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Saturday, May 23, 2026

May 23, 2026

गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड, जानिए कितने सेकंड में पूरी की दौड़

गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड, जानिए कितने सेकंड में पूरी की दौड़
नई दिल्ली : भारतीय एथलीट गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ में नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है
रांची में हुए नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फ़ेडरेशन कॉम्पिटिशन 2026 के फ़ाइनल में गुरिंदरवीर सिंह ने एक ऐतिहासिक दौड़ लगाते हुए 100 मीटर दौड़ का भारतीय नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.

बिरसा मुंडा स्टेडियम में दौड़ते हुए गुरिंदर ने 10.09 सेकंड में यह दौड़ पूरी कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया.

इसके साथ ही वह पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में 10.10 सेकंड की बाधा तोड़ने वाले भारत के पहले धावक बन गए.

ओलंपिक डॉट कॉम वेबसाइट के अनुसार, "गुरिंदर ने इस जीत के साथ न केवल राष्ट्रीय रिकॉर्ड को अपने नाम किया है, बल्कि एथलेटिक्स फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया की ओर से कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के लिए निर्धारित 10.16 सेकंड के क्वालिफ़िकेशन मार्क को भी पार किया है."

रिकॉर्ड तोड़ने के बाद समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए गुरिंदर ने कहा, "मेरे कोच ने मेरे साथ बहुत कड़ी मेहनत की है. उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा दिखाया है और उन्होंने मुझसे बहुत मेहनत करवाई है."

उन्होंने कहा, “मुझसे लोग कहते थे कि 100 मीटर में भारत में कोई भविष्य नहीं है, तुम 200 या 400 मीटर की दौड़ चुन लो. मुझे उन सबको ग़लत साबित करना है."
May 23, 2026

समस्याओं का शीघ्र समाधान से,लोगों का सरकार व प्रशासन पर बढ़ता है विश्वास: डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा

-मिड्ढा निवास पर उपाध्यक्ष ने जन संवाद कार्यक्रम के तहत की जन सुनवाई 

-समस्याओं का शीघ्र समाधान से,लोगों का सरकार व प्रशासन पर बढ़ता है विश्वास: डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा 
जींद :( संजय कुमार ) हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार आमजन के कल्याण की सरकार है। सरकार द्वारा लागू की जा रही सभी योजनाओं में सर्व कल्याण का मुख्य विजन है और जनसाधारण को इनका सीधा फायदा मिल रहा है। डिप्टी स्पीकर शनिवार को अपने आवास पर जन संवाद कार्यक्रम के तहत लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि मौजूदा सरकार अंत्योदय की भावना से कार्य कर रही है, जिससे गरीब कल्याण की परिकल्पना साकार होगी और वर्तमान में वह दौर आ भी चुका है। उन्होंने  कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, दुकानदार, युवा, महिला, शोषित, पीड़ित और वंचित सहित समाज के तमाम वर्गों तक बराबर विकास पहुंचना है। सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। डॉ कृष्ष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लगातार जनकल्याण का  काम हो रहा है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए लाडो लक्ष्मी योजना, उज्जवला योजना, घर घर शौचालय और प्रत्येक घर में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाया, बिना पर्ची- बिना खर्ची की पारदर्शी योजना से गरीब परिवार के शिक्षित युवाओं में फिर से सरकारी नौकरी की उम्मीद जगाई। प्रदेश में 24 घंटे बिजली, बेहतर सड़कें, शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को समर्थन देकर 2047 में विकसित भारत के सपने को साकार करने पर मोहर लगाई है। 
        मिड्ढा निवास पर आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पेयजल, बिजली, सड़क, सफाई व्यवस्था, पेंशन, राजस्व मामलों सहित विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दे डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के समक्ष रखे। उन्होंने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता राजकुमार नैन, बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास कुमार के अलावा नगर निकाय तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक प्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
May 23, 2026

विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में भाग लेने की मिली अनुमति

विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल्स में भाग लेने की मिली अनुमति
नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के सेलेक्शन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दे दी है.

न्यूज़ वेबसाइट लाइव लॉ के मुताबिक हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ की नीति को 'भेदभादपूर्ण' बताया है.
कोर्ट ने कहा, "भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफ़आई) की सेलेक्शन पॉलिसी साफ़ तौर पर भेदभावपूर्ण है और यह डब्ल्यूएफ़आई को फोगाट जैसी मशहूर खिलाड़ियों पर विचार करने का कोई अधिकार नहीं देती, खासकर तब जब उन्होंने मैटरनिटी लीव की वजह से खेल से ब्रेक लिया हो."

कोर्ट ने कहा कि 'किसी महिला के साथ मैटरनिटी लीव लेने की वजह से भेदभाव नहीं किया जा सकता.'
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि विनेश फोगाट ने साल 2025 में सबएडिकल के लिए आवेदन किया था और इसलिए वह उस साल किसी भी चैंपियनशिप या प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं, क्योंकि उन्होंने ने जुलाई 2025 में अपने पहले बच्चे को जन्म दिया था.

2026 एशियन गेम्स के लिए 30 और 31 मई को ट्रायल्स होने हैं.

इससे पहले 11 मई को विनेश फोगाट उत्तर प्रदेश के गोंडा पहुंचीं थी और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफ़आई) के अधिकारियों से वहां होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति मांगी थी.
May 23, 2026

दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी: “राजनीतिक आलोचना और मानहानि के बीच बहुत पतली रेखा” — राघव चड्ढा मामले में बड़ा बयान

दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी: “राजनीतिक आलोचना और मानहानि के बीच बहुत पतली रेखा” — राघव चड्ढा मामले में बड़ा बयान
नई दिल्ली : Raghav Chadha द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित आपत्तिजनक पोस्टों को हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए Delhi High Court ने महत्वपूर्ण मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि “राजनीतिक आलोचना और मानहानि (Defamation) के बीच एक बहुत पतली रेखा होती है।” 
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति Justice Subramonium Prasad की पीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां और पोस्ट संभवतः किसी राजनीतिक निर्णय की आलोचना प्रतीत होती हैं, न कि सीधे तौर पर “Personality Rights” के उल्लंघन का मामला। 
दरअसल, राघव चड्ढा ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके विरुद्ध AI-generated deepfake, morphed photographs और कथित रूप से “पैसों के लिए बिक जाने” संबंधी पोस्ट प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने ऐसे कंटेंट को हटाने तथा उनकी छवि और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी। 
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को राजनीतिक आलोचना का सामना करना पड़ता है और लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी एक महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है। अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि “यह केवल राजनीतिक निर्णय पर की गई आलोचना भी हो सकती है।”
राघव चड्ढा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने तर्क दिया कि उन्हें “पैसों के लिए खुद को बेच देने” जैसा दिखाना केवल आलोचना नहीं बल्कि गंभीर मानहानि है। हालांकि अदालत ने कहा कि यह विषय बहस का विषय है और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला अंतरिम रोक (interim injunction) देने योग्य है या नहीं। 
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि “व्यक्तित्व अधिकारों के व्यावसायिक दुरुपयोग” और “राजनीतिक आलोचना” में अंतर होता है। न्यायालय ने पूर्व में सांसद Shashi Tharoor से जुड़े Personality Rights मामले का भी उल्लेख किया। 
उल्लेखनीय है कि हाल ही में Raghav Chadha ने Aam Aadmi Party छोड़कर Bharatiya Janata Party जॉइन की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और आलोचनाओं का दौर तेज हो गया।
फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में अंतरिम राहत पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। यह मामला भविष्य में “डिजिटल युग में राजनीतिक आलोचना बनाम व्यक्तित्व अधिकार” की बहस को नई दिशा दे सकता है।
May 23, 2026

ऋषिकेश में कैथल के युवकों को नग्न कर पीटने का मामला: पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा, एसपी बोलीं- कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं

ऋषिकेश में कैथल के युवकों को नग्न कर पीटने का मामला: पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा, एसपी बोलीं- कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं
ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में हरियाणा के कैथल निवासी दो पर्यटकों के साथ हुई बर्बरता के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में दो स्थानीय युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ऋषिकेश निवासी अशोक थापा और नरेश कश्यप के रूप में हुई है। बाकी हमलावरों की तलाश जारी है। इस सनसनीखेज मामले को लेकर एसपी देहात (SP Rural Rishikesh) जया बलूनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सख्त लहजे में कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने का हक नहीं है।

*क्या है पूरा मामला?*
 (Rishikesh Tourist Violence Case)
कैथल के सतबीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 20 मई को अपने दोस्तों के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। वेन्यू गाड़ी से जब वे काली के ढाल के पास पहुंचे, तो वहां एक महिला ने अपनी 8 साल की बच्ची के साथ उनकी गाड़ी रुकवाई। महिला का आरोप था कि युवकों ने बच्ची की तरफ गलत इशारे किए। इसी बात पर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ (Mob Violence) जमा हो गई।

