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Thursday, July 2, 2026

July 02, 2026

"हिसार में एयरपोर्ट, लेकिन जींद में पासपोर्ट तक नहीं!" अग्रवाल समाज ने डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को लिखी खुली चिट्ठी, जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की उठाई मांग

"हिसार में एयरपोर्ट, लेकिन जींद में पासपोर्ट तक नहीं!" अग्रवाल समाज ने डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को लिखी खुली चिट्ठी, जिले में पासपोर्ट सेवा केंद्र की उठाई मांग
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के नाम एक खुली चिट्ठी जारी कर जींद जिले में जल्द से जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र (Passport Seva Kendra) स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्षों से जींद के लाखों नागरिक इस मूलभूत सुविधा से वंचित हैं, जबकि हरियाणा के अधिकांश जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हैं।
अग्रवाल समाज की बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. गोयल ने कहा कि "हिसार जैसे जिलों में एयरपोर्ट तक बन गए, लेकिन जींद में आज तक पासपोर्ट बनाने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं हो सकी।" उन्होंने कहा कि यह स्थिति जिले के लोगों के साथ अन्याय है और अब इस समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए।
बैठक का मुख्य विषय जींद में शीघ्र पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू करवाने को लेकर रणनीति बनाना था। इस दौरान सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन, मनीष गर्ग, गोपाल जिंदल, रजत सिंगला, राजेश गोयल, सुशील सिंगला, बजरंग लाल सिंगला, जय भगवान सिंगला, सुनील गोयल, सतीश गोयल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस जनहित के मुद्दे को प्रशासन और सरकार के समक्ष लगातार उठाया जाएगा तथा डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा से भी व्यक्तिगत रूप से मिलकर मांग रखी जाएगी।
डॉ. राजकुमार गोयल ने कहा कि वर्तमान में जींद जिले के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत सहित अन्य जिलों में जाना पड़ता है। इससे आम नागरिकों का समय और धन दोनों व्यर्थ होता है। सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, विदेश में पढ़ाई या नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों तथा विदेश यात्रा करने वाले लोगों को उठानी पड़ती है।
उन्होंने अपनी खुली चिट्ठी में डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा से आग्रह किया कि वे इस जनहित के मुद्दे को मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर जींद में जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करवाने की पहल करें।
डॉ. गोयल ने सुझाव दिया कि यदि सरकार इच्छाशक्ति दिखाए तो जींद के मुख्य डाकघर (हेड पोस्ट ऑफिस) में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र आसानी से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जींद हरियाणा का एक महत्वपूर्ण जिला है, लेकिन आज भी कई आवश्यक सरकारी सुविधाओं के लिए यहां के लोगों को दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है। उन्हें विश्वास है कि डिप्टी स्पीकर जनता की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक कदम उठाएंगे।
जब तक स्थायी केंद्र नहीं, तब तक लगें पासपोर्ट मेले
बैठक में सावर गर्ग और रामधन जैन ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि पूरे जींद जिले के लाखों नागरिकों की मांग है। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक स्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित नहीं होता, तब तक जिले में नियमित रूप से पासपोर्ट मेलों का आयोजन कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और उन्हें दूसरे जिलों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकांश जिलों में सुविधा, फिर जींद क्यों वंचित?
पवन बंसल और सोनू जैन ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, हिसार, करनाल, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, भिवानी, कैथल, सिरसा, रेवाड़ी, नारनौल, पलवल, यमुनानगर और नूंह सहित अधिकांश जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में जींद को अब तक इस सुविधा से वंचित रखना समझ से परे है।
1966 में जिला बना, लेकिन 60 साल बाद भी नहीं मिली सुविधा

मनीष गर्ग और सुशील सिंगला ने कहा कि 1 नवंबर 1966 को हरियाणा के गठन के साथ ही जींद जिला अस्तित्व में आया था। इसके बावजूद करीब छह दशक बीत जाने के बाद भी यहां स्थायी पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बाद में बने कैथल जैसे जिलों में भी यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि जींद आज भी इंतजार कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जींद के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने सरकार से मांग की कि जींद जिले के लाखों नागरिकों की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए जल्द से जल्द पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधा के लिए दूसरे जिलों में भटकना न पड़े।
July 02, 2026

SIR-2026 के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने संबंधी अफवाहों पर न दें ध्यान : श्री ए. श्रीनिवास- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

SIR-2026 के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने संबंधी अफवाहों पर न दें ध्यान : श्री ए. श्रीनिवास

- मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास की प्रदेश के नागरिकों से अपील
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने सोशल मीडिया पर "बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने" संबंधी खबर को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।

उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना व किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चल रहे गणना चरण के दौरान प्रत्येक वर्तमान मतदाता को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग किए प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होगा, उनका नाम केवल निर्धारित परिस्थितियों में ही जैसे डुप्लीकेट अथवा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण, मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, अनुपस्थित अथवा पता न चलने वाले मतदाता तथा गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में BLO स्थानीय जांच व निर्धारित प्रक्रिया और रिकॉर्ड के आधार पर ही कार्रवाई करेगा।

उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उनके संबंध में BLO स्थानीय जांच के आधार पर संभावित कारण जैसे अनुपस्थिति, स्थानांनतरण, मृत, डुप्लीकेट सूची तैयार करेगा। इस सूची पर बूथ लेवल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट की बैठक आयोजित की जाएगी तथा सूची को संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड एवं विभागीय वेबसाइट पर भी जारी किया जाएगा।

 सभी पात्र मतदाताओं को मिलेगा अवसर

14 जुलाई तक वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची 2026 में शामिल किया जाएगा। गणना चरण के दौरान किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा नहीं कराया जाएगा। मतदाता स्वयं, परिवार का कोई वयस्क सदस्य व ऑनलाइन माध्यम से भी गणना प्रपत्र भर सकता है।

दावा व आपत्ति का अवसर

श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। कोई भी पात्र नागरिक फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने तथा फॉर्म-8 के माध्यम से आवश्यक संशोधन कराने के लिए आवेदन कर सकता है।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा गलत प्रचार पर विश्वास न करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र अवश्य जमा करें, ताकि उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में सुरक्षित रूप से शामिल किया जा सके। 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में 1 जुलाई 2026 को दोपहर 2:00 बजे तक 95.09 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं तथा 32.66 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी पूरा किया जा चुका है। 

उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी जांच एवं सत्यापन के उपरांत ही SIR-2026 की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं।
July 02, 2026

टीबी मुक्त भारत ऐप’ के पंजीकरण में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा हरियाणा

निक्षय मित्र बनकर हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करें : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

 - ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ के पंजीकरण में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा हरियाणा
चंडीगढ़- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राज्य के लोगों से निक्षय मित्र बनकर हरियाणा को टीबी मुक्त बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने 'टीबी मुक्त भारत ऐप' का उपयोग भी बड़े पैमाने पर करने की अपील की है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज यहां कहा कि प्रधानमंत्री के 'टीबी मुक्त भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में हरियाणा ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी जिलों में नए लॉन्च किए गए 'टीबी मुक्त भारत ऐप' का उपयोग बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत यह ऐप मरीजों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) और स्वास्थ्य अधिकारियों को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का काम कर रहा है।

