Breaking

Wednesday, January 14, 2026

January 14, 2026

15 जनवरी से लाईव होंगे सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की विशेष अंक सुधार परीक्षा के प्रवेश-पत्र

15 जनवरी से लाईव होंगे सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की विशेष अंक सुधार परीक्षा के प्रवेश-पत्र
- 21 जनवरी से संचालित होंगी परीक्षाएं
चंडीगढ़ -- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबद्ध सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) विशेष अंक सुधार परीक्षा जनवरी-2026 के प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) 15 जनवरी, 2026 से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर लाईव होंगे। परीक्षार्थी अपना प्रवेश-पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से रजिस्ट्रेशन नम्बर, पिछला अनुक्रमांक/नाम, पिता का नाम, माता का नाम भरते हुए डाउनलोड कर सकते हैं। यह परीक्षाएं 21 जनवरी से संचालित होंगी। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक रहेगा।
इस बारे में उक्त जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा के लिए लगभग 2600 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। यह परीक्षा प्रदेशभर में छह परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित करवाई जाएगी। जिसमें 1 परीक्षा केन्द्र भिवानी तथा 5 परीक्षा केन्द्र कमीश्ररी स्तर पर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा मार्च-1990 से मार्च-2024 तक के सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अधिकतम दो विषयों में अंक सुधार का विशेष अवसर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि परीक्षाओं की शुचिता, विश्वसनीयता व गरिमा को बनाए रखने के लिए शिक्षा बोर्ड द्वारा कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केन्द्रों  के औचक निरीक्षण हेतु 5 प्रभावी उडऩदस्तों का गठन किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र डाउनलोड करने उपरान्त सभी विवरणों को भली भांति जांच लें। यदि विवरणों में कोई भी त्रुटि है, तो परीक्षार्थी किसी भी कार्यदिवस में बोर्ड कार्यालय में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर शुद्धि करवाना सुनिश्चित करें, परीक्षा आरम्भ होने के बाद त्रुटि ठीक करवाने बारे किसी भी माध्यम से दिये गए प्रतिवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी परीक्षार्थी का अनुक्रमांक किसी कारण से रोका गया है, बोर्ड कार्यालय में वांछित दस्तावेज उपलब्ध करवाते हुए अपना प्रवेश-पत्र जारी करवा सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी दिव्यांग परीक्षार्थी को लेखक की सुविधा लेनी है, तो ऐसे परीक्षार्थी सम्बन्धित दस्तावेज बोर्ड कार्यालय/केन्द्र अधीक्षक को देकर परीक्षा आरम्भ होने से पहले लेखक की अनुमति लेना सुनिश्चित करें। केन्द्र अधीक्षक द्वारा जिन परीक्षार्थियों को लेखक उपलब्ध करवाया गया है, उनके दस्तावेज सम्बन्धित शाखाओं की ई-मेल आई.डी. पर भिजवाना सुनिश्चित करें।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि सभी परीक्षार्थी अपना रंगीन प्रवेश-पत्र ए-4 साईज पेपर पर ही प्रिन्ट करें। परीक्षार्थी अपना वही रंगीन फोटो प्रवेश-पत्र पर चिपकायें जो आवेदन फार्म भरते समय अपलोड किया गया था तथा उसे किसी राजकीय/गैर राजकीय मान्यता प्राप्त विद्यालय के प्राचार्य/मुख्याध्यापक या किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित करवाना सुनिश्चित करें। प्रवेश-पत्र एवं मूल आई.डी. कार्ड/आधार कार्ड के बिना परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही परीक्षार्थी आधार कार्ड को अपडेट करवाना सुनिश्चित करें। परीक्षार्थी प्रवेश-पत्र पर दी गए दिशा-निर्देंशों की पालना करते हुए परीक्षा आरम्भ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा केन्द्र में इलैक्ट्रोनिक सामान जैसे मोबाईल, कैलकुलेटर, स्मार्ट घड़ी आदि का प्रयोग वर्जित होगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा केन्द्र पर किसी अन्य/दूसरे के स्थान पर परीक्षा में प्रविष्ठ होना/परीक्षा देना एक दण्डनीय अपराध है, जिसमें परीक्षार्थी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड वेबसाइट पर जारी हैल्पलाइन नं० 01664-254300, सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) शाखा की ई-मेल assrs@bseh.org.in व सीनियर सैकेण्डरी (मुक्त विद्यालय) की ई-मेल adhos@bseh.org.in पर तुरन्त सम्पर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।
January 14, 2026