*कपड़े उतरवाकर सड़क पर घुमाया, गाड़ी भी तोड़ी*

बहसबाजी के बीच उग्र भीड़ ने कैथल के युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पर्यटकों को गाड़ी से बाहर घसीटा, उनके कपड़े उतरवाए और निर्वस्त्र करके सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। उपद्रवियों ने पर्यटकों की HR नंबर की गाड़ी पर पथराव कर उसके शीशे भी तोड़ दिए। हंगामा बढ़ता देख खुद शिकायतकर्ता महिला ने ‘112’ पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। आईडीपीएल चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवकों को भीड़ से बचाया और अस्पताल पहुंचाया।

*HR नंबर देखकर बनाया निशाना?*

पीड़ित सतीश कुमार ने बताया, हमारी गाड़ी का हरियाणा नंबर (HR Number) देखकर हमें जानबूझकर टारगेट किया गया। हमने बच्ची के साथ कोई गलत हरकत नहीं की थी। उत्तराखंड में अब हरियाणा के टूरिस्टों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

*एसपी जया बलूनी का सख्त रुख*

ऋषिकेश पुलिस (Rishikesh Police Action) अब इस मामले में अन्य आरोपियों की वीडियो फुटेज के जरिए पहचान कर रही है। एसपी जया बलूनी ने साफ कहा कि अगर युवकों ने कोई गड़बड़ की थी, तो भीड़ को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। इस तरह सरेआम कानून अपने हाथ में लेना और किसी को नंगा कर पीटना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है।
May 23, 2026

विनेश फोगाट के समर्थन में आईं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी, Delhi High Court के फैसले का किया स्वागत

विनेश फोगाट के समर्थन में आईं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी, Delhi High Court के फैसले का किया स्वागत
चंडीगढ़ : अंतरराष्ट्रीय पहलवान और जुलाना से कांग्रेस विधायक Vinesh Phogat के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा WFI (Wrestling Federation of India) को लगाई गई फटकार के बाद हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष Pearl Chaudhary खुलकर उनके समर्थन में सामने आई हैं। पर्ल चौधरी ने अदालत की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि यह मामला केवल एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि देश की बेटियों के सम्मान, समान अवसर और न्याय से जुड़ा विषय है।
पर्ल चौधरी ने कहा कि हाईकोर्ट ने बिल्कुल उचित सवाल उठाया है कि जब देश के कई नामी खिलाड़ियों को नियमों में राहत और विशेष अवसर दिए जाते रहे हैं, तो फिर विनेश फोगाट के साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया।
उन्होंने कहा कि इससे खेल संस्थाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनके मुताबिक, देश का नाम रोशन करने वाली हरियाणा की बेटी के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि विनेश फोगाट केवल विश्वस्तरीय पहलवान ही नहीं, बल्कि जुलाना विधानसभा से जनप्रतिनिधि भी हैं। घर-परिवार, मातृत्व और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने कुश्ती के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया है। अपने संघर्ष और उपलब्धियों से उन्होंने न केवल हरियाणा और भारत, बल्कि पूरी दुनिया में नारी शक्ति की मिसाल कायम की है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस खिलाड़ी ने देश के लिए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाया और लाखों बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, उसी खिलाड़ी को प्रशासनिक अड़चियों और कथित भेदभाव का सामना करना पड़े, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में महिला खिलाड़ियों के सम्मान और अधिकारों की लगातार अनदेखी हुई है।
पर्ल चौधरी ने मांग की कि WFI निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करे तथा विनेश फोगाट को बिना किसी भेदभाव के प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का पूरा अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा, “देश की बेटियाँ किसी की कृपा नहीं, अपना हक मांग रही हैं।”
May 23, 2026

पेट्रोल-डीज़ल महंगा होने पर विपक्षी पार्टियों की तीखी प्रतिक्रिया

पेट्रोल-डीज़ल महंगा होने पर विपक्षी पार्टियों की तीखी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: भारत में एक बार फिर पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में इज़ाफ़ा हुआ है. इसके बाद कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार की आलोचना की है.

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "महंगाई मैन मोदी ने पेट्रोल-डीज़ल पर नौ दिन में पांच रुपए बढ़ा दिए. आज फिर पेट्रोल और डीज़ल महंगा कर दिया गया."

कांग्रेस ने लिखा, "मोदी को बस तेल कंपनियों के फ़ायदे की चिंता है. एक तरफ जहाँ दुनियाभर की सरकारें अपनी जनता को राहत दे रही हैं, मोदी सरकार जनता को ही लूटने में लगी है. कभी तो जनता के भले के बारे में सोच लो, कब तक पूंजीपतियों का फ़ायदा कराते रहोगे?"

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने कहा है कि महंगाई आसमान छू रही है और ये बीजेपी सरकार की 'ग़लत आर्थिक और विदेश नीतियों' का नतीजा है.

समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने एक्स पर लिखा, "15 दिन में तीसरी बार पेट्रोल डीज़ल के दाम इस भाजपा सरकार ने बढ़ा दिए. सीएनजी की क़ीमतें भी बढ़ा दी गईं."

आगे लिखा, "महंगाई आसमान छू रही है, भाजपा सरकार की ग़लत आर्थिक और विदेश नीतियों का ये दुष्परिणाम है, पहले से मंदी की मार झेल रही जनता पर ये दोहरा तिहरा भाजपाई प्रहार है. महंगाई और बढ़ने वाली है, अराजकता अपराध और बर्बादी का दौर आने वाला है और इसकी ज़िम्मेदार ये भाजपा की सरकार होगी."

भारत में शनिवार यानी 23 मई को ही पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल 87 पैसे और डीज़ल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है. यह 10 दिन के भीतर तीसरी बढ़ोतरी है.
May 23, 2026

पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट बड़ी राहत, अदालत ने कहा बदले की भावना रखना ठीक नहीं है

पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट बड़ी राहत, अदालत ने कहा बदले की भावना रखना ठीक नहीं है
Vinesh Phogat : एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए प्रयास कर रही भारतीय महिला पहलवान और हरियाणा के जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ यानी (WFI) को फटकार लगाई है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में विनेश फोगाट के मां बनने के दौरान मैटरनिटी लीव को लेकर कहा कि मां की ममता को हम पूजते हैं।
गौरतलब है कि पछले दिनों गोंडा में हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप को लेकर महिला पहलवान विनेश फोगाट के भाग लेने पर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद विनेश फोगाट ने एशियन खेलों के लिए अपने ट्रायल के लिए अदालत में याचिका लगाते हुए अनुमति की मांग की थी। इस पर अदालत ने कुश्ती महासंघ से पूछा कि जब पहले खिलाडियों को छूट मिल रही है तो अब ऐसा व्यवहार क्यों। एशियाई खेलों के लिए ट्रायल 30 और 31 मई को होने जा रही है। अदालत ने अपनी टप्पणी में यह भी कहा कि बदले की भावना रखना ठीक नहीं है।

*विशेषज्ञों की टीम बनाने का आदेश*

इस मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने विनेश फोगाट की फिटनेस को परखने के लिए कहा है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार इसके लिए अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि विशेषज्ञों का एक पैनल बने। अदालत ने यह भी कहा कि खिलाड़ी को कुछ मामलों में पात्रता नियमों में छूट दी जा सकती है। ऐसे में अदालत ने केंद्र को आदेश दिया कि इस मामले में विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाए। साथ ही कहा कि पहलवान को ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए अवसर मिलना चाहिए।

*कोर्ट ने कहा मां बनना गुनाह नहीं*

पहलवान विनेश फोगाट की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि हमारे देश में मां बनने को सेलिब्रेट किया जाता है। यह कोई गुनाह नहीं है और कुश्ती संघ को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए। गौरतलब है कि डोपिंग नियमों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता के आरोप लगाते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट पर 26 जून तक बैन लगाया हुआ है। इसी बीच 30 और 31 मई को एशियाई खेलों के लिए ट्रायल होना है।

*नियमों में किया बदलाव*

गौरतलब है कि पहलवान विनेश फोगाट ने अदालत में याचिका दायर करते हुए कहा था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैटरनिटी लीव पर जाने वाली महिला खिलाड़ियों की रैंकिंग को सुरक्षित रखा जाता है। जबकि भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI के नए नियम में इसकी व्यवस्था नहीं की। ऐसे में अदालत ने विनेश फोगाट की याचिका स्वीकार करते हुए WFI को जवाब देने के लिए कहा था। ऐसे में शुक्रवार यानी 22 मई 2026 को जब अदालत में सुनवाई हुई तो कोर्ट ने कहा कि
भारत में मां की ममता को हम पूजते हैं। उन्होंने विनेश फोगाट ने देश के लिए जितने मेडल्स जीते हैं उसके बदले में खिलाड़ी से बदले की भावना रखना सही नहीं है।
May 23, 2026

भारत में फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, 10 दिनों में तीसरी बार बढ़ोतरी

भारत में फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, 10 दिनों में तीसरी बार बढ़ोतरी
नई दिल्ली : भारत में शनिवार यानी 23 मई को पेट्रोल और डीज़ल के दामों में बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल 87 पैसे और डीज़ल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा गया है.