आरती सिंह राव ने बताया कि इस ऐप पर अब तक कुल पंजीकरणों की संख्या 32,643 तक पहुंच गई है, जिससे हरियाणा कुल पंजीकरण के मामले में देश भर में दूसरे स्थान पर आ गया है। इस ऐप पर हरियाणा के 22,266 स्वयंसेवकों ने मरीजों को भोजन की टोकरी (पोषण किट) के वितरण और मानसिक-सामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि 1,997 नए निक्षय मित्रों ने मरीजों को गोद लेने और उन्हें पोषण संबंधी व नैदानिक सहायता देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने ऐप की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस ऐप में 'खुशी ई-संगिनी' नाम से एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट शामिल है, जो 12 भाषाओं में उपलब्ध है। यह चैटबॉट टीबी के लक्षणों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ जीपीएस (GPS) के जरिए उपयोगकर्ताओं को नजदीकी जांच केंद्र ढूंढने में भी मदद करता है। यह ऐप पूरी तरह से मरीज-केंद्रित है, जहां टीबी के मरीज अपनी 'निक्षय आईडी' (Ni-kshay ID) का उपयोग करके लॉग इन कर सकते हैं और अपना व्यक्तिगत उपचार चार्ट देख सकते हैं। इसके साथ ही, मरीजों को समय पर दवा लेने के लिए प्रेरित करने के लिए इसमें दैनिक दवा रिमाइंडर (अलार्म) की विशेष सुविधा दी गई है ताकि उनका इलाज बीच में न छूटे।

 

आरती सिंह राव ने इस डिजिटल इकोसिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कॉर्पोरेट घराने, गैर-सरकारी संगठन (NGO) और आम नागरिक भी इस ऐप के माध्यम से आसानी से निक्षय मित्र के रूप में पंजीकरण कर मरीजों को पोषण और नैदानिक सहायता दे सकते हैं। स्वयंसेवक भोजन के पैकेटों के भौतिक वितरण की जिम्मेदारी उठा सकते हैं और पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिलीवरी के समय जियो-टैग्ड (स्थान की जानकारी युक्त) और टाइम-स्टैम्प (समय की जानकारी युक्त) वाली तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं। इसके अलावा आम जनता भी इस ऐप का उपयोग टीबी के लक्षणों, रोकथाम के तरीकों को जानने और इस बीमारी से जुड़े भ्रमों को दूर करने के लिए कर सकती है।

नेशनल हैल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर एस ढिल्लों ने बताया कि ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों जैसे एसटीएस (STS), एसटीएलएस (STLS), टीबीएचवी (TBHV) और सीएचओ (CHO) को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है ताकि वे मरीजों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाकर उनके दैनिक दवा रिमाइंडर को सेट करने में मदद कर सकें।

डॉ. ढिल्लों ने आम जनता से अपील की है कि वे गूगल प्ले स्टोर से 'टीबी मुक्त भारत ऐप' को जरूर डाउनलोड करें। उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने और निक्षय मित्र बनकर इस सामाजिक कार्य में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया है, ताकि सक्रिय जनभागीदारी के माध्यम से हरियाणा देश का पहला टीबी मुक्त राज्य बनने की राह पर अग्रणी बना रहे।
July 02, 2026

प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त : आरती सिंह राव'आओ मिलकर डेंगू रोकें': स्वास्थ्य मंत्री

प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त : आरती सिंह राव
'आओ मिलकर डेंगू रोकें': स्वास्थ्य मंत्री

-जुलाई को 'डेंगू रोधी महीने' के रूप में मनाने का आह्वान
चंडीगढ़ - हरियाणा में मानसून की दस्तक के साथ ही स्वास्थ्य विभाग डेंगू के खिलाफ पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश की जनता को सचेत रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने "आओ मिलकर डेंगू रोकें" का नारा देते हुए राज्य के नागरिकों से अपील की है कि वे जुलाई महीने को 'डेंगू रोधी महीने' के रूप में मनाएं और अपने आस-पास पानी जमा न होने दें।

उन्होंने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो मुख्य रूप से दिन के समय काटता है और हमेशा रुके हुए साफ पानी में ही पनपता है। स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और "पानी ठहरेगा जहां - मच्छर पनपेगा वहां" की बात को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है।

 आरती सिंह राव ने प्रदेशवासियों को सलाह दी है कि वे प्रत्येक रविवार को अपने घरों में और शुक्रवार को अपने कार्यालयों में 'सुखा दिवस' जरूर मनाएं। इस दिन सभी पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज के पीछे बनी ट्रे, गमले तथा गमलों के नीचे रखी ट्रे को खाली करके कम से कम 24 घंटे तक सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे और लार्वा पूरी तरह नष्ट हो जाएं।

इसके साथ ही उन्होंने छतों पर रखी पानी की टंकियों को हमेशा ढक्कन लगाकर बंद रखने तथा मानसून की बरसात शुरू होने से पहले छत पर पड़े बेकार प्लास्टिक के सामान, पुराने टायर और नारियल के खोल आदि को साफ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घरों के आस-पास के गड्ढों को मिट्टी से भरवा दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छर रोधी क्रीम या कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें।

स्वास्थ्य मंत्री ने हरियाणा सरकार की ओर से राज्य के नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा के प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स की सुविधा पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रत्येक जिले के नागरिक अस्पतालों में कुल 27 सरकारी डेंगू जांच प्रयोगशालाएं क्रियाशील हैं, जहां डेंगू की जांच पूरी तरह नि:शुल्क की जा रही है। निजी क्षेत्र पर नियंत्रण की बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि सभी प्राइवेट लैब को एलाइजा आधारित एनएस-1 एवं आई.जी.एम. डेंगू टेस्ट अधिकतम 600 रुपये में ही करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए नागरिक अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या जिला मलेरिया अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को डेंगू के लक्षणों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि अकस्मात तेज बुखार होना, अचानक तेज सिर दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना और आंखों के पीछे दर्द होना (जो आंखें घुमाने से बढ़ता है), इसके मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने जनता को सख्त हिदायत दी है कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में जाकर खून की मुफ्त जांच करवाएं। उन्होंने विशेष तौर पर आगाह किया कि मरीज हमेशा चिकित्सक की सलाह से ही दवाई खाएं और भूलकर भी स्वयं कोई दवा न लें। स्वास्थ्य मंत्री ने अंत में संदेश दिया कि यदि हमें इस बीमारी को अपने राज्य से दूर रखना है, तो हम सबको मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
July 02, 2026

अग्निपथ योजना’ के तहत हरियाणा में होंगी सेना भर्ती रैलियां ,20 जुलाई से चार चरणों में होगी भर्ती

अग्निपथ योजना’ के तहत हरियाणा में होंगी सेना भर्ती रैलियां

20 जुलाई से चार चरणों में होगी भर्ती

अग्निवीरों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करने को बनेगा पोर्टल

सरकारी स्कूलों में ’नो योर आर्म्ड फोर्सेज’ नाम से कॉर्नर स्थापित करने का प्रस्ताव
चंडीगढ़-हरियाणा में ’अग्निपथ योजना’ के तहत भारतीय सेना की भर्ती रैलियों का आयोजन किया जाएगा। भर्ती रैलियां 20 से 27 जुलाई तक चार चरणों में आयोजित की जाएंगी। राज्य सरकार ने इस व्यापक भर्ती अभियान के सफल संचालन के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को सेना अधिकारियों के साथ तालमेल स्थापित कर भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

