February 26, 2026
बूचड़खाने लाइसेंस प्राप्त उद्योग के रूप में संचालित, नियमों के अनुरूप ही मिलती है अनुमति: राव नरबीर सिंह
बूचड़खाने लाइसेंस प्राप्त उद्योग के रूप में संचालित, नियमों के अनुरूप ही मिलती है अनुमति: राव नरबीर सिंह
चंडीगढ़ – हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा है कि वर्तमान में बूचड़खाने एक उद्योग के रूप में संचालित हो रहे हैं और निर्धारित नियमों व मानकों के अनुरूप कोई भी व्यक्ति इसके संचालन हेतु लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी है तथा संबंधित विभागों की संयुक्त टीम द्वारा निर्धारित मानकों की जांच के बाद ही अनुमति प्रदान की जाती है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री आज हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में विधायक चौ. मामन खान द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने बताया कि बूचड़खानों के संचालन की निगरानी के लिए गठित टीम में पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक तथा कृषि विभाग के अधिकारी शामिल होते हैं, जो समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि नूंह जिले के स्थित बूचड़खाने के आसपास मिश्रित पानी के नमूने लेने के लिए 18 फरवरी, 2026 को संयुक्त निरीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर खड़ी फसलों में कहीं भी पशु रक्त मिश्रित जलभराव नहीं पाया गया।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बूचड़खाना इकाइयों पर ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ का प्रावधान लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूरी तरह सजग है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।