जी राम जी एक्ट पारदर्शी और श्रमिकों के रोजगार की गारंटी : आरती सिंह राव

जी राम जी एक्ट पारदर्शी और श्रमिकों के रोजगार की गारंटी : आरती सिंह राव

- स्वास्थ्य मंत्री  ने प्रदेश वासियों को दी मकर संक्रांति पर्व पर की शुभकामनाएं
चंडीगढ़-हरियाणा की स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री  आरती सिंह राव ने कहा कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 भ्रष्टाचार मुक्त ग्रामीण रोजगार की गारंटी प्रदान करने के साथ-साथ पूरी तरह से पारदर्शी है। यह ग्रामीण रोजगार नीति अधिक गारंटी वाले कार्यदिवस, उच्च मजदूरी, पारदर्शी भुगतान और टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण को सुनिश्चित करता है।  
स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव ने बुधवार को रेवाड़ी में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश वासियों को मकर संक्रांति पर्व की बधाई देते हुए सभी नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों के कल्याण और गांवों के विकास में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत-जी राम जी योजना शुरू की है, जो कि विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वीबी जी-राम जी कानून का उद्देश्य वास्तविक श्रमिक लाभार्थियों का समर्थन करना है। यह अधिनियम परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था करता है, मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। श्रमिकों को गारंटीकृत रोजगार बढ़ाकर अधिक मजदूरी देती है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना लगभग 20 वर्ष पहले शुरू की गई थी। मनरेगा और ऐसी ही अन्य कई योजनाओं की प्रकृति ही ऐसी होती है कि इन्हें तैयार किया जाता है, पारित किया जाता है, लागू किया जाता है और इनमें सुधार भी किया जाता है। देश, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मूल रूप से बदल चुके हैं। ग्रामीण गरीबी वर्ष 2011-12 में जहां 25 प्रतिशत से अधिक थी, वहीं आज यह घटकर लगभग 5 प्रतिशत से भी नीचे आ चुकी है। इसका अर्थ है कि वर्तमान केंद्र सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण 25 प्रतिशत से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सेवाओं, डी.बी.टी., आधार और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत, रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने से श्रमिकों की गारंटीशुदा मजदूरी को काफी बढ़ावा मिला है। इसके माध्यम से सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास कर रही है। इससे पूरे भारत वर्ष में एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन 7 हजार रुपए से अधिक की बढ़ोतरी होगी। वहीं हरियाणा में मजदूरी दर ज्यादा है, इसलिए हर श्रमिक को कम से कम 10 हजार रुपए अधिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि नई योजना से न केवल काम के अधिक दिन सुनिश्चित होंगे, जिससे बेहतर वेतन मिलेगा, बल्कि अनिवार्य साप्ताहिक वेतन भुगतान (अधिकतम 15 दिनों तक की देरी की अनुमति के साथ) से श्रमिकों को समय पर बढ़ा हुआ वेतन प्राप्त होगा। इससे आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा। इसे संभव बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने इस वर्ष 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 88 हजार करोड़ थी, जो उस समय तक का सबसे अधिक आवंटन था यानी पिछले रिकॉर्ड आवंटन को भी पार कर लिया गया है।  
आरती सिंह राव  ने कहा कि इस योजना के तहत इस वर्ष हरियाणा में 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों को तथा 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को काम मिला है। उन्होंने कहा कि इस कानून में कार्यों की प्रकृति को भी बदला गया है। पहले मनरेगा के तहत सीमित रोजगार दिया जाता था। अब जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में भी रोजगार दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों की योजनाओं को पी.एम. गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया है, ताकि गांवों में होने वाला हर काम राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि इस योजना में अब कृषि के चरम मौसम के दौरान 60 दिनों का विराम शामिल किया गया है ताकि किसान और मजदूर मिलकर काम कर सकें और मजदूरों को कृषि मौसम के दौरान उनके श्रम के लिए बाजार की उच्च दरें मिल सकें।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल वास्तविक श्रमिकों को ही पारदर्शिता के साथ उनका हक मिले, वीबी जी- राम जी योजना में कई उपाय किए गए हैं। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और उपस्थिति से फर्जी कर्मचारियों, डुप्लिकेट जॉब कार्ड और फर्जी भुगतानों को रोका जा सकेगा। वेतन और भत्तों का सीधा, डिजिटल भुगतान से बिचौलियों, वेतन भुगतान में देरी और धन के दुरुपयोग की समस्या समाप्त हो जाएगी। जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी इस योजना के तहत बनाई गई है। प्रत्येक संपत्ति को जियो-टैग किया जाएगा और इसरो के भुवन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे फर्जी परियोजनाओं का पंजीकरण नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना  विकास में एक वास्तविक और ठोस योगदानकर्ता के रूप में काम करेगी।
 इस अवसर पर विधायक लक्ष्मण सिंह यादव,  विधायक डा. कृष्ण कुमार तथा  विधायक अनिल यादव भी उपस्थित थे।
January 14, 2026

पशु डिस्पेंसरियों एवं अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों व मशीनें लगाएं : श्याम सिंह राणा

पशु डिस्पेंसरियों एवं अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों व मशीनें लगाएं : श्याम सिंह राणा  
चंडीगढ़– हरियाणा के पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के जिन पशु अस्पतालों एवं पशु डिस्पेंसरियों में चिकित्सा उपकरणों व आधुनिक मशीनों की आवश्यकता है, उन्हें शीघ्र अपग्रेड कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए, ताकि पशुओं का समय पर और प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पुराने और जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवनों का निर्माण किया जाए, जिससे पशुपालन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो।

श्री राणा आज यहां अपने कार्यालय में पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बजट-पूर्व परामर्श बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान पशुपालन मंत्री ने पिछले वर्ष वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत आम बजट में विभाग को आवंटित बजट की अब तक की खर्च स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष बजट का निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पशुपालकों को अधिकतम लाभ मिल सके।

बैठक में मंत्री को अवगत कराया गया कि वर्ष 2020–21 से अक्टूबर 2025 तक राज्य की गोशालाओं को लगभग 390.31 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई है। वहीं, बेसहारा पशुओं के पुनर्वास एवं बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 69.74 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 80.56 लाख रुपये पुनर्वासित बेसहारा पशुओं के लिए चारा अनुदान के रूप में वितरित किए जा चुके हैं।

अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,032 लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। इसी प्रकार भेड़-बकरी पालन योजना के तहत 15 मादा व 1 नर इकाई की स्थापना पर 90 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे 3,891 लाभार्थियों को लाभ मिला है।

महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 20 से 50 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने हेतु लिए गए बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 2, 4 और 10 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक 14,168 डेयरी इकाइयाँ स्थापित की जा चुकी हैं।

राज्य में हरियाणा, साहीवाल और बेलाही जैसी देशी नस्लों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए अधिक दूध देने वाली गायों के पालकों को 5,000 रुपये से 20,000 रुपये प्रति पशु तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 

पशुपालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि पशुपालन क्षेत्र राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए तथा पशुपालन ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
January 14, 2026