प्रमुख समाचार एजेंसी के मुताबिक़,दिल्ली में पेट्रोल के दाम 87 पैसे बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. डीज़ल के दाम 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.

15 मई से अब तक यह तीसरी बार दाम बढ़े हैं. लगातार होती इस बढ़ोतरी के पीछे मध्य-पूर्व में चल रहा तनाव भी है, जिसके कारण तेल सप्लाई बाधित हुई है.

गौरतलब है कि इस महीने सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीज़ल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे. इसके बाद 19 मई को क़रीब 90 पैसे की दूसरी बढ़ोतरी हुई.
May 23, 2026

पति की मौत के 29 साल बाद विधवा को मिलेगा ₹10 करोड़ का क्लेम, इंश्योरेंस कंपनियों की मनमानी पर कोर्ट का चाबुक!

पति की मौत के 29 साल बाद विधवा को मिलेगा ₹10 करोड़ का क्लेम, इंश्योरेंस कंपनियों की मनमानी पर कोर्ट का चाबुक!
Insurance : अक्सर आपने देखा होगा कि इंश्योरेंस कंपनियां पॉलिसी बेचते समय बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन जब क्लेम देने की बारी आती है, तो चक्कर कटवाने शुरू कर देती हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ऐतिहासिक मामले के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां एक बेबस परिवार ने बीमा कंपनी की मनमानी के खिलाफ पूरे 29 साल (लगभग 3 दशक) तक कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार जीत हासिल की.
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह जयपुर के एक दिवंगत व्यापारी की विधवा पत्नी आशा गर्ग और उनके परिवार को 10 करोड़ रुपये का क्लेम और उस पर 9 फीसदी की दर से ब्याज तुरंत चुकाए.

*सड़क हादसा और ₹15 करोड़ का पूरा विवाद*

यह मामला साल 1997 का है. जयपुर के एक बड़े कारोबारी किशोरी लाल शरण गर्ग 27 मार्च 1997 को जयपुर से दिल्ली जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी कार की एक ट्रक से आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई और इस हादसे में उनकी मौत हो गई. किशोरी लाल ने अपने पीछे परिवार की सुरक्षा के लिए दो बड़ी पर्सनल एक्सीडेंट पॉलिसियां ले रखी थीं:

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस: ₹10 करोड़ का कवर
 (पॉलिसी अवधि: फरवरी 1997 से फरवरी 1998)
नेशनल इंश्योरेंस: ₹5 करोड़ का कवर (पॉलिसी अवधि: जनवरी 1997 से जनवरी 1998)

पति की मौत के बाद जब परिवार ने क्लेम किया, तो दोनों बीमा कंपनियों ने सर्वेक्षकों, जांचकर्ताओं और जासूसी एजेंसियों को पीछे लगा दिया. कंपनियों ने आरोप लगाया कि किशोरी लाल ने अपनी वित्तीय पृष्ठभूमि और पुरानी पॉलिसियों से जुड़ी ‘महत्वपूर्ण जानकारी’ छिपाई है. इस बहाने का इस्तेमाल कर साल 2000 में दोनों कंपनियों ने क्लेम रिजेक्ट (खारिज) कर दिया.

*पत्नी का 3 दशक का संघर्ष और सुप्रीम कोर्ट का मोड़*

बीमा कंपनियों के इस रवैये से हार न मानते हुए मृतक की पत्नी आशा गर्ग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. साल 2005 में आयोग ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के खिलाफ फैसला सुनाते हुए 10 करोड़ रुपये और 1 जुलाई 1997 से इस पर 9% ब्याज देने का आदेश दिया, लेकिन नेशनल इंश्योरेंस की 5 करोड़ वाली पॉलिसी के क्लेम को खारिज कर दिया. इसके बाद दोनों पक्ष इस फैसले को चुनौती देने के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए.

जनवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने उपभोक्ता आयोग के पुराने फैसले को रद्द किया और कहा कि इस हाई-प्रोफाइल मामले का फैसला सिर्फ कागजी हलफनामों पर नहीं होना चाहिए, बल्कि सबूतों और गवाहों के आधार पर नए सिरे से होना चाहिए. कोर्ट ने आयोग को आदेश दिया कि वह दोनों बीमा कंपनियों के सभी दफ्तरों से असली पॉलिसी प्रपोजल फॉर्म और अंदरूनी बातचीत के सारे रिकॉर्ड्स मंगवाए.

*जब खुद बीमा कंपनी ही खो बैठी अपने सबूत!*

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में दोबारा सुनवाई शुरू हुई, तो मामला पूरी तरह पलट गया. पीड़ित परिवार के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि बीमा कंपनी जिस ‘गलत जानकारी छिपाने’ का आरोप लगा रही है, वह असली प्रपोजल फॉर्म (कागज) तो दिखाए. चौंकाने वाली बात यह रही कि कोर्ट के बार-बार निर्देश देने के बावजूद यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी वह प्रपोजल फॉर्म या डिस्पैच रजिस्टर ढूंढने में पूरी तरह नाकाम रही.

यानी कंपनी के पास अपने ही आरोपों को साबित करने का कोई लिखित सबूत नहीं था. सबूतों के अभाव और कंपनी की लापरवाही को देखते हुए एनसीडीआरसी के जस्टिस एपी शाही और प्रेसीडेंट भारत कुमार पाण्ड्या ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को आदेश दिया कि वे पीड़ित परिवार को 10 करोड़ रुपये का क्लेम और पिछले 29 सालों का 9% ब्याज जल्द से जल्द दें. हालांकि, दूसरे पक्ष यानी नेशनल इंश्योरेंस का 5 करोड़ का क्लेम खारिज ही रहा.
May 23, 2026

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार आठ अरब डॉलर कम हुआ

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार आठ अरब डॉलर कम हुआ
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फ़ॉरेक्स रिज़र्व) कम हुआ है. देश का फ़ॉरेक्स रिज़र्व 8.094 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 688.894 अरब अमेरिकी डॉलर पर आ गया है.

एक प्रमुख समाचार न्यूज एजेंसी ने भारतीय रिज़र्व बैंक के हवाले से बताया कि यह गिरावट 15 मई को ख़त्म हुए सप्ताह में हुई है.

हालांकि, इससे ठीक पहले 8 मई को ख़त्म हुए सप्ताह में फ़ॉरेक्स रिज़र्व 6.295 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 696.988 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था.

दरअसल, इस साल फ़ॉरेक्स रिज़र्व 27 फ़रवरी को सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गया था, यह 728.494 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था.

लेकिन इसके बाद मध्य-पूर्व में संघर्ष शुरू होने से कई हफ़्तों तक इसमें गिरावट आई. इस दौरान रुपये पर दबाव बढ़ा और आरबीआई को डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाज़ार में दख़ल देना पड़ा.
May 23, 2026

पॉलिसी के 25 दिन बाद मौत, हाई कोर्ट का आदेश- पत्नी को मिलेगा 14 लाख का क्लेम

पॉलिसी के 25 दिन बाद मौत, हाई कोर्ट का आदेश- पत्नी को मिलेगा 14 लाख का क्लेम
चंडीगढ़ : बीमा पॉलिसी लेने के मात्र 25 दिन बाद व्यक्ति की मौत होने और बीमा कंपनी द्वारा कैंसर की बीमारी छिपाने का आरोप लगाकर क्लेम खारिज किए जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मृतक की पत्नी को बड़ी राहत दी है। हाई कोर्ट ने परमानेंट लोक अदालत के उस पुराने आदेश को पूरी तरह बरकरार रखा है, जिसमें बीमा कंपनी को 14.22 लाख रुपये का डेथ बेनिफिट देने के निर्देश दिए गए थे। न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी अपने दावों को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रही है।
*कंपनी नहीं दे सकी बीमारी के पुख्ता सबूत*

मामले के अनुसार, समुंदर सिंह ने 23 मार्च 2018 को भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से एक जीवन बीमा पॉलिसी ली थी। इस पॉलिसी की मूल बीमित राशि 7.11 लाख रुपये थी, जबकि मृत्यु की स्थिति में डेथ बेनिफिट 14.22 लाख रुपये तय किया गया था। उन्होंने पहली प्रीमियम राशि के रूप में 63 हजार 172 रुपये जमा करवाए थे, लेकिन इसके ठीक 25 दिन बाद 25 अप्रैल 2018 को उनकी अचानक हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। इसके बाद बीमा कंपनी ने गंभीर बीमारी छिपाने का आरोप लगाकर क्लेम देने से मना कर दिया था।
*फर्जी और अधूरे दस्तावेजों पर कोर्ट की फटकार*