राज्य स्तरीय संचालन समिति (स्टेट स्टीयरिंग कमेटी) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने भर्ती कार्यक्रम, जिला-वार तैयारियों तथा विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा का देश की सशस्त्र सेनाओं में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में राज्य प्रशासन की जिम्मेदारी है कि भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले युवाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहयोग मुहैया कराया जाए।
बैठक में अम्बाला स्थित जोनल भर्ती कार्यालय (जेडआरओ) के उप-महानिदेशक ब्रिगेडियर आर.एस. चिब ने बताया कि पहली भर्ती रैली 20 जुलाई से 27 जुलाई तक रोहतक में आयोजित की जाएगी, जिसमें झज्जर, पानीपत, रोहतक और सोनीपत जिलों के अभ्यर्थी भाग लेंगे।

 दूसरी रैली 2 से 18 सितंबर तक भिवानी में आयोजित की जाएगी, जिसमें भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। तीसरी रैली 12 से 25 अक्टूबर तक अंबाला में आयोजित होगी, जिसमें अंबाला, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, यमुनानगर तथा चंडीगढ़ के अभ्यर्थी भाग लेंगे। अंतिम चरण की भर्ती रैली जनवरी से मार्च, 2027 के बीच हिसार में आयोजित की जाएगी, जिसमें हिसार, हांसी, जींद, फतेहाबाद और सिरसा जिलों के अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को विस्तृत जानकारी के लिए क्षेत्रीय सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
मुख्य सचिव ने भर्ती रैलियों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इनमें भर्ती स्थलों की तैयारी, अभ्यर्थियों एवं सेना के अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, यातायात नियंत्रण, परिवहन, पेयजल, स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस, अग्नि सुरक्षा तथा अन्य नागरिक सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने संबंधित उपायुक्तों को व्यक्तिगत रूप से तैयारियों की निगरानी करने तथा रैलियों के आरंभ होने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, सेना भर्ती संगठन के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने पर भी बल दिया।

श्री रस्तोगी ने प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए, जो सैन्य अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे तथा भर्ती रैलियों के आयोजन के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराएंगे।
बैठक में अधिक से अधिक युवाओं को सशस्त्र बलों में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने संबंधी पहल पर भी चर्चा की गई। इस दौरान हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ’नो योर आर्म्ड फोर्सेज’ (अपने सशस्त्र बलों को जानें) नामक विशेष कॉर्नर स्थापित करने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग को स्कूलों में उपयुक्त स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। जोनल भर्ती कार्यालय सेना में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देने तथा विद्यार्थियों को सैन्य सेवा के लिए प्रेरित करने संबंधी प्रदर्शन सामग्री विकसित करेगा।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग को निर्देश दिए कि अग्निवीरों का समग्र डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल पर अग्निवीरों की योग्यता, कौशल, प्रशिक्षण तथा अनुभव संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को बेहतर रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना है।

बैठक में सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेन्द्र कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री संजय जून तथा सूचना, जन संपर्क, एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Wednesday, July 1, 2026

July 01, 2026

32 साल की सेवा के बाद डा. रमेश पांचाल हुए सेवानिवृत्त

32 साल की सेवा के बाद डा. रमेश पांचाल हुए सेवानिवृत्त

कोराना काल में सबसे पहला सैंपल व सबसे अधिक सैंपल लेने का बनाया रिकार्ड

पांच लाख लोगों की ओपीडी, कोविड काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने किया था सम्मनित
जींद : जींद जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में डिप्टी सिविल सर्जन के रूप में कार्यरत डा. रमेश पांचाल 32 साल की सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। कोरोना काल में जींद में पहला सैंपल डा. रमेश पांचाल ने लिया था। उन्होंने पूरे प्रदेश में पांच लाख ओपीडी करके भी रिकार्ड बनाया है। कोरोना काल में 35 हजार सैंपल का भी उनका रिकार्ड है। प्रदेश के पहले दंतक विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डा. रमेश पांचाल ही बने थे।
गांव घिमाना के रहने वाले डा. रमेश पांचाल का 1968 में जन्म हुआ था। इनके पिताजी एक साधारण से मिस्त्री थे। उन्होंने अपनी मेहनत से डा. रमेश पांचाल को पढ़ाया। 1994 में रमेश पांचाल ने नागरिक अस्पताल जींद में एक दंतक सर्जन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। अपनी सेवा के 30 साल उन्होंने जींद के ही नागरिक अस्पताल में बिताए। बीच में वह एमडीए करने के लिए गए थे।
*पांच लाख मरीजों की ओपीडी*

डा. रमेश पांचाल के नाम प्रदेश में सबसे अधिक ओपीडी का रिकार्ड भी है। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान पांच लाख मरीज देखे। डिप्टी सिविल सर्जन बनने के बाद भी वह ओपीडी करते थे। मंगलवार व वीरवार को दो दिन तक मरीज उनका ओपीडी के लिए इंतजार करते थे। वहीं 2020 में जब कोरोना महामारी की शुरुआत हुई तो डा. रमेश पांचाल ने ही पहला सैंपल लिया था। हालांकि यह काम डेंटल सर्जन का नहीं थाए उसके बाद भी वह आगे आए सैंपल लेने शुरू किए। डा. रमेश पांचाल ने कोरोना काल के दौरा 35 हजार लोगों के सैंपल लिए। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनको इसके लिए सम्मानित भी किया था। डा. रमेश पांचाल जब कैंसर के डिप्टी सिविल सर्जन थेए उन्होंने चंडीगढ़ में हुई स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक में कैंसर मरीजों को पेंशन देने की योजना शुरू करने की मांग उठाई थी। हालांकि इसके बाद कई जगह से यह मांग उठी। दो साल बाद सरकार ने बजट में कैंसर मरीजों के लिए पेंशन की घोषणा की।
*100 के आसपास बच्चों के करवाए दिल के आपरेशन*

डा. रमेश पांचाल मेंटल हेल्थ के जब डिप्टी सिविल सर्जन थे तो सरकार की योजना के अनुसार छोटे बच्चों के दिल के आपरेशन करवाए। जिन बच्चों के बचपन से दिल में छेद था, उनको यह सुविधा मिलती थी। कई बच्चों के अभिभावकों के साथ डा. रमेश पांचाल खुद मोहाली के फोर्टिज अस्पताल गए और वहां आपरेशन करवाकर लाए। जो बच्चे आंगनबाड़ी जाते हैं, उनके लिए इस प्रकार की योजना सरकार ने लागू की है। वहीं डा. रमेश पांचाल ने तंबाकू कंट्रोल के डिप्टी सिविल सर्जन रहते हुए अनेक लोगों को तंबाकू छोडऩे के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा डा. रमेश पांचाल ने एक हजार से अधिक लोगों के सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान करते हुए चालान भी काटे हैं।

Tuesday, June 30, 2026

June 30, 2026

सरसों चोरी की वारदात का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी की सरसों, नकदी व वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद

सरसों चोरी की वारदात का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, चोरी की सरसों, नकदी व वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद
चरखी दादरी : पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार के कुशल निर्देशन में चरखी दादरी पुलिस ने नई अनाज मंडी में सरसों के कट्टे चोरी करने की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की गई सरसों, चोरी की रकम में से बची नकदी तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार ने बताया कि 29 जून 2026 को अनिल निवासी गांव मौड़ी, हाल दुकान नंबर-227, नई अनाज मंडी चरखी दादरी द्वारा थाना शहर चरखी दादरी में शिकायत दी गई थी कि उसकी दुकान पर रखे सरसों के कट्टों में से अज्ञात व्यक्तियों ने चोरी कर ली है। शिकायतकर्ता ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर दो युवकों को मोटरसाइकिल पर सरसों के कट्टे ले जाते हुए देखा। रिकॉर्ड मिलान करने पर शिकायतकर्ता के करीब छह कट्टे सरसों चोरी होना पाया गया, जिनकी कीमत लगभग 18 हजार रुपये थी।
शिकायत के आधार पर थाना शहर चरखी दादरी में मामला दर्ज कर जांच हेड कांस्टेबल बबलू द्वारा शुरू की गई। जांच के दौरान मोटरसाइकिल के मालिक से पूछताछ की गई, जिसने बताया कि उक्त बाइक उसके रिश्तेदार मुकेश के पास थी, जो नई सब्जी मंडी में सब्जी बेचने का कार्य करता है।
पुलिस टीम ने लगातार छापेमारी एवं तकनीकी जांच के आधार पर मुकेश निवासी पातुवास महराणा, हाल नई सब्जी मंडी चरखी दादरी तथा निखिल निवासी गामड़ी, जिला चरखी दादरी को रामबाग क्षेत्र से नियमानुसार गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चोरी किये दो कट्टे सरसों बरामद की गई। इसके अलावा चोरी की गई सरसों बेचकर प्राप्त राशि में से आरोपी मुकेश के कब्जे से 600 रुपये तथा आरोपी निखिल के घर से 700 रुपये बरामद किए गए। पूछताछ एवं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
June 30, 2026

हरियाणा से जापान तक प्रतिभा का सेतु बनेगा जे.सी. बोस विश्वविद्यालय

हरियाणा से जापान तक प्रतिभा का सेतु बनेगा जे.सी. बोस विश्वविद्यालय

 - जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने किया विश्वविद्यालय का दौरा

- कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय ने रखा तीन-चरणीय कार्ययोजना का प्रस्ताव
चण्डीगढ - भारत-जापान सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने आज जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फुकुओका प्रीफेक्चरल गवर्नमेंट के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उप महानिदेशक श्री नाकानो शिन्या ने किया। प्रतिनिधिमंडल में फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर मानव संसाधन आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग तथा संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। यह यात्रा विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में फुकुओका स्थित उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। यह पहल जापान सरकार के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय पेशेवरों को जापान में अवसर उपलब्ध कराए जाने हैं।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से सेतु (स्ट्रैटेजिक एक्सचेंज फॉर टैलेंट एंड यूनिवर्सिटी कोलैबोरेशन) - प्रतिभा एवं विश्वविद्यालय सहयोग के लिए रणनीतिक आदान-प्रदान का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पहल के अंतर्गत विश्वविद्यालय ने स्वयं को हरियाणा के लिए जापान सहयोग का केंद्र विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की, जिसके माध्यम से प्रतिभा संवर्धन, उद्योग सहयोग, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट तथा छात्र एवं शिक्षक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय ने एक सुव्यवस्थित तीन-चरणीय प्रतिभा विकास मॉडल भी प्रस्तावित किया, जिसमें प्रथम चरण में इंटर्नशिप, द्वितीय चरण में कॉर्पोरेट नेटवर्किंग एवं भर्ती तथा तृतीय चरण में दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। यह मॉडल भारत सरकार के कुशल भारतीय प्रतिभाओं को जापान से जोड़ने के राष्ट्रीय उद्देश्य को भी सुदृढ़ करेगा।

 कार्यक्रम के प्रारंभ में डीन (शैक्षणिक मामले) प्रो. अतुल मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय एवं कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने अपने संबोधन में भारत और जापान के साझा सांस्कृतिक मूल्यों एवं कार्य संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1969 में भारत-जर्मनी संयुक्त परियोजना के रूप में स्थापित यह विश्वविद्यालय कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप इनक्यूबेशन के क्षेत्र में सशक्त पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का जापान के एहिमे विश्वविद्यालय के साथ पहले से ही शैक्षणिक समझौता है तथा विश्वविद्यालय जापान के लिए प्रशिक्षित एवं उद्योग-उन्मुख मानव संसाधन तैयार करने हेतु तीन-चरणीय संरचित मॉडल विकसित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

डीन एलुमनाई अफेयर्स प्रो. संजीव गोयल ने विश्वविद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों एवं फुकुओका प्रीफेक्चर के साथ प्रस्तावित सहयोग पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

अपने संबोधन में श्री नाकानो शिन्या ने फुकुओका प्रीफेक्चर का परिचय देते हुए बताया कि वहाँ लगभग 400 सेमीकंडक्टर आधारित उद्योग कार्यरत हैं तथा यह क्षेत्र जापान के प्रमुख स्टार्टअप एवं औद्योगिक नवाचार केंद्रों में से एक है। उन्होंने वर्ष 2025 में भारत के प्रधानमंत्री की जापान यात्रा का भी उल्लेख किया।

फुकुओका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सचिव जनरल श्री मिसावा रेइइचिरो ने संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के साथ हुए समझौते के अंतर्गत संचालित छात्र सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का उल्लेख किया। कार्यक्रम का प्रभावी समन्वय आईजे काकेहाशी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री संजय पांडा ने किया तथा उन्होंने अनुवाद संबंधी सहयोग भी प्रदान किया।

संवाद सत्र के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के औद्योगिक केंद्र में स्थित विश्वविद्यालय की रणनीतिक स्थिति, जापानी कंपनियों से जुड़े प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के व्यापक नेटवर्क तथा जापानी उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित कौशल विकास प्रणाली की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों को जापान में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय में जापानी भाषा पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएँ। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत सेतु प्रस्ताव पर जापान सरकार के स्तर पर सकारात्मक विचार किए जाने तथा शीघ्र ही औपचारिक प्रतिक्रिया देने का भी आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. अजय रँगा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जापानी प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया तथा विश्वविद्यालय की ओर से दीर्घकालिक एवं सार्थक भारत-जापान साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम का समापन प्रतिनिधिमंडल के विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी, विश्वविद्यालय स्टूडियो तथा केंद्रीय अनुसंधान सुविधा के भ्रमण के साथ हुआ।
June 30, 2026

रेवाड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में खेत बचाओ अभियान का राष्ट्रीय समापन समारोह आयोजित

रेवाड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में खेत बचाओ अभियान का राष्ट्रीय समापन समारोह आयोजित

-केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का किया शुभारंभ

-विकसित कृषि और समृद्ध किसान के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता: श्री शिवराज सिंह चौहान 

-केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, हरियाणा ने दिखाई पूरे देश को राह, किसान हितैषी नीतियों से बना कृषि विकास का मॉडल

-हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला: श्री नायब सिंह सैनी

-हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 से सशक्त होंगे किसान, बढ़ेगी आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री

-मुख्यमंत्री ने कहा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही भविष्य की समृद्ध कृषि की नींव

-केंद्रीय मंत्री तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
रेवाड़ी : देशभर में किसानों को टिकाऊ एवं लाभकारी खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाए गए खेत बचाओ अभियान का मंगलवार को जिला रेवाड़ी के बावल में भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की।
  इस अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रोफेसर बलदेव राज कंबोज ने सभी अतिथियों का समारोह में पहुंचने पर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
  रेवाड़ी जिला के बावल स्थित कृषि महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संयुक्त रूप से कृषि के नवीनतम नवाचारों पर आधारित कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी तथा हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए जनभागीदारी आधारित प्रयासों को और अधिक गति देने का संकल्प दोहराया गया।

*उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता -श्री शिवराज सिंह चौहान*
  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है, लेकिन विकसित भारत का निर्माण उन्नत कृषि और समृद्ध किसान के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं और किसानों की समृद्धि ही भारत की समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि को लाभकारी, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों और किसानों की सक्रिय भागीदारी से भारत विश्व की अग्रणी कृषि शक्ति के रूप में और अधिक मजबूत होगा।

*केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, हरियाणा ने दिखाई पूरे देश को राह, किसान हितैषी नीतियों से बना कृषि विकास का मॉडल*
  श्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा ने कृषि क्षेत्र में पूरे देश के सामने एक प्रेरणादायी मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उपलब्ध कराने वाला अग्रणी राज्य है। इसके साथ ही भावांतर भरपाई योजना, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, मेरा पानी-मेरी विरासत जैसी योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों को हरियाणा की इन पहलों से सीख लेने की आवश्यकता है।
  कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा केवल देश के अन्न भंडार को भरने वाला अग्रणी राज्य ही नहीं, बल्कि कृषि क्रांति का मजबूत केंद्र भी है। कभी भारत को विदेशों से खाद्यान्न आयात करना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों की मेहनत के कारण देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान देश के 140 करोड़ नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यही नहीं, प्रदेश के युवा सीमाओं पर देश की रक्षा करने और खेलों में भारत का गौरव बढ़ाने में भी अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा वास्तव में खेती, सैनिक परंपरा और खेल प्रतिभा—तीनों क्षेत्रों में पूरे देश के लिए प्रेरणा का केंद्र है।
संतुलित खाद का उपयोग कर बचाएं मिट्टी की सेहत- यही खेत बचाओ अभियान का मूल उद्देश्य -श्री शिवराज सिंह चौहान
  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे आवश्यकता के अनुसार ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लगातार प्रभावित हो रही है, पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ रहा है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और इसकी उर्वरता को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान आज समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अब यह जन-जन का अभियान बनकर खेतों तक पहुंचेगा और आने वाली पीढिय़ों के लिए उपजाऊ भूमि तथा समृद्ध कृषि की नींव मजबूत करेगा।

*हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला - श्री नायब सिंह सैनी*
  समारोह को संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा कृषि क्षेत्र में अपनी अद्वितीय पहचान बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के केंद्रीय खाद्यान्न भंडार में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य है, जो प्रदेश के किसानों की मेहनत, समर्पण और कृषि के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि हरियाणा भविष्य में भी देश की अन्न शक्ति के रूप में अपनी अग्रणी भूमिका निभाता रहे।

*हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 से सशक्त होंगे किसान, बढ़ेगी आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति - मुख्यमंत्री*
 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में आज से हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का शुभारंभ किया जा रहा है, जो छोटे एवं सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा में कृषि, बागवानी और डेयरी क्षेत्रों से जुड़े लगभग 775 किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) सक्रिय हैं। नए मिशन के माध्यम से इन संगठनों को और अधिक मजबूत बनाते हुए कृषि आधारित सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। आधुनिक आपूर्ति श्रृंखला, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराकर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाया जाएगा। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा हरियाणा की कृषि मूल्य श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी।

*मुख्यमंत्री ने कहा, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही भविष्य की समृद्ध कृषि की नींव*
 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनिश्चितता भी बढ़ रही है। ऐसे में हरियाणा सरकार ने कृषि विकास का नया मंत्र दिया है। उत्पादन भी बढ़े और प्राकृतिक संसाधन भी बचें। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि ऐसी कृषि पद्धतियां अपनाई जाएं, जो वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वस्थ धरती और पर्याप्त जल संसाधन भी सुरक्षित रखें।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, फसल विविधिकरण और जलवायु अनुकूल कृषि को अपनी कृषि नीति का मूल आधार बनाया है। रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग पर रोक लगाने के लिए हर खेत स्वस्थ खेत और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मिट्टी की जांच करवाकर वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें।

*हरियाणा में खेत बचाओ अभियान को मिलेगी नई गति- श्री श्याम सिंह राणा*
 हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए खेत बचाओ अभियान को प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक माह का कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों को टिकाऊ एवं वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करने का जन आंदोलन है। हरियाणा सरकार कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्रों तथा किसान उत्पादक संगठनों के सहयोग से इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाकर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल बचत और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक करेगी।
  श्री राणा ने किसानों से आह्वान किया कि वे मिट्टी की जांच करवाकर वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें तथा आवश्यकता से अधिक रासायनिक खाद के उपयोग से बचें। उन्होंने कहा कि संतुलित खाद का उपयोग न केवल मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि उत्पादन लागत कम करने, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढिय़ों के लिए कृषि भूमि को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि हरियाणा के किसान इस अभियान को जनभागीदारी का आंदोलन बनाकर हरियाणा को टिकाऊ और समृद्ध कृषि का अग्रणी राज्य बनाएंगे।

*खेत बचाओ अभियान का समापन नहीं, बल्कि किसानों तक नवाचार पहुंचाने की नई शुरुआत- डॉ. मांगीलाल जाट*
 भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट ने कहा कि 1 जून से 30 जून तक चले खेत बचाओ अभियान का समापन वास्तव में नई शुरुआत है। पिछले एक महीने के दौरान किसानों के साथ साझा किए गए वैज्ञानिक नवाचारों और आधुनिक कृषि तकनीकों को अब खेतों में लागू करने का समय आ गया है।
  डॉ. जाट ने कहा कि भारत सरकार और आईसीएआर द्वारा जिला स्तर पर फसलों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग संबंधी योजनाएं तैयार कर राज्य सरकारों को उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें तथा प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने हरियाणा की कृषि को वर्ष 2047 तक नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।

प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
 कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें महेंद्रगढ़ के कर्ण सिंह को प्राकृतिक खेती, रेवाड़ी के वेद प्रकाश को प्राकृतिक खेती एवं बागवानी, महेंद्रगढ़ की बनारसी देवी को श्रीअन्न उत्पादन एवं मूल्य संवर्धन, रेवाड़ी के सुनील कुमार (विक्की यादव) को प्राकृतिक खेती उत्पादों के विपणन, रेवाड़ी के राज कुमार को मधुमक्खी पालन तथा झज्जर के संदीप कुमार को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  इस अवसर पर कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. एसके मल्होत्रा, लुवास के कुलपति डॉ विनोद वर्मा, बागवानी विभाग के निदेशक अर्जुन सिंह सैनी, डीसी अभिषेक मीणा, पुलिस अधीक्षक हेमेन्द्र मीणा, भाजपा जिला अध्यक्ष डा. वंदना पोपली, पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, कृषि महाविद्यालय बावल के प्रिंसिपल डॉ नरेश कौशिक, परिवार पहचान पत्र के स्टेट कोऑर्डिनेटर डा. सतीश खोला, भाजपा नेता वीर कुमार यादव, महामंत्री हिमांशु पालीवाल, भाजपा जिला महामंत्री कुलदीप चौहान, प्रीतम चौहान, हुकमचंद यादव, रामपाल यादव व एसडीएम संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
June 30, 2026

हरियाणा में पहली बार होगा राज्य स्तरीय फिल्म फेस्टिवल, 12 से 15 नवंबर तक सजेगा 'हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026'

हरियाणा में पहली बार होगा राज्य स्तरीय फिल्म फेस्टिवल, 12 से 15 नवंबर तक सजेगा 'हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026'

महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक
चंडीगढ़- हरियाणा के  मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश को फिल्म, संस्कृति और रचनात्मक उद्योगों का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में पहली बार हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 का आयोजन 12 से 15 नवंबर, 2026 तक करने का निर्णय लिया गया है।

 उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में हरियाणा फिल्म फेस्टिवल-2026 के आयोजन की घोषणा की थी। इसी संदर्भ में मंगलवार को फेस्टिवल की तैयारियों को लेकर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग ने उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (डीएलसी सुपवा), रोहतक के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया।

बैठक मे आयोजन के सफल संचालन के लिए एक कोर कमेटी  का गठन भी किया गया, जो आयोजन की रूपरेखा तैयार करने, कार्यक्रमों के चयन, विभिन्न संस्थाओं एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने, प्रचार-प्रसार तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी।

 हरियाणा फिल्म फेस्टिवल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाया जाएगा।   इसके माध्यम से हरियाणवी सिनेमा, लोक संस्कृति, कला, साहित्य एवं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर व्यापक पहचान मिलेगी।  इसमें देश-विदेश के फिल्मकारों, कलाकारों, निर्देशकों, अभिनेताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा सांस्कृतिक संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने  कहा कि  यह फेस्टिवल कलाकारों, फिल्मकारों और युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा हरियाणा को फिल्म और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बैठक में सुपवा के कुलगुरू डॉ. अमित आर्य, फिल्मकार श्री अतुल गंगवार, अतिरिक्त निदेशक, श्री विवेक कालिया, संयुक्त निदेशक, श्री नीरज, परियोजना निदेशक, डॉ. पवन आर्य, सुपवा की रजिस्ट्रार, डॉ. गुंजन मलिक, फैकल्टी, सुश्री दीप्ति खुराना, श्री केशव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
June 30, 2026

हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 के प्रवेश पत्र 01 जुलाई से लाईव

हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 के प्रवेश पत्र 01 जुलाई से लाईव
चंडीगढ़ - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2025 (एचटेट) लेवल-1, 2 व 3 का आयोजन 4 व 5 जुलाई, 2026 को करवाया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक से पंजीकरण संख्या/आवेदन आई०डी० के साथ जन्मतिथि डालकर 01 जुलाई से डाउनलोड कर सकते हैं। सभी अभ्यर्थी प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) पर दर्शाये गए महत्वपूर्ण नोट/निर्देशों को ध्यान से पढक़र/समझकर उनका पालन करना सुनिश्चित करें।

बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) का रंगीन प्रिंट लिया जाना अनिवार्य है। सभी अभ्यर्थी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उन्हें एक पृष्ठीय प्रवेश-पत्र की Centre Copy व Candidate Copy का एक-एक रंगीन प्रिंट आउट लेकर आना अनिवार्य है। अभ्यर्थी द्वारा आवेदन के पंजीकरण करते समय प्रयोग किए गए फोटो युक्त पहचान पत्र को मूल रूप में परीक्षा केन्द्र पर लेकर आना होगा।
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी परीक्षा आरंभ होने से 2 घण्टे 10 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें, ताकि केन्द्र के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से तलाशी, बायोमीट्रिक, अंगूठे के निशान का डाटा कैप्चरिंग इत्यादि अनिवार्य औपचारिकताएं समय से पूरी हो सकें। अभ्यर्थी को किसी भी अवस्था में केन्द्र/विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।

 श्री धूपड़ ने आगे बताया कि नेत्रहीन/अशक्त अभ्यर्थी जिनकी अशक्तता (Disability) 40 प्रतिशत या इससे अधिक है, जो अपने हाथ से लिखने में असमर्थ हैं व लेखक की सुविधा लेना चाहते हैं तो ऐसे अभ्यर्थी को स्वयं लेखक के चयन की अनुमति दी जाती है अथवा उनके अनुरोध पर बोर्ड कार्यालय द्वारा प्रदान किया जा सकता है। ऐसे अभ्यर्थी परीक्षा तिथि से कम से कम 04 दिन पहले बोर्ड मुख्यालय में प्रात: 09:00 बजे से 04:30 बजे तक कमरा नं 28 में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी के अनुरोध पर लेखक की सुविधा केन्द्र अधीक्षक द्वारा भी दी जा सकती है। इसके लिए अभ्यर्थी कम से कम 02 दिन पहले दोपहर 1:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक स्वयं के वांछित मैडिकल प्रलेखों व लेखक की पहचान/योग्यता से संबंधित प्रलेखों सहित अपने आबंटित परीक्षा केन्द्र अधीक्षक से संपर्क करें। लेखक के लिए शैक्षिक योग्यता सीनियर सैकेण्डरी से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में अयर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर उपलब्ध SPL-1, SPL-2 & Appendix-G प्रोफॉर्मा डाउनलोड कर सकते हैं। नेत्रहीन/अशक्त अभ्यर्थी (जो अपने हाथ से लिखने में असमर्थ है, चाहे वह लेखक की सुविधा ले रहा है अथवा नहीं) को 20 मिनट प्रति घण्टा के हिसाब से कुल 50 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि महिला अभ्यर्थियों को मंगलसूत्र पहनने, बिन्दी व सिंदूर लगाने की ही छूट होगी। बैपटाइज्ड़, सिख अभ्यर्थियों को धार्मिक प्रतीकों को ले जाने की अनुमति होगी।

बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा केन्द्र के अन्दर अंगूठी, चैन, बालियां, हार, लटकन, ब्रोच इत्यादि जैसे सभी गहने किसी भी धातु की वस्तु तथा कैमरा, मोबाईल फोन, पेजर, ब्लूटुथ, ईयर फोन, कैल्कुलेटर, घड़ी, हेल्थ बैण्ड, इलेक्ट्रोनिक्स गैजेटस, पर्स, लॉग टेबल, प्लास्टिक पाऊच, कोरा या मुद्रित कागज एवं लिखित चिट इत्यादि लेकर जाने की अनुमति नहीं है।  

उन्होंने आगे बताया कि प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में यदि किसी अभ्यर्थी को तकनीकी कठिनाई उत्पन्न होती है, तो वे बोर्ड कार्यालय के दूरभाष नंबर 01664-254305 पर संपर्क कर सकते हैं।
June 30, 2026

शिक्षा बोर्ड के दो अधिकारियों को दी गई गरिमामयी विदाई

शिक्षा बोर्ड के दो अधिकारियों को दी गई गरिमामयी विदाई
भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से श्री प्रदीप कुमार व श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा अधीक्षक के पद से अपनी दीर्घकालीन और उत्कृष्ट सेवाओं को पूर्ण करने के उपरांत आज सेवानिवृत्त हो गए। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंकर लाल धूपड़ ने सेवानिवृत्त हुए दोनों अधिकारियों को शुभकमनाएं देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।
उन्होंने बताया कि श्री प्रदीप कुमार, अधीक्षक 35 वर्ष 02 महीने 26 दिन व श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, अधीक्षक 33 वर्ष 03 महीने तक बोर्ड में अपनी सेवाएं देने उपरान्त सेवानिवृत हुए हैं।
उन्होंने सेवानिवृत हुए दोनों अधिकारियों को उनके कार्य के प्रति समर्पण और लंबी सेवा के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रयासों के फलस्वरूप शिक्षा बोर्ड प्रगति के पथ पर अग्रसर है। शिक्षा बोर्ड के विकास में उनकी निष्ठा और लगन हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने दोनों अधिकारियों के उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  
        उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि बोर्ड कर्मी अपनी सक्रिय सहभागिता को बढ़ाते हुए पूर्ण कत्र्तव्यनिष्ठा व लगन से कार्य करें। उन्होंने दोनों अधिकारियों को भेंट स्वरूप स्मृति चिह्न व उपहार देकर शिक्षा बोर्ड से सेवानिवृत किया।
सेवानिवृत हो रहे अधिकारियों ने अपने विदाई भाषण में भावुक होते हुए बोर्ड परिवार का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में परिवार की तरह काम किया है। इस अवसर पर सेवानिवृत हो रहे अधिकारियों के परिजन व बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे।
June 30, 2026