मत्स्य पालकों को अपनी मछली बेचने के लिए उनके नजदीक मार्किट उपलब्ध करवाने की कार्य योजना तैयार करें : श्याम सिंह राणा

मत्स्य पालकों को अपनी मछली बेचने के लिए उनके नजदीक मार्किट उपलब्ध करवाने की कार्य योजना तैयार करें : श्याम सिंह राणा
चंडीगढ़ - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य के मत्स्य पालकों को अपनी मछली बेचने के लिए उनके नजदीक मार्किट उपलब्ध करवाने की कार्य योजना तैयार करें ताकि उनको दूर दराज के क्षेत्र में बिक्री के लिए न जाना पड़े।

श्री राणा आज यहां अपने कार्यालय में मत्स्य पालन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बजट-पूर्व परामर्श बैठक में चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मत्स्य पालन मंत्री ने गत वर्ष के बजट के दौरान मत्स्य पालन विभाग को अलॉट किये गए बजट के उपयोग की बाबत पूछा तथा विभिन्न योजनाओं के लिए आगामी बजट हेतु धन की डिमांड करने की रुपरेखा बनाने के निर्देश दिए।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रख कर योजनाओं को तीव्रगति से अमलीजामा पहनाएं। उन्होंने मत्स्य पालन के लिए तैयार किये जाने वाले तालाबों पर सोलर लाइट लगाने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए , इससे जहां बिजली खर्च में कटौती होगी वहीं प्रदूषण भी कम होगा। 

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि खारे पानी में सफेद झींगा पालन को प्रोत्साहित करने हेतु 98.90 करोड़ रुपये की लागत से जिला भिवानी के गांव गरवा तथा जिला सिरसा में "इंटीग्रेटिड अक़वा पार्क सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस" का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि "वेलफेयर ऑफ़ सडूल्ड कास्ट फैमिलीज़ अंडर फिशरीज सेक्टर" स्कीम के अधीन मत्स्यकों / मत्स्य पालकों को जाल खरीद हेतु अधिकतम लागत 40,000 रुपये पर 60 प्रतिशत की दर से अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए मत्स्य पालकों के लाभ के लिए बनाई गई सभी योजनाओं को जल्द से जल्द मूर्त रूप दें ताकि उनकी आमदनी और अधिक बेहतर हो सके।

Sunday, January 11, 2026

January 11, 2026

कांग्रेस गांधीवादी तरीके से उठा रही मेहनतकशों की आवाज: ऋषिपाल हैबतपुर

कांग्रेस गांधीवादी तरीके से उठा रही मेहनतकशों की आवाज: ऋषिपाल हैबतपुर
-मनरेगा खत्म करने के विरोध में बाबा साहब की प्रतिमा के पास रखा एक दिवसीय उपवास
जींद : कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बचाने के लिए जिले में आंदोलन तेज कर दिया है। ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जींद जिला मुख्यालय पर ऐतिहासिक रानी तालाब के समीप भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास एक दिवसीय उपवास रखकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंंने मनरेगा बहाली की मांग को पुरजोर तरीक से उठाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से मेहनतकश, गरीब और ग्रामीण श्रमिकों की आवाज उठाती रही है। मनरेगा कांग्रेस सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि रही है, जिसके तहत देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों को हर वर्ष 100 दिन का रोजगार पाने का कानूनी अधिकार मिला। यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना और पलायन रोकने में भी सहायक सिद्ध हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान मोदी सरकार ने मनरेगा को कमजोर करते हुए इसे समाप्त कर ‘विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन अधिनियम (वीबीजी रामजी)’ जैसा नया कानून लागू किया है, जिससे मजदूर वर्ग के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि मनरेगा खत्म होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सिमट गए हैं और लाखों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल रही, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रही है और आगे भी मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सडक़ से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डा. बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी ने सामाजिक न्याय और समानता का जो सपना देखा था, मनरेगा उसी दिशा में एक मजबूत कदम था। इसे खत्म करना संविधान की भावना के खिलाफ है। कांग्रेस पार्टी इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उपवास कार्यक्रम में शामिल हुए सोनीपत लोकसभा के कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने भी मनरेगा को पुन: प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से मजदूर विरोधी नीतियां वापस लेने का आह्वान किया। इस मौके पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जगबीर डिगाना, पूर्व चेयरमैन पवन दूहन, दिनेश डहोला, रामप्रसाद सरपंच, संदीप सरपंच, जयदीप लाठर, सुभाष अहलावत, सुमेर नायक, राजकुमार बाल्मीकि, धर्मपाल कटारिया, राजू लखीना,कुलवंत लाठर सरपंच, सुरेश शर्मा,पवन गर्ग, जगदीश मास्टर,ईशाक भट्टी, राजपाल लाठर, जगदीश बीबीपुर, धर्मपाल प्रधान,बंसीलाल गोहियाँ,मदनलाल धनवाल, सुलतान सिंह, जयदीप लाठर, विजय मोर, सुरेंद्र तलोडा, राज रानी श्योरान, मंजीत आसन, धर्मेंद्र दिलोड, जीतेन्द्र लाठर, बिमला सिवाच, नारायण जांगड़ा,तिलक राज मिगलानी सहित काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