बीमा कंपनी ने 31 मार्च 2019 को दावा खारिज करते हुए दलील दी थी कि समुंदर सिंह साल 2017 से कैंसर से पीड़ित थे। दावा खारिज होने पर मृतक की पत्नी ने परमानेंट लोक अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसने 2 अप्रैल 2025 को महिला के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके खिलाफ कंपनी हाई कोर्ट पहुंची, जहां अदालत ने पाया कि कंपनी जिन मेडिकल रिपोर्टों की फोटोकॉपी पर भरोसा कर रही थी, उन पर न तो किसी डॉक्टर के हस्ताक्षर थे और न ही वे अस्पताल से सत्यापित थीं। अलग-अलग सीआर नंबर होने से दस्तावेज पूरी तरह संदिग्ध पाए गए।
*मौत की वजह और बीमारी में कोई संबंध नहीं*

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि बीमा कंपनी यह साबित करने में पूरी तरह विफल रही है कि कथित बीमारी का संबंध व्यक्ति की मृत्यु के वास्तविक कारण से था। रिकॉर्ड के मुताबिक समुंदर सिंह की मौत का मुख्य कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ना था। सभी विधिक पहलुओं और साक्ष्यों पर बारीकी से विचार करने के बाद माननीय उच्च न्यायालय ने परमानेंट लोक अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए बीमा कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे अब पीड़ित महिला को न्याय मिल सकेगा।
May 23, 2026

SBI ने जारी की ग्राहकों के लिए एडवायजरी, बताया दो दिनों की हड़ताल पर क्या करें और क्या नहीं

SBI ने जारी की ग्राहकों के लिए एडवायजरी, बताया दो दिनों की हड़ताल पर क्या करें और क्या नहीं

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SBI Staff Strike: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI अपने ग्राहकों की सुविधा का हमेशा से ख्याल रखता है. शुक्रवार को बैंक की तरफ से ग्राहकों के लिए एक एडवायजरी जारी की गई है. जिसमें बताया गया है कि बैंक के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर हैं, ऐसे में ग्राहकों को यदि बैंक से संबंधित काम हैं तो उन्हें क्या करना चाहिए.

बैंक ने जारी की एडवायजरी

बैंक के आधिकारिक x अकाउंट के जरिए एक पोस्ट शेयर किया गया है. जिसके जरिए बैंक की तरफ से ग्राहकों को जानकारी दी गई है कि हड़ताल के समय में बैंक की शाखाओं में जरूरी बैंकिंग सेवाएं जारी रखने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, बैंक ने ग्राहकों से असुविधा को कम करने के लिए अल्टरनेटिव बैंकिंग चैनलों का उपयोग करने की सलाह दी है.
May 23, 2026

विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस दिए जाने पर कोर्ट ने कुश्ती महासंघ को लगाई फटकार

विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस दिए जाने पर कोर्ट ने कुश्ती महासंघ को लगाई फटकार
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर शुक्रवार को रेसलिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (डब्ल्यूएफ़आई) को फटकार लगाई है.

बार एंड बेंच के अनुसार, इस नोटिस में कहा गया था कि पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल मुकाबले से पहले अधिक वज़न होने की वजह से अयोग्य ठहराए जाने से विनेश ने देश को शर्मिंदा किया.

चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीज़न बेंच ने कहा कि ओलंपिक में विनेश के साथ एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी, लेकिन खेल प्रबंधन की ज़िम्मेदारी तय करने के बजाय डब्ल्यूएफ़आई उन्हीं को दोषी ठहरा रहा है.
कोर्ट ने कहा, “क्या आप देश में कुश्ती के हित में इसी तरह काम कर रहे हैं? ओलंपिक में फ़ाइनल तक पहुंची एक महिला खिलाड़ी के साथ यह हादसा हुआ और आपने लिख दिया कि यह राष्ट्रीय शर्म थी. फ़ाइनल में उन्हें अयोग्य ठहराया गया, तो क्या वह राष्ट्रीय शर्म थी? इस देश के लोगों ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया? क्या वह राष्ट्रीय शर्म थी?”

कोर्ट ने एशियन गेम्स ट्रायल्स के चयन नियमों में कुश्ती महासंघ की ओर से किए गए बदलाव पर भी सवाल उठाए और कहा कि फ़ेडरेशन को बदले की भावना से काम नहीं करना चाहिए.

फ़रवरी 2026 में जारी नई नीति के मुताबिक, ट्रायल्स में हिस्सा लेने का अधिकार सिर्फ़ 2025 और 2026 की कुछ प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं तक सीमित कर दिया गया.

जबकि पुरानी नीति में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए विशेष परिस्थितियों में छूट देने का प्रावधान था.

विनेश फोगाट का कहना है कि चयन की समय-सीमा इस तरह तय की गई कि वह उनकी मातृत्व अवकाश, बच्चे के जन्म और उसके बाद की रिकवरी के बीच आ गई.

विनेश के वकील राजशेखर राव ने कहा कि जनवरी 2026 में विनेश प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पात्र हो गई थीं और उनका पंजीकरण भी स्वीकार कर लिया गया था.

उन्होंने कहा, “मैं प्रतियोगिता स्थल पहुंचती हूं और मुझे बताया जाता है कि कार्यक्रम से ठीक पहले मुझे रोक दिया गया है... कारण बताओ नोटिस देखिए. लगता है कोई किसी तरह बहाना ढूंढ रहा है.”

कोर्ट ने विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने पर केंद्र सरकार की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए.

कोर्ट ने कहा, “क्या ये लोग खेल प्रशासक हैं? आपने इनके ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई की? क्या खेल विभाग को इस तरह के नोटिस जारी होने की जानकारी नहीं थी? अगर वह देश का नाम रोशन कर रही हैं, तो क्या आप उन्हें एक मौका भी नहीं देंगे? क्या उन्होंने कोई नियम तोड़ा है? क्या यह नीति बनाने से पहले आपसे सलाह ली गई थी? यह पूरी तरह पिछड़ा कदम है और आप चुप बैठे हैं.”

केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह भी कारण बताओ नोटिस की भाषा देखकर हैरान हैं.

Friday, May 22, 2026

May 22, 2026

हरियाणा में तकनीक और कौशल के संगम से बढ़ेगा रोजगार

हरियाणा में तकनीक और कौशल के संगम से बढ़ेगा रोजगार

एआई, ग्रीन स्किल्स और वर्कफोर्स अप-स्किलिंग पर फोकस

मुख्य सचिव ने की स्किलिंग इकोसिस्टम में सुधारों की समीक्षा
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था और बदलती औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य में आधुनिक, तकनीक आधारित और उद्योग उन्मुखी कौशल विकास प्रणाली तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन टेक्नोलॉजी, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल स्किलिंग और उद्योग आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़े सुधार लागू करने की तैयारी कर ली है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य के स्किलिंग इकोसिस्टम में किए जा रहे व्यापक सुधारों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ये पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’‘विकसित भारत 2047’’ के विजन के अनुरूप युवाओं को भविष्य की रोजगार जरूरतों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

बैठक में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण, एआई एवं उभरती तकनीकों से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी मजबूत करने तथा उद्योग उन्मुखी कौशल तंत्र विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

श्री रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा भविष्य उन्मुखी कौशल सुधारों और तकनीक आधारित व्यावसायिक शिक्षा को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रही तकनीकी प्रगति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और ग्रीन टेक्नोलॉजी वैश्विक रोजगार परिदृश्य को बदल रही हैं। ऐसे में राज्य को अपने युवाओं और कार्यबल को इन उभरते अवसरों के लिए पहले से तैयार करना होगा।

बैठक में आईटीआई के आधुनिकीकरण, एआई एवं नई तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने तथा उद्योग उन्मुख कौशल प्रणाली विकसित करने पर चर्चा की गई। राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए अप-स्किलिंग पर भी काम कर रही है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम भी शुरू करने की योजना है।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत 7,000 से अधिक अनुबंध कर्मचारियों को हरियाणा कौशल विकास मिशन (एचएसडीएम) द्वारा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन (एचकेसी) के सहयोग से सॉफ्ट स्किल्स और आईटी साक्षरता का प्रशिक्षण देकर अप-स्किल किया जा चुका है। चालू वित्त वर्ष में और कर्मचारियों को इस कार्यक्रम के तहत शामिल किया जाएगा।

राज्य सरकार अब ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए भी डिजिटल दक्षता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए विशेष अप-स्किलिंग रणनीति तैयार कर रही है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी सप्ताहों में मुख्यालय और जिला स्तर पर ड्राइवरों और चपरासियों के लिए भी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएं।

भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उभरती तकनीकों और औद्योगिक जरूरतों पर आधारित एक व्यापक ’स्किल गैप स्टडी’ भी शुरू कराई है। यह अध्ययन स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल मैनेजमेंट (एसजेएचआईएफएम) को सौंपा गया है और इसकी रिपोर्ट जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक आने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि यह अध्ययन राज्य की प्रशिक्षण व्यवस्था को भविष्य के उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप ढालने में मदद करेगा।

युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन ने बैठक में बताया कि पीएम-सेतु पहल के तहत सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पलवल और छारा (झज्जर) में चार पायलट आईटीआई क्लस्टर चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें उद्योग आधारित मॉडल पर विकसित किया जाएगा। अगले तीन वर्षों में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (डीजीटी) द्वारा आवंटित सभी 12 क्लस्टरों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए अगले माह गुरुग्राम में एक इंडस्ट्री वर्कशॉप आयोजित की जाएगी।

कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक डिजिटल पोर्टल विकसित किया जा रहा है। यह पोर्टल प्रशिक्षण संस्थानों की निगरानी, ट्रैकिंग और परिणाम आधारित मूल्यांकन को अधिक प्रभावी बनाएगा।

कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग शैक्षणिक स्तर 2026-27 से आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित उभरती तकनीकों से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। वर्तमान में राज्य के व्यावसायिक प्रशिक्षण तंत्र में सोलर टेक्नीशियन और मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू), पलवल ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने ड्रोन डिजाइन एंड असेंबली, मेकाट्रॉनिक्स एंड इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, पाइथन प्रोग्रामिंग, सेमीकंडक्टर डिवाइस पैकेजिंग और मशीन लर्निंग में अल्पकालिक ब्रिज कोर्स भी शुरू किए हैं।

तेजी से बढ़ते ’केयर इकोनॉमी सेक्टर’ को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार जेरियाट्रिक केयर, फिजियोथेरेपी और योग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि युवाओं को देश और विदेश में रोजगार के नए अवसर मिल सकें।

सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे और शिक्षण परिवेश को आधुनिक बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान का प्रस्ताव है। इस पहल का उद्देश्य आईटीआई को देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों की तर्ज पर विकसित करना और कौशल शिक्षा को अधिक आकर्षक बनाना है।

युवाओं को कार्यस्थल के लिए बेहतर रूप से तैयार करने के उद्देश्य से आईटीआई में ’एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ पाठ्यक्रम के तहत सॉफ्ट स्किल्स और डिजिटल स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग ने ’एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स’ प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु वाधवानी फाउंडेशन और क्वेस्ट एलायंस के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए हैं। इसके साथ ही हितधारकों के परामर्श से हरियाणा के कौशल विकास तंत्र को राष्ट्रीय ’विजन 2047’ के अनुरूप विकसित करने के लिए विस्तृत पांच वर्षीय और दस वर्षीय रणनीतिक रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है।
May 22, 2026

हरियाणा में एसीआर प्रणाली में बड़ा बदलाव, अप्रैल 2027 से बंद होगी मैनुअल एसीआर व्यवस्था

हरियाणा में एसीआर प्रणाली में बड़ा बदलाव

अप्रैल 2027 से बंद होगी मैनुअल एसीआर व्यवस्था

डिजिटल परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग सिस्टम बनेगा

कर्मचारियों की रैंकिंग भी प्रदर्शित होगी
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य सरकार अब कर्मचारियों और अधिकारियों के कामकाज की निगरानी डिजिटल तरीके से करेगी। इसके लिए संशोधित एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) फ्रेमवर्क और डिजिटल परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों, विश्वविद्यालयों तथा जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं।

जारी निर्देशों के अनुसार अब पारंपरिक एसीआर व्यवस्था को धीरे-धीरे पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा। विभागवार ऐसे नए एसीआर प्रारूप तैयार किए जाएंगे, जिनमें कर्मचारियों के कार्यों, उपलब्धियों और प्रदर्शन को मापने योग्य तथा परिणाम-आधारित तरीके से दर्ज किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।

सरकार ने सभी विभागों से उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची मांगी है, जिनके स्तर पर एसीआर सबसे ज्यादा लंबित पड़ी हैं। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य एसीआर की पेंडेंसी को खत्म कर अधिक जवाबदेही और समयबद्ध मूल्यांकन सुनिश्चित करना है।

निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अप्रैल 2027 से मैनुअल एसीआर प्रणाली पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके बाद सभी मूल्यांकन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होंगे। एनआईसी अथवा नामित तकनीकी टीम एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जो कर्मचारियों के कार्य निष्पादन और उपलब्धियों को सीधे एसीआर प्रणाली से जोड़ेगा। यह पूरी व्यवस्था एचआरएमएस पोर्टल से एकीकृत रहेगी। इससे कर्मचारियों के कार्य का वास्तविक समय में आकलन संभव हो सकेगा।

मुख्य सचिव की वेबसाइट पर एक विशेष “ऑनर बोर्ड” विकसित किया जाएगा, जिसमें निर्धारित मानकों के आधार पर कर्मचारियों की प्रदर्शन-आधारित रैंकिंग प्रदर्शित की जाएगी। यह व्यवस्था राज्य, जिला और खंड स्तर तक लागू की जाएगी। इसके तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ कमजोर प्रदर्शन वाले कर्मचारियों की रैंकिंग भी प्रदर्शित होगी।

सरकार का मानना है कि नई डिजिटल एवं प्रदर्शन-आधारित एसीआर प्रणाली से प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा कर्मचारियों में बेहतर कार्य संस्कृति और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा मिलेगा।
May 22, 2026

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने जापान के निवेशकों को दिया प्रदेश में पार्टनरशिप का निमंत्रण

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने जापान के निवेशकों को दिया प्रदेश में पार्टनरशिप का निमंत्रण

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में इंडो जापान कॉन्क्लेव को किया संबोधित

मुख्यमंत्री ने कहा, भारत और जापान के संबंध विश्वास, अनुशासन, सौहार्द व परम्परा के प्रति सम्मान, उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के साझा मूल्यों पर आधारित
चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और जापान के बीच वर्षों से मजबूत राजनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी रही है। नेक्स्ट जनरेशन इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम तैयार करने के लिए जापान के साथ मिलकर रेसिलिएंट सप्लाई चेन्स बन सकती है जिससे स्मार्टर, ग्रीनर ओर समृद्ध भविष्य का निर्माण होगा।

मुख्यमंत्री ने यह बात शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडो-जापान कॉन्क्लेव में अपने संबोधन के दौरान कही। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

श्री नायब सिंह सैनी ने सम्मेलन में पहुंचे जापान के निवेशकों को हरियाणा के साथ पार्टनरशिप करने का निमंत्रण दिया। यह पार्टनरशिप नवाचार, निर्माण, प्रौद्योगिकी, स्थिरता व भविष्य के लिए होगी।उन्होंने कहा कि देश की विभिन्न प्रमुख विकास परियोजनाओ में जापान की उन्नत तकनीक और सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत-जापान साझेदारी का सबसे जीवंत और सफल मॉडल किसी राज्य में दिखाई देता है, तो वह हरियाणा है, जहां जापानी निवेश, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग ने विकास को नई गति दी है।