आईजीयू व संबद्ध महाविद्यालयों में तृतीय सेमेस्टर व इसके आगे के सेमेस्टर के दाखिले आरंभ

आईजीयू व संबद्ध महाविद्यालयों में तृतीय सेमेस्टर व इसके आगे के सेमेस्टर के दाखिले आरंभ
चंडीगढ़ - इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के शैक्षणिक विभागों एवं विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक/स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों में तीसरे सेमेस्टर व इसके आगे के सेमेस्टर के दाखिले के लिए निर्धारित प्रवेश शुल्क 20 जुलाई 2026 तक जमा करवा सकते हैं। इसके पश्चात 21 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक ₹1000 विलंब शुल्क तथा 30 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक ₹2000 विलंब शुल्क के साथ दाखिला ले सकते हैं। इसके बाद 11 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक ₹3000 विलंब शुल्क के साथ दाखिला ले सकते हैं परन्तु इसके लिए कुलपति की अनुमति अनिवार्य होगी। 

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उक्त कक्षाएं 20 जुलाई 2026 से आरंभ होंगी। सभी विद्यार्थियों को तीसरे सेमेस्टर व इसके आगे के सेमेस्टर की फीस निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जमा करवानी होगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज जिनमें ऐसे प्रोग्राम संचालित किए जा रहे हैं जहां तीसरे सेमेस्टर में एडमिशन राज्य सरकार के द्वारा मिलने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाना है, उनकी फीस ऑनलाइन माध्यम से सरकार के निर्देशों के अनुसार जमा करवाई जाएगी। अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दी गई है।
June 30, 2026

राजस्थान-हरियाणा के बीच जल विवाद सुलझाना ऐतिहासिक फैसला: रामराजी शर्मा

राजस्थान-हरियाणा के बीच जल विवाद सुलझाना ऐतिहासिक फैसला: रामराजी शर्मा
जींद : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रामराजी शर्मा ने राजस्थान और हरियाणा के बीच 32 साल पुराना यमुना जल विवाद सुलझना एक ऐतिहासिक फैसला है। जारी बयान में रामराजी शर्मा ने कहा कि विगत दिवस नई दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी के 'टीम इंडिया' के विजन और जल संसाधनों के न्यायपूर्ण प्रबंधन के नेतृत्व के कारण ही यह दशकों पुराना गतिरोध खत्म हो सका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजस्थान की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। यह केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और भविष्य की जल आवश्यकताओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा जो काम 1994 से लटकाया हुआ था, उसे भाजपा की डबल इंजन सरकार ने धरातल पर उतारा है। शर्मा ने कहा कि हरियाणा और राजस्थान के बीच आपसी समन्वय से यह ऐतिहासिक समझौता साकार हुआ है। मानसून के दौरान (जुलाई से अक्टूबर तक) जो अतिरिक्त (सरप्लस) पानी बहकर बेकार चला जाता था, अब उसका उपयोग राजस्थान में पेयजल और सिंचाई संकट को दूर करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1994 के करार के तहत राजस्थान के हिस्से का पानी कनाल (नहर) के बजाय पाइपलाइन से भेजा जाएगा, क्योंकि खुली नहरों से पानी का भारी नुकसान होता था। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार जनहित में इस प्रकार की योजनाओं को अमलीजामा पहना रहे हैं, ताकि वर्षों से जल संकट से जूझ रहे लोगों को राहत प्रदान की जा सके। 

June 30, 2026

उदयवीर कुश्ती अखाड़ा ने समाजसेवी आशुतोष शर्मा को किया सम्मानित

उदयवीर कुश्ती अखाड़ा ने समाजसेवी आशुतोष शर्मा को किया सम्मानित
जींद : उदयवीर कुश्ती अखाड़ा द्वारा आयोजित चौथे विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन बड़े ही भव्य एवं सफल रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आए नामी पहलवानों ने अपने दांव-पेंच का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। दंगल में बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, गणमान्य नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा, युवाओं के मार्गदर्शन तथा खेलों के प्रति निरंतर सहयोग के लिए युवा समाजसेवी आशुतोष शर्मा को उदयवीर कुश्ती अखाड़ा की ओर से स्मृति चिन्ह एवं सम्मान-पत्र देकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अखाड़ा के आयोजक आशीष पहलवान, जसवीर एवं उनकी समस्त टीम ने कहा कि आशुतोष शर्मा लंबे समय से शिक्षा, समाजसेवा, जनकल्याण और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका सहयोग खिलाड़ियों और युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहा है तथा समाजहित के कार्यों में उनकी भागीदारी सराहनीय है।
सम्मान प्राप्त करने के उपरांत आशुतोष शर्मा ने उदयवीर कुश्ती अखाड़ा द्वारा आयोजित चौथे विशाल कुश्ती दंगल के सफल एवं भव्य आयोजन पर आयोजक भाई आशीष पहलवान, भाई जसवीर एवं उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस गरिमामय आयोजन में उन्हें जो स्नेह, सम्मान और आत्मीयता मिली, उसके लिए वे अखाड़ा परिवार के सदैव आभारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रति अखाड़ा परिवार का समर्पण और भारतीय कुश्ती परंपरा को आगे बढ़ाने का उनका प्रयास वास्तव में प्रेरणादायक है। ऐसे आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि युवाओं को खेलों से जुड़ने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की भी प्रेरणा देते हैं।
आशुतोष शर्मा ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि उदयवीर कुश्ती अखाड़ा निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित करे और भविष्य में भी ऐसे भव्य दंगल आयोजित करता रहे, जिससे भारतीय कुश्ती की गौरवशाली परंपरा और अधिक मजबूत हो तथा युवा पीढ़ी खेलों के माध्यम से राष्ट्र का नाम रोशन करे।
कार्यक्रम के अंत में आशुतोष शर्मा ने एक बार पुनः आयोजक भाई आशीष पहलवान, भाई जसवीर एवं उनकी समस्त टीम का हृदय से धन्यवाद व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और अखाड़े की निरंतर उन्नति की मंगलकामनाएँ दीं।

Monday, June 29, 2026

June 29, 2026

उदयवीर कुश्ती अखाड़ा निर्जन द्वारा प्रमुख समाजसेवी राजकुमार गोयल को किया गया सम्मानित