Saturday, January 10, 2026

January 10, 2026

मनरेगा खत्म करना मजदूरों की मेहनत और सम्मान पर हमला: ऋषिपाल हैबतपुर

मनरेगा खत्म करना मजदूरों की मेहनत और सम्मान पर हमला: ऋषिपाल हैबतपुर

कांग्रेस ने शुरू किया ‘मनरेगा बचाओ अभियान’, वीबीजी रामजी कानून को बताया छलावा
जींद : कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह फैसला देश के करोड़ों मेहनतकश मजदूरों की मेहनत और सम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा रही है, जिसे समाप्त कर भाजपा सरकार ने आम जनता के साथ अन्याय किया है। शनिवार को कांग्रेस के जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस नीत यूपीए सरकार द्वारा मनरेगा कानून लागू किया गया था। इस कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के किसी भी बेरोजगार व्यक्ति को वर्ष में 100 दिन का रोजगार मांगने का कानूनी अधिकार था। इससे हर साल पांच से छह करोड़ ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिलता रहा, जिससे वे अपने परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी कर पाते थे। कांग्रेस जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने बताया कि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन अधिनियम (वीबीजी रामजी)’ कर दिया है, जो देश के लोगों की सामाजिक और धार्मिक भावनाओं के साथ खुला खिलवाड़ है। कांग्रेस पार्टी इस नाम परिवर्तन और नए कानून को न तो स्वीकार करेगी और न ही देश की मेहनतकश जनता इसे मानेगी। इसके खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वीबीजी रामजी कानून में मजदूरों के लिए रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। सरकार द्वारा वर्ष में 125 दिन रोजगार देने का दावा पूरी तरह से छलावा है, क्योंकि इसमें यह स्पष्ट नहीं है कि मजदूर जब चाहे तब काम मांग सकेगा। सरकार अपनी सुविधा के अनुसार रोजगार देगी, जिससे मजदूर फिर से असुरक्षा की स्थिति में पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कानून में ग्राम पंचायत और ग्राम सभा जैसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के अधिकारों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
इस दौरान पूर्व मंत्री रामभज लोधर, पूर्व विधायक सुभाष गांगोली, ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रमेश सैनी और पूर्व प्रत्याशी महावीर गुप्ता ने भी सरकार के इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि नए कानून के तहत 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ प्रदेश सरकारों पर डालकर केंद्र सरकार इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश कर रही है। क्योंकि देशभर में अधिकतर राज्य सरकारों के पास पर्याप्त बजट ही नहीं है, कई राज्य सरकारों को तो अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी केंद्र सरकार से कर्ज लेना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है और उसे किसान, मजदूर, गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों के हितों से कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेस ने ऐलान किया कि ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार की नीतियों को बेनकाब किया जाएगा। पूर्व मंत्री रामभज लोधर ने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा को खत्म करके देश के गरीब तबके के लोगों के मुंह का निवाला छीना जा रहा है। क्योंकि मनरेगा के तहत 90 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी दलित एवं पिछड़े वर्ग से आते हैं, जिन्हें  वीबीजी रामजी कानून बनाकर सामाजिक न्याय से वंचित रखने की साजिश भाजपा सरकार द्वारा रची गई है।
इस मौके पर पूर्व युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिनेश डाहोला, पूर्व चेयरमैन पवन दूहन, रघुबीर भारद्वाज, डॉ. बलबीर आर्य, कुलवंत लाठर सरपंच, वेदपाल लाठर, संजय जागलान, कमल चौहान, धर्मपाल प्रधान, मदन धनवाल,सुभाष अहलावत, इशाक भट्टी, शिवा चौहान सहित काफी संख्या कार्यकर्ता मौजूद रहे।
--
बाक्स
बाबा साहब की प्रतिमा के पास उपवास आज
‘मनरेगा बचाओ अभियान’ के तहत कांग्रेस पार्टी द्वारा 11 जनवरी को जींद शहर में रानी तालाब पर स्थित बाबा साहब डा. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा के पास एक दिवसीय उपवास रखा जाएगा। कांग्रेस जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने बताया कि इसमें पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल होंगे।
January 10, 2026

जींद में अभिनंदन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह भव्य रूप से सम्पन्न, डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा, योगेश बैरागी, राजकुमार गोयल, डॉ भोला इत्यादि ने किया एआई आधारित कंप्यूटर लैब का शुभारंभ

जींद में अभिनंदन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह भव्य रूप से सम्पन्न, डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा, योगेश बैरागी, राजकुमार गोयल, डॉ भोला इत्यादि ने किया एआई आधारित कंप्यूटर लैब का शुभारंभ
जींद : महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन द्वारा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोग से आयोजित अभिनंदन एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह शनिवार को अर्बन एस्टेट, जींद में भव्य एवं प्रेरणादायी वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की तथा एआई आधारित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कैप्टन योगेश बैरागी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वहीं अखिल भारतीय अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं जींद विकास संगठन के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश भोला, राजन चिलाना, मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनजीत तथा भाजपा भूजल प्रकोष्ठ के सह-प्रमुख श्री मुकेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष हरियाणा विधानसभा डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर हरियाणा की नींव स्किल्ड युवाओं से ही मजबूत होगी। आज के समय में तकनीकी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट युवाओं के लिए सबसे बड़ा हथियार है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल स्किल्स से जुड़कर युवा न केवल रोजगार प्राप्त करेंगे, बल्कि भविष्य में रोजगार देने वाले भी बनेंगे।
कार्यक्रम अध्यक्ष कैप्टन योगेश बैरागी ने कहा कि हरियाणा का युवा अत्यंत प्रतिभाशाली है, आवश्यकता है उसे सही दिशा और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होते हैं।
संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला ने जानकारी देते हुए बताया कि नवस्थापित एआई कंप्यूटर लैब में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल लिटरेसी एवं आधुनिक कौशल विकास का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम नई शिक्षा नीति के अनुरूप ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित होंगे। इन कोर्सों से हरियाणा कौशल रोजगार निगम की भर्तियों में युवाओं को अतिरिक्त अंकों का लाभ भी मिलेगा।
इस अवसर पर HSCIT, एआई एवं डिजिटल स्किल्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर सफल हुए विद्यार्थियों को हरियाणा कौशल के प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, अभिभावक, सामाजिक प्रतिनिधि एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि डॉ. राजकुमार गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि आज की शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल स्किल्स जैसे आधुनिक कोर्स युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन द्वारा किया जा रहा यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
वहीं डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश भोला ने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण से युवा न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे, बल्कि समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस प्रकार की एआई लैब युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेंगी।
इस अवसर पर विशेष रूप से डॉ. राजिंद्र कुमार, दीपिका भोला, रघुबीर भारद्वाज, पवन कौशिक, अंकिता खटकड़, सुशीला धनखड़, दर्शन सिंह ढांडा, सावर गर्ग, रामधन जैन, महिपाल खटकड़, मनमोहन बैरागी, सज्जन सैनी, मुकेश राठौड़, ईश्वर सांगवान, पवन बंसल, किरण सिंधु, अजय वर्मा, मीणा, जयदेव अहिरका, सुरेश, कृष्ण फौजी, राकेश ग्रोवर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
January 10, 2026

