरकत कैमरे में रिकॉर्ड न हो सके.
घर के भीतर प्रवेश करने के बाद चोरों ने कमरों और अलमारियों के ताले तोड़कर 1 लाख 91 हजार रुपये की नकदी, सोने का मंगलसूत्र, सोने की चार अंगूठियां और चांदी की करधनी चुरा ली. इतना ही नहीं, जाते-जाते ये अज्ञात चोर लगभग 8 हजार रुपये की कीमत वाली 'रेडबुल ' सॉफ्ट ड्रिंक की एक पेटी भी अपने साथ समेट ले गए.
*कमरे का दरवाजा बाहर से बंद म‍िला*

रचना गुर्जर के मुताबिक, चोरी गए कुल सामान की अनुमानित कीमत 7 से 8 लाख रुपये के बीच है. रचना गुर्जर को इस चोरी का पता सुबह करीब 4 बजे तब चला, जब वह पानी पीने के लिए उठीं और उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद पाया. चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. पुलिस अब आसपास के घरों और दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और चोरों की सरगर्मी से तलाश में जुट गई है.
*रचना गुर्जर ने श‍िवपुरी एसपी से की कार्रवाई की मांग*

रचना गुर्जर ने इस संबंध में शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की है और चोरों की जल्द गिरफ्तारी व चोरी गया सामान बरामद कराने की मांग की है. रचना गुर्जर ने स्पष्ट कहा है कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक वह इस मामले को लेकर लगातार वीडियो बनाती रहेंगी और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज उठाती रहेंगी.
गौरतलब है कि यूट्यूबर रचना गुर्जर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आलीशान जीवनशैली से जुड़े वीडियो शेयर करके काफी लोकप्रिय हुई हैं. वह अपने घर के महंगे डेकोरेशन, सोने-चांदी के आभूषणों और ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी एक बेहतरीन लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो नियमित रूप से पोस्ट करती रहती हैं.
June 07, 2026

एक ओवरटेक और उजड़ गया परिवार! हरियाणा में दर्दनाक हादसे में SDO की मौ*त

एक ओवरटेक और उजड़ गया परिवार! हरियाणा में दर्दनाक हादसे में SDO की मौ*त
यमुनानगर : जिले के बिलासपुर-साढौरा मार्ग पर शुक्रवार को हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा कई सवाल छोड़ गया। कुछ सेकेंड की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बिजली निगम के एसडीओ विकास बंसल, जो रोज की तरह अपने काम पर निकले थे, शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। एक ओवरटेक की कोशिश ने ऐसा दर्दनाक मंजर खड़ा कर दिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
हादसा लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास उस समय हुआ, जब एक सरकारी बोलेरो और एक प्राइवेट बस के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। जानकारी के मुताबिक प्राइवेट बस जगाधरी से बिलासपुर की ओर आ रही थी, जबकि सरकारी बोलेरो साढौरा से जगाधरी की तरफ जा रही थी। बताया जा रहा है कि ओवरटेक के दौरान दोनों वाहन आमने-सामने आ गए और तेज रफ्तार के बीच इतनी भीषण भिड़ंत हुई कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। बस का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सरकारी बोलेरो में सवार बिजली निगम के एसडीओ विकास बंसल गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और उन्हें तुरंत बिलासपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें यमुनानगर रेफर कर दिया, लेकिन जिंदगी की जंग ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। इलाज के दौरान विकास बंसल ने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही बिजली निगम विभाग और जानने वालों में शोक की लहर दौड़ गई।
वहीं हादसे में प्राइवेट बस में सवार कई यात्री भी घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ को गंभीर चोट लगने की सूचना है।
घटना की जानकारी मिलते ही बिलासपुर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए यातायात सुचारु कराया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर रास्ता खुलवाया गया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह ओवरटेक के दौरान हुई लापरवाही बताई जा रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर कुछ सेकेंड की जल्दबाजी कितनी भारी पड़ सकती है। एक ओवरटेक की कीमत किसी की जिंदगी बन जाए या मौत, इसका फैसला कभी-कभी पलभर में हो जाता है। इस हादसे ने न सिर्फ एक अधिकारी की जान ली, बल्कि एक परिवार को गहरे सदमे में छोड़ दिया।