भारत में जापानी औद्योगिक विकास का प्रमुख हब बना हरियाणा

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि आज हरियाणा भारत में जापानी उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। प्रदेश में लगभग 394 जापानी उद्योग तथा 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं। इतना ही नहीं, भारत-जापान की यह साझेदारी लगातार और अधिक मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अक्टूबर में अपनी जापान यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान जापानी कंपनियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। यात्रा के दौरान जापान की 9 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हरियाणा में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश का भरोसा जताया। यही विश्वास हरियाणा को जापानी कंपनियों के लिए "होम अवे फ्रॉम होम" बना रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा विश्वास केवल बिजनेस-टु-बिजनेस या गवर्नमेंट-टु-गवर्नमेंट संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हम एच 2एच यानी ‘हार्ट टू हार्ट’ रिश्तों को अधिक महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच विश्वास आधारित साझेदारी है  जोकि विश्वास, अनुशासन, सौहार्द व परंपरा के प्रति सम्मान, उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के साझा मूल्यों पर आधारित थे। आज की दुनिया विश्वास आधारित साझेदारी ही सबसे महत्वपूर्ण होंगी।
 जापानी निवेशकों की पहली पसंद बना हरियाणा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि जापानी कंपनियों ने निवेश के लिए विशेष रूप से हरियाणा को ही क्यों चुना। उन्होंने कहा कि इसका कारण केवल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति या निवेश प्रोत्साहन योजनाएं नहीं हैं, बल्कि हरियाणा द्वारा जापानी कार्य संस्कृति को समझना और उसे अपनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी उद्योग गुणवत्ता, संचालन स्थिरता, अनुशासित कार्यबल, विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला तथा दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को विशेष महत्व देते हैं और हरियाणा इन सभी मानकों पर पूरी तरह खरा उतरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हीं मानकों को आधार बनाकर हरियाणा ने अपना संपूर्ण औद्योगिक तंत्र विकसित किया है। आज गुरुग्राम, मानेसर, सोनीपत, बावल और झज्जर जैसे क्षेत्रों में केवल औद्योगिक क्लस्टर ही नहीं दिखाई देते, बल्कि भारत और जापान के मजबूत औद्योगिक एकीकरण की तस्वीर नजर आती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा आज जापान के लिए केवल एक निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा,  जापानी औद्योगिक साझेदारी का नया केंद्र बनेगा नारायणगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी है। प्रदेश का लगभग दो-तिहाई क्षेत्र एनसीआर में आता है और हर जिला राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल, मेट्रो कनेक्टिविटी, ग्रीन फील्ड कॉरिडोर और एयरपोर्ट्स हरियाणा को वैश्विक निवेश के लिए आदर्श राज्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक प्रतिस्पर्धा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि लॉजिस्टिक दक्षता, मजबूत सप्लाई चेन और बाजारों तक आसान पहुंच पर आधारित है तथा हरियाणा इन सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 64 औद्योगिक संपदाएं, इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर, ईवी इकोसिस्टम, लॉजिस्टिक हब, फूड पार्क और अत्याधुनिक विनिर्माण जोन विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में 10 नई आईएमटी स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि झज्जर में विकसित हो रही जापानी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और नारायणगढ़ में प्रस्तावित जापानी क्लस्टर भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी को नई दिशा देंगे।

मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों को हरियाणा में निवेश के लिए किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों से हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और आधुनिक आधारभूत ढांचा उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों को आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में निवेश के लिए आमंत्रित किया। देश में लगभग 50 प्रतिशत कारों और 33 प्रतिशत दोपहिया वाहनों का निर्माण करता है, इसलिए ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सोहना और खरखौदा आईएमटी निवेश के लिए बेहतर विकल्प हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा तेजी से लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को आधुनिक लॉजिस्टिक नेटवर्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। निवेशक ड्राई पोर्ट, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क जैसे क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी दिशा में एक ही छत के नीचे 140 से अधिक सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा परियोजनाओं की मंजूरी का समय 24 दिनों से घटाकर 12 दिन कर दिया गया है।

जापानी निवेशकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं विकसित कर रहा है हरियाणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक स्मार्ट राज्य केवल उद्योगों से नहीं बनता, बल्कि बेहतर जीवन गुणवत्ता भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। उन्होंने कहा कि आज गुरुग्राम जापानी पेशेवरों के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ सामाजिक आधारभूत ढांचा तंत्रों में से एक बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्कूल, जापानी रेस्तरां, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं, गोल्फ कोर्स और एकीकृत शहरी आधारभूत ढांचा गुरुग्राम को वास्तविक अर्थों में वैश्विक शहर बना रहे हैं। उन्होंने बताया गुरुग्राम में विकसित किया जा रहा ‘ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट’ ‘लिव, वर्क एंड प्ले’ के सिद्धांत पर आधारित है और यह देश की सबसे बड़ी एकीकृत मिश्रित उपयोग टाउनशिप परियोजनाओं में शामिल होगा।

जापानी निवेशकों के लिए प्रदेश में सकुरा डेस्क स्थापित

मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी निवेशकों की सुविधा के लिए हरियाणा सरकार ने ‘सकुरा डेस्क’ की स्थापना की है। यह विशेष डेस्क केवल जापानी कंपनियों से संबंधित मामलों को देखेगा और उन्हें शुरू से अंत तक सहयोग तथा मार्गदर्शन प्रदान करेगा। निवेश पूर्व परामर्श से लेकर विस्तार योजनाओं और समस्याओं के समाधान तक हर स्तर पर जापानी कंपनियों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

नई औद्योगिक क्रांति में भारत-जापान साझेदारी को नई दिशा देगा हरियाणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य उन्हीं अर्थव्यवस्थाओं का होगा, जिनकी आपूर्ति श्रृंखला मजबूत और लचीली होगी। भारत और जापान मिलकर विश्व की सबसे विश्वसनीय विनिर्माण साझेदारी स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और हरित विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा इस नई औद्योगिक क्रांति के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय विनिर्माण तथा सतत शहरी विकास के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-जापान साझेदारी का अगला बड़ा अध्याय एमएसएमई क्षेत्र लिखेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 13 लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकृत हैं, जो 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं। ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, रसायन और औद्योगिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में हरियाणा के एमएसएमई जापानी उद्योगों के साथ मिलकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार संयुक्त उपक्रम, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल साझेदारी और संस्थागत सहयोग तंत्र को बढ़ावा दे रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह को डाइकिन कंपनी के एमडी कमलजीत सिंह जावा ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित अग्रवाल, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी, चीफ कोऑर्डिनेटर इंडस्ट्रीज सुनील शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित जापान के अनेक निवेशक बैठक में उपस्थित रहे।
May 22, 2026

हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक किया जाएगा- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक किया जाएगा- मुख्य निर्वाचन अधिकारी

22 सितंबर को होगा अंतिम प्रकाशन
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने घोषणा की है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण  का कार्यक्रम जारी कर दिया है। मतदाता सूचियों का यह विशेष गहन पुनरीक्षण 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक शुरू होने जा रहा है, और मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

श्री ए. श्रीनिवास आज चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित नए हरियाणा सिविल सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने सूचित किया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिन मामलों में 'गणना फॉर्म' वापस नहीं मिले हैं, वहां बूथ स्तर के अधिकारी पड़ोस के निवासियों से पूछताछ कर "अनुपस्थित", "स्थानांतरित", "मृत", या "डुप्लिकेट" जैसे संभावित कारणों की पहचान कर सकते हैं और उसी के अनुसार रिकॉर्ड दर्ज कर सकते हैं। बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे जानकारी एकत्र करने के लिए ऐसे प्रत्येक घर का कम से कम तीन बार दौरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हैं, उनकी बूथ-वार सूची पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी ताकि जनता की इन सूचियों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इन सूचियों को संकलित करने और उन्हें सीईओ की वेबसाइट पर सुलभ प्रारूप में अपलोड करने के साथ-साथ संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी ऐसी ही सूचियां अपलोड करने का निर्देश दिया है।

घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया के दौरान, बीएलओ को नए मतदाताओं के नामांकन की सुविधा के लिए कम से कम 30-40 खाली फॉर्म-6 आवेदन और खाली घोषणा पत्र (अनुबंध-4) साथ ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने राजनीतिक दलों से बूथ स्तर के एजेंट 1 और 2 नियुक्त करने का आग्रह किया। अब तक, सीईओ कार्यालय को 14,520 बीएलए का विवरण प्राप्त हुआ है, जिनमें भाजपा से 6,438, कांग्रेस से 7,704, माकपा से 165 और बाकी अन्य राजनीतिक दलों के हैं। बीएलए भी मतदाताओं से गणना फॉर्म एकत्र कर बीएलओ को सौंप सकते हैं।

एक सवाल के जवाब में श्री श्रीनिवास ने बताया कि हरियाणा में आखिरी बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में आयोजित किया गया था। गणना फॉर्म 15 जून, 2026 से आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सभी जिला मुख्यालयों और निर्वाचन क्षेत्रों में एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 1950 स्थापित किया गया है। यह हेल्पलाइन सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक दो पालियों में काम करेगी।

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यदि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान कोई मतदाता मौजूद नहीं है, तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य फॉर्म पर हस्ताक्षर करके उसे बीएलओ को सौंप सकता है।

सीईओ ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा के चुनावी डेटा में लगभग 18 प्रतिशत तार्किक त्रुटियां हैं, जिनमें गलत नाम और वर्तनी (स्पेलिंग) की गलतियां शामिल हैं। 21 मई, 2026 तक हरियाणा में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 2,06,52,760 है, जबकि मतदान केंद्रों की कुल संख्या 20,629 है।

उन्होंने बताया कि अब तक 1,32,51,717 मतदाताओं की चुनावी मैपिंग) पूरी हो चुकी है, जो कुल मतदाताओं का 64.16 प्रतिशत है। फतेहाबाद 86.56 प्रतिशत मैपिंग के साथ सबसे आगे है, इसके बाद चरखी दादरी 82.36 प्रतिशत, सिरसा 80.82 प्रतिशत, कैथल 78.59 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ 77.20 प्रतिशत, नूह 77.01 प्रतिशत, भिवानी 76.61 प्रतिशत, यमुनानगर 75.81 प्रतिशत, रेवाड़ी 74.98 प्रतिशत, हिसार 73.82 प्रतिशत और जींद 71.93 प्रतिशत पर हैं।