हांसी में देखी थी पहली फिल्म, पिताजी साइकिल पर बैठाकर ले गए थे सिनेमाघर : सूर्यकांत

हांसी में देखी थी पहली फिल्म, पिताजी साइकिल पर बैठाकर ले गए थे सिनेमाघर : सूर्यकांत

-हिसार में वकालत शुरू करने के बाद दो जोड़ी कपड़े लेकर हिसार से चंडीगढ़ गया-

-मॉडर्न डे चैलेंज को स्वीकार करें वकील : सीजेआई-

-हांसी बार एसोसिएशन ने किया सीजेआई सूर्यकांत का भव्य स्वागत-
हिसार : भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बनने के बाद जस्टिस सूर्यकांत शुक्रवार को हांसी बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंचे। यहां बार एसोसिएशन की ओर से पगड़ी पहनाकर व शॉल ओढ़ाकर उनका भव्य स्वागत किया।
इससे पूर्व श्री कृष्णा प्रणामी पब्लिक स्कूल में बनाए गए हेलिपैड पर केबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा तथा विधायक विनोद भयाना ने सीजेआई सूर्यकांत का फूलों का गुलदस्ता भेंट करते हुए स्वागत किया गया। पीडब्ल्यूडी विश्रामगृह में उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल, एसपी अमित यशवर्धन व एसडीएम राजेश खोथ ने स्वागत किया तथा पुलिस कर्मियों ने सीजेआई को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कोर्ट परिसर स्थित बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंचने से पूर्व पंजाब से आए रिटायर्ड फौजियों के बैंड द्वारा समारोह स्थल तक ले जाया गया।
इस अवसर पर वकीलों को संबोधित करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हांसी मेरी जन्म, कर्म भूमि और भावनात्मक भूमि है। उन्होंने कहा कि हांसी से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। मेरे पिताजी की यहां ड्यूटी थी और मैंने पहली फिल्म हांसी के सिनेमा हॉल में देखी थी पिताजी मुझे साइकिल पर बैठाकर फिल्म दिखाने दिखाने के लिए सिनेमा घर ले कर गए थे। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल 1984 को आखिरी पेपर देने के बाद अगले ही दिन घरवालों ने कहा कि प्रैक्टिस शुरू कर दो। और मैं 21 अप्रैल 1984 से ही मैं कोर्ट में जाने लगा और 29 जुलाई को बार लाइसेंस मिल गया। मैं एक अनजान लड़का था और एक केस में आर्ग्युमेंट के बाद जज की सलाह हिसार से सिर्फ दो जोड़ी कपड़े लेकर चंडीगढ़ चला गया। वहां मुझे बड़े वकीलों का आशीर्वाद मिला। उन्होंने कहा कि आज दुनियाभर में हमारा ज्यूडिशरी सिस्टम नंबर वन है और दूसरे देश हमारे साथ एमओयू कर रहे हैं।
-हांसी को जिला बनने पर दी बधाई-

अपने संबोधन में सीजेआई ने हांसी को जिला बनाने पर विधायक विनोद भयाना सहित शहरवासियों को बधाई देते कहा कि यह काफी पुरानी मांग थी। जब मैं यहां जज था तो डिमांड आती थी कि जिला नहीं बनाते तो हमें सेशन जज की कोर्ट दे दो।
-हमारा ज्यूडिशरी सिस्टम दुनियाभर में नंबर वन-

सीजेआई ने कहा कि दुनिया में कानून को लेकर इतनी जटिलताएं हैं। हांसी का वकील इंग्लैंड के केस को भी देख और सीख सके, ऐसी चीजें अपनाएं। आप अपनी छवि को सुधारें और ग्लोबल लेवल के वकील बनें। भाषा की बाधा आपके रास्ते में नहीं आनी चाहिए। मैं चाहता हूं कि ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े बार भी प्रतिस्पर्धा में आएं। दुनिया भर में हमारा ज्यूडिशरी सिस्टम नंबर वन है। यहां के मुकाबले ज्यूडिशरी सिस्टम और कहीं का नहीं है। दूसरे देश हमारे साथ एमओयू कर रहे हैं।
-हांसी मेरी जन्मभूमि, कर्मभूमि व भावनात्मक भूमि-

सूर्यकांत ने कहा कि हांसी एक छोटा सा क्षेत्र है, लेकिन यह मेरी जन्मभूमि, कर्मभूमि और भावनात्मक भूमि है। ज्यूडिशियल इंस्टीट्यूशन की भलाई के लिए मैं कुछ भी कर सकूं, आप इसके लिए मुझसे मिल या लिख सकते हैं। शपथ ग्रहण में हांसी के भाई-बहन आए, मैं उनका आभारी हूं। वह मेरे लिए ऐतिहासिक दिन था, मुझे महसूस हुआ कि मेरा परिवार मेरे साथ है।
-जज का जीवन है त्याग व समर्पण का-

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जज का जीवन त्याग और समर्पण का जीवन है और 22 साल मैंने इसे निभाया है। इसके पीछे मेरा छोटा और आप जैसा परिवार है।
-वकीलों को एडवांस बनने की सलाह-