उदयवीर कुश्ती अखाड़ा निर्जन द्वारा प्रमुख समाजसेवी राजकुमार गोयल को किया गया सम्मानित
जींद : उदयवीर कुश्ती अखाड़ा निर्जन द्वारा बतख चौक पर चौथा विशाल कुश्ती दंगल आयोजित किया गया। इस कुश्ती दंगल में विभिन्न राज्यों से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेंच का प्रदर्शन किया। कुश्ती अखाड़े का आयोजन अखाड़े के संचालक आशीष पहलवान द्वारा किया गया। दंगल में बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, गणमान्य नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर जसबीर पहलवान, राजबीर पहलवान, महेन्द्र पहलवान, अमनप्रीत पहलवान, विशाल पहलवान इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस चौथे विशाल कुश्ती दंगल में विशेष सहयोग देने के लिए आयोजक मंडल द्वारा प्रमुख समाजसेवी राजकुमार गोयल को विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें कुश्ती दंगल में विशेष सहयोग देने के साथ साथ समाज हित, जनसेवा एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उदयवीर कुश्ती अखाड़ा निर्जन के संचालक आशीष पहलवान ने कहा कि अखाड़े को राजकुमार गोयल का लगातार सहयोग रहता है। इसके साथ साथ गोयल लंबे समय से शिक्षा, जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय रहकर समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं। इस मौके पर राजकुमार गोयल ने आयोजक मंडल का आभार व्यक्त किया और कहा कि समाजसेवा उनके जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे इसी समर्पण और निष्ठा के साथ जनहित के कार्य करते रहेंगे।

Sunday, June 28, 2026

June 28, 2026

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का निधन

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का निधन
चंडीगढ़/हांसी : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का रविवार तड़के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से न्यायपालिका, अधिवक्ता समुदाय तथा पूरे हरियाणा में शोक की लहर दौड़ गई। वे 59 वर्ष के थे। अपने पीछे वे पत्नी समता सिंधु, पुत्र समृद्ध तथा पुत्री समृद्धि सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मसूदपुर (जिला हांसी) में आज रविवार को दोपहर बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके आकस्मिक निधन का समाचार मिलते ही न्यायिक जगत, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

*साधारण किसान परिवार से न्यायपालिका के शिखर तक का प्रेरणादायी सफर*

जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का जन्म 4 अप्रैल 1967 को हरियाणा के तत्कालीन हिसार (वर्तमान हांसी) जिले के गांव मसूदपुर में एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के राजकीय उच्च विद्यालय से प्राप्त की तथा दसवीं तक की पढ़ाई वहीं पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर उच्च शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1992 में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से एलएलबी की डिग्री हासिल की।

इसके बाद उन्होंने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक तथा सेवा संबंधी मामलों की सफलतापूर्वक पैरवी की। वे अपने परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने वकालत के क्षेत्र में कदम रखा और अपनी प्रतिभा के दम पर देश की प्रतिष्ठित न्यायपालिका में विशिष्ट पहचान बनाई।

*महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर निभाई जिम्मेदारियां*

अपने लंबे विधिक जीवन के दौरान उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, सहकारी बैंक, बीएसएनएल सहित अनेक सरकारी संस्थानों और निकायों का प्रतिनिधित्व किया।

वर्ष 1999 में उन्हें भारत सरकार का अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किया गया। इसके बाद वे वर्ष 2000 में चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता बने। वर्ष 2004 से 2008 तक हरियाणा सरकार के उप महाधिवक्ता रहे। सितंबर 2008 में पंजाब सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त हुए और बाद में दिसंबर 2009 में हरियाणा सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता का दायित्व संभाला। वर्ष 2013 में इस पद से त्यागपत्र देकर उन्होंने पुनः निजी वकालत शुरू की।

वर्ष 2016 में उन्हें पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ के उच्च एवं अधीनस्थ न्यायालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं के पैनल में शामिल किया गया। वे इंटरनेशनल लॉ एसोसिएशन (इंडिया) के सदस्य भी रहे तथा विभिन्न सामाजिक एवं जनसेवी संस्थाओं में महत्वपूर्ण दायित्व निभाए।

*हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में दी उल्लेखनीय सेवाएं*

10 जुलाई 2017 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 3 दिसंबर 2018 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। अपनी निष्पक्षता, गहन कानूनी समझ और सरल स्वभाव के कारण वे न्यायिक जगत में अत्यंत सम्मानित थे। वर्तमान में वे हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीशों में शामिल थे और वर्ष 2029 में सेवानिवृत्त होने वाले थे।

*गांव और समाज से हमेशा जुड़े रहे*

जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का अपने पैतृक गांव मसूदपुर से विशेष लगाव था। व्यस्त न्यायिक जीवन के बावजूद वे समय-समय पर गांव आते थे और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भाग लेते थे। जिस राजकीय विद्यालय से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की, वहां भी वे नियमित रूप से पहुंचते थे। विद्यालय में शिक्षा का स्तर बेहतर हो, विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं मिलें तथा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे आगे बढ़ें, इसके लिए वे सदैव प्रयासरत रहते थे। उन्होंने गांव के विकास और सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

*युवा पीढ़ी के लिए बने प्रेरणा स्रोत*

एक साधारण किसान परिवार से निकलकर देश की प्रतिष्ठित न्यायपालिका में वरिष्ठ न्यायाधीश बनने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि कठिन परिश्रम, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी व्यक्ति जीवन की सर्वोच्च उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उनका निधन केवल न्यायपालिका ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा और विशेष रूप से उनके पैतृक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।

जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु को उनकी उत्कृष्ट न्यायिक सेवाओं, सादगी, विनम्रता, सामाजिक सरोकारों और न्याय के प्रति अटूट समर्पण के लिए हमेशा श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

Saturday, June 27, 2026

June 27, 2026

जींद में रोहतक रोड पर खुला इस्कॉन मंदिर, श्रद्धालुओं में उत्साह

जींद में रोहतक रोड पर खुला इस्कॉन मंदिर, श्रद्धालुओं में उत्साह
जींद : जींद में रोहतक रोड पर इस्कॉन मंदिर (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस) श्रद्धालुओं के लिए बन कर तैयार हो गया है जिसको लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। मंदिर में नियमित कीर्तन एवं संध्या आरती का आयोजन किया जाता है जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित होकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होते हैं। प्रमुख समाजसेवी राजकुमार गोयल भी अपने साथियों सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन, मनीष गर्ग, गोपाल जिंदल, मनजीत सिंह, गोविन्द गुप्ता, सतीश जैन, रजत सिंगला, सुनील गर्ग इत्यादि के साथ इस कीर्तन व संध्या आरती में पहुंचे और भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन किए। इस मौके पर दिल्ली के प्रमुख समाजसेवी टीआर मितल जिनका इस मंदिर को बनवाने में पूरा सहयोग है भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर टी आर मितल ने कहा कि इस्कान मंदिर का खुलना जीन्द शहर के लिए एक बडी सौगात है। यहां नियमित रूप से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाऐंगे जिससे युवा पीढी भी भारतीय संस्कृति और सनातन मुल्यों से जुड़ सकेंगी। केंद्र के पदाधिकारियों ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस मौके पर राजकुमार गोयल ने कहा कि इस्कॉन केंद्र के शुरू होने से शहर में आध्यात्मिक वातावरण को नई दिशा मिली है तथा लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जुडने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस्कॉन केंद्र के शुभारंभ का स्वागत करते हुए इसे जींद के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक सौगात बताया। गोयल ने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि अब जिले के श्रद्धालुओं को सत्संग, भजन-कीर्तन एवं विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर इस्कॉन मंदिर जींद में मिलेगा। उन्होने बताया कि मंदिर में नियमित रूप से श्रीमद्भगवद्गीता प्रवचन, कीर्तन, भजन-संध्या, आरती तथा विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।