इसी तरह कुरुक्षेत्र ने 69.71 प्रतिशत, करनाल 68.13 प्रतिशत, पलवल 67.04 प्रतिशत, झज्जर 64.07 प्रतिशत, अंबाला 63.45 प्रतिशत, रोहतक 59.72 प्रतिशत, पानीपत 58.88 प्रतिशत, सोनीपत 58.39 प्रतिशत, पंचकुला 51.20 प्रतिशत, गुरुग्राम 35.06 प्रतिशत और फरीदाबाद 29.66 प्रतिशत मैपिंग हासिल की है।

श्री श्रीनिवास ने कहा कि सभी उपायुक्तों-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष रूप से फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और पंचकुला की ऊंची इमारतों/सोसायटियों में बीएलओ की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने दोहराया कि एसआईआर कार्य में लगे अधिकारियों पर कोई अनुचित दबाव नहीं होगा और यह अभ्यास सुचारू रूप से आयोजित किया जाएगा। राज्यों के मुख्य सचिवों को जारी ईसीआई के निर्देशों के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में अधिसूचित कोई भी पद खाली नहीं रहेगा। इसके अलावा, एसआईआर कार्य से जुड़े किसी भी अधिकारी व कर्मचारी तबादला आयोग की पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जाएगा।

 इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रितु, श्री अपूर्व, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री राज कुमार लोहान और सीईओ कार्यालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
May 22, 2026

’स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के उत्पादों को बाजार देने के लिए हर महीने लगेंगे विशेष मेले - रजनी कांथन’

’स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के उत्पादों को बाजार देने के लिए हर महीने लगेंगे विशेष मेले - रजनी कांथन’

’वित्त विभाग के आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की समीक्षा बैठक’
चण्डीगढ- हरियाणा के वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव तथा नाबार्ड के निदेशक मंडल के सदस्य सी.जी. रजनी कांथन ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर किसी उपयुक्त स्थान पर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के उत्पादों की सीधी बिक्री के लिए हर महीने विशेष वन-डे स्पेशल सेल ड्राइव और मेलों का आयोजन किया जाएगा। 

आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनी कांथन वीरवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से  आयोजित बैठक में इस कार्य योजना की समीक्षा कर रहे थे। जिले में इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक तैयारियों का पूरा खाका प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप ग्रामीण समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण और विशेषकर महिलाओं की आजीविका को एक स्थायी और सुदृढ़ मॉडल में बदलने के लिए यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने बताया कि नाबार्ड पिछले चार दशकों से हरियाणा के विकास में एक मजबूत भागीदार रहा है, जिसने ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत बीते पांच वर्षों में ही राज्य को करीब 7,840 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास, विपणन, प्रदर्शनियों और भौगोलिक संकेतक (जीआई) सपोर्ट के लिए 14.64 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान सहायता दी गई है।

उन्होंने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ के सदस्यों के सामने आने वाली सबसे चुनौतियों को दूर करना है। जिला प्रशासन इस जनहितैषी योजना को धरातल पर लागू करने के लिए मुस्तैदी से पूरी तैयारी करे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर ऐसे उपयुक्त एवं मुख्य स्थानों का चयन किया जाए, जहां आम जनता की आवाजाही सबसे अधिक हो, ताकि इन मेलों में आने वाले ग्रामीण कारीगरों और किसानों को अधिकतम ग्राहक मिल सकें।

 उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक को प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जो हर आयोजन के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर सभी लॉजिस्टिकल व्यवस्थाएं संभालेंगे। नागरिक इन मासिक मेलों में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद कर और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगें।
May 22, 2026

एमडीयू में पीजी समेत 100 पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू, 4000 सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ

एमडीयू में पीजी समेत 100 पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू, 4000 सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ

- कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने प्रवेश विवरणिका का किया लोकार्पण

 -पीजी प्रोग्राम्स, एलएलबी ऑनर्स, बीपीएड, एम्प्लॉयबिलिटी एनहांसमेंट सर्टिफिकेट कोर्सेज, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, एमटेक प्रोग्राम्स, दो वर्षीय डीटीआईएसएल तथा डीआईएसएलआई पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा दाखिला
रोहतक :  महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स तथा एमडीयू-सीपीएएस, गुरुग्राम में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातकोत्तर (पीजी), एलएलबी ऑनर्स तीन वर्षीय, बीपीएड, एम्प्लॉयबिलिटी एनहांसमेंट सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, एम्प्लॉयबिलिटी एनहांसमेंट सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, एमटेक प्रोग्राम्स, दो वर्षीय डीटीआईएसएल तथा डीआईएसएलआई पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय ने 100 पाठ्यक्रमों की करीब 4000 सीटों पर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने शुक्रवार को कुलपति कार्यालय के कांफ्रेंस कक्ष में सत्र 2026-27 की प्रवेश विवरणिका (प्रॉस्पेक्ट्स) का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए विद्यार्थी 10 जून तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और दाखिले प्रवेश परीक्षा के आधार पर किए जाएंगे।

डीन, एकेडमिक एफेयर्स प्रो. ए.एस. मान ने सत्र 2026-27 के पीजी पाठ्यक्रमों की प्रवेश विवरणिका बारे जानकारी दी। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल, डीन, फैकल्टी ऑफ लाइफ़ साइंसेज प्रो मीनाक्षी वशिष्ठ, डीन ह्यूमैनिटीज प्रो. रणदीप राणा, निदेशक आईक्यूएसी प्रो. बी. नरसिम्हन, निदेशक सीडीओई प्रो. राजेश धनखड़, प्रो. केके शर्मा, प्रो. अनिल ओहलान, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, शैक्षणिक शाखा के सहायक कुलसचिव तेजपाल, कुलपति कार्यालय के अधीक्षक खैराती लाल, कंप्यूटर सेंटर से यशपाल हुड्डा, मुकेश सेतिया उपस्थित रहे।

100 पाठ्यक्रमों में 4000 सीटें उपलब्ध

पीजी, एलएलबी ऑनर्स तीन वर्षीय, बीपीएड, सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा के 100 पाठ्यक्रमों की लगभग 4000 सीटों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थी 10 जून तक विश्वविद्यालय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एडमिशन प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा।

उल्लेखनीय है कि एमडीयू के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स में संचालित पाठ्यक्रमों- एमए-एजुकेशन में 30 सीटें, एमएड में 50 सीटें, एमपीएड में 40 सीटें, बीपीएड में 100 सीटें, एमए अंग्रेजी में 60 सीटें, एमए हिन्दी में 60 सीटें, एमए पत्रकारिता एवं जनसंचार में 40 सीटें, एमए संस्कृत में 75 सीटें, एमए संगीत वोकल में 15 सीटें, एमए म्यूजिक इंस्ट्रूमेंटल सितार में 15 सीटें, एमए फाइन आर्ट्स ड्राइंग एंड पेंटिंग में 15 सीटें, एमए योगा साइंस में 50 सीटें, एमए डिफेंस एंड स्ट्रेटिजिक स्टडीज में 50 सीटें, एमए इकोनोमिक्स में 60 सीटें, एमए ज्योग्राफी में 50 सीटें, एमए हिस्ट्री में 70 सीटें, एम.लिब एंड इंफोर्मेशन साइंस में 45 सीटें, एमए. पॉलिटिकल साइंस में 60 सीटें, एमए साइकोलोजी में 40 सीटें, एमए लोक प्रशासन में 50 सीटें, एमए सोशियोलोजी में 50 सीटें, एमएससी फोरेंसिक साइंस में 25 सीटें, एलएलबीए आनर्स तीन वर्षीय में 120 सीटें, एलएलएम में 30 सीटें, एलएलएम एसएफएस में 60 सीटें उपलब्ध हैं।

एमएससी-बायोइंफोर्मेटिक्स में 20 सीटें, बायोटैक्नोलोजी में 20 सीटें, एग्रीकल्चर बायोटैक्नोलोजी में 20 सीटें, मेडिकल बायोटैक्नोलोजी में 30 सीटें, बायोकैमिस्ट्री में 40 सीटें, बॉटनी में 40 सीटें, एनवायरमेंटल साइंसेज में 35 सीटें, इनवायरमेंटल बायोटेक्नोलॉजी में 20 सीटें, फूड टैक्नोलोजी में 20 सीटें, जेनेटिक्स में 30 सीटें, माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी में 20 सीटें, माइक्रोबायोलोजी में 25 सीटें, जूलोजी में 40 सीटें, मास्टर ऑफ होटल मैनजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोलोजी में 30 सीटें, मास्टर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट में 40 सीटें, एमबीए में 180 सीटें, एम.कॉम में 60 सीटें उपलब्ध हैं।