सीजेआई ने वकीलों से अनुरोध किया कि सब डिवीजन और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर वकील मॉडर्न डे चैलेंज को स्वीकार करें। मॉडर्न डे प्रैक्टिस में अपने काम को कनवर्ट करना है। मैं चाहता हूं कि बड़े शहरों के वकील की तरह मॉडर्न डे चैलेंज को स्वीकार करें। टैक्नॉलाजी के अनुरूप एडवांस होना होगा। इसके लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम ऑर्गेनाइज करें। दिल्ली, मुंबई या बाहर के लॉयर के सामने टिकना है, ऐसा वकील बनना होगा।
-सीजेआई बोले- भारत में क्राइम का नेचर बदला-

सीजेआई ने कहा कि 1950 में जब संविधान लागू हुआ था, तब यह नहीं सोचा गया था कि न्यायपालिका पर इतनी अधिक जिम्मेदारी आएगी। जिस हाईकोर्ट में 7 जजों की व्यवस्था थी, वहां अब 70 जजों की जरूरत पड़ने लगी है। न्यायिक व्यवस्था का विस्तार बढ़ता गया। लोगों के अधिकारों को पूरा करने के लिए न्यायपालिका की जरूरत पड़ी। जब भी विवाद होता है, तो लोग कहते हैं कि 'मैं तुझे कोर्ट में देख लूंगा'। ज्यूडिशरी में केस आने लगे, मगर सिस्टम इसके लिए तैयार नहीं था। देश ने जैसे-जैसे प्रगति की, वैसे ही न्यायपालिका ने भी प्रगति की है। हरियाणा ने ज्यूडिशरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में नाम कमाया है। जिस रफ्तार से बोझ बढ़ा है, उस तरह से इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं बना। जो देश तरक्की कर रहे हैं, उनमें हमारी प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है। जब कोई भी देश विकास करता है, तो बाहर से निवेश आता है। फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) जब भी आता है, तो पहले देखता है कि कानून और व्यवस्था, बाजार और ग्राहक की स्थिति कैसी है। जब कोई बाहर से आएगा, तो लोग यही देखेंगे कि ये सब देश में है या नहीं। देश में परिदृश्य बदल रहा है। पहले कोर्ट में गांव के झगड़े आते थे, मगर आज ट्रेंड बदल रहा है। देश में बदलाव हो रहा है। जिस देश की न्यायपालिका मजबूत होगी, निवेश वहीं आएगा। भारत में अब क्राइम का नेचर बदल रहा है। पहले जैसा क्राइम अब नहीं रहा। अब साइबर क्राइम आ गया है। डिजिटल अरेस्ट में मैंने संज्ञान लिया है। देश में उसको कैसे रोका जाए। 55 हजार करोड़ से ज्यादा साइबर क्राइम में चला गया। यह पैसा देश से बाहर ले जाया जा रहा है। टेक्नोलॉजी बढ़ने से साइबर क्राइम में इजाफा हुआ।
-सीजेआई बोले- हांसी सेशन डिवीजन घोषित हो-

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि मैं आपको दो बातों के लिए बधाई देता हूं। पहली बात, मैं आज आपके साथ उसी माहौल में हूं जिसमें मैं पला-बढ़ा हूं। यही नहीं, आज ही मैंने अपनी जज की 22 साल की यात्रा पूरी की है। सबसे पहले हांसी में जाकर यह बात बताऊंगा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के दो सीनियर जज यहां बैठे हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की पॉलिसी है कि रेवेन्यू डिस्ट्रिक्ट बन गया है। मैं हाईकोर्ट से निवेदन करूंगा कि इसे सेशन डिवीजन घोषित किया जाए। जमीन मिल जाएगी तो मैं हाईकोर्ट को मना लूंगा कि हांसी में जल्द ही सेशन डिवीजन कोर्ट शुरू करवाएं।

@followers @top fans #news #haryanabulletinnews  #NewsUpdate #hisar #haryana #cjisuryakant #CJI #CJIofIndia
January 10, 2026

6 फरवरी को नरवाना में होने वाले युवा सम्मेलन के लिए इंडियन नेशनल लोकदल ने जिला प्रभारी किए नियुक्त

6 फरवरी को नरवाना में होने वाले युवा सम्मेलन के लिए इंडियन नेशनल लोकदल ने जिला प्रभारी किए नियुक्त

विधायक अदित्य देवीलाल को महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी, विधायक अर्जुन चौटाला को सिरसा और फतेहाबाद, प्रदेश प्रधान महासचिव गौरव संपत सिंह को हिसार का बनाया प्रभारी
चंडीगढ़ :  6 फरवरी को जींद जिला के नरवाना में होने वाले युवा सम्मेलन के लिए इंडियन नेशनल लोकदल ने जिला प्रभारी नियुक्त किए हैं। युवा सम्मेलन के लिए इनेलो के युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी कर्ण चौटाला 15 जनवरी से जिला स्तरीय बैठकों की शुरूआत करेंगे। यह जिला स्तरीय बैठकें 5 फरवरी तक चलेंगी। कर्ण चौटाला सभी 23 जिलों में जाकर युवाओं की बैठक लेंगे और 6 फरवरी को आयोजित होने वाले युवा सम्मेलन के लिए निमंत्रण देंगे।
प्रभारियों की सूची - डबवाली से विधायक अदित्य देवीलाल को महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी, रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला को सिरसा और फतेहाबाद, प्रदेश प्रधान महासचिव गौरव संपत सिंह को हिसार, भिवानी, हांसी और दादरी, युवा राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सुरजीत संधू को कुरूक्षेत्र और करनाल, प्रदेश महासचिव प्रदीप गिल को जींद, कैथल और सोनीपत, ताहिर हुसैन को मेवात और पलवल, अनिल हुड्डा और भूपेंद्र राठी को रोहतक और झज्जर, युवा विंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजवीर बलियावास और सोनू ठाकरान को गुरूग्राम और फरीदाबाद एवं गुरजिंद्र संधू को पंचकुला, अंबाला और यमुनानगर का प्रभारी बनाया गया है।