Saturday, June 6, 2026

June 06, 2026

लाखों श्रद्धालुओं को हल्के में लेने का मामला गूंजायेगे लोकसभा में : सतपाल ब्रह्मचारी

8 दिन बाद सोमवती अमावस्या, डूबकी लगाने को तीर्थ में नहीं पानी

सोनीपत सांसद ने शासन-प्रशासन के रूख पर जताई बड़ी नाराजगी

लाखों श्रद्धालुओं को हल्के में लेने का मामला गूंजायेगे लोकसभा में : सतपाल ब्रह्मचारी

भाजपा के झूठे आडंबर को लेकर देश भर में दिखायेंगे आईना
जींद : ( संजय कुमार ) अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जिस सोमवती अमावस्या के इंतजार में पांडवों ने 12 वर्षों तक इंतजार किया था उसके महत्व को सिस्टम संभालने वाले हल्के में ले रहे है। यही कारण है कि 15 जून को आ रही सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं के सामने तीर्थ के पानी में डूबकी लगाने की बड़ी समस्या खड़ी होती हुई दिखाई दे रही है। क्योंकि कच्छुआ गति से चल रहे जीर्णोधार के कारण तीर्थ के तालाब में महज एक-एक फूट पानी ही रह गया है। यह पानी भी बुरी तरह से सड़ चुका है। सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं के सामने पानी की समस्या का समाधान न होने पर सोनीपत-जींद सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने शासन-प्रशासन से बड़ी नाराजगी जाहिर की है। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि तीर्थ पांडू पिंडारा में पानी व्यवस्था के लिए वे अधिकारियों को कई बार बोल चुके है। मगर इस सरकार में व्यवस्था ऐसी है कि सभी को सांप सूंघा हुआ है। सरकार गूंगी, बहरी और अंधी हो चुकी है। ना आम की सुनवाई है ना खास की। सरकार के जो विधायक और मंत्री है वे जनता के हितो से मूंह मोड़ चुके है। सोमवती अमावस्या पर देश भर से 5 लाख से अधिक श्रद्धालु तीर्थ पांडू पिंडारा पर पहुंचकर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-अर्चना करते है। मगर 15 जून को आ रही सोमवती अमावस्या पर शासन-प्रशासन की और से अभी तक व्यवस्था बेहद निराशा जनक है। इस मसले को वे देश की सबसे बड़ी पंचायत में गूंंजाकर भाजपा सरकार की पोल खोलने का काम करेंगे। भाजपा सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं, लोगों की श्रद्धा को कितने हल्के में ले रही है यह बात लोकसभा में जग जाहिर करेंगे। अगर सोमवती अमावस्या पर समय रहते पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो इसके लिए सिस्टम संभालने वालो को जिम्मेदार ठहराते हुए उस दिन खास निर्णय लिया जायेगा। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि जिस विभाग को और जिस ठेकेदार को तीर्थ पांडू पिंडारा के जीर्णोधार का जिम्मा दिया हुआ है वे लोग, लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को कम आंक रहे है। 
अधिकारी कहते है कि पानी की पाईपो के जरिए नहाने की व्यवस्था कर दी जायेगी। मगर अधिकारी इस बात को भुल गये है कि 200-400 लोगों के लिए तो ऐसी व्यवस्था हो सकती है मगर लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह औपचारिकता बड़ी परेशानी देने वाली साबित होगी। ऐसे में सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ हुआ तो निश्चित तौर पर देश की राजधानी में गूंजने का काम करेंगे।
*पांडवों ने परिजनों की आत्मा की शांति के लिए किया था पिंडदान*

तीर्थ पांडु पिंडारा के लिए किदवंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की थी। सोमवती अमावस्या के आने पर युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से यह माना जाता है कि पांडु पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है।