एम.फार्मेसी- इंडस्ट्रीयल फार्मेसी में 10 सीटें, फार्मास्यूटिकल कैमिस्ट्री में 15 सीटें, फार्माकोगनोसी में 10 सीटें, ड्रग रेगुलेटरी अफेयर्स में 10 सीटें, एमएससी कैमिस्ट्री में 90 सीटें, एमसीए में 60 सीटें, एमएससी-कंप्यूटर साइंस में 40 सीटें, एमएससी कंप्यूटर साइंस-डाटा साइंस एंड मशीन लर्निंग में 40 सीटें, एमटेक कंप्यूटर साइंस में 30 सीटें, एमएससी गणित में 60 सीटें, एमएससी गणित एफएफएस में 120 सीटें, एमएससी फिजिक्स में 60 सीटें, एमएससी स्टैटिसटिक्स में 50 सीटेंं, एमए हिन्दू स्टडीज में 30 सीटें, एमबीए बिजनेस साइकोलॉजी में 60 सीटें तथा एमए-गाइडेंस एंड काउंसलिंग में 30 सीटें उपलब्ध हैं।

एमटेक बायोटेक्नोलॉजी में 18 सीटें, एमटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 24 सीटें, एमटेक कंप्यूूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 30 सीटें, एमटेक (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग) में 24 सीटें, एमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 18 सीटें, एमटेक मैन्युफैक्चरिंग एंड ऑटोमेशन में 24 सीटें, एमटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 24 सीटें, एमटेक स्टै्रक्चरल इंजीनियरिंग में 24 सीटें, एमटेक पावर सिस्टम्स में 24 सीटें उपलब्ध हैं। वर्किंग प्रोफेशनल के लिए एमटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, पावर सिस्टम और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रत्येक में 15 सीटें उपलब्ध हैं।

एमडीयू-सीपीएएस, गुरूग्राम में एमबीए में 180 सीटें, एमबीए एग्जीक्यूटिव इवनिंग में 30 सीटें, एलएलबी आनर्स तीन वर्षीय में 120 सीटें, एलएलएम शिफ्ट एक में 45 तथा एलएलएम शिफ्ट दो में 45 सीटें उपलब्ध हैं। एम्प्लॉयबिलिटी एनहांसमेंट सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, एमटेक प्रोग्राम्स, दो वर्षीय डीटीआईएसएल (केवल डेफ के लिए) तथा डीआईएसएलआई (केवल हियरिंग के लिए) पाठ्यक्रमों समेत अन्य विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्ट्स से प्राप्त की जा सकती है।
May 22, 2026

बजाय साइकिल पर चलने की नौटंकी करने के सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान करे, झूठ बोलना और ड्रामेबाजी बंद करें: चौधरी अभय सिंह चौटाला

बजाय साइकिल पर चलने की नौटंकी करने के सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान करे, झूठ बोलना और ड्रामेबाजी बंद करें: चौधरी अभय सिंह चौटाला

हरियाणा में कर्जा बढक़र 4 लाख करोड़ रूपए हो चुका है: रामपाल माजरा
चंडीगढ़ : इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने वीरवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता की। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पिछले 4 दिनों में इनेलो के 16 प्रकोष्ठों की समीक्षा बैठक की है। संगठन बनाने की जो जिम्मेदारी पार्टी ने प्रकोष्ठों की लगाई थी उस पर चर्चा की गई। इनेलो पार्टी के प्रकोष्ठों ने जिला और हलका के स्तर पर संगठन को मजबूत किया है। अब इस संगठन को बूथ स्तर पर लेकर जाएंगे और हर बूथ पर दो पदाधिकारियों की नियुक्ति करेंगे। संगठन के साथ प्रदेश के लोगों को तमाम मुद्दों पर साथ जोड़ेंगे। अभय चौटाला ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल के कम खर्च को लेकर अपील की थी। प्रधानमंत्री को दिखाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने एक दिन साइकिल पर चलने का नाटक किया। मुख्यमंत्री और मंत्रियों को बताना चाहिए कि साइकिल खुद की है या सरकारी पैसे की खरीदी हुई है। एक साइकिल की कीमत 25 हजार रूपए से शुरू होती है जिससे सरकारी खजाने की लूट की गई है। मंत्री साइकिल पर चलते है फोटो खींचने के लिए गाडिय़ों का लाव लश्कर पीछे चलता है। बजाय साइकिल पर चलने की नौटंकी करने के सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान करें और झूठ बोलना और ड्रामेबाजी बंद करें।
हरियाणा में एसआइआर शुरू किए जाने पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में घुसपैठ नहीं है सिर्फ बीजेपी की घुसपैठ है औऱ बीजेपी औछे हथकंडों को अपनाकर इसको बढ़ा रही है। आरएसएस से जुड़े बाहर के प्रदेशों के लोगों को सरकारी नौकरियों पर लगाया जा रहा है और आरएसएस के लोगों को बाहर से लाकर प्रशासन के ऊपर बैठाया जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी सोशल मीडिया पर चर्चा में है इस पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि लोग बीजेपी की नीतियों से परेशान है।
*प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा*

बीजेपी सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के झूठे आंकड़ों को पेश करती है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देकर कहा कि आज हरियाणा लड़कियों की खरीद फरोख्त में नम्बर एक पर आया है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार देश में कुल 1659 लड़कियों की तस्करी के मामले दर्ज हुए थे। इसमें से 736 हरियाणा के थे। 2024 के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में कुल 1,15,000 मामले दर्ज हुए थे जिनमें से 44741 मामले झूठे पाए गए। जो देश में सबसे ज्यादा है। इसका मतलब पुलिस झूठे मामले दर्ज करती है। 37761 मामले अनट्रेस्ड रहे। प्रदेश झूठे मुकदमे दर्ज करने में भी हरियाणा एक नम्बर पर है। रामपाल माजरा ने कहा एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अपराध बढ़ा है। 2024 में हरियाणा के अंदर प्रतिदिन 9 लोगों ने आत्महत्या की।
रामपाल माजरा ने कहा हरियाणा में कर्जा बढक़र 4 लाख करोड़ रूपए हो चुका है। प्रदेश में बीजेपी के विधायक और नेता वैध अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं।

Thursday, May 21, 2026

May 21, 2026

हरियाणा कांग्रेस पर कुलदीप शर्मा का बड़ा बयान, कहा – ‘हुड्डा अब 80 के होने वाले, युवा नेतृत्व आगे आए’

हरियाणा कांग्रेस पर कुलदीप शर्मा का बड़ा बयान, कहा – ‘हुड्डा अब 80 के होने वाले, युवा नेतृत्व आगे आए’
यमुनानगर : हरियाणा कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। यमुनानगर पहुंचे पूर्व विधानसभा स्पीकर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा ने पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर एक बेहद बड़ा और बेबाक बयान दिया है। कुलदीप शर्मा ने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि इस समय हरियाणा में दो तरह की कांग्रेस चल रही है। उन्होंने वास्तविकता को उजागर करते हुए कहा कि एक कांग्रेसी वो हैं जो पार्टी हाईकमान यानी राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उन्हें अपना नेता मानते हैं, जबकि दूसरे कांग्रेसी किसी को नेता मानते ही नहीं हैं।
हुड्डा की उम्र पर टिप्पणी और युवा नेतृत्व की मांग
कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की ‘सद्भावना यात्रा’ के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में यमुनानगर पहुंचे कुलदीप शर्मा ने सीधे तौर पर हरियाणा कांग्रेस के भीतर चल रही गहरी गुटबाजी की तरफ इशारा किया। उन्होंने इसे एक ऐसी सच्चाई बताया जिसे अब छुपाया नहीं जा सकता है। इसके साथ ही, कुलदीप शर्मा ने हरियाणा कांग्रेस के भविष्य और कमान को लेकर भी एक बड़ा संकेत दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हुड्डा साहब अब 80 साल के हो जाएंगे, इसलिए अब समय आ गया है कि पार्टी में किसी नए और यंग लीडरशिप (युवा नेतृत्व) को आगे लाने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
*सद्भावना यात्रा और संगठन के भीतर का असंतोष*

वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा ने गुरुग्राम में आयोजित हुई सद्भावना यात्रा का जिक्र करते हुए संगठन के भीतर की दूरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि गुरुग्राम की यात्रा में कांग्रेस के विधायक क्यों नहीं पहुंचे, यह बात उनकी समझ से बिल्कुल परे है। हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व की जमकर सराहना की और कहा कि इस सद्भावना यात्रा को असली ऊंचाई तब मिली जब खुद राहुल गांधी इसमें शामिल हुए। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी जन-संवाद यात्राएं ब्लॉक और जिला स्तर तक आयोजित होनी चाहिए ताकि जनता से सीधा संपर्क साधा जा सके और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हो।