Friday, January 9, 2026

January 09, 2026

आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस में ‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ से सम्मानित

आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस में ‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ से सम्मानित
रोहतक / नई दिल्ली : भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा को वर्ल्ड मैनेजमेंट कांग्रेस की पुरस्कार एवं प्रशंसा समिति द्वारा ‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस के दौरान एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया।

पुरस्कार समारोह में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जो कांग्रेस की वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को दर्शाती है। प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में अर्जेंटीना के राजदूत महामहिम श्री मारियानो काउचिनो, अंतर-धार्मिक संवाद के वैश्विक विशेषज्ञ एवं कार्मेलाइट्स ऑफ मैरी इमैक्युलेट से जुड़े फादर रोबी कन्ननचिरा, मोंटेनेग्रो की मानद कौंसुल जनरल महामहिम डॉ. जैनिस दरबारी, ग्लोबल पीस फाउंडेशन–इंडिया के अध्यक्ष एवं अरुणाचल प्रदेश स्थित इंदिरा गांधी टेक्नोलॉजिकल एंड मेडिकल साइंसेज़ यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. मार्कंडेय राय, अमेरिका में डेनमार्क के राजदूत जेस्पर मोलर सोरेनसन तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट के संस्थापक अध्यक्ष, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के अध्यक्ष एवं 46वें विश्व प्रबंधन कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. प्रिया रंजन त्रिवेदी शामिल रहे। इसके अतिरिक्त, देशभर से कई कुलपति, प्रमुख संस्थानों के निदेशक, वरिष्ठ शिक्षाविद्, नीति-निर्माता और विचारक भी समारोह में उपस्थित रहे।

‘उत्कृष्ट शासन नेतृत्व पुरस्कार’ के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत कठोर, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक रही। विश्वभर से 1,400 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए, जिनमें से केवल सात व्यक्तियों का चयन किया गया, जो इस सम्मान की विशिष्टता और उच्च मानकों को दर्शाता है।

प्रो. धीरज शर्मा को उनके दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट शासन पद्धतियों और संस्थान निर्माण की असाधारण क्षमता के लिए सम्मानित किया गया। उनके नेतृत्व में आईआईएम रोहतक ने एसोसिएशन ऑफ एमबीएज़ (AMBA) और बिज़नेस ग्रेजुएट्स एसोसिएशन (BGA) से अंतरराष्ट्रीय मान्यताएँ प्राप्त कीं, जिससे संस्थान की वैश्विक शैक्षणिक गुणवत्ता, शासन और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हुई।

उनके कार्यकाल की एक प्रमुख उपलब्धि वर्ष 2018 में आईआईएम रोहतक का स्थायी परिसर में सफल स्थानांतरण रहा, जो अनुमानित लागत से कम में पूरा हुआ। यह मजबूत वित्तीय अनुशासन, प्रभावी परियोजना प्रबंधन और पारदर्शी प्रशासन का उदाहरण है। शैक्षणिक स्तर पर, उन्होंने आईआईएम रोहतक में इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (IPM) और इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन लॉ (IPL) जैसे नवोन्मेषी कार्यक्रमों की शुरुआत की, जो सभी आईआईएम में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है।

एक प्रतिष्ठित शोधकर्ता के रूप में, प्रो. शर्मा को वर्ष 2023 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी टॉप 2% शोधकर्ताओं की सूची में स्थान मिला। उन्होंने गृह मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, उपभोक्ता कार्य मंत्रालय तथा वाणिज्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित कई उच्च प्रभाव वाले शोध प्रोजेक्ट्स में प्रमुख अन्वेषक (Principal Investigator) के रूप में कार्य किया है, जिससे नीति-निर्माण और राष्ट्रीय विकास को महत्वपूर्ण योगदान मिला। उनके नेतृत्व में आईआईएम रोहतक छात्र संख्या के आधार पर देश का सबसे बड़ा आईआईएम बना। इसके साथ ही, संस्थान ने खेल प्रबंधन में कार्यकारी स्नातकोत्तर कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसे भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा विशेष सराहना प्राप्त हुई।

पुरस्कार स्वीकार करते हुए प्रो. धीरज शर्मा ने उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट नेतृत्व पर एक विचारोत्तेजक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि संस्थागत उत्कृष्टता की शुरुआत स्वायत्तता से होती है, विशेषकर वित्तीय स्वायत्तता से, जिसके बिना नवाचार और सतत गुणवत्ता संभव नहीं है। उन्होंने भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों की सरकारी अनुदानों पर अत्यधिक निर्भरता को नवाचार में बाधक बताया।

आईआईएम के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आईआईएम की सफलता का आधार उनकी वित्तीय स्वतंत्रता है, जिससे वे संचालन और पूंजीगत व्यय का उत्तरदायी प्रबंधन कर पाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा को रोजगारपरक बनाना आईआईएम की नैतिक जिम्मेदारी है, ताकि छात्रों की क्षमताओं को बाजार में पहचान और सम्मान मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का वास्तविक मूल्य डिग्रियों में नहीं, बल्कि मानव क्षमता की बाजार में मान्यता में निहित है। सीखने की प्रक्रिया को उन्होंने बहुआयामी, निरंतर और अनुभव-आधारित बताया, जो औपचारिक शिक्षा से कहीं आगे जाती है। विश्वास, भाषा विकास और संज्ञानात्मक क्षमता जैसे मूलभूत गुण प्रारंभिक जीवन अनुभवों से विकसित होते हैं।

प्रारंभिक बाल शिक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रो. शर्मा ने प्री-स्कूल शिक्षा क्षेत्र में नियमन की कमी और परीक्षा-केंद्रित सफलता तथा बुनियादी सीखने के बीच बढ़ते अंतर की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बाल शिक्षा के साथ-साथ अभिभावक शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है, क्योंकि वही मूल्यों, व्यवहार, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और आजीवन सीखने की नींव रखती है।

अपने संबोधन के समापन में उन्होंने कहा कि शिक्षा में महान नेतृत्व का उद्देश्य केवल भौतिक अवसंरचना का विकास नहीं, बल्कि मूल्य-आधारित नागरिकों और बेहतर मानव समाज का निर्माण होना चाहिए।

प्रो. धीरज शर्मा को प्रदान किया गया यह सम्मान आईआईएम रोहतक के लिए गौरव का विषय है और राष्ट्रीय व वैश्विक प्रबंधन शिक्षा परिदृश्य में संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करता है।
January 09, 2026

हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा हरियाणा का आम बजट - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा हरियाणा का आम बजट - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

बजट पूर्व परामर्श बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों से की बैठक

मुख्यमंत्री का आह्वान- देश और हरियाणा को विकसित बनाने का लें संकल्प
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश का आगामी बजट हर नागरिक की खुशहाली और हर वर्ग के कल्याण को समर्पित होगा। इस बजट निर्माण की प्रक्रिया को बंद कमरों तक सीमित न रखकर सरकार द्वारा सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि एक सर्व समाज के कल्याण में एक हितकारी बजट पेश किया जा सके।

बजट पूर्व परामर्श बैठकों के क्रम में मुख्यमंत्री शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राजा नाहर सिंह के बलिदान दिवस पर उनको शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा कि यह फरीदाबाद के लिए गौरव की बात है, जो इस धरती पर राजा नाहर सिंह का जन्म हुआ।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में तेज गति से उद्योगों का विकास हो रहा है। आए दिन बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाईयां हरियाणा में आ रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार एक बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने के लिए नई-नई नीतियां बना रही है। हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश सरकार ने आगामी बजट के लिए यह लक्ष्य रखा है कि यह बजट अधिक से अधिक उद्योगों के अनुकूल हो ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले व 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पूरा हो। उन्होंने कहा कि इस मंच पर एकत्र होने का उद्देश्य सहभागी लोकतंत्र और सहभागी शासन की भावना को साकार करना है ताकि प्रदेश के विकास को और गति से आगे बढ़ा सके।

बीते वर्ष भी बजट पूर्व परामर्श बैठक के 71 सुझावों की बजट में की गई थी घोषणा

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने बीते वर्ष भी बजट पूर्व परामर्श बैठकों का आयोजन किया था, जिसमें विस्तृत और सार्थक विचार-विमर्श हुआ था और 71 सुझावों को हमने सीधे बजट का हिस्सा बनाया था। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं श्रम विभाग हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025-26 में इस विभाग के लिए लगभग 1 हजार 951 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। इसमें से अब तक 873 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।

सरकार ने उद्योगों के दृष्टिगत अनेक दूरगामी निर्णय लिए

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उद्योगों के दृष्टिगत अनेक दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिसमें अनधिकृत कॉलोनियों का नियमितीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की प्रक्रियाओं को सरल बनाना, नए इन्क्यूबेशन सेंटरों की स्थापना, टेक्सटाइल नीति का विस्तार, पद्मा नीति के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति तथा जीरो वेस्ट और जीरो वॉटर वेस्टेज की दिशा में औद्योगिक क्षेत्रों में ई.टी.पी. प्लांट्स की स्थापना जैसे निर्णय शामिल हैं। इन उपलब्धियों के पीछे आप सभी के बहुमूल्य सुझाव, आपकी समझ और विभागीय समन्वय की बड़ी भूमिका रही है।

औद्योगिक विकास के लिए बजट में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कि औद्योगिक विकास के लिए बजट में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हमारा पूरा प्रयास है कि आगामी बजट रोजगार, निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता का मजबूत करने वाला बजट हो। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि प्रदेश में औद्योगिक विकास, व्यापारिक सुगमता और निवेश प्रोत्साहन के लिए बजट प्रावधानों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बजट से जुड़े सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे अपने बहुमूल्य सुझाव एआई चैटबॉट पर दें ताकि बेहतरीन सुझावों को इस बजट में शामिल किया जा सके।

देश और हरियाणा को विकसित बनाने का संकल्प लें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2047 में भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। हम सभी इस दिशा में सामूहिक प्रयास करे और देश व हरियाणा को विकसित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग दो रास्ते नहीं बल्कि दो पहिए हैं, जो विकसित भारत और विकसित हरियाणा बनाने का सपना पूरा करेंगे। आज भी फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र में विकास की भारी संभावना है, नया आईएमटी बनाने के लिए भूमि खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से सुलहेड़ा, बागपुर, हसनपुर, मोहना और छायंसा गांवों में प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं वर्किंग लेबर के कल्याण के लिए लेबर हाउसिंग की जगह फाइनल कर दी है। इसकी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। सरकार डिफेंस कॉरिडोर पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में औद्योगीकरण की शुरुआत फरीदाबाद से हुई, यहां मैन्युफैक्चरिंग का एक बेहतर इकोसिस्टम है।

इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल, राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, बल्लभगढ़ विधायक श्री मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक श्री धनेश अदलखा, विधायक श्री सतीश फागना, नगर निगम मेयर प्रवीण जोशी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद शाइन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, एमडी एचएसआईआईडीसी डॉ. आदित्य दहिया, महानिदेशक, हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान व ओएसडी राज नेहरू, महिला आयोग व लघु उद्योग  भारती की महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती रेणु भाटिया मौजूद रहे।